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मंगलवार, 12 दिसंबर 2023

King's oldest most terrifying oldest tunnel |suspense story|interesting story

 •° King's oldest most terrifying oldest tunnel 

मेरा नाम दर्शन है में आज आपके लिए धमाकेदार story लाया हूं मुझे विश्वास है कि आपको ए story पसंद आएगी
•°आज से कई सालो पहले की बात है राजा सेना को लेकर जंग लड़ने जाते थे जंग मे हार भी होती है जीत भी होती है ऐसा एक राजा के साथ हुआ 
•°राजा का नाम हेरंदर नाथ था हेरंदर नाथ 1 देश का राजा था हेरंदर नाथ की 1 पत्नी थी हिवेरणा नाथ उनका एक बेटा था जितेंद्र नाथ
•°हेरंदर नाथ को सबकुछ अपने नाम पर बनवाने का शौक है हेरंदर नाथ ने अपने नाम की मूर्ति बनवायी थी



 अपने नाम का हेरंदर नाथ ऐ अपना महल बनवाया था



 महल में एक भी दीवाल अंदर की हो या बहार की एक भी दीवाल ऐसी नहीं थी कि जिस पर हेरंदर नाथ का नाम ना हो



•°हेरंदर नाथ के देश में जितने भी घर थे उन सभी पर अपना नाम लिखवाने का हुकुम दिया था यह वहां का नियम था जो हेरंदर नाथ ने हीं बनाया था और जो हेरंदर नाथ का नाम नहीं लिखता उसे हेरंदर नाथ सजा देते थे


 

•°आप सोच रहे होंगे कि ऐसा थोड़ी होता है लेकिन सिर्फ घर पर नहीं उस देश में जितने भी लोग रहते थे सबके हाथ में हेरंदर नाथ का नाम लिखवाना पड़ता था वरना वह उस देश का निवासी नहीं माना जाता था 

•°और हमारी भाषा में कहे तो हेरंदर नाथ नाम पूरे देश के लिए passport 



और password की तरह काम करता था 



हेरंदर नाथ को अपना नाम लिखवाने में बहुत आनंद आता है इसलिए हेरंदर नाथ ने सिर्फ एक ही नियम रखा था और कोई नियम नहीं था उसके देश में इसलिए वहां की प्रजा बहुत शांति से एक दूसरे के साथ मिलकर रहते थे

•°हेरंदर नाथ का परिवार भी शांतिप्रीय था और हेरंदर नाथ को कभी लड़ाई करना पसंद नहीं था इसलिए पूरे देश में कितने लोग रहते थे लेकिन कभी भी वहां के लोगों में लड़ाई नहीं हुई इसलिए कहते हैं ना जैसा राजा वैसी प्रजा 

•°लेकिन कहते हैं ना जहा positivevity होती हैं



 वहा negativity भी होती हैं राजा की एक बुरी आदत थी इस आदत ने हेरंदर नाथ को वो पल दीखा दिये जीसकी हेरंदर नाथ ने कल्पना भी नहीं की थी



•°1 years later 

•°हेरंदर नाथ अकेला था एक सुरंग में रहता था हेरंदर नाथ की वो सुरंग जमीन से 10 फ़ुट नीचे थीं सुरंग में बड़े अक्षरों से हेरंदर नाथ का नाम लिखा था 



•°अब आप सोच रहे होंगे की सुरंग में हेरंदर नाथ कैसे आया और क्यों हेरंदर नाथ का नाम लिखा है क्योंकि वह सुरंग हेरंदर नाथ ने बनवाई थी

•°अब आप सोच रहे होंगे कि हेरंदर नाथ ने सुरंग क्यों बनवाई थी अगर भविष्य में मुसीबत आए तो हेरंदर नाथ खुफिया रास्ते से भाग सकते हैं और ऐसी जगह पर छुप सके जहां कोई उसे ढूंढ ना ले इसलिए राजा ने सुरंग बनवाई थी

