The story of country
आज मैं उस देश की बात करुंगा जो बिजलियां गिरने से शमशान में बदल गया मेरा नाम दर्शन है कहानी शुरू करते हैं आखिर तक पढ़ना
एक विजलनाथ नाम का एक देश था उस देश की वस्ती आज से 2003 में 50 करोड़ थी लेकिन 2024 में विजलनाथ देश की वस्ती 50,000 है
विजलनाथ देश की खास बात यह है कि इस देश में आज तक कभी युद्ध नहीं हुआ इस देश में एक भी रोग नहीं देखने को मिला है और पूरी दुनिया में कोरोना फैल गया था लेकिन विजलनाथ देश में कोरोना क्या है वहां के रहने वाले लोगों को यह भी नहीं पता था लेकिन विजलनाथ में रहने वाले लोगो की संख्या दिन प्रतिदिन कम होती जा रही थी
विजलनाथ मे घर कम थे और शमशान ज्यादा थे विजलनाथ की सरकार ने हुकुम दीया था कि जितने हो सके उतने ज्यादा शमशान बनाईये क्योंकि लासे ज्यादा थी और शमशान कम थे
आपके दिमाग में एक बार यह सवाल जरूर आया होगा कि इतने लोग मर कैसे रहे हैं
विजलनाथ का मौसम बाकी सभी देशों से एकदम अलग था विजलनाथ मैं हमेशा एक ही मौसम रहता था बारिश का मौसम पूरे साल में एक भी दिन ऐसा नहीं होता है जिस दिन विजलनाथ में बारिश ना हुई हो
इसलिए विजलनाथ में पत्थर के मकान नहीं बनाते सिर्फ लोखंड के ही मकान बनाते हैं ताकि कितनी भी बारिश क्यों ना हो उनका मकान बचा रह है विजलनाथ मैं महीने में एक बार तो सुनामी जरूर आती है इसलिए वहां के लोग एसे घर बनाते हैं जो बारिश हो तूफान या सुनामी ही क्यों ना हो उनके घर को कुछ ना हो
हमारे यहां सोना हीरे यह सब महंगा होता है लेकिन विजलनाथ मैं सबसे महंगी चीज थी रेनकोट,छतरी
विजलनाथ मैं 1 रेनकोट ओर छतरी की कीमत 50,000 है यह भाव पढ़ कर आप जरूर चौंक गए होंगे लेकिन जींस की value ज्यादा होती है उनकी तो कीमत बढ़ती है ना विजलनाथ मे भी बिल्कुल ऐसा ही है
Bike,car,bus की कीमत विजलनाथ मैं पानी के भाव में थी और 1 bot की कीमत 2 लाख से 100 करोड़ के बीच थी विजलनाथ में सबसे ज्यादा कीमत bot की ही थी इसलिए जिसके पास बड़ी bot थी उसे सबसे अमीर माना जाता था
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आप सोच रहे होंगे कि ये देश हमारे देश से कितना अलग है लेकीन इंसान इतने अलग है एक दुसरे से तो देश अलग क्यू नही हो सकता
लेकिन विजलनाथ मै मरने की संख्या इतनी ज्यादा है उसका कारण भी बारिश ही है क्युकी जितनी ज्यादा बारिश उतनी ज्यादा बिजलियां गिरती है बिजली गिरने के कारण कितने लोगो की आंखे चली जाती है लेकिन ज्यादातर लोगों की मौत ही हो जाती है इसलिए विजलनाथ में लास को जलाने के लिए लकड़ी भी नही मिलती और लास को दफनाने के लिए जगह नही मिलती
इतनी बुरी हालत में विजलनाथ मै जो थोड़े बहुत लोग बचे थे
उन सब ने निर्णय लिया कि हमें ए देश छोड़कर चले जाना चाहिए किसी और देश में
लेकिन विजलनाथ की सरकार ये नही चाहती थी कि उनके देश के देशवासी देश छोड़ कर चले जाए इसलिए विजलनाथ की सरकार ने ऐलान किया की जो भी देश छोड़कर जाएगा वह विजलनाथ का अपराधी माना जाएगा इसलिए उस इंसान को खौफनाख दंड दिया जाएगा
