Real life story लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
Real life story लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

रविवार, 7 जनवरी 2024

How To Become A God In Real Life | Suspense Story| Thriller Story

ये बात है 100 साल पुरानी है कुंजन का मंदिर रोड के बाजू में था कई लोगो ने मंदिरों को तोड़ने की कोशिश की, लेकिन आज तक कोई भी मंदीर को तोड़ नहीं पाया आज कहीं लोग कुंजन के मंदिर की पूजा करते हैं सभी गांव वाले उन्हें ईश्वर मानते हैं 


मेरा नाम दर्शन है और कहानी how to become a god in real life शुरू करते हैं


एक 22 साल का लड़का था लड़के का नाम कुंजन था कुंजन गांव मैं रहता था सुबह 6:00 बजे कुंजन अपनी सभी गायो को लेकर चराने के लिए जाता है

Cow


 सभी गाय खाना खा रही होती है कुंजन एक जगह पर बेथ कर सभी गायो पर नजर रख रहा होता है तभी 1 गाय बाजू के खेत में चली जाती है उस खेत का जो मालिक था वो भदवार था उसे गुशा आया गुसे मैं वो कुंजन के पास गया


 भदवार:- तेरी गाय मेरे खेतर मैं क्यू आई


 भदवार को पहले से ही कुंजन पर गुस्सा था भदवार पहले से ही कुंजन को मारना चाहता था 

 

कुंजन:- वो मासूम गाय है उसे थोड़ी पता होगा ये दुसरे का खेत है वहा नही जाना चाहिए


भदवार:- तेरी गाय का और तेरा गला काट दुंगा


कुंजन:- वो गाय मुझे सबसे प्यारी है मेरी गाय का गले का एक बाल भी निकाला तो मैं तुम्हारे टुकड़े करके तुम्हारे टुकड़ों को तुम्हारे खेत मे जला दूंगा


भदवार:- तुम मेरे टुकड़े करदो इसे पहले में तुम्हारा मुंह तुम्हारे शरीर से अलग करदू तो


इतना बोलते ही भदवार ने अपनी तलवार नीकाली ये देखकर कुंजन ने भी तलवार नीकाली डोनो तलवार से लड़ने लगे लड़ते-लड़ते 9:00 बज चुके थे लेकिन दोनों के बीच लड़ाई खतम नहीं हुई थी

Sword


 तभी भदवार ने ऐसा घातक हमला किया की कुंजन का सर कुंजन के शरीर से अलग हो गया लेकिन यहां पर लड़ाई खतम नहीं होती 


कुंजन का सर तो जमीन पर गीर गया था लेकिन कुंजन का शरीर अभी भी भदवार के साथ युद्ध कर रहा था युद्ध करते करते दोनों ने जहां से युद्ध की शुरुआत की थी वहां से 2 किलोमीटर दूर आ गए थे और जिस जिस रस्ते से दोनों लड़ते हुए जा रहे थे वह रस्ते खून से लाल होते जा रहे थे गांव वाले भी यह देखकर बीच में नहीं आए और अपने घर के अंदर चले गए

(ये कहानी भी पढ़िए)

वाल्मिकी ऋषि जीवन कथा


दोपहर के 2:00 बज चुके थे लेकिन लड़ाई अभी खतम नहीं हुई थी यह भयंकर लड़ाई पता नहीं और कितनी देर तक चलेगी

 

इस्तरफ कुंजन की बहन जिसकी उमर 25 साल थी जो अपने भाई के लिए खाना लेकर जाती है 


लेकिन कुंजन कहीं पर दिखाई नहीं देता इसलिए कुंजन की बहन हर तरफ कुंजन को ढूंढने लगती है लेकिन कुंजन मीला नहीं तभी कुंजन का कटा हुआ सर देख लेती है कुंजन की बहन 


कुंजन की बहन कुंजन के सर के बाजू में बैठ जाती है और कुंजन के सर को अपने हाथ में लेकर जोर जोर से रोने लगती है 


