सोमवार, 15 जनवरी 2024

2024 Best Short Expensive Story In Hindi

 2024 short expensive story in hindi 


आज हम इस कहानी से जानेंगे कि सच्चा अमीर इंसान कौन है मेरा नाम दर्शन है और ये expensive कहानी शुरू करते हैं


एक समय की बात है, गाँव में एक बहुत ही अमीर आदमी रहता था जिसका नाम राजीव था। उसकी आरामदायक जिंदगी को देखकर लोग हमेशा हैरान रहते थे। राजीव का घर एक बड़ा और शानदार हवेली था, जिसमें सोने और चांदी के आभूषण और अनमोल शिक्षा के बहुत सारे सामान थे।

Rich


लेकीन राजीव की दौलत और बंगले को देखकर सभी गांव के लोगो को बहुत जलन होती थी की इसके पास इतना सबकुछ है लेकिन हमारे पास नही है


इसलिए गांव के लोग राजीव से कभी ठीक से बात भी नही करते थे लेकीन 


एक दिन, राजीव ने गाँव के लोगों को एक अजीब सी बात बताई। उसने कहा, "मैं तुम्हें दुनिया की सबसे महंगी कहानी सुनाऊंगा, लेकिन तुम्हें यह कहानी सिर्फ एक सिक्के की कीमत में ही मिलेगी।"


गांव वालो ने हैरानी से पूछा , "इतनी महंगी कहानी क्यों?"

Story


राजीव हंसते हुए बोले, "क्योंकि यह कहानी अनमोल है, और जिसने इसे समझा वही इसकी सच्चाई को समझ सकता है।"


गांव वाले सोचने लगे कि ऐसी कैसी कहानी होगी गांव वालो के मन में कहानी सुनने की ईसा होती है इसलिए 


गांव वालो ने एक सिक्के की कीमत दी और राजीव ने उन्हें बताना शुरू किया।


राजीव:- "यह कहानी एक गरीब लड़के की है, जिसका सपना था कि वह अपने गाँव को ऊँचाईयों तक पहुँचाएगा। उसने मेहनत और संघर्ष से भरी जिंदगी जी और अपने सपनों को हकीकत में बदला और अपने गांव को एक शहर की तरह बनाया गांव मैं किसी भी चीज की कमी लड़के ने नही रहने दी।" 


राजीव कहानी सुनाना बंध करता है ओर कहेता है की

, "यह कहानी हमें यह सिखाती है कि सच्ची महंगाई उस आत्मा में है जो मेहनत और संघर्ष से बदलती है, न कि सोने-चांदी में।"

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लोगों की आँखों में चमक थी, और वह समझ गए कि इस महंगी कहानी में असली रजत है। राजीव ने कहा, "इस सिक्के के बदले तुमने सोने की जगह एक अद्वितीय सिख हासिल की है।"


गाँववालो ने आपस में मुस्कुराकर कहा, "हमने सीख लिया कि सच्चा अमीरी उस आत्मा में है जो अपने सपनों को पूरा करने के लिए मेहनत करता है।"

Soul


इसके बाद से, गाँव के लोगों ने समझा कि असली महंगाई उसी चीज में है जो आत्मा को समृद्धि और सफलता की ऊँचाइयों तक ले जाती है।


आपको कैसी लगी हमारी expensive story comment section में जरूर बताना

रविवार, 14 जनवरी 2024

Story lava inside the village|hindi story|suspense story

 Story lava inside the village 


 एक छोटा सा गाव था गाव का नाम पिपलापुर था पिपलापुर जिस जगह था उसके आस पास ज्वालामुखी थे

Volcanos


मेरा नाम दर्शन है कहानी शुरू करते है 


इसलीए वहा के लोगो ने पिपलापुर के आस पास बड़ी दिवाल बनवायी थी ताकि लावा गाव मैं ना आसके लेकिन इसका उल्टा हुआ


 एक दिन जितने भी ज्वालामुखी थे सभी मेसे लावा बहार नीकलने लगा था लावा गांव की दिवाल के पास पहुंच गया था लावा दीवाल को छुते ही दीवाल पीगलने लगी थोड़ी देर में पूरी दीवाल पीगल गई 

the wall


अब लावा चारो तरफसे बडी तेजी से गांव की तरफ आ रहा था सभी गांव वाले साथ मैं भागने की तयारी कर रहे थे लेकिन लावा‌ इतना नजदीक आ चुका था कि घर पर से लावा जा रहा था 


लेकिन अच्छी बात ये है कि गांव वाले घर से निकल कर एक बड़ी पहाड़ी पर चलेगए थे सभी गांव वाले पहाड़ी पर थे 


सरपंच:- मुझे लगता है कि यह लाव ठंडा होने में पता नहीं कितना समय लेगा लेकिन तब तक हमें इस पहाड़ी पर ही रहेना होगा

 

सरपंच की पत्नी:- अगर हम पहाड़ी पर आएंगे तो सुबह-सुबह भैंस का दूध कौन निकालेगा बोलिए 


(गांव के लोग एक साथ हंसते हैं)


सरपंच(गुस्से में):- मुझे एक बात बता इस वक्त हम कहां है


सरपंच की पत्नी:- कमजोर है आपका दिमाग इसलिए मैं कहती हूं बादाम खाया करो इस वक्त हम पहाड़ी पर है


सरपंच (गुस्से में):- हम पहाड़ी पर है तो नीचे क्या है

सरपंच की पत्नी:- क्या आप भी नीचे तो लाव है


सरपंच (गुस्से में):- ओर तुम्हारी भैंस कहां है

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सरपंच की पत्नी:- भेंस तो नीचे O MY GOD

भैंस तो मर गई होगी लावा में


सरपंच (गुस्से में):- तो फिर दूध निकालने के लिए तुम्हारे पास भेंस बची नहीं इसलिए चुप रहो


सरपंच की पत्नी को छोड़कर सभी गांव वाले परेशान थे कि अब क्या करें


सरपंच:- जब तक लावा ठंडा ना हो जाए तब तक हमें इस पहाड़ी पर ही रहना होगा इसके अलावा हमारे पास और कोई दूसरा रास्ता नहीं है 

slag


1 Month Later


1 महीने तक पहाड़ी पर रहने के बाद 

सरपंच:- अब तक लावा ठंडा हो गया होगा हम नीचे चलते हैं 


 सभी गांव वाले पहाड़ी से उतरने लगे लेकिन गांव वालो को पता नहीं था की वह पहाड़ी से उत्तरकर अपनी जिंदगी की सबसे बड़ी गलती कर रहे हैं

Wrong way


लावा में सभी घर का सत्यानाश हो गया था इसलिए सभी गांव वाले मिलकर रहने के लिए नया घर बनाने लगे 


घर बनने के बाद गांव वाले वापस पहले की तरह रहने लगते हैं लेकिन अब क्या होने वाला था उसका गांव वालों को थोड़ा सा भी अंदाजा नहीं था सबको लग रहा था कि लावा से हम बच गए

 

लेकिन लाव में से एक रासायनिक धुवा निकलने लगा वह धुवा इतना जहरीला था की धीरे-धीरे गांव के सभी लोग बीमार पड़ने लगे गांव के पास में एक नदी थी वह भी जहरीली नदी बन गई


वह धुआ आसमान में इतना फैल गया कि वहां से जो पक्षी उड़ कर जाते थे उनकी सांस में लावा का जहरीला धुआं आने के कारण मौत हो जाती थी


धीरे-धीरे गांव के लोग मरने लगे और आखिर में वही हुआ जिसका दर था पूरा गांव शमशान में बदल गया

burial sites


कैसी लगी आपको हमारी कहानी lava inside the village comment में जरूर बताना.








