Demon Love Story
आज इस कहानी में आप पढ़ेंगे की कैसे एक सुरंगी नाम की राक्षसी को प्यार होता है एक सुरंगा नाम के राक्षस से लेकिन राक्षस मर जाता है फिर अगले जन्म में जब वह राक्षस इंसान का रूप लेकर आता है तब कैसे सुरंगी राक्षसी उससे शादी करती हैं और बच्चा पैदा करती है यह आप इस कहानी में पढ़ेंगे और मेरा नाम है दर्शन कहानी शुरू करते हैं
एक बावली घर नाम का एक बंगला है इस बंगले में 3 लोग रहते हैं 3 में से एक लड़का है लड़के का नाम हेतांश है हेतांश 12 क्लास में पढ़ता हैं हेतांस छोटा था तब उसके पापा की एक्सीडेंट में मौत हो गई थी
तब से हेतांश को अंधेरे में रेना ही ज्यादा पसंद था हेतांश की मम्मी जिंनका नाम केमिला बेन है केमिला बेन घर का काम संभालती है हेतांस की एक बड़ी बहन है उसका नाम हितिका है हितिका कॉलेज करती है
जिस ज़गा पर हेतांश का बंगला था उसी जमीन के अंदर एक सुरंगी नाम की एक राक्षसी रहती है सुरंगी एक राक्षसी थी फिर भी वो शाकाहारी थी
मास खाना बिलकुल भी पसंद नहीं था सुरंगी को ओर सुरंगी दिखने में तो बहुत खतरनाक थी लेकिन सुरंगी की आवाज़ इतनी मीठी थी की कोयल को भी शर्मिंदा कर दे ओर सुरंगी हमेशा अकेला रहना पसंद करती थी क्योंकि उसके साथ पहले जो हुआ वह भूल नहीं पा रही थी
सुरंगी राक्षसी हेतांश से शादी करना चाहती थी ओर छोटे-छोटे बच्चे करना चाहती थी
50 साल पहले
एक सुरंगा नाम का राक्षस था वो पातांल लोग में रहता था सुरंगा राक्षस को उजाला बिलकुल भी पसंद नहीं था सुरंगा राक्षस को लगता था कि उसके अलावा पाताल में कोई नहीं रहता है लेकिन सुरंगा राक्षस को एक बार सुरंगी राक्षसी दिख जाती है सुरंगी राक्षसी को देखते ही सुरंगा राक्षस को पहला पहला प्यार हो जाता है
सुरंगा राक्षस:- WOW ये राक्षसी है लेकिन परियों से भी ज्यादा प्यारी है मैं ईसके साथ ही जीवन बिताना चाहता हूँ फिर सुरंगा राक्षस सुरंगी राक्षसी के पास जाता है
सुरंगी राक्षसी:- अरे तुम कौन हो मैंने पहली बार दूसरे राक्षस को देखा वैसे तुम्हारा नाम क्या हैं
सुरंगा राक्षस:-मेरा नाम सुरंगा है मैं तुमसे कुछ कहना चाहता हूँ
सुरंगी राक्षसी:- क्या कहना चाहते हो
सुरंगा राक्षस:- मैं ये कहना चाहता हूँ कि जैसे आसमान बादलों के बिना अधूरा है इंसान पेड़ पोधे के बिना अधूरे हैं माँ बाप अपने संतान के बिना अधूरे हैं एक भूखा रोटी के बिना अधूरा है एक पैसे वाला प्यार का अधूरा है जिंदगी और मौत एक दूसरे के बिना अधूरे हैं वैसे ही में तुम्हारे बिना अधूरा हूँ
सुरंगी राक्षसी:- तुम बातें तो बहुत अच्छी करते हो मुझे भी एक साथी चाहिए था जो मेरे जीवन की बोट को समुंदर पार करवा दे क्या तुम वह बनोगे
सुरंगा राक्षस:- में ये बात सुनने के लिए तड़प रहा था मैं तैयार हूं तुमसे शादी करने के लिए
सुरंगा राक्षस यह बात बोलता है तभी सुरंगी राक्षसी के गुरु मंगलया चार्य थे वह वहां पर आ जाते हैं और सुरंगा राक्षस के मुंह से बात सुनकर मंगलया चार्य क्रोधित हो जाते