•°सुरंग के अंदर खाना था ओर पानी था



•°अब आप सोच रहे होंगे की सुरंग के अंदर खान और पानी आया कहां से 

•°हेरंदर नाथ महल से भागा तब अपने साथ लाया था खाना और पानी

•°अब आप सोच रहे होंगे कि हेरंदर नाथ अपने महल से क्यों भागा 

•°क्योंकि हेरंदर नाथ पर किसी और देश के राजा ने हमला कर दिया था दूसरे देश के राजा को पता था की हेरंदर नाथ का नाम हाथ में लिखकर गए तो उन्हें कोई भी सिपाही देश के अंदर या महल के अंदर जाने से रोकेगा नहीं इसलिए उस राजा ने अपने सभी सिपाही के हाथ मे हेरंदर नाथ का नाम हाथ मे लिख दिया और सिपाही को भेजना शुरू कर दिया ऐसा करते-करते उस राजा ने अपने आधे से ज्यादा सिपाही हेरंदर नाथ के देश में भेज चुका था वह सैनिक वहां की प्रजा की तरह रहते थे और अपने राजा के हुकुम का इंतजार करते थे फिर एक दिन राजा को लगा कि अब हमला कर देना चाहिए फिर जो सिपाही प्रजा की तरह रहते थे उन्हें संदेश भेज दिया फिर अचानक हर तरफ से उस राजा ने हमला कर दिया महेल पर



 और महेल के हर तरफ जितने भी सिपाही थे उन सबको मार डाला और हेरंदर नाथ का परिवार जिस कमरे में था उन सबको पकड़ लिया और बंदी बना लिया 



और हेरंदर नाथ के परिवार को पूछने लगा 

•°दुश्मन राजा:- बोलो हेरंदर नाथ कहां है

हेरंदर नाथ के परिवार वाले कहने लगे कि हमें नहीं पता वो कहां है

•°दुश्मन राजा:- लेकिन बताना तो पड़ेगा ही वैसे मेरी तुम सबसे कोई दुश्मनी तो नहीं है लेकिन मुझे इस देश पर राज करना है इसलिए मैं कुछ भी कर सकता हूं इस देश पर राज करने के लिए हेरंदर नाथ के परिवार को बंदी बनाकर जेल में डाल दो और हेरंदर नाथ को ढूंढो 

•°आप सोच रहे होंगे कि इस वक्त हेरंदर नाथ कहां पर है 

हेरंदर नाथ उस वक्त वहीं पर था एक जगह पर छुपा हुआ था और यह सब देख रहा था हेरंदर नाथ को बहुत दुख हो रहा था कि उसकी वजह से उसका परिवार बहुत बडी मुसीबत में था लेकिन हेरंदर नाथ को पता था कि वह इस वक्त बहार निकल गया तो वह खुद भी फंस जाएगा और अपने परिवार को भी नहीं बचा पाएगा इसलिए वह पीछे के रास्ते से महेल के बहार निकल गया तभी हेरंदर नाथ को एक घोड़ा दिखा



 उस पर बैठकर जाने लगा हेरंदर नाथ 



को पता था कि ऐसा दिन जरूर आएगा इसलिए पहले से ही हेरंदर नाथ ने एक सुरंग बनवाकर रखी थी उस सुरंग के अंदर हेरंदर नाथ छुपने चले गए 

 हेरंदर नाथ सुरंग के अंदर थे उसके 2 दिन हो चुके थे अब खाना और पानी भी खत्म हो चुका था 

•°हेरंदर नाथ:- अच्छा हुआ रास्ते में कुछ लोग मीले उन्होंने खाना दे दिया और पानी दे दिया अब तो मैंने सेना भी बना ली है अब मुझे बहार जाना चाहिए अपने परिवार को बचाने के लिए

•°सुरंग के अंदर कौनसी सेना बनती है ऐसा अभी आप सोच रहे हैं हेरंदर नाथ के पास एक कला थी जिसे वो किसी भी जानवर और पशुओं से बातें कर सकते है उस सुरंग के अंदर सांप थे बिच्छू थे चिट्टियां थी



 और भी बहुत सारे जानवर जीव जंतु थे 2 दिन में उन सब को अपना दोस्त बना लिया था हेरंदर नाथ ने 

