सोमवार, 25 मार्च 2024

Best hindi thriller kahani

 Best hindi suspense thriller story 


आज इस कहानी में आप पढ़ेंगे की कैसे एक परिवार की वजह से आतंकवादी मारे गए और बहुत सारे बच्चों की जान बच गई इस हासे में कितने पुलिस वाले और मिलिट्री मैन भी मारे जाते हैं 

Militri man


एक छोटा सा ग्राउंड फ्लोर पर घर है घर में 5 लोग रहते हैं 

पहले हम बात करेंगे घर में सबसे बड़े व्यक्ति की तो वो है हितेंद्र भाई हितेंद्र भाई बैंक में जॉब करते है 


हितेंद्र भाई की पत्नी का नाम है विनीता बेन है विनीता बेन हाउसवाइफ है हितेंद्र भाई के 3 बेटे हैं सबसे बड़े बेटे का नाम हितेन है हितेन की उम्र 30 साल है हितेन मोबाइल की दुकान चलाता है दूसरे का नाम नितेश है नितेश की उम्र 20 साल है नितेश 12 मि क्लास में पढ़ता है 


अब बात करते हैं घर के सबसे छोटे लाडले बेटे के बारे में उसका नाम है हेत हेत की उमर 12 साल है हेत 7 क्लास में पढ़ता है इन सबका नाम तो जान लिया कहानी लिखने वाले का नाम भी जान लो मेरा नाम दर्शन है अब कहानी आगे बढ़ाते है 


एक दिन की बात है रात के 9:00 बजे थे घर में सिर्फ दो लोग है नितेश और हेत हितेंद्र भाई और विनीता बेन दोनो किसी सबंधी के घर गए थे हितेन अभी तक मोबाइल की दुकान पर ही था नितेश गेम खेल रहा था होल मैं बैठकर तभी हेत आता है होल मैं नितेश के पास सोफे पर बैठता है 

हेत:-भाई चलो ना हम लुका छुपी खेलते है


नितेशज:-अभी नही बाद में मेरा मैच चालू है


हेतज:-भाई खेलो ना घर पर भी कोई नहीं है प्लीज


बहुत जिद करने के बाद नितेश मान जाता है


नितेश-मैं आँखे बंद करके 50 तक गिन्नुंगा तबतक तुम को छुप जाना


फिर नितेश आँखे बंद करके गिन्ना शुरू करता है हेत छुपने के लिए जगह ढूँढने लगता है लेकिन घर में शूपने के लिए अच्छी जगह नहीं मिलती हैं इसलिए हेत घर के बाहर चला जाता है शूपने के लिए तभी हेत को एक ट्रक दिखता है


हेत:-मैं इसके अंदर शूप जाता हूँ भाई मुझे कभी ढूँढ़ नहीं पाएगा

Truck


फिर क्या हेत ट्रक के अंदर चला जाता है ट्रक चालू हो जाता है ट्रक चला जाता है घर के अंदर नितेश अभी भी ढूंढ रहा था 1:00 घंटा हो गया था अभी भी नितेश हेत को ढूंढ रहा था बहुत समय हो जाने पर नितेश भी टेंशन में आ जाता है


तभी नितेश के मम्मी पापा हितेन तीनो आते हैं फिर तीनों नितेश को देखते हैं नितेश का चेहरा देखकर ऐसा लग रहा था कि यह बहुत टेंशन में हैं 


हितेन:-क्या हुआ तू टेंशन में लग रहा है कोई प्रॉब्लम है 


नितेश:-मैं हेत को कबसे ढूंढ रहा हूँ लेकिन कहीं नहीं मिल रहा है 


हितेंद्र भाइ:-तुम अपने छोटे भाई का ध्यान भी नहीं रख पाए और यह भी नहीं पता कि वह कहां गया है


विनीताबेन:-पहले हेत को ढूंढो बादमे यह सब बातें करना मुझे भी अब टेंशन हो रहा है कहां गया होगा 

 

फिर चारों ने मिलकर पहले तो घर पर ढूंढा बाद में बाहर ढूंढा हेत के सभी दोस्तों को फोन किया 2 घंटे ढूंढा के बाद भी हेत नहीं मिला 


