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रविवार, 31 दिसंबर 2023

The story of country|problem of death|hindi kahani | suspense story

The story of country 

 

आज मैं उस देश की बात करुंगा जो बिजलियां गिरने से शमशान में बदल गया मेरा नाम दर्शन है कहानी शुरू करते हैं आखिर तक पढ़ना 

Electricity


एक विजलनाथ नाम का एक देश था उस देश की वस्ती आज से 2003 में 50 करोड़ थी लेकिन 2024 में विजलनाथ देश की वस्ती 50,000 है


विजलनाथ देश की खास बात यह है कि इस देश में आज तक कभी युद्ध नहीं हुआ इस देश में एक भी रोग नहीं देखने को मिला है और पूरी दुनिया में कोरोना फैल गया था लेकिन विजलनाथ देश में कोरोना क्या है वहां के रहने वाले लोगों को यह भी नहीं पता था लेकिन विजलनाथ में रहने वाले लोगो की संख्या दिन प्रतिदिन कम होती जा रही थी

 विजलनाथ मे घर कम थे और शमशान ज्यादा थे विजलनाथ की सरकार ने हुकुम दीया था कि जितने हो सके उतने ज्यादा शमशान बनाईये क्योंकि लासे ज्यादा थी और शमशान कम थे


आपके दिमाग में एक बार यह सवाल जरूर आया होगा कि इतने लोग मर कैसे रहे हैं 


विजलनाथ का मौसम बाकी सभी देशों से एकदम अलग था विजलनाथ मैं हमेशा एक ही मौसम रहता था बारिश का मौसम पूरे साल में एक भी दिन ऐसा नहीं होता है जिस दिन विजलनाथ में बारिश ना हुई हो 

Rain


इसलिए विजलनाथ में पत्थर के मकान नहीं बनाते सिर्फ लोखंड के ही मकान बनाते हैं ताकि कितनी भी बारिश क्यों ना हो उनका मकान बचा रह है विजलनाथ मैं महीने में एक बार तो सुनामी जरूर आती है इसलिए वहां के लोग एसे घर बनाते हैं जो बारिश हो तूफान या सुनामी ही क्यों ना हो उनके घर को कुछ ना हो


हमारे यहां सोना हीरे यह सब महंगा होता है लेकिन विजलनाथ मैं सबसे महंगी चीज थी रेनकोट,छतरी 


विजलनाथ मैं 1 रेनकोट ओर छतरी की कीमत 50,000 है यह भाव पढ़ कर आप जरूर चौंक गए होंगे लेकिन जींस की value ज्यादा होती है उनकी तो कीमत बढ़ती है ना विजलनाथ मे भी बिल्कुल ऐसा ही है 


Bike,car,bus की कीमत विजलनाथ मैं पानी के भाव में थी और 1 bot की कीमत 2 लाख से 100 करोड़ के बीच थी विजलनाथ में सबसे ज्यादा कीमत bot की ही थी इसलिए जिसके पास बड़ी bot थी उसे सबसे अमीर माना जाता था


(आप चाहे तो यह स्टोरी भी पढ़ सकते हैं)

Story फुटपाथ पर रहने वाला परिवार imotional story

 

आप सोच रहे होंगे कि ये देश हमारे देश से कितना अलग है लेकीन इंसान इतने अलग है एक दुसरे से तो देश अलग क्यू नही हो सकता 


लेकिन विजलनाथ मै मरने की संख्या इतनी ज्यादा है उसका कारण भी बारिश ही है क्युकी जितनी ज्यादा बारिश उतनी ज्यादा बिजलियां गिरती है बिजली गिरने के कारण कितने लोगो की आंखे चली जाती है लेकिन ज्यादातर लोगों की मौत ही हो जाती है इसलिए विजलनाथ में लास को जलाने के लिए लकड़ी भी नही मिलती और लास को दफनाने के लिए जगह नही मिलती 