•°अब हेरंदर नाथ सुरंग से बहार निकलने के लिए चलने लगा 

लेकिन हेरंदर नाथ इतनी आसानी से सुरंग से बहार नहीं •°निकल सकता क्योंकि वह सुरंग 35KM लंबी थी और •°हेरंदर नाथ सुरंग के बीच में था इसलिए हेरंदर नाथ को बहार निकलने में कम से कम 2 दिन तो लगेंगे

•°हेरंदर नाथ ने चलना शुरू कर दिया हेरंदर नाथ dogy style में चल रहा था 

•°अब आपके दिमाग से सवाल होठों के जरिए बहार आया होगा कि अब ए कुत्ता बनकर क्यों चल रहा है ज्यादा सोचो मत मैं हूं ना क्योंकि सुरंग की hight बहुत कम थी simple 

•°1 day later

•°पूरा एक दिन dogy style में चलने के बाद हेरंदर नाथ इतना थक गये थे की थकान के कारण हेरंदर नाथ की जुबान बहार आ गई थी कुत्ते की तरह और थुक भी गिर रहा था और हेरंदर नाथ की जुबान हिचकोले खा रही थी कभी इधर कभी उधर 



साथ में दूसरे जीवजंतु भी साथ में चल रहे थे वह जीव जंतु हेरंदर नाथ को हिमत दे रहे थे अपनी भाषा में कि ऐसे तुम हार नहीं मान सकते तुम्हें अपने परिवार को बचाना होगा और हम तुम्हारे साथ हैं

•°हेरंदर नाथ को अब एक और दिन चलना था सुरंग से बहार निकलने के लिए 

•°हेरंदर नाथ को अब एक झटका लगने वाला था क्योंकि हेरंदर नाथ जीस सुरंग मे था उस सुरंग में बहुत ही भयानक चीज थी

•°मुझे पता है आपको भी खुजली है उसका नाम जानने की सुरंग में जो दूसरा था उसका नाम है अजगर 



•°अब आप मुझे अपनी भाषा में कहोगे अब यहां अजगर कहां से आ गया

(सुरंग बनाने का काम खत्म हो गया था और आखरी दिन था तब की बात है)

                                 👇

•°हेरंदर नाथ ने 100 लोगों को बुलाया था सुरंग बनाने के लिए ताकि जल्दी सुरंग बन जाए 

•° कारीगर सुरंग बना रहे थे तब आकाश में चील उड़ कर जा रहा था 

•°चील क्यों आया कहानी में अब इसका जवाब आपको आगे मिल जाएगा 

•°चील हवा में उड़ रहा था तब उसके पंजे मे 1 मरा हुआ बंदर था 



•°चील(अपनी भाषा में):-यह बंदर तो बहुत भारी है जल्दी उठाकर अपने अड्डे पर जाना होगा वरना पंजे में से निकल जाएगा 

•°तभी बंदर की पूछ का बाल चील की नाक में चला गया इसकी वजह से चील को छींक आ गई और बंदर पंजे में से छूटकर नीचे गिर गया और जहां सुरंग बन रही थी वहां बंदर की लाश गिरी

अब आप सोचोगे चील की नाक तो छोटी सी होती है उसमें बंदर की पूंछ का बाल कैसे गया होगा तो सोचो मत आगे पढ़ो

•°चील(अपनी भाषा में):- हे प्रभु हे हरि राम कृष्ण जगन्नाथ हे प्रेमानंद यह क्या हुआ आज भुखा रहेना पड़ेगा अच्छा खाना चला गया सुबह क्या निकालुंगा प्रभु

•°चील बोलते बोलते उड़ कर चला गया नीचे सुरंग बना रहे थे उन लोगों ने मिलकर बंदर को सुरंग के अंदर ही जमीन में दफना दिया फिर रात हुई और सभी सुरंग बनाने वाले लोग घर पर चले गए 

•°तभी सुरंग के पास से अजगर जा रहा था तभी अजगर को जमीन के अंदर से सुगंध आई 

•°अजगर(अपनी भाषा में):-मेरा नाक बोल रहा है कि आसपास अच्छा खाना है और पेट में चूहे खो खो खेल रहे है लेकिन खाना कहां है यह अब ढूंढना होगा 