रविवार, 7 जनवरी 2024

How To Become A God In Real Life | Suspense Story| Thriller Story

ये बात है 100 साल पुरानी है कुंजन का मंदिर रोड के बाजू में था कई लोगो ने मंदिरों को तोड़ने की कोशिश की, लेकिन आज तक कोई भी मंदीर को तोड़ नहीं पाया आज कहीं लोग कुंजन के मंदिर की पूजा करते हैं सभी गांव वाले उन्हें ईश्वर मानते हैं 


मेरा नाम दर्शन है और कहानी how to become a god in real life शुरू करते हैं


एक 22 साल का लड़का था लड़के का नाम कुंजन था कुंजन गांव मैं रहता था सुबह 6:00 बजे कुंजन अपनी सभी गायो को लेकर चराने के लिए जाता है

Cow


 सभी गाय खाना खा रही होती है कुंजन एक जगह पर बेथ कर सभी गायो पर नजर रख रहा होता है तभी 1 गाय बाजू के खेत में चली जाती है उस खेत का जो मालिक था वो भदवार था उसे गुशा आया गुसे मैं वो कुंजन के पास गया


 भदवार:- तेरी गाय मेरे खेतर मैं क्यू आई


 भदवार को पहले से ही कुंजन पर गुस्सा था भदवार पहले से ही कुंजन को मारना चाहता था 

 

कुंजन:- वो मासूम गाय है उसे थोड़ी पता होगा ये दुसरे का खेत है वहा नही जाना चाहिए


भदवार:- तेरी गाय का और तेरा गला काट दुंगा


कुंजन:- वो गाय मुझे सबसे प्यारी है मेरी गाय का गले का एक बाल भी निकाला तो मैं तुम्हारे टुकड़े करके तुम्हारे टुकड़ों को तुम्हारे खेत मे जला दूंगा


भदवार:- तुम मेरे टुकड़े करदो इसे पहले में तुम्हारा मुंह तुम्हारे शरीर से अलग करदू तो


इतना बोलते ही भदवार ने अपनी तलवार नीकाली ये देखकर कुंजन ने भी तलवार नीकाली डोनो तलवार से लड़ने लगे लड़ते-लड़ते 9:00 बज चुके थे लेकिन दोनों के बीच लड़ाई खतम नहीं हुई थी

Sword


 तभी भदवार ने ऐसा घातक हमला किया की कुंजन का सर कुंजन के शरीर से अलग हो गया लेकिन यहां पर लड़ाई खतम नहीं होती 


कुंजन का सर तो जमीन पर गीर गया था लेकिन कुंजन का शरीर अभी भी भदवार के साथ युद्ध कर रहा था युद्ध करते करते दोनों ने जहां से युद्ध की शुरुआत की थी वहां से 2 किलोमीटर दूर आ गए थे और जिस जिस रस्ते से दोनों लड़ते हुए जा रहे थे वह रस्ते खून से लाल होते जा रहे थे गांव वाले भी यह देखकर बीच में नहीं आए और अपने घर के अंदर चले गए

(ये कहानी भी पढ़िए)

वाल्मिकी ऋषि जीवन कथा


दोपहर के 2:00 बज चुके थे लेकिन लड़ाई अभी खतम नहीं हुई थी यह भयंकर लड़ाई पता नहीं और कितनी देर तक चलेगी

 

इस्तरफ कुंजन की बहन जिसकी उमर 25 साल थी जो अपने भाई के लिए खाना लेकर जाती है 


लेकिन कुंजन कहीं पर दिखाई नहीं देता इसलिए कुंजन की बहन हर तरफ कुंजन को ढूंढने लगती है लेकिन कुंजन मीला नहीं तभी कुंजन का कटा हुआ सर देख लेती है कुंजन की बहन 


कुंजन की बहन कुंजन के सर के बाजू में बैठ जाती है और कुंजन के सर को अपने हाथ में लेकर जोर जोर से रोने लगती है 


और गहरे विचार में पड़ जाती है कि

कुंजन की बहन:- मेरे भाई के सर को किसने काटा और मैं घर पर क्या कहुंगी मेरे भाई के बिना मे कैसे जिंदा रह सकती हूं 


विचारों मे कुंजन की बहन कैद हो गई थी आखिर मे कुंजन की बहेन एक बहुत ही भयानक फैसला लिया


 कुंजन के कटे हुए सर को अपनी गोद में रख दिया और वही पर जिंदा समाधि ले ली यह बोलते हुए कि मैं मेरी हर एक सांस मेरे भाई को समर्पित करती हुं 

 

 लेकिन अभि युद्ध सुरु था कुंजन ऐसा हमला करता है कि भदवार के शरीर के कितने टुकड़े होजाते हैं कुंजन की जीत होती है अब कुंजन के शरीर में ताकत नही होती है और कुंजन का शरीर भी जमीन पर गिर जाता है 

(ये new कहानी भी पढिए)

पक्षियों की दुनिया नई कहानी


जहां पर कुंजन का सिर गिरता है वहा कुंजन का मंदिर बनाया जाता है

Tample


 कुंजन की बहन ने कुंजन के कटे हुए सर को गोद में रखकर समाधि ली थी वहां पर भी मंदिर बनाया जाता है 


QNA answer in comment

QNA


1. कुंजन की बहन ने जो किया वो सही किया या गलत?

2. आपको कहानी का कोनसा part सबसे अच्छा लगा?

3. कुंजन के बारे में आप क्या कहेंना चाहोगे?

शनिवार, 6 जनवरी 2024

Valmiki Jayanti 2024: maharishi valmiki real life story in hindi



 नारद जी पृथ्वी लोक पर आए थे लक्ष्मी जी ने ही नारद जी को पृथ्वी पर भेजा था किसी को कुछ देने के लिए नारद जी रास्ते पर चलके जा रहे थे तभी एक लुटेरा आया मेरा नाम दर्शन है और कहानी शुरू करते हैं

Valmiki Jayanti 2024: maharishi valmiki real life story in hindi


 लुटेरा:- तुम्हारे पास ये पोटली है वो मुझे दे दो

Robar


 नारद जी: मैं तुम्हें ये पोटली नहीं दे सकता, इसपर तुम्हारा हक नहीं है 


 लुटेरा:मैं दुसरे के हक का ही में खाता हूं ये मेरी मजबूरी नहीं मेरी आदत है 


नारद जी:- मेरी भी एक आदत है कि कोई मुझसे मांगता है कुछ भी तो मैं देता हूं लेकिन वही देता हूं जिसकी वो इन्सान कदर करता हो और तुम पोटली की कदर तो नहीं करते ओर तुम इसके लायक भी नहीं हो

Narad


 लुटेरा:- मेरी एक बुरी आदत है अगर कोई मुझे कुछ देने को मना करता है तो मैं उसे मार डालता हूं और वह सब कुछ ले लेता हूं जो मुझे चाहिए

 

 नारद जी:- ये सब तुम किसके लिए करते हो


 लुटेरा:- मेरे परिवार के लिए करता हूं मैं


 नारद जी:- तुम्हारे परिवार को पता है कि तुम उनके लिए लोगो को मारते हो और मारने के बाद उनका सामान ले लेते हो


 लुटेरा:- हा मे क्या करता हूं वो सब मेरे परिवार को पता है

Family


 नारद जी:- तो तुम्हें मना नहीं करते कि ये गलत काम है नहीं करना चाहिए


 लूटेरा:- नहीं मुझे कोई मना नहीं करता


 नारद जी:- मुझे तुम्हारे परिवार से मिलना है


 फिर लुटेरा नारथ जी को अपने परिवार से मिलने ले जाता है


 लुटेरा:- ये मेरी पत्नी है और ये दोनों मेरे बेटे हैं 


नारद जी लुटेरे की पत्नी को पूछते हैं


 नारद जी:- आपका आपकै बच्चों का पेट भरने के लिए ये आपके पति कितने लोगो को मार चुके है लुट चूके हे ओर आप ईन्की पत्नी हे तो इसने जो पाप किया है आपके लिए वह पाप आप अपने सर पर लोगी

 

 लूटेरे की पत्नी:- नहीं पाप तो इन्होंने किया है लोगों को लूटा तो इन्होंने है तो इनके पाप के भागीदार हम क्यों बने


 ये बात सुनकर लुटेरे की आँखों में आशु आ जाते हैं फिर नारथ जी लुटेरे को घर के बाहर लेकर जाते हैं 


नारद जी:- देख लिया ना तुमने तुम जिसका पेट भरने के लिए पाप कर रहे थे उन्होंने तुम्हारा साथ छोड़ दिया इस दुनिया में अपने भी अपने नहीं होते अगर तुम सर्वश्रेष्ठ बन जाओ तो पराए भी अपने हो जाते हैं 

Successful


 लुटेरा नारथ जी के पैरों में पड़ जाता है और ऊंची आवाज में कहेता है


(आप यह मजेदार कहानी भी पढ़ीए)

बिजली ने देश को श्मशान में बदल दिया


 लुटेरा:आज से मैं दुनिया के सारे बंधन तोड़ता हूं आज से मेरा किसी के साथ कोई संबंध नहीं है और संबंध है तो सिर्फ ईश्वर के साथ मोह माया लोभ इन सब का मे त्याग करता हूं

 

 उस दिन के बाद से लुटेरा अकेला रहने लगा एक संन्यासी बन गया एक गुफा में रहने के लीए चला गया सन्याशी बनने के बाद उनका नाम वाल्मीकी रुशी नाम पड़ा वाल्मीकी रुशी को भारत में हर कोई जनता है जिस वक्त किसी ने भी रामायण शब्द भी नहीं सुना था उस वक्त वाल्मीकि ऋषि ने पूरी रामायण लिख दी 

Walmiki

 answer in comment

Qna


Question

1.पोटली में क्या होगा क्या लगता है आपको

2. वाल्मीकि ऋषि ने क्या सोचकर सबकुछ त्याग कर दिया 

3. आपको क्या सीखने को मिला इस कहानी से 


आपको कैसी लगी Valmiki Jayanti 2024: maharishi valmiki real life story in hindi 





रविवार, 31 दिसंबर 2023

The story of country|problem of death|hindi kahani | suspense story

The story of country 

 