Death


इतनी बुरी हालत में विजलनाथ मै जो थोड़े बहुत लोग बचे थे

उन सब ने निर्णय लिया कि हमें ए देश छोड़कर चले जाना चाहिए किसी और देश में 


लेकिन विजलनाथ की सरकार ये नही चाहती थी कि उनके देश के देशवासी देश छोड़ कर चले जाए इसलिए विजलनाथ की सरकार ने ऐलान किया की जो भी देश छोड़कर जाएगा वह विजलनाथ का अपराधी माना जाएगा इसलिए उस इंसान को खौफनाख दंड दिया जाएगा


विजलनाथ की सरकार को लगा की दंड की बात सुनकर सभी डर जाएंगे लेकिन हुआ उसका उल्टा किसी को कोई फर्क नहीं पड़ा सरकार की यह दंड वाली बात सुनकर क्योंकि बिजली का डर ऐसा था जो सभी लोगों के दिल मे बस चुका था की बिजली के डर के सामने सभी दंड छोटे लगते थे

Death


विजलनाथ की सरकार को लगने लगा कि अब कुछ नहीं हो सकता बिजली के डर के कारण और मरे हुए लोगों की लाश को देखकर लोग बहुत दर गए हैं और वह देश छोड़कर अब चले जाएंगे 


सरकार सोच में पड़ गई थी कि अब क्या करें लोगों को कैसे देश में रखें और कैसे उनकी जान बचाए

 

 लेकिन इसी बीच ऐसी दुर्घटना घटी जिसने पूरी सरकार को हीला डाला और सरकार में जितने भी लोग थे वह सब की सोच को बदल दिया


रात के 9:00 बजे का टाइम था विजलनाथ के प्रधानमंत्री bot मैं बैठकर घर जा रहे थे लेकिन बीच में ही आकाश में बादल गरजने लगे बिजली चिल्लाने लगी बादल के ऊपर और एक जोरदार आवाज के साथ एक बिजली विजलनाथ के प्रधानमंत्री पर गिरी और प्रधानमंत्री की वहीं पर मौत हो गई 


अब सरकार ने जो दंड रखा था देश के बहार जाने पर उसे बंद कर दिया और सरकार ने कहा कि हमारा सबसे बड़ा जहाज है उसमें बिठाकर सभी लोगों को हम विजलनाथ के बहार पहुंचाएंगे 

Ship


 यह बात सुनकर सभी लोग बहुत खुश हो गए और सबको लगने लगा था कि अब हमारी जान बच जाएगी लेकिन उन्हें क्या पता कि रब को कुछ और ही मंजूर था


विजलनाथ मैं जितने भी लोग बच्चे थे वह सब बैठ गए जहाज में और जो सरकार में ऊंचे पद पर जो लोग थे वह सब साथ में थे जहाज में क्युकि प्रधानमंत्री के मरने के बाद उनकी भी फटी हुए थी जहाज चलना शुरू हुआ समुद्र में थोड़ा ही चला था जहाज़ तब एक तूफान आया यह तूफान बहुत ही भयंकर था तूफान के कारण ही 100-150 लोग जहाज में से समुद्र के अंदर गिर गए और उनकी मौत हो गई 


सभी लोग बहुत ही डरे हुए थे क्योंकि उन्हें लगने लगा था कि मरने का अगला नंबर उनका भी हो सकता है और हुआ भी बिल्कुल ऐसा ही समुद्र के अंदर इतनी लाशे गिरने लगी की मछलियो का भी पेट भरगया लाशे खाकर लेकिन लाशे खत्म नहीं हुई 

 

हुआ था कुछ ऐसा की जहाज में सभी लोग चुपचाप खड़े थे कोई कुछ बोल नहीं रहा था आवाज सुनाई दे रहा था सिर्फ समुद्र के पानी का और ठंड ऐसी की सभी काप रहे थे

