इस कहानी मै आप पढ़ेंगे की एक स्कूल में कॉम्पिटिशन था लेकिन को स्टुडेंट भाग नही लेता स्कूल के प्रिंसिपल कहानी सुनाते है कहानी सुनने के बाद सभी स्टुडेंट कॉम्पिटिशन मै भाग लेने के लिए मान जाते है मेरा नाम है दर्शन कहानी सुरु करते हैं
शिंधु स्कूल नाम का एक स्कूल है शिंधु स्कूल मैं 1 से 12वीं कक्षा तक के स्टूडेंट पढ़ते हैं शिंधु स्कूल के प्रिंसिपाल का नाम हितेन भाई है
एक दिन हितेन सर स्कूल की ऑफिस मै बैठकर कुच सोच रहे थे
हितेन सर(मन में):– बच्चों की पढ़ाई पर तो ध्यान दे
ना चाहिए लेकिन इसके अलावा बच्चे बोलने में केसे है क्या वो 500 लोगो के सामने बोल पायेंगे या फिर कहीं इंटरव्यू देने गये तो वहा पर बोल पायेंगे इसपर भी तो ध्यान देना चाहिए
स्टूडेंट के लिए मुझे कुछ करना चाहिए सबसे पहले मीटिंग करनी होगी
फिर हितेन भाई स्कूल मे मीटिंग रखते हैं जितने भी सर टीचर हैं सबको स्कूल के होल मे बुलाते हैं
20 मिनट बाद
सभी सर टीचर हॉल मे पहुंच जाते हैं
हितेन सर ने माईक हाथ मे लिया ओर बोलना शुरू करते हैं
हितेन सर:– हल्लो हल्लो माइक टेस्टिंग 1234 ह तो सभी सर टीचर शांत हो जाइए
चौहान सर:– आपने हमें क्युं बुलाया है
हितेन सर:-स्कूल मे स्टूडेंट की पढ़ाई मे तो आप सब ध्यान रखते है लेकिन अगर किसी भी स्टूडेंट को तेज पर जाकर बोलने को कहे तो वो बिना डरे बोलना चाहिए सही कहा ना मैने
भीखा सर:– सर आपकी बात सही है आजकल के स्टुडेंट क्लास मे बैठकर बहुत बोलते है चिल्लाते है लेकिन उन्हें तेज पर जाकर बोलने को कहेंगे तो सभी मना कर देंगे
हितेन सर:– एसिलीए मैने सोचा है कि अपने स्कूल मे अगले हफ्ते स्टोरी टेलिंग कॉम्पिटिशन रखेंगे
भीखा सर:– मतलब सभी बच्चों को तेज पर जाकर कुछ भी बोलना है
हितेन सर:– कुछ भी नहीं बोलना है भीखा भाई सभी बच्चों को घर से एक कहानी लिखकर आना है उसी कहानी को तेज पर जाकर बोलना है
सभी सर टीचर्स अपनी क्लास मे जाकर कॉम्पिटिशन मे भाग लेने वाले सभी बच्चों के नाम लिख देते हैं।
2 घंटे बाद
सभी सर टीचर्स हितेन सर के ऑफिस मे आ जाते हैं।
हितेन सर:– सभी एक साथ मेरी ऑफिस में आए हैं कुछ जरूरी काम था।
भीखा सर:– मेरी क्लास के सभी बच्चों ने कॉम्पिटिशन में भाग लेने से मना कर दिया है
सभी टीचर्स ने भी यही कहा कि बच्चों ने कॉम्पिटिशन में भाग लेने से मना कर दिया है
हितेन सर :– लेकिन क्यूं मना किया 1 घंटे के अंदर स्कूल में जितने भी स्टूडेंट है सबको स्कूल के होल में इकट्ठा करो
1 घंटे बाद
सभी स्टूडेंट होल में आ चुके होते है
हितेन सर:– स्टूडेंट मुझे आप सबसे यह उम्मीद नहीं थी क्यूं मना कर दिया आप सब ने कॉम्पिटिशन में भाग लेने से रितिका तुम बताओ तुमने क्यों मना किया
रितिका:– सर मुझे कहानी लिखना नहीं आता है और आपने दूसरों की कहानी कॉपी करने से मना किया है इसलिए मैंने मना कर दिया
हितेन सर:– जितेंद्र तुमने क्यों मना किया कॉम्पिटिशन मैं भाग लेने से
जितेंद्र:– क्योंकि मुझे ज्यादा लोगों के सामने बोलने से डर लगता है और हमारी स्कूल में तो कितने लोग है इसलिए मैंने मना कर दिया
हितेन सर:– मैं समझ गया ज्यादातर स्टूडेंट की यही समस्या है सही कहा ना
सभी स्टुडेंट एक साथ हा बोलते है
हितेन सर:– मैं आप सबको आज एक कहानी सुनाता हूं एक जींगापुर नाम का एक गांव है गांव में रहने वाले लोगों की संख्या बहुत ही कम थी कुल 100 लोग रहते थे इस गांव में लेकिन जींगापुर गांव एक सिटी जितना बड़ा था
फिर भी इस गांव मे नाही पानी अच्छा मिलता था नाही रहने के लिए पक्के मकान थे नाही अच्छी सड़क थी जींगापुर मैं रहने वाले लोग जानवर को मार कर फिर उन्हें गर्म करके कै खाते थे और अपना पेट भरते थे