आज मैं उस देश की बात करुंगा जो बिजलियां गिरने से शमशान में बदल गया मेरा नाम दर्शन है कहानी शुरू करते हैं आखिर तक पढ़ना 

Electricity


एक विजलनाथ नाम का एक देश था उस देश की वस्ती आज से 2003 में 50 करोड़ थी लेकिन 2024 में विजलनाथ देश की वस्ती 50,000 है


विजलनाथ देश की खास बात यह है कि इस देश में आज तक कभी युद्ध नहीं हुआ इस देश में एक भी रोग नहीं देखने को मिला है और पूरी दुनिया में कोरोना फैल गया था लेकिन विजलनाथ देश में कोरोना क्या है वहां के रहने वाले लोगों को यह भी नहीं पता था लेकिन विजलनाथ में रहने वाले लोगो की संख्या दिन प्रतिदिन कम होती जा रही थी

 विजलनाथ मे घर कम थे और शमशान ज्यादा थे विजलनाथ की सरकार ने हुकुम दीया था कि जितने हो सके उतने ज्यादा शमशान बनाईये क्योंकि लासे ज्यादा थी और शमशान कम थे


आपके दिमाग में एक बार यह सवाल जरूर आया होगा कि इतने लोग मर कैसे रहे हैं 


विजलनाथ का मौसम बाकी सभी देशों से एकदम अलग था विजलनाथ मैं हमेशा एक ही मौसम रहता था बारिश का मौसम पूरे साल में एक भी दिन ऐसा नहीं होता है जिस दिन विजलनाथ में बारिश ना हुई हो 

Rain


इसलिए विजलनाथ में पत्थर के मकान नहीं बनाते सिर्फ लोखंड के ही मकान बनाते हैं ताकि कितनी भी बारिश क्यों ना हो उनका मकान बचा रह है विजलनाथ मैं महीने में एक बार तो सुनामी जरूर आती है इसलिए वहां के लोग एसे घर बनाते हैं जो बारिश हो तूफान या सुनामी ही क्यों ना हो उनके घर को कुछ ना हो


हमारे यहां सोना हीरे यह सब महंगा होता है लेकिन विजलनाथ मैं सबसे महंगी चीज थी रेनकोट,छतरी 


विजलनाथ मैं 1 रेनकोट ओर छतरी की कीमत 50,000 है यह भाव पढ़ कर आप जरूर चौंक गए होंगे लेकिन जींस की value ज्यादा होती है उनकी तो कीमत बढ़ती है ना विजलनाथ मे भी बिल्कुल ऐसा ही है 


Bike,car,bus की कीमत विजलनाथ मैं पानी के भाव में थी और 1 bot की कीमत 2 लाख से 100 करोड़ के बीच थी विजलनाथ में सबसे ज्यादा कीमत bot की ही थी इसलिए जिसके पास बड़ी bot थी उसे सबसे अमीर माना जाता था


(आप चाहे तो यह स्टोरी भी पढ़ सकते हैं)

Story फुटपाथ पर रहने वाला परिवार imotional story

 

आप सोच रहे होंगे कि ये देश हमारे देश से कितना अलग है लेकीन इंसान इतने अलग है एक दुसरे से तो देश अलग क्यू नही हो सकता 


लेकिन विजलनाथ मै मरने की संख्या इतनी ज्यादा है उसका कारण भी बारिश ही है क्युकी जितनी ज्यादा बारिश उतनी ज्यादा बिजलियां गिरती है बिजली गिरने के कारण कितने लोगो की आंखे चली जाती है लेकिन ज्यादातर लोगों की मौत ही हो जाती है इसलिए विजलनाथ में लास को जलाने के लिए लकड़ी भी नही मिलती और लास को दफनाने के लिए जगह नही मिलती 

Death


इतनी बुरी हालत में विजलनाथ मै जो थोड़े बहुत लोग बचे थे

उन सब ने निर्णय लिया कि हमें ए देश छोड़कर चले जाना चाहिए किसी और देश में 


लेकिन विजलनाथ की सरकार ये नही चाहती थी कि उनके देश के देशवासी देश छोड़ कर चले जाए इसलिए विजलनाथ की सरकार ने ऐलान किया की जो भी देश छोड़कर जाएगा वह विजलनाथ का अपराधी माना जाएगा इसलिए उस इंसान को खौफनाख दंड दिया जाएगा


विजलनाथ की सरकार को लगा की दंड की बात सुनकर सभी डर जाएंगे लेकिन हुआ उसका उल्टा किसी को कोई फर्क नहीं पड़ा सरकार की यह दंड वाली बात सुनकर क्योंकि बिजली का डर ऐसा था जो सभी लोगों के दिल मे बस चुका था की बिजली के डर के सामने सभी दंड छोटे लगते थे

Death


विजलनाथ की सरकार को लगने लगा कि अब कुछ नहीं हो सकता बिजली के डर के कारण और मरे हुए लोगों की लाश को देखकर लोग बहुत दर गए हैं और वह देश छोड़कर अब चले जाएंगे 


सरकार सोच में पड़ गई थी कि अब क्या करें लोगों को कैसे देश में रखें और कैसे उनकी जान बचाए

 

 लेकिन इसी बीच ऐसी दुर्घटना घटी जिसने पूरी सरकार को हीला डाला और सरकार में जितने भी लोग थे वह सब की सोच को बदल दिया


रात के 9:00 बजे का टाइम था विजलनाथ के प्रधानमंत्री bot मैं बैठकर घर जा रहे थे लेकिन बीच में ही आकाश में बादल गरजने लगे बिजली चिल्लाने लगी बादल के ऊपर और एक जोरदार आवाज के साथ एक बिजली विजलनाथ के प्रधानमंत्री पर गिरी और प्रधानमंत्री की वहीं पर मौत हो गई 


अब सरकार ने जो दंड रखा था देश के बहार जाने पर उसे बंद कर दिया और सरकार ने कहा कि हमारा सबसे बड़ा जहाज है उसमें बिठाकर सभी लोगों को हम विजलनाथ के बहार पहुंचाएंगे 

Ship


 यह बात सुनकर सभी लोग बहुत खुश हो गए और सबको लगने लगा था कि अब हमारी जान बच जाएगी लेकिन उन्हें क्या पता कि रब को कुछ और ही मंजूर था


विजलनाथ मैं जितने भी लोग बच्चे थे वह सब बैठ गए जहाज में और जो सरकार में ऊंचे पद पर जो लोग थे वह सब साथ में थे जहाज में क्युकि प्रधानमंत्री के मरने के बाद उनकी भी फटी हुए थी जहाज चलना शुरू हुआ समुद्र में थोड़ा ही चला था जहाज़ तब एक तूफान आया यह तूफान बहुत ही भयंकर था तूफान के कारण ही 100-150 लोग जहाज में से समुद्र के अंदर गिर गए और उनकी मौत हो गई 


सभी लोग बहुत ही डरे हुए थे क्योंकि उन्हें लगने लगा था कि मरने का अगला नंबर उनका भी हो सकता है और हुआ भी बिल्कुल ऐसा ही समुद्र के अंदर इतनी लाशे गिरने लगी की मछलियो का भी पेट भरगया लाशे खाकर लेकिन लाशे खत्म नहीं हुई 

 

हुआ था कुछ ऐसा की जहाज में सभी लोग चुपचाप खड़े थे कोई कुछ बोल नहीं रहा था आवाज सुनाई दे रहा था सिर्फ समुद्र के पानी का और ठंड ऐसी की सभी काप रहे थे

Sea


तभी जोरदार बारिश शुरू हो गई और जीस बात का डर था वही हुआ बिजली जहाज के बीचों-बीच जाकर गिरी बीच में जहा पर बिजली गिरी वहां पर एक लड़की खड़ी थी उस पर जाकर बिजली गिरी और लड़की वहीं पर राख में बदल गई और जहाज के दो टुकड़े हो गए धीरे-धीरे दोनों जहाज के टुकड़े पानी में डूबने लगे साथ में जहाज पर बैठे लोग भी समुद्र में गिरने लगे थोड़ी देर में दोनों जहाज के टुकड़े समुद्र के अंदर चले गए


जितने भी लोग थे जहाज में उन सभी की मौत हो गई


कैसी लगी आपको हमारी कहानी problem of death comment section में जरूर बताना एसी और कहानी 

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रविवार, 24 दिसंबर 2023

Story World's greatfull wonderful first woman|दुनियां की सबसे सुंदर स्त्री

 

Girl
Beautiful girl


मेरा नाम दर्शन है ये कहानी है उस वक्त की जब दुनियां की पहली स्त्री का जन्म हुआ था ये कहनी आपको जरूर अच्छी लगेगी कहानी सुरु करते है