Sea


तभी जोरदार बारिश शुरू हो गई और जीस बात का डर था वही हुआ बिजली जहाज के बीचों-बीच जाकर गिरी बीच में जहा पर बिजली गिरी वहां पर एक लड़की खड़ी थी उस पर जाकर बिजली गिरी और लड़की वहीं पर राख में बदल गई और जहाज के दो टुकड़े हो गए धीरे-धीरे दोनों जहाज के टुकड़े पानी में डूबने लगे साथ में जहाज पर बैठे लोग भी समुद्र में गिरने लगे थोड़ी देर में दोनों जहाज के टुकड़े समुद्र के अंदर चले गए


जितने भी लोग थे जहाज में उन सभी की मौत हो गई


कैसी लगी आपको हमारी कहानी problem of death comment section में जरूर बताना एसी और कहानी 

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रविवार, 24 दिसंबर 2023

Story World's greatfull wonderful first woman|दुनियां की सबसे सुंदर स्त्री

 

Girl
Beautiful girl


मेरा नाम दर्शन है ये कहानी है उस वक्त की जब दुनियां की पहली स्त्री का जन्म हुआ था ये कहनी आपको जरूर अच्छी लगेगी कहानी सुरु करते है


उस वक्त की बात है जब ईश्वर ने पृथ्वी का निर्माण किया था पृथ्वी का निर्माण करने के बाद ईश्वर एक बड़े मैदान में बैठे थे और अपने आसपास के अपने बनाए हुए पर्वत को फूलों को बादल को सूर्य को देख रहे थे और अंदरो अंदर मुस्कुरा रहे थे क्योंकि उन्हें यह सब देखकर बहुत ही अच्छा लग रहा था लेकिन ईश्वर को लगा कि 

ईश्वर:- यह ग्रह छोटा बनाया है मैंने लेकिन कितना खूबसूरत है ओर कितनी खूबसूरत है यह छोटी सी जगह और मेरा यह बनाया हुआ छोटा सा गोला मुझ तक सीमित नहीं रहना चाहिए मुझे किसी और को भी दिखाना चाहिए 


उसके बाद ईश्वर कुछ ऋषि का निर्माण करते हैं 

Sage

Sage



ऋषि:- प्रणाम प्रभु आपका बहुत-बहुत धन्यवाद कि आपने हमें जीवन दिया क्या आगया है बोलीए प्रभु 


ईश्वर:- तुम सबको मिलकर ऐसे जीव की रचना करनी है जिसका जन्म तो एक छोटी सी जगह में हो लेकिन उस जगह से बाहर निकल कर वह मेरी बनाई हुई हर जगह को देख सके उसे समझ सके उसे महेसूस कर सके और अपने जीवन को एक नया रूप दे सके और याद रखना उसकी आयु सीमित होनी चाहिए 


ऋषि:- लेकिन आयु क्यू सीमित होनी चाहिए प्रभु 


ईश्वर:- क्योंकि यह पूरा ब्रह्मांड मैंने बनाया लेकिन ब्रह्मांड में एक भी ऐसी वस्तु मैंने ऐसी नहीं बनाई

Space
Space 


 जिसकी आयु सीमित ना हो यहां तक की तुम सब ऋषि की आयु भी सीमित है और सबसे जरूरी बात उस जीव मैं भावना होनी चाहिए


ऋषि:- आप जीव मैं भावना ए क्यों डालना चाहते हैं बिना भावना डालें भी आप जीव बना सकते हैं ना


ईश्वर:- जीस जीव में भावनाएं ना हो वह बादल जैसा है बादल हर जगह पर घूमते हैं दुनिया में हर जगह पर जाते हैं लेकिन बादल को उन जगह के लिए कोई भावनाएं नहीं है बिल्कुल महत्व नहीं है इसलिए बादल का जन्म सिर्फ पानी बरसाने के लिए ही मैंने किया है

 

ऋषि:- हम समझ गए प्रभु आपके हर एक शब्द हम समझ गए लेकिन प्रभु हम कौन सी भावनाएं डालें