 दूसरी तरफ ट्रक में अंधेरा था और हेत ट्रक में बैठकर सोच रहा था


हेट:-अभी तक भाई मुझे ढूंढ़ क्यों नहीं पाया क्या इतना मुश्किल है मुझे ढूंढ़ना यह तो मुझे पता ही नहीं था


दूसरी तरफ हेत का पूरा परिवार पुलिस स्टेशन जाता है फिर पुलिस कैमरा चेक करवाती है तो पता चलता है कि हेत एक ट्रक में बैठकर कहीं चला गया पुलिस इन्वेस्टिगेशन करती है कि ट्रक कहा गया तो पता चला कि ट्रक सूरत गया है 


ये बात पता चलते ही हेत का पूरा परिवार तेयार हो गया सूरत जाने के लिए तभी 

Surat City


इंस्पेक्टर:-मुझे लगता है कि आपको अकेले नहीं जाना चाहिए मैं दो पुलिस वाले भेजता हूँ वो हेत को ढूँढने में आपकी मदद करेंगे 


फिर हेत का पूरा परिवार अपना सामान पेक कर लेता है पुलिस वाले भी अपना सामान लेकर तैयार हो जाते हैं


सभी सूरत जाने वाली ट्रेन में बैठ जाते हैं 4:00 घंटे बाद सूरत पहोच जाते हैं एक होटल में दो रुम बुक करते हैं एक कमरे में पुलिस वाले रहते हैं दूसरे कमरे में हेत के परिवार वाले रहते हैं 


सुबह 9:00 बजे हेत के परिवार वाले पुलिस के कमरे में जाते हैं पुलिस वाले एक नक्शा रखते हैं टेबल पर वो नक्शा सूरत का था फिर एक पुलिस वाला सभी को अलग अलग एरिया दे देता है कि किस एरिया में जाकर हेत को ढूंढना है

 

 फिर सभी हेट को ढूंढ़ने के लिए निकल जाते हैं पूरा दिन ढूंढ़ने के बाद सब वापस होटल में आते हैं सभी एक दूसरे को पूछने लगते हैं कि हेत का कुछ पता चल गया सब मना कर देते हैं नितेश को छोड़ कर


नितेश:-हमने कैमरे में जिस ट्रक का नंबर देखा था वही ट्रक मैंने देखा लेकिन वो ट्रक जिस एरिया में गया वहां सूरत के दो पुलिस वाले थे उन्होंने मुझे जाने नही दिया उल्टा मुझे ये कहा कि इस एरिया मैं ना जाने मैं ही तुम्हारी और तुम्हारी जिंदगी की भलाई है इतना बोलकर मुझे भगा दिया


हितेन:- सूरत की पुलिस नै उस इलाके के बारे मैं ऐसा क्यों कहा हमें पता लगाना होगा 


पुलिस: नितेश को ऐसा क्यू कहा यहां सुरत के पोलीस वालो ने ये जानने के लिए हम उस इलाके के पुलिस स्टेशन में जाते हैं


फिर सभी मिल्कर उस इलाके के पुलिस स्टेशन में जाते हैं वहा का जो इंस्पेक्टर है उसे इलाके के बारे में हेत के परिवार वाले पूछते है 


इंस्पेक्टर:-लेकिन हमारे पूरे इलाके में ऐसी कोई जगह नहीं है जहां जाने से खतरा हो 


ये बात सुनकर हेत के परिवार वाले और उनके साथ दो पुलिस वाले आए थे उनको झटका लगा खास करके नितेश को 


नितेश (मन में):- अगर कोई खतरा नहीं है तो पुलिस वालों नै मुझे रोका क्यु अगर सच में खतरा है तो फिर उस ट्रक को क्यु जाने दिया उस इलाके में


हितेन:-सर अगर वहा पर खतरा नहीं है तो मेरे भाई को तीन पुलिस वालों ने क्यु रोका क्या आपके पास इसका जवाब है


इंस्पेक्टर: लेकिन ऐसा कैसे हो सकता है मैंने तो किसी पुलिस वाले को ऐसा बोला हीं नहीं रोकने के लिए 