उस वक्त की बात है जब ईश्वर ने पृथ्वी का निर्माण किया था पृथ्वी का निर्माण करने के बाद ईश्वर एक बड़े मैदान में बैठे थे और अपने आसपास के अपने बनाए हुए पर्वत को फूलों को बादल को सूर्य को देख रहे थे और अंदरो अंदर मुस्कुरा रहे थे क्योंकि उन्हें यह सब देखकर बहुत ही अच्छा लग रहा था लेकिन ईश्वर को लगा कि 

ईश्वर:- यह ग्रह छोटा बनाया है मैंने लेकिन कितना खूबसूरत है ओर कितनी खूबसूरत है यह छोटी सी जगह और मेरा यह बनाया हुआ छोटा सा गोला मुझ तक सीमित नहीं रहना चाहिए मुझे किसी और को भी दिखाना चाहिए 


उसके बाद ईश्वर कुछ ऋषि का निर्माण करते हैं 

Sage

Sage



ऋषि:- प्रणाम प्रभु आपका बहुत-बहुत धन्यवाद कि आपने हमें जीवन दिया क्या आगया है बोलीए प्रभु 


ईश्वर:- तुम सबको मिलकर ऐसे जीव की रचना करनी है जिसका जन्म तो एक छोटी सी जगह में हो लेकिन उस जगह से बाहर निकल कर वह मेरी बनाई हुई हर जगह को देख सके उसे समझ सके उसे महेसूस कर सके और अपने जीवन को एक नया रूप दे सके और याद रखना उसकी आयु सीमित होनी चाहिए 


ऋषि:- लेकिन आयु क्यू सीमित होनी चाहिए प्रभु 


ईश्वर:- क्योंकि यह पूरा ब्रह्मांड मैंने बनाया लेकिन ब्रह्मांड में एक भी ऐसी वस्तु मैंने ऐसी नहीं बनाई

Space
Space 


 जिसकी आयु सीमित ना हो यहां तक की तुम सब ऋषि की आयु भी सीमित है और सबसे जरूरी बात उस जीव मैं भावना होनी चाहिए


ऋषि:- आप जीव मैं भावना ए क्यों डालना चाहते हैं बिना भावना डालें भी आप जीव बना सकते हैं ना


ईश्वर:- जीस जीव में भावनाएं ना हो वह बादल जैसा है बादल हर जगह पर घूमते हैं दुनिया में हर जगह पर जाते हैं लेकिन बादल को उन जगह के लिए कोई भावनाएं नहीं है बिल्कुल महत्व नहीं है इसलिए बादल का जन्म सिर्फ पानी बरसाने के लिए ही मैंने किया है

 

ऋषि:- हम समझ गए प्रभु आपके हर एक शब्द हम समझ गए लेकिन प्रभु हम कौन सी भावनाएं डालें


ईश्वर:- सबसे पहले तो प्यार की भावना डालो उसके बाद क्रोध की भावना डालो उसके बाद विश्वास की भावना डालो उसके बाद विश्वास घाट की भावना डालो उसके बाद मोह माया की भावना डालो उसके बाद ईर्षा की भावना डालो उसके बाद शारीरिक संबंध आधारित भावनाएं डालो 


ऋषि:- सभी भावनाएं जीव में हम डालेंगे लेकिन यह शारीरिक संबंध भावना क्यों प्रभु यह तो गलत है


ईश्वर:- नहीं गलत नहीं है सबसे सही यही है अगर यही भावना जिव में नहीं होगी तो दूसरा जीव कैसे आएगा इसलिए यह भावना जीव में चाहिए


ऋषि:- जैसी आपकी आगया प्रभु


फिर ईश्वर चले जाते हैं ब्रह्मांड से कौसो दूर अपने स्थान पर

और कुछ सालो बाद ईश्वर वापस आते है देखने के लिए की ऋषि ने कितने जीव की रचना की है तो ईश्वर ने जाकर देखा तो सभी ऋषि तपस्या कर रहे है


ईश्वर:– मैने तुम सब ऋषि को एक काम सोपा था वो करने की जगह पर ध्यान मै बैठे हो 


फिर सभी ऋषि ध्यान से बहार आते हैं


ऋषि:– हमें क्षमा कीजिए प्रभु लेकिन हम समझ नहीं पा रहे हैं कि हम जिव की रचना कैसे करें वह भी भावनाओ के साथ


फिर ईश्वर वहां से चले जाते हैं किसी दूसरी जगह पर और वहां जाकर ईश्वर एक जीव की रचना करते है और ईश्वर उसका नाम स्त्री रखते हैं


वह स्त्री अति सुंदर थी भावनाओं के साथ परिपूर्ण थी उस स्त्री में ईश्वर ऐसा आकर्षण डालते हैं जिस पर कोई भी मोहित हो जाए और एक अलग ही तरह की ऊर्जा और उत्तेजना स्त्री में समाहित करते हैं ईश्वर


स्त्री:– प्रणाम प्रभु आपकी वजह से जीवन मिला है बोलिए क्या आगया है   


ईश्वर:– तुम्हें एक ऋषि के साथ शारीरिक संबंध बनाने होंगे


स्त्री:– लेकिन ऋषि तो बहुत विद्ववान होते हैं वह क्यों शारीरिक संबंध बनाएंगे मेरे साथ और ऋषि तो सभी संबंधों से मुक्त होते हैं

ये कहनी के बाद 

प्यारे पंशी की दर्दनाख कहनी पढ़िए


ईश्वर:– क्योंकि मैंने तुम्हारे शरीर पर और तुम्हारे अंदर वो आकर्षण डाला है जिससे पुरुष प्रभावित हो जाए और ऋषि भी तो एक पुरुष है चाहें कितने भी युग क्यु ना चले जाए लेकिन स्त्री का पुरुष प्रत्येय आकर्षण और पुरुष का स्त्री प्रति आकर्षण कभी खत्म नहीं होगा आखिर में मेरी बनाई हुई दुनिया भी खत्म हो जाएगी लेकिन एक दूसरे के प्रति मोह कभी खत्म नहीं होगा अब तुम जाव ऋषि के पास

 

फिर स्त्री एक ऋषि के पास जाती है ऋषि स्त्री को देखते हैं और ऋषि के मन में उत्तेजना बढ़ती है स्त्री के प्रति और स्त्री ऋषि के हाथ पर हाथ रखती है ऋषि में और स्त्री में शारीरिक भावनाएं बढ़ने लगती है और दोनों में शारीरिक संबंध बनता है

और कुछ महीनो के बाद एक पुत्र का जन्म होता है

Son

Son



यहां से मानव की शुरुआत होती है


आपको कैसी लगी हमारी कहानी comment section में जरूर बताना 

Story world's greatfull wonderful beutiful first woman|दुनियां की सबसे सुंदर स्त्री 

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रविवार, 17 दिसंबर 2023

Ghost love marriage story|horror story|interesting story

 Ghost love marriage|horror story 

मेरा नाम दर्शन है और आज मैं दो भूतों की प्रेम कथा लिखने वाला हु आपको ये कहानी जरूर पसंद आएगी बस आखिर तक पढ़ना
एक अरुण नाम का लड़का था अरुण की उम्र 18 साल थी वह अपने मम्मी पापा के साथ एक भाड़े के मकान में रहता था 

एक दिन अरुण के मम्मी पापा अरुण की दादी की तबीयत खराब थी तो गांव गए थे और अरुण को एक हफ्ते तक घर में अकेला रहना था अब शाम हो चुकी थी और अरुण की मम्मी अरुण के लिए खाना बना कर गई थी खाना अरुण ने खाया और homework करने बैठ गया homework अरुण ने खतम किया तब तक शाम के 10:00 बज चुके थे अब अरुण जमीन पर लेट कर सो गया क्योंकि घर में bad नहीं था 
 

अब आपको कहीं ना कहीं ऐसा लग रहा होगा कि tital तो भूत की कहानी ऊपर से है लेकिन भूत तो आया नहीं लेकिन इंतजार करो आएगा 

Ghost entry 


अब रात के 2:00 बज चुके थे अरुण को प्यास लगी थी इसलिए वो पानी पीने के लिए खड़ा हुआ पानी पी लिया और वापस आकर लेट गया लेकिन अब अरुन को नींद नहीं आ रही थी
अरुण जीस तरफ मुंह करके सोया था उसतरफ उसके सामने एक खिड़की थी अरुन ने उस खिड़की के बहार देखा लेकिन अरुन को उसकी आंखों पर विश्वास नहीं हो रहा था की वो दो भुत को बातें करते हुए देख रहा है 
अरुन:-यह मैं क्या देख रहा हूं लड़का और लड़की दोनों हवा में उड़ रहे हैं लेकिन कैसे दोनों पूरे दिखाई तो दे रहे हैं लेकिन ठीक से नहीं दिखाई दे रहे है
(introduction for ghost)

