Story Big Expensive World | चाय का बिल 20000 आया🫣
मेरा नाम दर्शन है और यह महंगी वाली कहानी मैं आपके लिए लाया हूं ऐसी कहानी आपने जिंदगी मे कभी नहीं पढी होगी और नाहीं सुनी होगी तो कहानी शुरू करते हैं
दो भाई थे विनय और शुभम दोनों बाजार गए थे खरीदी करने के लिए दोनों भाई टमाटर की लारी खड़ी थी वहां गए
विनय:- ओ भाई कितने के दिए हैं टमाटर
टमाटर वाला:- बहुत सस्ते हैं सिर्फ 100 के
शुभम:- 100 रुपए के किलो है ले लो ले लो विनय हम भेल में टमाटर डालेंगे
विनय:- ठीक है भाई 100 के किलो दे दो
टमाटर वाला:- ओ भाई पहले मेरी पूरी बात सुन ₹100 के किलो नहीं है ₹100 का 1 टमाटर है
विनय:- तुम टमाटर बेच रहे हो या सोना इतना महंगा
टमाटर वाला:- तुम्हें लेना है तो लो यही भाव है
शुभम:- रहने दे विनय हमें टमाटर नहीं लेना है हम कहीं और चलते हे कुछ और ले लेंगे
टमाटर की लारी के बाजू मे बैंगन की लारी थी फिर दोनों भाई वहां गए
Story Big Expensive World | चाय का बिल 20000 आया🫣
शुभम:- कितने के दिए है बैंगन
बैंगन वाला:- बैंगन दिए ₹100 के
शुभम:- ₹100 के किलौ ना
बैंगन वाला:- क्या बात कर रहे हो बिल्कुल नहीं
शुभम:- हां समझ गया 100 का एक बैंगन दिया है ना
बैंगन वाला:- अरे क्या मजाक कर रहे हो बिल्कुल नहीं
विनय:- तो कितने के दिए है बैंगन बता दे movie की तरह suspense क्यों बढ़ा रहा है
बैंगन वाला:- मेरे हाथ मे एक बैंगन है ना उसके सर पर एक डीटी है ना वह ₹100 का दिया है अब समझे भाव
शुभम:- इसे कम भाव तो खेडुत लेते हैं विनय नहीं लेना है बैंगन का डीटी चल
दोनों भाई को प्यास लगती है तो दोनों पानी की दुकान में जाते हैं
Story Big Expensive World | चाय का बिल 20000 आया🫣
विनय:- एक पानी की बोतल दोना
दुकान वाला:- ये लो तुम्हारी पानी की बोतल
विनय:- कितने की है पानी की बोतल
दुकान वाला:- ₹1000 की है
विनय और शुभम को यह रकम सुनकर झटका लगता है
विनय:- लेकिन यह बोतल तो ₹20 की आती है ना
दुकान वाला जोर-जोर से हंसने लगा
शुभम:- अरे आप हंस क्यों रहे हो ₹20 की तो आती है बोतल
दुकान वाला:- ओ भाई अगर कोई जोक्स मारेगा तो हंसना तो पड़ेगा ना और बता दु ₹20 की बोतल नहीं आती ₹20 का बोतल का ढक्कन आता है वह भी टूटा हुआ अच्छा ढक्कन चाहिए तो ₹50 लगते हैं
तभी उस दुकान में कोई आदमी आता है और ₹3000 की पानी की बोतल मांगता है और दुकान वाला पानी की बोतल दे देता है फिर वो आदमी पैसे देकर पानी की बोतल लेकर चला जाता है यह नजारा देखकर विनय और शुभम के रोंगटे खड़े हो गए
दुकान वाला:- ठीक है मै तुम्हारे लिए सस्ता कर देता हूं
शुभम और विनय:- कितना सस्ता करोगे
दुकान वाला:- में 1000 वाली बोतल तुम्हें 999 मे दे दूंगा देखो इससे ज्यादा सस्ता मैने आज तक नहीं किया और इतनी सस्ती बोतल पूरे मार्केट मे तुम्हें कहीं नहीं मिलेगी लेनी है तो ले लो
शुभम:- सही कहा इतना discount तो Gold loan में भी नहीं मिलता लेकिन हम इतना सस्ता पानी नहीं पी पाएंगे हम चलते हैं
विनय:- शुभम चल हम पहले गैरेज मे जाते हैं