उन 100 लोगों में एक 25 साल का लड़का था जिसका नाम एडम है एडम को बिल्कुल भी पसंद नहीं था जानवर को मारना और उन्हें खाना लेकिन इसके अलावा एडम के पास और कोई रास्ता नहीं था ऐसा एडम कॉ लगता था
एक दिन एडम अपने बाजू वाले गांव में जाता है जहां उसका दोस्त रहता था उससे मिलने एडम अपने समस्या अपने दोस्त को बताता है कि उसे जानवरों को मारकर खाना बिल्कुल भी पसंद नहीं है
एडम का दोस्त जिसका नाम जेक है जेक एडम को कहता है कि तुम अपने गांव मे खेती क्यों नहीं करते वैसे भी तुम्हारा गांव में बहुत जगह है
एडम भी कहता है लेकिन हमारे गांव की जमीन में खेती होगी? जेक बोलता है क्यों नहीं होगी खेती ट्राई तो करके देख
एडम एक और सवाल पूछता है की खेती तो मैं कर लु लेकिन करु किसकी जेक भी सामने जवाब देता है की एडम तू आलू की खेती कर एडम फिर पूछता है लेकिन में तुम्हे बोलना भूल गया की मुझे खेती करना नही आता है
जेक के पापा आलू की खेती करते थे इसलिए जेक ने अपने पापा से आलू की खेती करना सीख गया था इसलिए जेक बोलता है की एडम मैं तुम्हे सिखाऊंगा आलू की खेती करना
एडम बोलता है जेक कैसे करते है आलू की खेती मुझे बताव
जेक फिर बताता है की एडम तुम्हे जमीन मे जहा जहा आलू उगाने है वहा पर एक आलू जमीन के अंदर दालदो उसके बाद हररोज पानी डालना है जहा पर तुमने आलू उगाए है फिर रासायनिक दवा डालनी है ये काम 3 महीने तक लगातार करना है
4 महीने पूरे होने के बाद तुम्हारे आलू उग जायेंगे फिर एडम तुम वो आलू खा सकते हो एडम चिंता वाला मुंह बनाकर कहता है की हमारे गांव में तो पानी का एक नल भी नही है हम सब गांव वाले गांव के बाहर एक तालाब है वहा से पानी लाते है उस पानी का उपयोग हम पीने मैं और बाकी काम मै करते हे और पानी तुरंत खतम भी हो जाता है
जेक केहता है तुम दार क्यू नही करवाते एडम बिचारा बोलता है इसके लिए पैसे तो होने चाहिए जेक बोलता है तू टेंशन मत ले मेरे पास एक आइडिया है दार का खर्चा रासायनिक दवा का खर्चा मैं करूंगा सब खर्चा मैं करूंगा और मेहनत एडम तुम और मैं हम दोनो मिलकर करेंगे क्या बोलता है
एडम के चेहरे पर एक अलग ही मुस्कान आ गई थी एडम बोलता है मुझे मंजूर है जेक बोलता लेकिन खर्चा मैं कर रहा हु तो आलू हम बेचेंगे उनमें 50:50 होगा आधे तुम्हारे पैसे और आधे मेरे एडम केहटा है हा भाई ले लेना
जेक पूछता है की तुम्हारे पास जमीन कितनी है एडम खुश होकर केह्ता है हमारे पास जमीन बोहोत है जेक केहता है जमीन तो है तुम्हारे गांव मैं लेकिन तुम्हारे नाम पर कितनी जमीन है
एडम सोचते हुए केहता है मेरे नाम की जमीन तो है ही नहीं जेक हंसते हुए कहता है जमीन तुम्हारे नाम पर तो नहीं है तो तुम उस पर खेती कैसे करोगे पहले वह जमीन तुम्हें अपने नाम करवानी होगी इसके लिए तुम्हें तुम्हारे गांव के सरपंच के पास जाना होगा
एडम कहता है कि जेक तुम्हारी बात सही है पहले मुझे जमीन मेरे नाम पर करवानी होगी अभी चलते हैं हम सरपंच के पास
फिर एडम और जैक दोनों जाते हैं गांव के सरपंच के पास सरपंच को सब बातें बताते हैं सरपंच को भी इससे कोई आपत्ति नहीं थी इसलिए सरपंच भी हां बोल देते है और गांव की जमीन एडम के नाम कर देते है
और पैसे भी नहीं लेते क्योंकि सरपंच को लगता था कि वह जमीन किसी काम की नहीं है सरपंच एडम के नाम 500 वीघा जमीन कर देते हैं फिर भी पुरी जमीन तो सरपंच नहीं देते हैं लेकिन इतनी जमीन एडम के लिए काफी थी