और गहरे विचार में पड़ जाती है कि

कुंजन की बहन:- मेरे भाई के सर को किसने काटा और मैं घर पर क्या कहुंगी मेरे भाई के बिना मे कैसे जिंदा रह सकती हूं 


विचारों मे कुंजन की बहन कैद हो गई थी आखिर मे कुंजन की बहेन एक बहुत ही भयानक फैसला लिया


 कुंजन के कटे हुए सर को अपनी गोद में रख दिया और वही पर जिंदा समाधि ले ली यह बोलते हुए कि मैं मेरी हर एक सांस मेरे भाई को समर्पित करती हुं 

 

 लेकिन अभि युद्ध सुरु था कुंजन ऐसा हमला करता है कि भदवार के शरीर के कितने टुकड़े होजाते हैं कुंजन की जीत होती है अब कुंजन के शरीर में ताकत नही होती है और कुंजन का शरीर भी जमीन पर गिर जाता है 

(ये new कहानी भी पढिए)

पक्षियों की दुनिया नई कहानी


जहां पर कुंजन का सिर गिरता है वहा कुंजन का मंदिर बनाया जाता है

Tample


 कुंजन की बहन ने कुंजन के कटे हुए सर को गोद में रखकर समाधि ली थी वहां पर भी मंदिर बनाया जाता है 


QNA answer in comment

QNA


1. कुंजन की बहन ने जो किया वो सही किया या गलत?

2. आपको कहानी का कोनसा part सबसे अच्छा लगा?

3. कुंजन के बारे में आप क्या कहेंना चाहोगे?

शनिवार, 6 जनवरी 2024

Valmiki Jayanti 2024: maharishi valmiki real life story in hindi



 नारद जी पृथ्वी लोक पर आए थे लक्ष्मी जी ने ही नारद जी को पृथ्वी पर भेजा था किसी को कुछ देने के लिए नारद जी रास्ते पर चलके जा रहे थे तभी एक लुटेरा आया मेरा नाम दर्शन है और कहानी शुरू करते हैं

Valmiki Jayanti 2024: maharishi valmiki real life story in hindi


 लुटेरा:- तुम्हारे पास ये पोटली है वो मुझे दे दो

Robar


 नारद जी: मैं तुम्हें ये पोटली नहीं दे सकता, इसपर तुम्हारा हक नहीं है 


 लुटेरा:मैं दुसरे के हक का ही में खाता हूं ये मेरी मजबूरी नहीं मेरी आदत है 


नारद जी:- मेरी भी एक आदत है कि कोई मुझसे मांगता है कुछ भी तो मैं देता हूं लेकिन वही देता हूं जिसकी वो इन्सान कदर करता हो और तुम पोटली की कदर तो नहीं करते ओर तुम इसके लायक भी नहीं हो

Narad


 लुटेरा:- मेरी एक बुरी आदत है अगर कोई मुझे कुछ देने को मना करता है तो मैं उसे मार डालता हूं और वह सब कुछ ले लेता हूं जो मुझे चाहिए

 

 नारद जी:- ये सब तुम किसके लिए करते हो


 लुटेरा:- मेरे परिवार के लिए करता हूं मैं


 नारद जी:- तुम्हारे परिवार को पता है कि तुम उनके लिए लोगो को मारते हो और मारने के बाद उनका सामान ले लेते हो


 लुटेरा:- हा मे क्या करता हूं वो सब मेरे परिवार को पता है

Family


 नारद जी:- तो तुम्हें मना नहीं करते कि ये गलत काम है नहीं करना चाहिए


 लूटेरा:- नहीं मुझे कोई मना नहीं करता


 नारद जी:- मुझे तुम्हारे परिवार से मिलना है


 फिर लुटेरा नारथ जी को अपने परिवार से मिलने ले जाता है


 लुटेरा:- ये मेरी पत्नी है और ये दोनों मेरे बेटे हैं 


नारद जी लुटेरे की पत्नी को पूछते हैं


 नारद जी:- आपका आपकै बच्चों का पेट भरने के लिए ये आपके पति कितने लोगो को मार चुके है लुट चूके हे ओर आप ईन्की पत्नी हे तो इसने जो पाप किया है आपके लिए वह पाप आप अपने सर पर लोगी