शुभम:- लेकिन गैरेज में क्या काम है
विनय:- Bike का एक टायर की हवा कम है तो हवा भराने जाना है
Story Big Expensive World | चाय का बिल 20000 आया🫣
शुभम:- ठीक है चल चलते हैं हवा भराने
फिर दोनों गाड़ी को लेकर गैरेज मे जाते हैं
गैरेज का मालिक:- हां बोलो भाई क्या काम है
विनय:- मेरी गाड़ी का एक टायर की हवा कम हो गई है तो उसे भराने के लिए आए हैं
गैरेज का मालिक:- कोई बात नहीं आप सामने की दुकान में चाय पीकर आओ तब तक मैं आपका टायर रेडी रखता हूं
फिर दोनों भाई चाय पीने चले जाते हैं
शुभम:- ओ छोटू जल्दी लाव दो मसालेदार चाय वो भी गरमा गरम
छोटू:- लीजिए मसालेदार चाय गरमा गरम
शुभम चाय के कप मे उंगली डालता है फिर शुभम चाय का कप उठाकर छोटू के मुंह पर डालता है
शुभम:- इतनी ठंडी चाय इसे तुम गरम कहेते हो इसे गरम तो मेरा मुंत है
तभी वहां पर चाय की दुकान का मालिक आ जाता है
चाय की दुकान का मालिक:- सेठ क्या हुआ अपने इसके मुंह पर चाय क्यों फेंकी
शुभम:- इसने बिल्कुल ठंडी चाय दी थी इसलिए मैने इसके मुंह पर चाय फेंकी
चाय की दुकान का मालिक:- माफ कर दीजिए इसे सेठ ये बच्चा है अभी आपके लिए गरमा गरम चाय बनाता हूं
चाय बनने के बाद छोटू वापस आया दोनों को चाय देने के लिए शुभम ने फिर से चाय मे उंगली डालकर देखा
शुभम:- ये हुइ ना कुछ बात इसे कहते हैं गरम चाय
फिर दोनों भाई चाय का लुफ्त उठाते हैं चाइ खत्म होने के बाद
दोनों भाई खड़े होते हैं
शुभम:- ये लो ₹10 चाय के
चाय की दुकान का मालिक:- ₹10 ये तुम भीख देरहे हो क्या
शुभम:- लेकिन ₹10 तो हुए ना चाय के
चाय की दुकान का मालिक:- ₹10 नहीं हुए ₹10000 हुए हैं
विनय:- दो चाय के 10000 थोड़ी होते हैं
चाय की दुकान का मालिक:- दो चाय के 10000 नहीं हुए एक चाय के 10000 है दो चाय के तो ₹20000 हुए हैं
विनय:- चाय के ₹20000 हमने चाय का टैंकर थोड़ी मंगवाया था
चाय की दुकान का मालिक:- दो कप चाय के ₹20000 चुपचाप दो और इधर से निकलो
विनय और शुभम tantion में आ गए कि इतने पैसे कहां से लाए फिर दोनों के पास जितने पैसे थे वह निकाले दोनों के पैसे मिलाकर कुल 2000 थे
विनय:- यार शुभम हम दोनों के पैसे मिलाकर 2000 हुए चाय के बील के आधे पैसे भी नहीं हुए अब क्या करें
शुभम:- वो तो मुझे भी नहीं पता है
फिर दोनों भाई दुकान वाले के पास गए
विनय:- हमारे पास अभी सिर्फ 2000 है हम बाकी के पैसे बाद मे दे देंगे
चाय की दुकान का मालिक:- यहां पर उधारी नहीं चलती
और कमीने छोटू पर तो ऐसे चाय फेंकी थी की करोड़ों का मालिक हो और मैं भी खामखा सेठ बोल रहा था और मुझे मेरे पैसे चाहिए अभी
शुभम:- लेकिन हम कल आपको दे देंगे पैसे अभी नहीं है हमारे पास पैसे
चाय की दुकान का मालिक:- अभी नहीं है ना पैसे तो मेरे पास एक idea💡है सारे बर्तन आज के तुम्हें धोने होगे मेरी दुकान के नहीं इस पूरे Market मे जितनी चाय की दुकान है ना सभी के बर्तन तुम दोनों को हिं धोने होंगे तभी तो मेरे पैसे वसूल होंगे और शुभ शुरुआत करोगे तुम मेरी दुकान से