अरुण दोनों को देखकर shoked था क्योंकि काले कपड़े दिखाए तो दे रहे थे लेकिन थे नहीं
हाथ दिखाएं तो दे रहे थे लेकिन थे नहीं
एक दूसरे के सामने तो देख रहे थे दोनों लेकिन आंखें नहीं थी ऐसा लग रहा था दोनों सांस तो ले रहे थे लेकिन नाक नहीं थी दोनों एक दूसरे से बात तो कर रहे थे लेकिन होठ नहीं थे 
दोनों के चेहरे की feelings तो दिखाई दे रही थी लेकिन चेहरा नहीं था (Ghost introduction completed)


Real ghost story in hindi|horror story 
 

अरुण को समझ में आ गया कि ये तो भूत है इसलिए डर के मारे अरुण आंखें बंध कर लेता है ओर हनुमान चालीसा बोलना शुरू कर देता है हनुमान चालीसा पूरी खत्म करने के बाद अरुण धीरे से अपनी आंखें खोलता है तभी वह दोनों भूत अरुण को खिड़की के बहार नजर नहीं आए अरुण की जान में जान आई तभी अरुण left side देखा है तो वह दोनों भूत अरुण के बगल में ही बैठे थे यह देखकर अरुण इतना घबरा गया की जोर-जोर से चिल्लाने लगा

अरुण:-आआआआआआआआआआ
तभी दोनों भुत मिलकर अरुण को चुप कराते हैं
अरुण अभी भी डरा हुआ था
भूत(male):-हमें तुम्हारी मदद की जरूरत है अरुण please हमारी मदद करो सिर्फ तुम ही हमारी मदद कर सकते हो
अरुण (डरते हुए):- मै इंसानों की मदद नहीं कर पाता हूं तो भुत की मदद कैसे करूंगा कैसे
भूत(female):-हमारी शादी करवा कर तुम हमारी मदद कर सकते हो वरुण 
अरुण:- लेकिन तुम दोनों तो मर चुके हो भूत हो तो तुम अब क्यों शादी करना चाहते हो

भूत(male):-आज से 1 महीने पहले की बात है हम मरे नहीं थे जिंदा थे और हम दोनों एक दूसरे से बहुत प्यार करते थे लेकिन मेरे मम्मी पापा अमीर थे और इसके मम्मी पापा गरीब थे इसलिए मेरे मम्मी पापा ने शादी के लिए मना कर दिया लेकिन मैं बहुत प्यार करता था इससे इसलिए मैं इसे नहीं छोड़ सकता था लेकिन मुझे पता था कि मेरे मम्मी पापा इस लड़की के साथ मेरी शादी कभी नहीं होने देंगे इसलिए हम दोनों ने एक आखरी फैसला लिया और ट्रेन के सामने खड़े हो गए और हम दोनों ने एक साथ आत्महत्या कर ली



अरुण की आंखों में आंसू आ गए यह बातें सुनकर
अरुण:- आपकी स्टोरी तो बहुत पीड़ा दायक है मैं आपकी मदद जरूर करूंगा लेकिन अब तो आप दोनो भुत बन चुके हो तो अब क्यों शादी करनी है

भूत(female):-क्योंकि आत्महत्या करने के बाद हम सीधे यमलोक के दरवाजे के पास पहुंचे तो यमराज ने हमें दरवाजे पर ही रोक दिया और कहां की तुम दोनों की इच्छा एक बाकी रह गई है इसलिए हम तुम्हें यमलोक मे अंदर नहीं आने दे सकते जब तक तुम्हारी इच्छा पूरी ना हो जाए
अरुण:- अब मैं समझा तुम दोनों की यह आखरी इच्छा थी शादी करने की और यह इच्छा अधूरी रह गई इसलिए तुम्हें यमलोक जाने के लिए शादी करनी पड़ेगी
भूत(female):- अब तुम समझे
अब अरुण भूत के साथ बात करने में Comfortable हो गया था

अरुण:- लेकिन मैं तुम दोनों की यह आखरी इच्छा कैसे पूरी करु मुझे समझ मे नहीं आ रहा है और मुझे नींद भी आ रही है तो हम कल सुबह बात करेंगे
भूत(female):-तो हम सुबह तक क्या करेंगे
अरुण:- सुबह तक एक दूसरे को I Love You 1,2, 3,4,5,6,7,8,9,10 बोलते रहो जहां तक गिनती आती है और मैं एक अच्छी सी नींद ले लेता हूं 
सुबह होती है सुबह के 7:00 बज चुके थे अरुण अभी तक जगा नहीं था दोनों भूत मिलकर अरुण को जगाते हैं 
अरुण:- प्यार करने वाले भूतों को मेरा good morning

भूत(female):- हमारी problem का solution ढुंढो अरुण
अरुण:-लेकिन मुझे तो स्कूल जाना है अभी और नाश्ता करना भी बाकी है 
भूत (male):-अरे वरुण तुम्हारे मम्मी पापा एक हफ्ते तक नहीं आने वाले हैं तो तुम तब तक स्कूल मत जाना और बस हमारी मदद करना तब तक
भूत (Female):-और मैं तुम्हारे लिए अभी अच्छा सा नाश्ता बना देती हु तुम बस उपाय ढूंढो
अब आप सोचोगे भूत खाना भी बना सकते हैं लेकिन वह भूत है कुछ भी कर सकते हैं
नाश्ता करने के बाद वरुण ने कहा मेरे पास एक उपाय है

Intarwal

भूत (male):- जल्दी बताओ क्या उपाय है 
अरुण:- तुम दोनों भूत हो इसलिए तुम दोनों के लिए दो लाश ढूंढनी पड़ेगी एक लड़के की और एक लड़की की 
भूत (male):-लेकिन कहां से लाएंगे लाश
अरुण:-अरे आजकल तो दिन में कितनी लोग मरते हैं कोई अच्छी सी खूबसूरत लाश दिखे तो चले जाओ अंदर 
भूत (female):-अब हमें हर तरफ ध्यान रखना होगा अगर कोई जवान लड़का या लड़की की मौत हो जाए तो लाश जलने से पहले हमें उसके अंदर जाना होगा

अरुण:-ये लड़की भूत बन गई लेकिन है समझदार
भूत (male):- हां इसीलिए तो मैंने इसे पसंद किया है इतनी प्यारी और समझदार जो है
इतना बोलते ही दोनों भूत एक दूसरे के करीब आ जाते हैं धीरे-धीरे बहुत करीब आ रहे है 

अरुण:- देखो यहां पर चुम्मा चाती करना मना है
अरुण के इतना बोलते ही दोनों भूत एक दूसरे से दूर हो जाते हैं फिर तीनों घर से बहार निकलते हैं और लाश ढूंढना शुरू कर देते हैं लेकिन पूरा दिन लाश ढूंढने के बाद टीनो वापस शाम को घर पर आते हैं 
वरुण:- आज मैं कुछ ज्यादा ही थक गया हूं
भूत (male):-इतने में थक भी गए देखो हम बिल्कुल भी नहीं थके

वरुण:- लगता है तुम भूल जाते हो कि तुम भूत हो और मैं इंसान हू तुम्हें पता है आज पूरा दिन तुम्हारी लाश ढूंढने के चक्कर में पानी भी नहीं पिया और toilet भी नहीं गया और खाना भी नहीं खाया और खाना निकाला भी नहीं है 
फिर (female) भूत वरुण को खाना बनाकर खिलाती है 

खाना खाने के बाद वरुण टीवी चालू करता है और टीवी देखने बैठ जाता है और दूसरी तरफ दोनों भूत family planning कर रहे होते हैं 
समाचार की चैनल वरुण देख रहा होता है और तभी समाचार में दिखाते हैं कि 10 लोगों की मृत्यु हो गई hospital में और वह hospital अरुण जिस शहेर मे रहेता था ऊसी शहेर में था
यह देखकर अरुण खुश हो गया
अरुण:-ओ प्यार के उजड़े हुए पंछिओ इधर आओ कुछ बताना है

भूत(male):- हा बोलो क्या बताना है
अरुण:-मैंने अभी समाचार मे देखा कि एक hospital में 10 लोगों की मौत हो गई है उसमें लड़का भी होगा लड़की भी होगी तो जिसकी लाश अच्छी लगे चले जाओ उसमें और जीलो अपनी जिंदगानी