 

 लूटेरे की पत्नी:- नहीं पाप तो इन्होंने किया है लोगों को लूटा तो इन्होंने है तो इनके पाप के भागीदार हम क्यों बने


 ये बात सुनकर लुटेरे की आँखों में आशु आ जाते हैं फिर नारथ जी लुटेरे को घर के बाहर लेकर जाते हैं 


नारद जी:- देख लिया ना तुमने तुम जिसका पेट भरने के लिए पाप कर रहे थे उन्होंने तुम्हारा साथ छोड़ दिया इस दुनिया में अपने भी अपने नहीं होते अगर तुम सर्वश्रेष्ठ बन जाओ तो पराए भी अपने हो जाते हैं 

Successful


 लुटेरा नारथ जी के पैरों में पड़ जाता है और ऊंची आवाज में कहेता है


(आप यह मजेदार कहानी भी पढ़ीए)

बिजली ने देश को श्मशान में बदल दिया


 लुटेरा:आज से मैं दुनिया के सारे बंधन तोड़ता हूं आज से मेरा किसी के साथ कोई संबंध नहीं है और संबंध है तो सिर्फ ईश्वर के साथ मोह माया लोभ इन सब का मे त्याग करता हूं

 

 उस दिन के बाद से लुटेरा अकेला रहने लगा एक संन्यासी बन गया एक गुफा में रहने के लीए चला गया सन्याशी बनने के बाद उनका नाम वाल्मीकी रुशी नाम पड़ा वाल्मीकी रुशी को भारत में हर कोई जनता है जिस वक्त किसी ने भी रामायण शब्द भी नहीं सुना था उस वक्त वाल्मीकि ऋषि ने पूरी रामायण लिख दी 

Walmiki

 answer in comment

Qna


Question

1.पोटली में क्या होगा क्या लगता है आपको

2. वाल्मीकि ऋषि ने क्या सोचकर सबकुछ त्याग कर दिया 

3. आपको क्या सीखने को मिला इस कहानी से 


आपको कैसी लगी Valmiki Jayanti 2024: maharishi valmiki real life story in hindi 





गुरुवार, 23 नवंबर 2023

Real life story in hindi

 Real life story in hindi 

मेरा नाम दर्शन है और सीरियस स्टोरी आपको जरूर पसंद आएगी आप पूरी पढना



एक गांव मे 1 पाडा घुमता रहता था वो पाडा सांतिप्रीय था लेकिन गांव के लोगो को पसंद नहीं था कि वो पाडा गांव में रहे इसलिए गांव के लोगो ने डिसाइड कीया की पाड़े को मार देंगे पाडा रास्ते में घूम रहा था तब सभी गांव वालो ने तलवार से हमला कर दिया पाड़े के टुकडे कर दीये पुरा रोड खुन से लाल हो गया था फिर पाड़े के कटके उथाकर गांव वालो ने गतर में दाल दीये फीर सभी गांव वाले अपने-अपने घर चले गए सब गांव वालों को लगा कि गया पाड़ा दुनिया से लेकिन उन्हें क्या पता था कि अब आगे क्या होगा