दोनों भाई एक साथ बर्तन धो रहे थे और ऊपर छोटू खड़ा था नजर रख रहा था कि बर्तन ठीक से धो रहे हैं या नहीं सारे बर्तन धोने के बाद छोटू गया और वापस आया
छोटू:- ये लो कमीनो तुम दोनों के चाय के कब तो बाकी रह गए धोने के लिए लेकिन यह दो कप तुम दोनों को पानी से नहीं धोने है
शुभम:- तो फिर किसे धोने है चाय के कप
छोटू:- तुम्हारे मुंत से धोने है चाय के कप तुमने बोला था ना की बहुत गर्म है मूत मेरा तो फिर धो अपने मूत से कप
शुभम:- मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं चाय के कब धोउगा वो भी किसी की दुकान मे वो भी अपने मुंत से
विनय:- हां तो क्या जरूरत थी बोलने की रंडी चाय है
शुभम:- लेकिन मै तो गंडी चाय बोला था
विनय:- हां मेरा मतलब वही है गंडी चाय बोलने की क्या जरूरत थी
शुभम:- अब गलती हो गई क्या करूं चल मै मुंता हूं तु कप साफ कर
फिर कप साफ करने के बाद शुभम और विनय सभी चाय की दुकान पर गए और वहां के बर्तन भी साफ किये
अब तक दोनों भाई बहुत थक चुके थे क्योंकि बर्तन हीं इतने ज्यादा थे
विनय:- साला आज जितना काम किया है इतना काम कभी नहीं किया 25 चाय की दुकान के बर्तन साफ किये हे
शुभम:- हां यार बहुत थक गया हूं हिलाने की भी ताकत नहीं है मेरे पास
विनय:- चल अब गाड़ी ले लेते हैं हमारी और जल्दी घर चले जाते हैं भूख भी लगी है
शुभम:-हां यार जल्दी चल
फिर विनय और शुभम दोनों गैरेज मे जाते हैं गाड़ी लेने के लिए
Story Big Expensive World | चाय का बिल 20000 आया🫣
विनय:- काम हो गया
गैरेज का मालिक:- 2 घंटे से तुम्हारी गाड़ी हो गई है तैयार तुम्हारा इंतजार था
विनय:- दो मेरी गाड़ी
फिर गेरेज का मालिक विनय को उसकी गाड़ी देता है और पैसे मांगता है
विनय(मन में):- जितने पैसे थे वह सभी तो हमने चाय वाले को दे दिए अब हम इसे क्या देंगे
गैरेज का मालिक:- क्या सोच रहे हो मेरे पैसे दो
विनय:- क्या हम आपको कल पैसे दे तो चलेगा
गैरेज का मालिक:- नहीं चलेगा मुझे अभी ₹100000 चाहिए
विनय और शुभम एक साथ बोले:- ₹100000 रुपए टायर में हवा भरने के
गैरेज का मालिक:- हां हां हां हां हां ₹100000
विनय:- हमारी बात मानीये please हमारे पास पैसे नहीं है
गैरेज का मालिक:- ठीक है तुम्हारी बात मान लेता हूं और तुम्हारी गाड़ी भी रख लेता हूं ₹100000 हो जाए तब आना मेरे पास
गैरेज में से दोनों मुंह लटकाकर बाहर आते हैं
विनय:- यार शुभम गाड़ी चली गई बाप कुत्ते की तरह मारेगा और गधे की तरह काम करवाएगा वह अलग से
शुभम:- और पैसे नहीं देगा कंजूस के जैसे वह अलग से
विनय:- अब रिक्शा करके घर चले जाते हैं
Story Big Expensive World | चाय का बिल 20000 आया🫣
शुभम:- नहीं बिल्कुल नहीं अगर रिक्शा का भाडा 50000 हुआ तो क्या करेंगे बोल अब रिस्क बिल्कुल नहीं लेनेका
विनय:- सही कहा शुभम तूने एक काम करते हैं हम चल के जाते हैं घर और जल्दी चल वैसे भी देर हो गई है
आपको कैसी लगी हमारी महंगी वाली कहानी comment section में जरूर बताना
Click link
https://unexpectedstory12.blogspot.com/2023/12/story-of-king-in-hindi-with-moral-moral.html