•°फिर अजगर हर जगह पर खाना सूंघने लगता है फिर अजगर को पता चल जाता है कि खाना जमीन की गहराइयों में है फिर अजगर अपनी पूछ से जमीन खोदने लगता है अजगर आराम से जमीन खोद रहा था क्योंकि अजगर की कमर में थोड़ा दर्द था 

•°आपके दिमाग में सवाल आया होगा कि अजगर की कमर होती है लेकिन मान लो ना यार मानने में क्या जाता है होती है तो होती है मान लिया ना तो अब आगे पढ़ो 

•°जमीन खोदने के बाद अजगर को वह सुरंग मिल गई जहां पर उसका खाना था फिर अजगर उस सुरंग के अंदर जाता है सुरंग छोटी थी इसलिए बहुत मुश्केली हो रही थीं अजगर को अंदर जाने में लेकिन खाना खाने के लिए अजगर कुछ भी कर सकता है 

•°अजगर (अपनी भाषा में):-कुछ भी हो जाए मैं खाना खाकर रहूंगा जोर से बोलो जोर लगा के हेंसा जोर लगा के हेंसा 

•°आखिर में अजगर को सफलता मिल जाती है और जहां बंदर को दफनाया था अजगर का मुंह वहां पहुंच जाता है और मुंह थोड़ा अंदर डालता है जमीन मे बंदर की लाश थी वह सीधे अजगर के मुंह मे आ जाती है और अजगर आराम से खाता है खाने के बाद एक जोरदार डकार मारता है

•°आपके दिमाग मे 1 सेकंड के लिए सवाल आया होगा की अजगर डकार किस तरह मारता होगा ये आप खुद सोचो आपके पास भी खोपड़ी हैं मुझे पता है आपके दिमाग में और भी सवाल आ रहे हैं लेकिन सबका जवाब नहीं दे सकता story भी तो लिखनी है ना

•°बंदर को खाने के बाद अजगर सुरंग में से बहार निकलने की कोशिश करने लगा लेकिन अजगर सुरंग में फस गया था और हील भी नहीं पा रहा था और कमर में भी काफी दर्द हो रहा था अब तो हेरंदर नाथ भी नजदीक आ चुका था तभी सामने हेरंदर नाथ ने देखा अजगर का मुंह यह देखकर हेरंदर नाथ को विश्वास नहीं हुआ कि सच में सामने अजगर हैं हेरंदर नाथ ने दो बार अपनी आंखें भी साफ की 

•°अजगर(अपनी भाषा में):-आंख साफ करना बंद कर मैं सच में हूं 

Click link suspense story

हेरंदर नाथ को तो आती थी जानवर और पशुओं की भाषा इसलिए अजगर जो बोला वो हेरंदर नाथ समझ गया 

•°हेरंदर नाथ(अजगर की भाषा में):- मुझे विश्वास तो हो गया लेकिन मुझे तुमसे डर लग रहा है उसका क्या करूं

•°अजगर(अपनी भाषा में):-डरने की जरूरत नहीं है मैं 

चाहकर भी तुम्हें कुछ नहीं कर सकता क्योंकि मैं यहां पर फस गया हूं क्या तुम मेरी मदद करोगे मुझे यहां से निकालने में

हेरंदर नाथ (अजगर की भाषा में):- ठीक है मैं तुम्हारी मदद करूंगा लेकिन मेरी 2 शर्त है 

अजगर(अपनी भाषा में):- क्या शर्त है तुम्हारी

हेरंदर नाथ(अजगर की भाषा में):- मेरी 1 शर्त है कि तुम मुझे बाद में खाना मत 2 शर्त है की दुश्मन राजा ने मेरे परिवार को बंदी बनाकर रखा है मेरे महेल मे तुम उन्हें छुड़ाने में मेरी मदद करोगे मेरी यह 2 शर्त तुम्हें मंजूर है