मंगलया चार्य:- सुरंगी तुम इसे कभी शादी नहीं कर सकती
सुरंगी राक्षसी:-गुरुजी क्यों नहीं कर सकती मैं शादी में इंसे प्रेम करने लगी हूं
मंगलया चार्य:- तुम इसे प्रेम नहीं कर सकती और नहीं शादी कर सकती हो क्योंकि यह सुरंगा 2 दिन में मरने वाला है
सुरंगी राक्षसी:- क्या मेरे गुरुजी जो बात बोल रहे हैं यह सच है सुरंगा
सुरंगा राक्षस इस बात पर कुछ भी नहीं बोला और एकदम शांत होकर खड़ा रहा
मंगलया चार्य:- सुरंगी उससे थोड़ी पता होगा कि उसकी मौत कब होगी लेकिन मुझे पता है इसलिए मैं तुम्हें मना कर रहा हूं
सुरंगी राक्षसी:-माफ करना सुरंगा मैं तुमसे शादी नहीं कर सकती अब मैं हमेशा अकेली ही रहूंगी
इतना बोलते ही सुरंगी के आंखों में आंसू आ गए और जोर-जोर से रोने लगी सुरंगी को रोते हुए देखकर मंगलया चार्य की आंखों में भी आंसू आ गए क्योंकि सुरंगी उनके लिए बेटी जैसी थी
और दूसरी तरफ सुरंगा राक्षस को अपने आने वाली मौत का पता पहले पता चल गया था इसलिए वह अकेला रहना चाहता था इसलिए सुरंगा राक्षस वहां से चला गया और वह जहां रहता था वहां पर रहने लगा पहले की तरह
मंगलया चार्य सुरंगी की ये हालत देख नही पारहे थे इसलिए कुछ सोच रहे थे की क्या करे तभी मंगलया चार्य को उपाय सूझता है
मंगलया चार्य:-अगर मैं ध्यान लगाकर देखू की सुरंगा मरने के बाद कहा जन्म लेगा उसके बाद कोई उपाय मिल सकता है
फिर मंगलया चार्य ध्यान करने लगे की सुरंगा की आत्मा सुरंगा का शरीर सोडने के बाद कहा और किस शरीर में जन्म लेगा
ध्यान करने के बाद मंगलया चार्य को पता चलता है की सुरंगा का अगला जन्म एक इंसान के रूप में होगा और उसका नाम हेतांश होगा फिर यह बात मंगलया चार्य सुरंगी को बताते
सुरंगी राक्षसी:-मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता कि वह राक्षस बने जानवर बने या फिर इंसान क्यों ना बने प्यार तो उनसे ही करूंगी चाहे कितना भी इंतजार क्यों ना करना पड़े मैं करूंगी लेकिन गुरु जी आप मुझे सिर्फ इतना बता दीजिए कि उनका जन्म इंसानी रूप में कहां होगा
मंगलया चार्य:-सुरंगा का जन्म इंसानी रूप में जिस घर में होगा उसी घर में सुरंगा के अलावा सुरंगा की बहन जिसका नाम हितिका होगा और सुरंगा की मम्मी जो बनेगी उसका नाम केमीला होगा मुझे जो भी पता था वह तुम्हें बता दिया सुरंगी अब तुम जो चाहती हो वो करो मैं जाऊंगा ध्यान लगाने
50 साल बाद
सुरंगी राक्षसी:- अब तो हेतांश बड़ा हो गया है आज से 50 साल पहले मेरी सुरंगा के साथ शादी करने की इच्छा अधूरी रह गई थी वह पूरी होगी हेतांश के रूप में लेकिन हेतांश कया एक राक्षसी को अपनायेगा मुझे तो नहीं लगता
सुरंगी को पता था कि हेतांश राक्षसी के साथ शादी कभी नहीं करेगा इसीलिए सुरंगी एक सुंदर लड़की का रूप लेकर हेतांश जीस स्कूल में पढ़ता था उस स्कूल में सुरंगी भर्ती हो जाती है और हेतांश को अपना फिगर दिखा दिखाकर पटा लेती है और अपना बॉयफ्रेंड बना लेती है
गार्डन में सुरंगी और हेतांश