भूत (female):- अरे हम अभी रात में चलते हैं hospital में अगर लाश का postmortem कर दिया तो क्या करेंगे हम इसलिए अभी चलते हैं 
वरुण:- भूत आंटी आपको तो बहुत जल्दी है कोई बात नहीं चलो चलते हैं hospital
फिर तीनों hospital जाते हैं और वह रुम ढूंढने लगते हैं जहां पर लाशो को रखा था थोड़ी देर ढूंढने के बाद वह रूम मिल जाता है जहां लाशे रखी थी फिर दोनों भूत अच्छी एक-एक लासे पसंद कर लेते हैं और उसके अंदर चले जाते हैं अब दोनों को बॉडी मिल चुकी थी अब तीनों कोई देखना ले ऐसे hospital के बहार आ गए थे और वरुण के घर चले गए
दोनों भूत अब बहुत खुश थे
भूत (female):-thankyou वरुण तुम्हारा उपकार हम पर हमेशा रहेगा तुमने हमारी इतनी मदद जो की है
भूत (male):-वरुण तुम्हें जितना धन्यवाद करें उतना कम हैं 
वरुण:- यार मेरी इतनी तारीफ मत करो वैसे भी मुझे तारीफ सुनने की आदत नहीं है
भूत (female):-अब आगे क्या करना है वरुण 
Khunkhar story
वरुण:- अब कल हम एक अच्छी सी जगह बुक करेंगे और वहां पर तुम दोनों की शादी करवा देंगे इससे तुम दोनों की आत्मा को शांति मिल जाएगी और मुझे भी... लेकिन पैसे कहां से लाएंगे 
भूत (male):- अरे पैसों की टेंशन क्यों लेते हो मेरे पापा बहुत अमीर है और मुझे पता है अपने बैंक के लॉकर का password मैं ले आऊंगा पैसे जितने चाहिए उतने

अब भूत (male) गया बैंक में और ले आया 20,00,000 रुपए

वरुण अब एक hole बुक करता है शादी के लिए और तीनों शादी की शॉपिंग करने जाते हैं मॉल में वहां से तीन अच्छे कपड़े लेते हैं भूत (female)अपने लिए गहने लेती है बहुत सारी शॉपिंग करने के बाद तीनों घर पर आते हैं और तैयार हो जाते हैं शादी के लिए वरुण ने एक पंडित भी बुला लिया था

Climax

फिर तीनों होल पहुंच जाते हैं जहां पर दोनों भूत की शादी होने वाली थी दोनों भूत तैयार होकर मंडप में बैठ जाते हैं और शादी शुरू होती है पंडित मंत्र बोलना शुरू करता है अब फेरे की बारी आती है दोनों भूत फेरे फरना शुरू करते हैं पीछे से वरुण फूल फेकना शुरु करता है अब फेरे खत्म हो जाते हे अब (male)भुत मंगलसूत्र पहनाता हैं और शादी संपन्न होती है


Real ghost story in hindi|horror story 

अब दोनों भूत की अंतिम इच्छा पूरी हो गई और यमलोक में जाने की parmisan मिल गई 
भूत(female):-एक और बार शुक्रिया अरुण तुम्हारा हमारी आखरी इच्छा पूरी करने के लिए और जो भी पैसे बचे हैं उसे तुम अपने पास रखना तुम्हें काम आएंगे

और दोनों भूत अरुण के गले लगते हैं तीनों की आंखों में आंसू थे अब दोनों भूत जीस शरीर में थे उसमें से निकलकर दोनों की आत्मा यमलोक चली जाती है और अरुण बाय-बाय बोलता है ओर अपने घर चला जाता है 

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शुक्रवार, 15 दिसंबर 2023

Story of the univers |बादलों की दुनियां |suspense story


 मेरा नाम दर्शन है और मैं आज आपके लिए एक रहस्यमई दुनिया की story लेकर आया हूं आपको यह स्टोरी बहुत अच्छी लगेगी तो बिना देर किए story शुरू करते हैं

PART 1 यह स्टोरी आपके लिए expensive होगी हमारा Universe अैसे कहीं Universe है सभी Universe में कुछ अलग कुछ नया देखने को और सीखने को मिलता है सभी Universe एक दूसरे के साथ जुड़े हुए होते हैं ऐसा कुछ हुआ दो लड़कों के साथ दोनों लड़कों का नाम था श्याम और हरदेव दोनों एक साथ एक घर में रहते थे दोनों साथ में नौकरी करते थे उसका घर था 3 bhk लेकिन उसके घर में एक रूम था जिसके अंदर श्याम और हरदेव कभी नहीं गए थे flashback.क्योंकि उस घर का पहले जो मालिक था उसने घर बेचने से पहले कहा था कि इस कमरे में ताला ही रहने देना इस कमरे में भुल के भी कभी मत इसी लीए हरदेव और श्याम उसे कमरे में कभी नहीं गए एक दिन शाम को हरदेव और श्याम सोफे पर बैठे थे श्याम:-यार हरदेव मुझे बहुत इच्छा होती है उस कमरे में जाने की ऐसा क्या है अंदर की हमें मना किया इसके अंदर जाने से 

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हरदेव:-हां यार घर के मालिक तो हम हैं अब तो हम उस बुद्धे की बात क्यों सुने 

श्याम:-हां तो अभी हम ताला तोड़ के देखते हैं कि उस कमरे में क्या है 

अब दोनों खड़े हुए और श्याम हथोड़ा लेकर आया और हरदेव बस ऐसे ही आ गया अब सामने ताले पर हथौड़ा मारना शुरू कर दिया थोड़ी देर में ताला टूट गया फिर हरदेव ने दरवाजा खोला दरवाजा खोला तो दूसरी तरफ कुछ दिखाई नहीं दे रहा था अंधेरा था श्याम:- एक काम करते हैं हम अंदर जाकर देखते हैं कि क्या है

फिर दोनों धीरे-धीरे अंदर जाने लगे और लाइट शुरू हो गइ तो दोनों ने देखा कि वह दोनों उसके घर में वापस आ गए लेकिन इस बार उसका घर कुछ अलग था क्योंकि वह दोनों दूसरे universe में आ गए थे श्याम:-अरे हरदेव यह घर अलग क्यों दिख रहा है हरदेव:-हम बाहर चल के देखते हैं बाहर जाकर दोनों ने देखा तो बाहर एकदम अलग ही नजारा था वहां पर इंसान की जगह पर cloud (बादल) घूम रहे थे गाड़ियां भी cloud (बादल) की बनी हुई थी ट्रेन रिक्शा सब cloud (बादल) का था यह सब देखकर श्याम और हरदेव दोनों सोच में पड़ गए थे कि यह क्या है हम कहां आ गए हैं लेकिन यह तो हमारा ही सिटी है तभी cloud (बादल) के बने हुए लोगों ने इन दोनों को देख लिया और वह सब एलियन एलियन चिल्लाने लगे और श्याम और हरदेव के पीछे भागने लगे हरदेव और श्याम भी डर के मारे भागने लगे भागते भागते श्याम और हरदेव एक जंगल में पहुंच गये जंगल में सभी चीज बादल की बनी हुई थी यहां तक कि पेड़ पौधे सब कुछ बादल का था श्याम:-हम काम करते हैं पेड पर चढ़ जाते है ताकि बादल हमारे पीछे ना आ सके तभी उन बादलों ने हरदेव और श्याम को देख लिया दोनों की फट के हाथ में आने लगी Story The Cloud Universe का part 2 चाहिए तो कमेंट करो

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मंगलवार, 12 दिसंबर 2023

King's oldest most terrifying oldest tunnel |suspense story|interesting story

 •° King's oldest most terrifying oldest tunnel 

मेरा नाम दर्शन है में आज आपके लिए धमाकेदार story लाया हूं मुझे विश्वास है कि आपको ए story पसंद आएगी
•°आज से कई सालो पहले की बात है राजा सेना को लेकर जंग लड़ने जाते थे जंग मे हार भी होती है जीत भी होती है ऐसा एक राजा के साथ हुआ 
•°राजा का नाम हेरंदर नाथ था हेरंदर नाथ 1 देश का राजा था हेरंदर नाथ की 1 पत्नी थी हिवेरणा नाथ उनका एक बेटा था जितेंद्र नाथ
•°हेरंदर नाथ को सबकुछ अपने नाम पर बनवाने का शौक है हेरंदर नाथ ने अपने नाम की मूर्ति बनवायी थी



 अपने नाम का हेरंदर नाथ ऐ अपना महल बनवाया था



 महल में एक भी दीवाल अंदर की हो या बहार की एक भी दीवाल ऐसी नहीं थी कि जिस पर हेरंदर नाथ का नाम ना हो



•°हेरंदर नाथ के देश में जितने भी घर थे उन सभी पर अपना नाम लिखवाने का हुकुम दिया था यह वहां का नियम था जो हेरंदर नाथ ने हीं बनाया था और जो हेरंदर नाथ का नाम नहीं लिखता उसे हेरंदर नाथ सजा देते थे


 

•°आप सोच रहे होंगे कि ऐसा थोड़ी होता है लेकिन सिर्फ घर पर नहीं उस देश में जितने भी लोग रहते थे सबके हाथ में हेरंदर नाथ का नाम लिखवाना पड़ता था वरना वह उस देश का निवासी नहीं माना जाता था 