अजगर (अपनी भाषा में):- हां मुझे तुम्हारी दोनों शर्त मंजूर है

हेरंदर नाथ अपनी सेना से कहते हैं (उनकी भाषा में) हम सब मिलकर अजगर को धक्का देते हैं इस तरफ से ताकि अजगर दूसरी तरफ से बाहर निकल जाए 

फिर हेरंदर नाथ और उनकी सेना धक्का मारना शुरू करते हैं 1 घंटे तक लगातार धक्का मारने के बाद एनाकोंडा सुरंग में से बाहर निकल गया ‌

अजगर (अपनी भाषा में):- अब चलो तुम्हारे परिवार को बचाने के लिए

फिर हेरंदर नाथ,अजगर,सांप,बिच्छू,कीदी,मकोड़े,मधुमक्खी ,

मच्छर और भी बहुत सारे जीव जंतु सभी महेल की तरफ जाने लगते हैं

थोड़ी देर में महेल के पास पहुंच जाते हैं और हमला भी कर देते हैं दुश्मन राजा को भी पता चल गया था कि हेरंदर नाथ ने हमला कर दिया है इसलिए दुश्मन राजा भी महेल के बहार निकलता है और अपने सिपाहियों को हमला करने को कहेता है घमासान युद्ध शुरू हो गया था दुश्मन राजा के सैनिक थे वह लड़ने की जगह पर भागना शुरू कर देते हैं क्योंकि अजगर के सामने जो भी आता है सिपाही उसे अजगर सीधा निगल जाता था इसलिए सभी सैनिक बहुत डर गए थे और दूसरी तरफ सांप और बिच्छू ऐसे डंख मार रहे थे जैसे सुबह बिना नाश्ता किए आए हो



 और मधुमक्खी सीधा मुंह पर हमला करती थी और जिसका मुंह एक बार आ गया मधुमक्खी के चंगुल में उसका मुंह फुटबॉल बनने में देरी नहीं लगती



 धीरे-धीरे करके दुश्मन राजा के सभी सैनिक मारे जाते हैं और एक बचा था वह था दुश्मन राजा और दुश्मन राजा के तो पैर कांप रहे थे क्योंकि सामने अजगर मुंह खोल कर खड़ा था

हेरंदर नाथ (अजगर की भाषा में):- रुको अजगर इसे मारना मत इसकी सजा मैं decide करूंगा 

दुश्मन राजा को हेरंदर नाथ जेल मे डाल देते है और हेरंदर नाथ के परिवार को जहां पर बंदी बनाकर रखा था वहां से हेरंदर नाथ निकालते हैं 

अब हेरंदर नाथ अपने परिवार से कहते हैं की अजगर और बाकी जानवरों की वजह से मैं अपने देश को और तुम सबको बचा पाया हूं 

हेरंदर नाथ (जानवर की भाषा में) तुम सबको कभी भी जरूरत पड़े तो मेरे महल के दरवाजे तुम सबके लिए खुले हैं मैं हमेशा तुम सबकी मदद करने के लिए तत्पर रहूंगा क्योंकि तुम सबका मुझ पर एहसान है 

अजगर (अपनी भाषा में):- अरे कोई बात नहीं अगर फिर से जरूर पड़े तो बुला लेना हमको हम वापस आ जाएंगे और तुम्हारी वजह से तो मुझे पेट भर के खाना मिला है कितना स्वादिष्ट था तो अब हम चलते हैं

फिर सभी जानवर चले जाते हैं महेल से

अब हेरंदर नाथ बहुत खुश थे क्योंकि हेरंदर नाथ की life में सबकुछ बिल्कुल ठीक हो गया था हेरंदर नाथ ने जो पहले नियम बनाया था की हर जगह पर उसका नाम होना चाहिए वह नियम खारिज कर दिया

आपको कैसी लगी हमारी storyKing's oldest most terrifying oldest tunnel comment section में जरूर बताना

और अच्छी लगी हो तो अपने दोस्तों के साथ जरूर share कीजिए

(आप नीचे दी गई स्टोरी भी पढ़ सकते हैं)