सुरंगी:- हेतांश अब तो हम दोनों एक दूसरे से प्यार करने लगे हैं तुम्हें नहीं लगता कि तुम्हें अपने घरवालों को बोलनी चाहिए यह बात की वह हमारी शादी करवा दे
हेतांश:-सुरंगी मुझे लगता तो है लेकिन घर वाले मानेंगे मुझे यही डर है
सुरंगी:- मुझे विश्वास है तुम्हारे घर वाले मान जाएंगे एक काम करते हैं मैं आज ही तुम्हारे साथ तुम्हारे घर चलती हु और हम हमारे रिश्ते की बात बता देंगे तुम्हारे घर वालों से
हेतांश:-चलो मैं मान लेता हूं कि मेरे घर वाले तो मान जाएंगे लेकिन क्या तुम्हारे घर वाले भी मानेंगे
सुरंगी:- लेकिन मेरे घर वाले तो बहुत सालों पहले ही मर चुके हैं मैं अकेली ही रहती हूं
हेतांश:-SO SAD लेकिन कोई बात नही मैं हूं ना तुम्हारे साथ हम जाते है और मेरे मम्मी पापा से हमारे रिश्ते की बात करते है
सुरंगी राक्षसी ने जैसा सोचा था बिलकुल वैसा ही हो रहा था फिर थोड़ी देर में हेतांश और सुरंगी हेतांश के घर पहुंच जाते है
कैमिला बेन:- हेतांश ए लड़की कोन हे तुम्हारे साथ
हितिका:- हां भाई यह लड़की तो तुम्हारे स्कूल में पढ़ती हे ना तुम्हारे साथ मैंने देखा था इसे एक बार जब मैं स्कूल में आई थी लेकिन यहां पर क्युं आई है
हेतांश:- आप दोनों का हो गया हो तो मैं बोलु इसका नाम सुरंगी है और हम दोनों एक दूसरे से प्यार करते हैं और शादी करना चाहते हैं चाहे आप मानो या ना मानो
कैमिला बेन:-नहीं बेटा मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं है और लड़की भी काफी सुंदर और प्यारी है लेकिन अभी तो तुम दोनों छोटे हो
सुरंगी:-तो इसमें क्या हुआ सासू मां इस उम्र में भी लोग शादी तो करते हैं तो हम कर ले तो क्या हुआ
हितिका:-वैसे मम्मी यह दोनों सही केह रहे हैं इस उम्र में क्या प्रॉब्लम है शादी करने में
सब की बातें सुनकर कैमिला बेन शादी के लिए मान जाते
फिर घर में शादी की तैयारी शुरू हो जाती है घर में सब लोग खुश थे खास करके सुरंगी
सुरंगी(मन में):-वाह मैने जैसा सोचा था वैसा ही हुआ मेरी 50 साल पुरानी इच्छा अब पूरी होगी लेकिन हेतांश को पता नहीं चलना चाहिए कि मैं एक राक्षसी हूं
तभी सुरंगी के गुरु मंगलया चार्य घर के अंदर आते हैं गुरु को आते हुए सुरंगी देख लेती है और डर जाती है कि सबको पता ना चल जाए कि वह एक राक्षसी
हेतांश और घर के सभी मेहमान मंगलया चार्य के कपड़े देखते हैं और साधु समझकर पैर छूते है
मंगलया चार्य:-मुझे इस दुल्हन से अकेले में कुछ बात करनी है
फिर दोनों एक कमरे में जाते हैं
सुरंगी:-गुरुजी आप यहां पर क्यों आए हैं
मंगलया चार्य:-अरे बेटी मैं शादी रोकने के लिए नहीं तुम्हारी शादी करवाने के लिए आया हूं मैं तुम्हारी शादी मे पंडित बनकर मंत्र बोलूंगा
सुरंगी:-आपका बहुत-बहुत धन्यवाद गुरुजी अब इस शादी को कोई नहीं रोक सकता
फिर धुमधाम से हेतांश ओर सुरंगी की शादी होती है
10 महीना बाद
हेतांश और सुरंगी को एक बेटा होता है सुरंगी अपनी बेटी का नाम हिरंगी रखती है अब सुरंगी बहुत ही खुश थी अपने बड़े और प्यारे परिवार के साथ.




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