ऊसी वक्त वो तीन पुलिस वाले आते हैं जिसने नितेश को उस इलाके के अंदर जाने से रोका था


जैसे ही वो तीनो पुलिस स्टेशन के अंदर आते हैं नितेश उन्हें तुरन्त पहचान लेता है


नितेश: सर ये तीनो वही है जिसने मुझे जाने से रोका था

Aatankwadi


तभी वो तीनो पुलिस वाले बाहर भागने लगे तभी इंस्पेक्टर दूसरे पुलिस वालो ने पकड़ लिया वो तीनो पुलिस वालो को ओर जेल में डाल दिया उन तीनों पुलिस वालों को थर्ड डिग्री दिया तो पता चला कि वो तीनों पुलिस वाले आतंकवादी थे जो कई सालों से पोलिस बंनकर अपनी प्लानिंग कर रहे थे इंस्पेक्टर ने ये बात हेत के घर वालो को बताई


विनीता बेन: मेरा बेटा ख़तरे में है उन तीनों आतंकवादी ने मेरे बेटे के बारे में कुछ नहीं बताया


इंस्पेक्टर:-एक आतंकवादी ने बताया कि आपके बेटे को बंदी बनाकर रखा है और सिर्फ आपके बेटे को नहीं बहुत सारे छोटे बच्चे हे जिनको आतंकवादी ने बंदी बनाकर रखा है मैंने मिनिस्टर से बात की मिनिस्टर ने कहा कि एक मिलिट्रीमैन की फ़ौज भेजेंगे और मैं भी सूरत में जितने भी पुलिस वाले हैं उनको इकट्ठा करता हूं आतंकवादी से लड़ने के लिए


नितेश: हम साथ मिलकर लड़ेंगे और मेरे भाई हेत को बचाकर रहेंगे


हितेंद्र भाई:- चाहे कुछ भी हो लेकिन हेत को और बाकी बच्चों को भी हम बचाएंगे

 

हितेन: हाँ पापा हम उन सभी बच्चों को बचाने के लिए अपनी हद और सरहद सब पार कर सकते हैं


दो पुलिस वाले जो हेत के परिवार के साथ मैं आए थे वो भी लड़ने के लिए तैयार थे थोड़ी देर मैं पुलिस की फ़ोज आ जाती है फिर हेलीकॉप्टर पुलिस स्टेशन के बाहर उतरता है 


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हेलीकॉप्टर में मिलिट्रीमैन फौज निकलती है सभी पुलिस वाले मिलिट्री मैन सभी प्लेन बनाते हैं कि हेत ओर बाकी बच्चों को कैसे बचाएंगे ओर आतंकवाद को कैसे मारेंगे सभी प्लानिंग के बाद आतंकवाद के इलाके में हमला करते हैं


सभी आतंकवादी इस हमले में मारे जाते हैं पुलिस वाले भी मारे जाते हैं मिलिट्री मैन भी कुछ मारे जाते हैं हेत के परिवार वाले भी बहुत जख्मी होते है फिर वहां पर बहुत सारे एम्बुलेंस आती है और जितने भी जख्मी हुए थे उन सभी को अस्पताल ले जाते हैं और इसका इंतजाम इंस्पेक्टर ने पहले ही कर रखा था क्योंकि इंस्पेक्टर को पता था कि इस लड़ाई में कुछ भी हो सकता है 

Ambulance


इस लड़ाई में नुकसान तो बहुत हुआ चाहे वह सामान का हो पैसों का हो या जान का हो लेकिन जितने भी बच्चे थे जिनको आतंकवादी ने बंदी बनाकर रखा था वह सभी आजाद हो गए इससे हैप्पी एंडिंग कहो या बेड एंडिंग कहो लेकिन कहते हैं ना जो भी होता है अच्छे के लिए और हम सब के भले के लिए होता है चाहे वह नुकसान हो या फायदा


आपको कैसी लगी कहानी हमें कमेंट में जरूर बताइएगा तो मैं दर्शन मिलता हुआ आपको किसी नई कहानी और किसी नए और यूनिक टॉपिक के साथ.


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