विजलनाथ की सरकार को लगा की दंड की बात सुनकर सभी डर जाएंगे लेकिन हुआ उसका उल्टा किसी को कोई फर्क नहीं पड़ा सरकार की यह दंड वाली बात सुनकर क्योंकि बिजली का डर ऐसा था जो सभी लोगों के दिल मे बस चुका था की बिजली के डर के सामने सभी दंड छोटे लगते थे
विजलनाथ की सरकार को लगने लगा कि अब कुछ नहीं हो सकता बिजली के डर के कारण और मरे हुए लोगों की लाश को देखकर लोग बहुत दर गए हैं और वह देश छोड़कर अब चले जाएंगे
सरकार सोच में पड़ गई थी कि अब क्या करें लोगों को कैसे देश में रखें और कैसे उनकी जान बचाए
लेकिन इसी बीच ऐसी दुर्घटना घटी जिसने पूरी सरकार को हीला डाला और सरकार में जितने भी लोग थे वह सब की सोच को बदल दिया
रात के 9:00 बजे का टाइम था विजलनाथ के प्रधानमंत्री bot मैं बैठकर घर जा रहे थे लेकिन बीच में ही आकाश में बादल गरजने लगे बिजली चिल्लाने लगी बादल के ऊपर और एक जोरदार आवाज के साथ एक बिजली विजलनाथ के प्रधानमंत्री पर गिरी और प्रधानमंत्री की वहीं पर मौत हो गई
अब सरकार ने जो दंड रखा था देश के बहार जाने पर उसे बंद कर दिया और सरकार ने कहा कि हमारा सबसे बड़ा जहाज है उसमें बिठाकर सभी लोगों को हम विजलनाथ के बहार पहुंचाएंगे
यह बात सुनकर सभी लोग बहुत खुश हो गए और सबको लगने लगा था कि अब हमारी जान बच जाएगी लेकिन उन्हें क्या पता कि रब को कुछ और ही मंजूर था
विजलनाथ मैं जितने भी लोग बच्चे थे वह सब बैठ गए जहाज में और जो सरकार में ऊंचे पद पर जो लोग थे वह सब साथ में थे जहाज में क्युकि प्रधानमंत्री के मरने के बाद उनकी भी फटी हुए थी जहाज चलना शुरू हुआ समुद्र में थोड़ा ही चला था जहाज़ तब एक तूफान आया यह तूफान बहुत ही भयंकर था तूफान के कारण ही 100-150 लोग जहाज में से समुद्र के अंदर गिर गए और उनकी मौत हो गई
सभी लोग बहुत ही डरे हुए थे क्योंकि उन्हें लगने लगा था कि मरने का अगला नंबर उनका भी हो सकता है और हुआ भी बिल्कुल ऐसा ही समुद्र के अंदर इतनी लाशे गिरने लगी की मछलियो का भी पेट भरगया लाशे खाकर लेकिन लाशे खत्म नहीं हुई
हुआ था कुछ ऐसा की जहाज में सभी लोग चुपचाप खड़े थे कोई कुछ बोल नहीं रहा था आवाज सुनाई दे रहा था सिर्फ समुद्र के पानी का और ठंड ऐसी की सभी काप रहे थे
तभी जोरदार बारिश शुरू हो गई और जीस बात का डर था वही हुआ बिजली जहाज के बीचों-बीच जाकर गिरी बीच में जहा पर बिजली गिरी वहां पर एक लड़की खड़ी थी उस पर जाकर बिजली गिरी और लड़की वहीं पर राख में बदल गई और जहाज के दो टुकड़े हो गए धीरे-धीरे दोनों जहाज के टुकड़े पानी में डूबने लगे साथ में जहाज पर बैठे लोग भी समुद्र में गिरने लगे थोड़ी देर में दोनों जहाज के टुकड़े समुद्र के अंदर चले गए
जितने भी लोग थे जहाज में उन सभी की मौत हो गई
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