•°और हमारी भाषा में कहे तो हेरंदर नाथ नाम पूरे देश के लिए passport 



और password की तरह काम करता था 



हेरंदर नाथ को अपना नाम लिखवाने में बहुत आनंद आता है इसलिए हेरंदर नाथ ने सिर्फ एक ही नियम रखा था और कोई नियम नहीं था उसके देश में इसलिए वहां की प्रजा बहुत शांति से एक दूसरे के साथ मिलकर रहते थे

•°हेरंदर नाथ का परिवार भी शांतिप्रीय था और हेरंदर नाथ को कभी लड़ाई करना पसंद नहीं था इसलिए पूरे देश में कितने लोग रहते थे लेकिन कभी भी वहां के लोगों में लड़ाई नहीं हुई इसलिए कहते हैं ना जैसा राजा वैसी प्रजा 

•°लेकिन कहते हैं ना जहा positivevity होती हैं



 वहा negativity भी होती हैं राजा की एक बुरी आदत थी इस आदत ने हेरंदर नाथ को वो पल दीखा दिये जीसकी हेरंदर नाथ ने कल्पना भी नहीं की थी



•°1 years later 

•°हेरंदर नाथ अकेला था एक सुरंग में रहता था हेरंदर नाथ की वो सुरंग जमीन से 10 फ़ुट नीचे थीं सुरंग में बड़े अक्षरों से हेरंदर नाथ का नाम लिखा था 



•°अब आप सोच रहे होंगे की सुरंग में हेरंदर नाथ कैसे आया और क्यों हेरंदर नाथ का नाम लिखा है क्योंकि वह सुरंग हेरंदर नाथ ने बनवाई थी

•°अब आप सोच रहे होंगे कि हेरंदर नाथ ने सुरंग क्यों बनवाई थी अगर भविष्य में मुसीबत आए तो हेरंदर नाथ खुफिया रास्ते से भाग सकते हैं और ऐसी जगह पर छुप सके जहां कोई उसे ढूंढ ना ले इसलिए राजा ने सुरंग बनवाई थी

•°सुरंग के अंदर खाना था ओर पानी था



•°अब आप सोच रहे होंगे की सुरंग के अंदर खान और पानी आया कहां से 

•°हेरंदर नाथ महल से भागा तब अपने साथ लाया था खाना और पानी

•°अब आप सोच रहे होंगे कि हेरंदर नाथ अपने महल से क्यों भागा 

•°क्योंकि हेरंदर नाथ पर किसी और देश के राजा ने हमला कर दिया था दूसरे देश के राजा को पता था की हेरंदर नाथ का नाम हाथ में लिखकर गए तो उन्हें कोई भी सिपाही देश के अंदर या महल के अंदर जाने से रोकेगा नहीं इसलिए उस राजा ने अपने सभी सिपाही के हाथ मे हेरंदर नाथ का नाम हाथ मे लिख दिया और सिपाही को भेजना शुरू कर दिया ऐसा करते-करते उस राजा ने अपने आधे से ज्यादा सिपाही हेरंदर नाथ के देश में भेज चुका था वह सैनिक वहां की प्रजा की तरह रहते थे और अपने राजा के हुकुम का इंतजार करते थे फिर एक दिन राजा को लगा कि अब हमला कर देना चाहिए फिर जो सिपाही प्रजा की तरह रहते थे उन्हें संदेश भेज दिया फिर अचानक हर तरफ से उस राजा ने हमला कर दिया महेल पर



 और महेल के हर तरफ जितने भी सिपाही थे उन सबको मार डाला और हेरंदर नाथ का परिवार जिस कमरे में था उन सबको पकड़ लिया और बंदी बना लिया 



और हेरंदर नाथ के परिवार को पूछने लगा 

•°दुश्मन राजा:- बोलो हेरंदर नाथ कहां है

हेरंदर नाथ के परिवार वाले कहने लगे कि हमें नहीं पता वो कहां है

•°दुश्मन राजा:- लेकिन बताना तो पड़ेगा ही वैसे मेरी तुम सबसे कोई दुश्मनी तो नहीं है लेकिन मुझे इस देश पर राज करना है इसलिए मैं कुछ भी कर सकता हूं इस देश पर राज करने के लिए हेरंदर नाथ के परिवार को बंदी बनाकर जेल में डाल दो और हेरंदर नाथ को ढूंढो 

•°आप सोच रहे होंगे कि इस वक्त हेरंदर नाथ कहां पर है 

हेरंदर नाथ उस वक्त वहीं पर था एक जगह पर छुपा हुआ था और यह सब देख रहा था हेरंदर नाथ को बहुत दुख हो रहा था कि उसकी वजह से उसका परिवार बहुत बडी मुसीबत में था लेकिन हेरंदर नाथ को पता था कि वह इस वक्त बहार निकल गया तो वह खुद भी फंस जाएगा और अपने परिवार को भी नहीं बचा पाएगा इसलिए वह पीछे के रास्ते से महेल के बहार निकल गया तभी हेरंदर नाथ को एक घोड़ा दिखा



 उस पर बैठकर जाने लगा हेरंदर नाथ 



को पता था कि ऐसा दिन जरूर आएगा इसलिए पहले से ही हेरंदर नाथ ने एक सुरंग बनवाकर रखी थी उस सुरंग के अंदर हेरंदर नाथ छुपने चले गए 

 हेरंदर नाथ सुरंग के अंदर थे उसके 2 दिन हो चुके थे अब खाना और पानी भी खत्म हो चुका था 

•°हेरंदर नाथ:- अच्छा हुआ रास्ते में कुछ लोग मीले उन्होंने खाना दे दिया और पानी दे दिया अब तो मैंने सेना भी बना ली है अब मुझे बहार जाना चाहिए अपने परिवार को बचाने के लिए

•°सुरंग के अंदर कौनसी सेना बनती है ऐसा अभी आप सोच रहे हैं हेरंदर नाथ के पास एक कला थी जिसे वो किसी भी जानवर और पशुओं से बातें कर सकते है उस सुरंग के अंदर सांप थे बिच्छू थे चिट्टियां थी



 और भी बहुत सारे जानवर जीव जंतु थे 2 दिन में उन सब को अपना दोस्त बना लिया था हेरंदर नाथ ने 

•°अब हेरंदर नाथ सुरंग से बहार निकलने के लिए चलने लगा 

लेकिन हेरंदर नाथ इतनी आसानी से सुरंग से बहार नहीं •°निकल सकता क्योंकि वह सुरंग 35KM लंबी थी और •°हेरंदर नाथ सुरंग के बीच में था इसलिए हेरंदर नाथ को बहार निकलने में कम से कम 2 दिन तो लगेंगे

•°हेरंदर नाथ ने चलना शुरू कर दिया हेरंदर नाथ dogy style में चल रहा था 

•°अब आपके दिमाग से सवाल होठों के जरिए बहार आया होगा कि अब ए कुत्ता बनकर क्यों चल रहा है ज्यादा सोचो मत मैं हूं ना क्योंकि सुरंग की hight बहुत कम थी simple 

•°1 day later

•°पूरा एक दिन dogy style में चलने के बाद हेरंदर नाथ इतना थक गये थे की थकान के कारण हेरंदर नाथ की जुबान बहार आ गई थी कुत्ते की तरह और थुक भी गिर रहा था और हेरंदर नाथ की जुबान हिचकोले खा रही थी कभी इधर कभी उधर 



साथ में दूसरे जीवजंतु भी साथ में चल रहे थे वह जीव जंतु हेरंदर नाथ को हिमत दे रहे थे अपनी भाषा में कि ऐसे तुम हार नहीं मान सकते तुम्हें अपने परिवार को बचाना होगा और हम तुम्हारे साथ हैं

•°हेरंदर नाथ को अब एक और दिन चलना था सुरंग से बहार निकलने के लिए 

•°हेरंदर नाथ को अब एक झटका लगने वाला था क्योंकि हेरंदर नाथ जीस सुरंग मे था उस सुरंग में बहुत ही भयानक चीज थी

•°मुझे पता है आपको भी खुजली है उसका नाम जानने की सुरंग में जो दूसरा था उसका नाम है अजगर 



•°अब आप मुझे अपनी भाषा में कहोगे अब यहां अजगर कहां से आ गया

(सुरंग बनाने का काम खत्म हो गया था और आखरी दिन था तब की बात है)

                                 👇

•°हेरंदर नाथ ने 100 लोगों को बुलाया था सुरंग बनाने के लिए ताकि जल्दी सुरंग बन जाए 

•° कारीगर सुरंग बना रहे थे तब आकाश में चील उड़ कर जा रहा था 

•°चील क्यों आया कहानी में अब इसका जवाब आपको आगे मिल जाएगा 

•°चील हवा में उड़ रहा था तब उसके पंजे मे 1 मरा हुआ बंदर था 



•°चील(अपनी भाषा में):-यह बंदर तो बहुत भारी है जल्दी उठाकर अपने अड्डे पर जाना होगा वरना पंजे में से निकल जाएगा 