 3 DAY LATER

Real life story in hindi 

 दूसरे दिन जब कुछ गांव वाले चाय पी रहे थे और एक दूसरे से बातें कर रहे थे तब डूर से गांव वालो ने कीसी को आते हुए देखा सभी गांव वाले एक दूसरे को कहने लगे कि देखो सामने से कोई आ रहा है जब वो पाड़ा पास आया तो गांव के लोग चोक गये क्यू की जीस पाड़े के गाव वालो ने तलवार से टुकड़े कर दिये थे वहीं पाड़ा उनके सामने चलकर आ रहा था ये देखकर वहां बैठे लोग सोचने लगे कि यह पाड़ा तो मर गया था लेकिन अब जिंदा कैसे हो गया वापस फिर वहां बैठे कुछ लोगों ने गांव के सभी लोगों को इकट्ठा किया फिर सभी गांव वालों ने उस पाडे को देखा और सोच में पड़ गए की इसके तो हमने टुकड़े कर दिए थे वापस कैसे जिंदा हो सकता है सभी सोच रहे थै कि अब क्या करे ये पाड़ा तो वापस आ गया तभी एक खेदुत बोला की मेरे पास एक उपाय है सभी गाव वाले पूछने लगे बता क्या उपाय है तभी उसने बताया कि मेरे पास एक हलर है इसमे हम इस तरफ से कुछ भी चीज डालेंगे दूसरी तरफ से उसके छोटे-छोटे कटके होकर बहार आयेंगे ये बात सुनकर सभी गांव वालो ने कहा तो फिर हम उस पाडे को हलर के पास ले जाएंगे और उठाकर हलर के अंदर डाल देंगे और पाडे के भी टुकड़े हो जाएंगे


 1 DAY LATER 

Real life story in hindi 

 दूसरे दिन जहा पाड़ा घुम रहा था वहा हलर लेकर आ गए गांव वाले साथ में लोहे की साकर लेकर आए थे ताकी पाड़े को बांधकर हलर मे डाल सके सभी लोगो ने साकर हाथ में लेली पाड़े पर एक साथ हमला कर दिया लेकिन पाड़ा खड़ा रहा उसने कुछ भी नहीं कीया गांव वाले सोचने लगे की पाडा कुछ क्यों नहीं कर रहा टभी सभी गांव वालो ने मीलकर पाडे को उठाया लेकिन पाड़े का वज़न इतना ज्यादा था कि सभी मिलकर भी उठा नहीं पाए क्योंकि पाड़े का वजन बहुत ज्यादा था सब कहने लगे कि हम इसे नहीं उठा पाएंगे 1 ने कहा की जेसीबी से उठा लेंगे पाड़े को फिर 1 के पास जेसीबी था तो वो अपने घर से जेसीबी ले आया फिर सबने मीलकर पाड़े को जेसीबी मे डाल दिया फीर पाड़े को उठाकर हलर मे डाल डीया जब हलर के अंदर पाडा चला गया तब पाड़ा चिलाने लगा पाड़े का पूरा शरीर धीरे-धीरे हलर में चला गया हलर में से बहार पाडे का खून निकलने लगा था गाव वालो के कपडे पूरे खुन से लाल हो गए थे थोड़ी देर में हलर मेसे पाडे के बिल्कुल छोटे-छोटे टुकड़े बहार आने लगे फिर टुकड़ो को भरकर नदी में डाल दिए हलर भी पूरा खुन से लाल हो चुका था सभी ने मीलकर पाडे के तूकडो को जला दिया अब सभी गांव वालों को लगने लगा था कि पाडा कभी वापस आ हीं नहीं सकता 

लेकिन दूसरे दिन वापस पाड़ा जिंदा होकर वापस आ गया अब उस गांव मे पाडे का मंदिर है और उस गांव के लोग पाडे को पूजते हैं

कैसी लगी आपको यह स्टोरी कमेंट मे जरूर बताना

https://unexpectedstory12.blogspot.com/2023/11/heart-touching-imotional-family-story.html

https://unexpectedstory12.blogspot.com/2023/11/suspense-story-in-hindi-4.html

SCHOOL WORLD BEST STORY TELLING COMPITITION.

  इस कहानी मै आप पढ़ेंगे की एक स्कूल में कॉम्पिटिशन था लेकिन को स्टुडेंट भाग नही लेता स्कूल के प्रिंसिपल कहानी सुनाते है कहानी सुनने के बाद ...