Birds story in hindi writing

Story Big expensive world















सोमवार, 4 दिसंबर 2023

Birds story in hindi writing |suspense story| interesting story

 Birds story in hindi writing 

कैसे हो दोस्तों मेरा नाम दर्शन है और आइलैंड की स्टोरी मैं आपके लिए लाया हूं आखिर तक पढ़ते रहेना 


दो समुंदर थे दोनों समुंदर के बीच एक आइलैंड था आइलैंड इतना बड़ा था



 कि दोनों समुंदर को मिलने से रोकता था दुनिया में जितने भी प्रजाति है पक्षी की वह सभी पक्षी उस आईलैंड पर देखने को मिलते हैं और आइलैंड पर बहुत सारे पेड़ थे इसलिए इस आइलैंड को सबसे हरा भरा और दुनिया का सबसे बड़ा आइलैंड माना जाता है इस आईलैंड पर आपको एक भी इंसान देखने को नहीं मिलेगा सिर्फ और सिर्फ पक्षी देखने को मिलेंगे शायद इसलिए यह आइलैंड इतना खूबसूरत है इस आइलैंड की खूबसूरती का अंदाज आप इस पर से लगा सकते हैं कि जब रात होती है तो पूरा आईलैंड अलग-अलग रंगो से चमक उठता है क्योंकि आइलैंड में कुछ पक्षी ऐसे थे जो रात को चमकते थे यह चमक इतनी दूर तक फैलती है की समुंदर भी बोलता है

समुंदर:- इतना सुकून सिर्फ रात को ही मिलता है काश यह पक्षी भी मेरी तरह अमर होते

आइलैंड पर जितने भी पक्षी रहते थे उसमें से कुछ पक्षी पेड़ पर रहते थे और कुछ पक्षी जमीन पर रहते थे सभी पक्षी साथ मिलकर रहते थे इंसानों की तरह कभी झगड़ा नहीं करते थे

पेड़ पर आने वाले फ्रूट और पटिया पक्षी खाते थे और समुंदर का पानी पीते थे और एक दूसरे के साथ प्यार से रहते थे

3 years later

पूरा आइलैंड खाली हो चुका था कुछ ही पक्षी बच्चे थे



 उन्हें पता था कि अब हम यहां और थोड़ी देर रहेंगे तो हम भी मर जाएंगे इसलिए बचने के लिए वह पक्षी दूसरी जगह पर चले गए आईलैंड पर बाकी सभी पक्षी मर चुके थे पहले आईलैंड हरे रंग का था अब वही आइलैंड लाल रंग मे बदल गया है और रोशनी फ़ैलाने वाले जो पक्षी थे उनको तो सबसे पहले मार दिया था आइलैंड पर जितने भी पेड़ थे वह सभी कट गए थे एक मैदान बन गया था 

3 years ago

 एक बार समुंदर मे से कुछ जीव बाहर निकले और वह आइलैंड पर चलने लगे वह जीव जमीन पर भी रह सकते थे वह मांसाहारी थे और जीव इतने ताकतवर थे कि वेल को भी मार सकते थे कुछ जीव बाहर आए थे वह पेड़ को खाने लगे उन्हें पेड बहुत अच्छे लगे इसलिए वह जीव वापस समुंदर मे चले गए

 

Birds story in hindi writing 

1 day later

दूसरे दिन वही जीव वापस समुद्र मे से बाहर आने लगे धीरे-धीरे करके लाखों जिव बाहर आ गए थे समुंदर मे से

वह जीव पेड़ को तो खाने लगे लेकिन वहां जो पक्षी थे उन्हें भी खाने लगे जो पक्षी जमीन पर माला बनाकर रहते थे उनका माला भी खा गए और साथ मे पक्षी को भी खा गए धीरे-धीरे सभी पक्षियों को पता चल गया की कुछ जिव आए हे जो हमें मार के खा जाएंगे जीव इतने खतरनाक थे खाने में की आइलैंड में जितने भी पेड़ थे थोड़ी देर में सभी खा गए और पेड़ पर जो पक्षी और उनके बच्चे नीचे गिर जाते थे उन्हें भी खा गए आइलैंड पूरा लाल मैदान बन गया था क्योंकि एक भी पेड़ नहीं था और कुछ पक्षी बच्चे वह उड़कर दूसरी जगह पर चले गए क्योंकि उन्हें पता था कि अब यहां रहे तो जिंदा नहीं रहेंगे