•°तभी बंदर की पूछ का बाल चील की नाक में चला गया इसकी वजह से चील को छींक आ गई और बंदर पंजे में से छूटकर नीचे गिर गया और जहां सुरंग बन रही थी वहां बंदर की लाश गिरी

अब आप सोचोगे चील की नाक तो छोटी सी होती है उसमें बंदर की पूंछ का बाल कैसे गया होगा तो सोचो मत आगे पढ़ो

•°चील(अपनी भाषा में):- हे प्रभु हे हरि राम कृष्ण जगन्नाथ हे प्रेमानंद यह क्या हुआ आज भुखा रहेना पड़ेगा अच्छा खाना चला गया सुबह क्या निकालुंगा प्रभु

•°चील बोलते बोलते उड़ कर चला गया नीचे सुरंग बना रहे थे उन लोगों ने मिलकर बंदर को सुरंग के अंदर ही जमीन में दफना दिया फिर रात हुई और सभी सुरंग बनाने वाले लोग घर पर चले गए 

•°तभी सुरंग के पास से अजगर जा रहा था तभी अजगर को जमीन के अंदर से सुगंध आई 

•°अजगर(अपनी भाषा में):-मेरा नाक बोल रहा है कि आसपास अच्छा खाना है और पेट में चूहे खो खो खेल रहे है लेकिन खाना कहां है यह अब ढूंढना होगा 

•°फिर अजगर हर जगह पर खाना सूंघने लगता है फिर अजगर को पता चल जाता है कि खाना जमीन की गहराइयों में है फिर अजगर अपनी पूछ से जमीन खोदने लगता है अजगर आराम से जमीन खोद रहा था क्योंकि अजगर की कमर में थोड़ा दर्द था 

•°आपके दिमाग में सवाल आया होगा कि अजगर की कमर होती है लेकिन मान लो ना यार मानने में क्या जाता है होती है तो होती है मान लिया ना तो अब आगे पढ़ो 

•°जमीन खोदने के बाद अजगर को वह सुरंग मिल गई जहां पर उसका खाना था फिर अजगर उस सुरंग के अंदर जाता है सुरंग छोटी थी इसलिए बहुत मुश्केली हो रही थीं अजगर को अंदर जाने में लेकिन खाना खाने के लिए अजगर कुछ भी कर सकता है 

•°अजगर (अपनी भाषा में):-कुछ भी हो जाए मैं खाना खाकर रहूंगा जोर से बोलो जोर लगा के हेंसा जोर लगा के हेंसा 

•°आखिर में अजगर को सफलता मिल जाती है और जहां बंदर को दफनाया था अजगर का मुंह वहां पहुंच जाता है और मुंह थोड़ा अंदर डालता है जमीन मे बंदर की लाश थी वह सीधे अजगर के मुंह मे आ जाती है और अजगर आराम से खाता है खाने के बाद एक जोरदार डकार मारता है

•°आपके दिमाग मे 1 सेकंड के लिए सवाल आया होगा की अजगर डकार किस तरह मारता होगा ये आप खुद सोचो आपके पास भी खोपड़ी हैं मुझे पता है आपके दिमाग में और भी सवाल आ रहे हैं लेकिन सबका जवाब नहीं दे सकता story भी तो लिखनी है ना

•°बंदर को खाने के बाद अजगर सुरंग में से बहार निकलने की कोशिश करने लगा लेकिन अजगर सुरंग में फस गया था और हील भी नहीं पा रहा था और कमर में भी काफी दर्द हो रहा था अब तो हेरंदर नाथ भी नजदीक आ चुका था तभी सामने हेरंदर नाथ ने देखा अजगर का मुंह यह देखकर हेरंदर नाथ को विश्वास नहीं हुआ कि सच में सामने अजगर हैं हेरंदर नाथ ने दो बार अपनी आंखें भी साफ की 

•°अजगर(अपनी भाषा में):-आंख साफ करना बंद कर मैं सच में हूं 

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हेरंदर नाथ को तो आती थी जानवर और पशुओं की भाषा इसलिए अजगर जो बोला वो हेरंदर नाथ समझ गया 

•°हेरंदर नाथ(अजगर की भाषा में):- मुझे विश्वास तो हो गया लेकिन मुझे तुमसे डर लग रहा है उसका क्या करूं

•°अजगर(अपनी भाषा में):-डरने की जरूरत नहीं है मैं 

चाहकर भी तुम्हें कुछ नहीं कर सकता क्योंकि मैं यहां पर फस गया हूं क्या तुम मेरी मदद करोगे मुझे यहां से निकालने में

हेरंदर नाथ (अजगर की भाषा में):- ठीक है मैं तुम्हारी मदद करूंगा लेकिन मेरी 2 शर्त है 

अजगर(अपनी भाषा में):- क्या शर्त है तुम्हारी

हेरंदर नाथ(अजगर की भाषा में):- मेरी 1 शर्त है कि तुम मुझे बाद में खाना मत 2 शर्त है की दुश्मन राजा ने मेरे परिवार को बंदी बनाकर रखा है मेरे महेल मे तुम उन्हें छुड़ाने में मेरी मदद करोगे मेरी यह 2 शर्त तुम्हें मंजूर है

अजगर (अपनी भाषा में):- हां मुझे तुम्हारी दोनों शर्त मंजूर है

हेरंदर नाथ अपनी सेना से कहते हैं (उनकी भाषा में) हम सब मिलकर अजगर को धक्का देते हैं इस तरफ से ताकि अजगर दूसरी तरफ से बाहर निकल जाए 

फिर हेरंदर नाथ और उनकी सेना धक्का मारना शुरू करते हैं 1 घंटे तक लगातार धक्का मारने के बाद एनाकोंडा सुरंग में से बाहर निकल गया ‌

अजगर (अपनी भाषा में):- अब चलो तुम्हारे परिवार को बचाने के लिए

फिर हेरंदर नाथ,अजगर,सांप,बिच्छू,कीदी,मकोड़े,मधुमक्खी ,

मच्छर और भी बहुत सारे जीव जंतु सभी महेल की तरफ जाने लगते हैं

थोड़ी देर में महेल के पास पहुंच जाते हैं और हमला भी कर देते हैं दुश्मन राजा को भी पता चल गया था कि हेरंदर नाथ ने हमला कर दिया है इसलिए दुश्मन राजा भी महेल के बहार निकलता है और अपने सिपाहियों को हमला करने को कहेता है घमासान युद्ध शुरू हो गया था दुश्मन राजा के सैनिक थे वह लड़ने की जगह पर भागना शुरू कर देते हैं क्योंकि अजगर के सामने जो भी आता है सिपाही उसे अजगर सीधा निगल जाता था इसलिए सभी सैनिक बहुत डर गए थे और दूसरी तरफ सांप और बिच्छू ऐसे डंख मार रहे थे जैसे सुबह बिना नाश्ता किए आए हो



 और मधुमक्खी सीधा मुंह पर हमला करती थी और जिसका मुंह एक बार आ गया मधुमक्खी के चंगुल में उसका मुंह फुटबॉल बनने में देरी नहीं लगती



 धीरे-धीरे करके दुश्मन राजा के सभी सैनिक मारे जाते हैं और एक बचा था वह था दुश्मन राजा और दुश्मन राजा के तो पैर कांप रहे थे क्योंकि सामने अजगर मुंह खोल कर खड़ा था

हेरंदर नाथ (अजगर की भाषा में):- रुको अजगर इसे मारना मत इसकी सजा मैं decide करूंगा 

दुश्मन राजा को हेरंदर नाथ जेल मे डाल देते है और हेरंदर नाथ के परिवार को जहां पर बंदी बनाकर रखा था वहां से हेरंदर नाथ निकालते हैं 

अब हेरंदर नाथ अपने परिवार से कहते हैं की अजगर और बाकी जानवरों की वजह से मैं अपने देश को और तुम सबको बचा पाया हूं 

हेरंदर नाथ (जानवर की भाषा में) तुम सबको कभी भी जरूरत पड़े तो मेरे महल के दरवाजे तुम सबके लिए खुले हैं मैं हमेशा तुम सबकी मदद करने के लिए तत्पर रहूंगा क्योंकि तुम सबका मुझ पर एहसान है 

अजगर (अपनी भाषा में):- अरे कोई बात नहीं अगर फिर से जरूर पड़े तो बुला लेना हमको हम वापस आ जाएंगे और तुम्हारी वजह से तो मुझे पेट भर के खाना मिला है कितना स्वादिष्ट था तो अब हम चलते हैं

फिर सभी जानवर चले जाते हैं महेल से

अब हेरंदर नाथ बहुत खुश थे क्योंकि हेरंदर नाथ की life में सबकुछ बिल्कुल ठीक हो गया था हेरंदर नाथ ने जो पहले नियम बनाया था की हर जगह पर उसका नाम होना चाहिए वह नियम खारिज कर दिया

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