फिर जमीन नाम पर हो जाने के बाद जेक बोलता है की चलो अब एक काम तो हो गया अब दूसरा काम करेंगे पानी लाने का
एडम पूछता है जैक से कि हम दार करवाएंगे कैसे और कौन करेगा दार जेक कहेता है तू टेंशन मत ले मेरी पहचान में है ना एक दार करने वाला उसे पैसा देंगे वह कर देगा दार
फिर जेक और एडम जो दार करता था उसके पास जाते हैं और उसे कहेते हैं कि 1000 फुट का एक दार करना है
अगले ही दिन दार करने वाले आ जाते हैं दार तो करते हैं 1000 फुट लेकिन एक बूंद भी पानी नहीं निकलता है
एडम और जैक दोनों ही निराश हो गए कि अब क्या करे एडम निराश होकर बोलता है मेरी वजह से तुम्हारे पैसे चले गए मुझे नहीं करनी खेती
जेक मीठी सी स्माइल करके बोलता है पैसे चले गए उम्मीद टूट गई इरादा बदल दिया लेकिन यार एक बार और कोशिश करते है क्या पता किस्मत बदल जाए एडम मैं एक और बार कोशिश करने के लिऐ तयार हू क्या तुम तयार हो मेरा साथ देने के लिए
एडम को भी एक ऊमीड मिली एडम बोला मैं तयार हूं एक बार और कोशिश करने के लिए
फिर दूसरी बार दार करवाते है और इस बार जेक 1500 फुट का दार करवाता है इस बार एडम और जेक ने जितनी उम्मीद की थी उसे 1000 गुना पानी निकला ये पानी देखकर जेक और एडम की खुशी का ठिकाना ना रहा
ये दोनो तो खुश थे लेकिन गांव के लोग भी खुश थे ये पानी देखकर फिर 4 महीने तक लगातार जेक और एडम मेहनत करते है और इस काम मैं गांव के 4 लोग भी मदद करते है वो चार लोग एडम के दोस्त थे
4 महीने बाद एडम जेक और एडम के दोस्त जाते है खेत मै ये देखकर सबके चेहरे पर स्माइल थी क्यू की हर जगह पर आलू ही आलू है सभी इतने खुश थे की किसी के पास शब्द नहीं थे बोलने के लीए
इस सफलता की खुशी में एडम जेक सबको आलू गरम करके खिलाते है और आलू गांव मैं सबको बहुत सवादिस और मीठे लगते हैं
खाने के लिए एडम और जेक आलू रखते है बाकी के सब आलू बेच देते है आलू बेच ने पर एडम और जेक को 2 करोड़ रूपए मिलते है 1 करोड़ जेक रखता है और 1 करोड़ एडम रखता है
ये कहानी भी पढ़े
एडम को जितने पैसे मिलते हैं उसमें से 20 लाख रुपए अपने दोस्तों को देता है और जेक अपने पापा को पैसे देता है क्यू की जेक के पापा ने ही दार और दवा के लिए पैसे दिए थे
फिर जेक और एडम ने कभी पीछे मुड़कर नही देखा पूरा साल खेती की और गांव के सभी लोगो को खेती करना सिखाया धीरे धीरे गांव के सभी लोग खेती करने लगे अच्छे खासे पैसे भी कमाने लगे
अब उस गांव मैं एक भी कच्चा मकान नही है सिर्फ बंगले देखने को मिलते है आलीशान जिंदगी जीते है गांव के सभी लोग
तो स्टुडेंट मुझे बताए पहली बार जब दार फेल हुआ पानी नही आया तभी एडम और जेक दोनो दूसरी बार कोशीश नहीं करते हार मान लेते तो वो गांव आज भी वही जिंदगी जीता जो पहले जीता था
स्टुडेंट मैंने यह कहानी इसलिए सुनाई क्योंकि आप सब ने तो एक बार भी कोशिश नहीं की स्टेज पर आकर बोलने की तो सोचो आप कैसे दूसरो के लिए अच्छा करते इसलिए कोशिश करोगे तभी तो पता चलेगा कि आप कितना बोल सकते हो कहां तक बोल सकते हो आपके अंदर क्या खूबी है क्या खामी है
अभिनव:– सर आपने बिल्कुल सही कहा मैं प्रतियोगिता में भाग लूंगा चाहे कोई दूसरा ले या ना ले कहानी लिखुंगा भी ओर तेज पर जाकर बोलूंगा भी
एक-एक करके सभी स्टुडेंट बोलने लगते हैं कि मैं लिखूंगा भी और बोलूंगा भी और कुछ नया सीखूंगा भी स्कूल के सभी स्टुडेंट ने अपना नाम लिखवाया
प्रतियोगिता में
मेरी कहानी यहीं पर खत्म होती है मुझे विश्वास है आपको ये कहानी जरूर पसंद आई होगी कहानी पढ़ने के लिए शुक्रिया.

