ईश्वर:- सबसे पहले तो प्यार की भावना डालो उसके बाद क्रोध की भावना डालो उसके बाद विश्वास की भावना डालो उसके बाद विश्वास घाट की भावना डालो उसके बाद मोह माया की भावना डालो उसके बाद ईर्षा की भावना डालो उसके बाद शारीरिक संबंध आधारित भावनाएं डालो 


ऋषि:- सभी भावनाएं जीव में हम डालेंगे लेकिन यह शारीरिक संबंध भावना क्यों प्रभु यह तो गलत है


ईश्वर:- नहीं गलत नहीं है सबसे सही यही है अगर यही भावना जिव में नहीं होगी तो दूसरा जीव कैसे आएगा इसलिए यह भावना जीव में चाहिए


ऋषि:- जैसी आपकी आगया प्रभु


फिर ईश्वर चले जाते हैं ब्रह्मांड से कौसो दूर अपने स्थान पर

और कुछ सालो बाद ईश्वर वापस आते है देखने के लिए की ऋषि ने कितने जीव की रचना की है तो ईश्वर ने जाकर देखा तो सभी ऋषि तपस्या कर रहे है


ईश्वर:– मैने तुम सब ऋषि को एक काम सोपा था वो करने की जगह पर ध्यान मै बैठे हो 


फिर सभी ऋषि ध्यान से बहार आते हैं


ऋषि:– हमें क्षमा कीजिए प्रभु लेकिन हम समझ नहीं पा रहे हैं कि हम जिव की रचना कैसे करें वह भी भावनाओ के साथ


फिर ईश्वर वहां से चले जाते हैं किसी दूसरी जगह पर और वहां जाकर ईश्वर एक जीव की रचना करते है और ईश्वर उसका नाम स्त्री रखते हैं


वह स्त्री अति सुंदर थी भावनाओं के साथ परिपूर्ण थी उस स्त्री में ईश्वर ऐसा आकर्षण डालते हैं जिस पर कोई भी मोहित हो जाए और एक अलग ही तरह की ऊर्जा और उत्तेजना स्त्री में समाहित करते हैं ईश्वर


स्त्री:– प्रणाम प्रभु आपकी वजह से जीवन मिला है बोलिए क्या आगया है   


ईश्वर:– तुम्हें एक ऋषि के साथ शारीरिक संबंध बनाने होंगे


स्त्री:– लेकिन ऋषि तो बहुत विद्ववान होते हैं वह क्यों शारीरिक संबंध बनाएंगे मेरे साथ और ऋषि तो सभी संबंधों से मुक्त होते हैं

ये कहनी के बाद 

प्यारे पंशी की दर्दनाख कहनी पढ़िए


ईश्वर:– क्योंकि मैंने तुम्हारे शरीर पर और तुम्हारे अंदर वो आकर्षण डाला है जिससे पुरुष प्रभावित हो जाए और ऋषि भी तो एक पुरुष है चाहें कितने भी युग क्यु ना चले जाए लेकिन स्त्री का पुरुष प्रत्येय आकर्षण और पुरुष का स्त्री प्रति आकर्षण कभी खत्म नहीं होगा आखिर में मेरी बनाई हुई दुनिया भी खत्म हो जाएगी लेकिन एक दूसरे के प्रति मोह कभी खत्म नहीं होगा अब तुम जाव ऋषि के पास

 

फिर स्त्री एक ऋषि के पास जाती है ऋषि स्त्री को देखते हैं और ऋषि के मन में उत्तेजना बढ़ती है स्त्री के प्रति और स्त्री ऋषि के हाथ पर हाथ रखती है ऋषि में और स्त्री में शारीरिक भावनाएं बढ़ने लगती है और दोनों में शारीरिक संबंध बनता है

और कुछ महीनो के बाद एक पुत्र का जन्म होता है

Son

Son



यहां से मानव की शुरुआत होती है


आपको कैसी लगी हमारी कहानी comment section में जरूर बताना 

Story world's greatfull wonderful beutiful first woman|दुनियां की सबसे सुंदर स्त्री 

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