धीरे-धीरे वह जीव पूरा आइलैंड खा गए अब उस जगह पर कोई आइलैंड नहीं है सिर्फ पानी है ‌‍‌


आपको कैसी लगी हमारी Birds story in hindi writing story



comment section मे जरूर बताना

https://unexpectedstory12.blogspot.com/2023/12/story-big-expensive-world-20000.html



रविवार, 3 दिसंबर 2023

Story Big Expensive World | चाय का बिल 20000 आया🫣

 Story Big Expensive World | चाय का बिल 20000 आया🫣


मेरा नाम दर्शन है और यह महंगी वाली कहानी मैं आपके लिए लाया हूं ऐसी कहानी आपने जिंदगी मे कभी नहीं पढी होगी और नाहीं सुनी होगी तो कहानी शुरू करते हैं


दो भाई थे विनय और शुभम दोनों बाजार गए थे खरीदी करने के लिए दोनों भाई टमाटर की लारी खड़ी थी वहां गए



विनय:- ओ भाई कितने के दिए हैं टमाटर

टमाटर वाला:- बहुत सस्ते हैं सिर्फ 100 के

शुभम:- 100 रुपए के किलो है ले लो ले लो विनय हम भेल में टमाटर डालेंगे

विनय:- ठीक है भाई 100 के किलो दे दो

टमाटर वाला:- ओ भाई पहले मेरी पूरी बात सुन ₹100 के किलो नहीं है ₹100 का 1 टमाटर है

विनय:- तुम टमाटर बेच रहे हो या सोना इतना महंगा

टमाटर वाला:- तुम्हें लेना है तो लो यही भाव है

शुभम:- रहने दे विनय हमें टमाटर नहीं लेना है हम कहीं और चलते हे कुछ और ले लेंगे

टमाटर की लारी के बाजू मे बैंगन की लारी थी फिर दोनों भाई वहां गए 


Story Big Expensive World | चाय का बिल 20000 आया🫣

शुभम:- कितने के दिए है बैंगन

बैंगन वाला:- बैंगन दिए ₹100 के

शुभम:- ₹100 के किलौ ना

बैंगन वाला:- क्या बात कर रहे हो बिल्कुल नहीं 

शुभम:- हां समझ गया 100 का एक बैंगन दिया है ना

बैंगन वाला:- अरे क्या मजाक कर रहे हो बिल्कुल नहीं

विनय:- तो कितने के दिए है बैंगन बता दे movie की तरह suspense क्यों बढ़ा रहा है

बैंगन वाला:- मेरे हाथ मे एक बैंगन है ना उसके सर पर एक डीटी है ना वह ₹100 का दिया है अब समझे भाव

शुभम:- इसे कम भाव तो खेडुत लेते हैं विनय नहीं लेना है बैंगन का डीटी चल

 दोनों भाई को प्यास लगती है तो दोनों पानी की दुकान में जाते हैं


Story Big Expensive World | चाय का बिल 20000 आया🫣

विनय:- एक पानी की बोतल दोना

दुकान वाला:- ये लो तुम्हारी पानी की बोतल



विनय:- कितने की है पानी की बोतल

दुकान वाला:- ₹1000 की है

विनय और शुभम को यह रकम सुनकर झटका लगता है 

विनय:- लेकिन यह बोतल तो ₹20 की आती है ना

दुकान वाला जोर-जोर से हंसने लगा

शुभम:- अरे आप हंस क्यों रहे हो ₹20 की तो आती है बोतल 

दुकान वाला:- ओ भाई अगर कोई जोक्स मारेगा तो हंसना तो पड़ेगा ना और बता दु ₹20 की बोतल नहीं आती ₹20 का बोतल का ढक्कन आता है वह भी टूटा हुआ अच्छा ढक्कन चाहिए तो ₹50 लगते हैं

तभी उस दुकान में कोई आदमी आता है और ₹3000 की पानी की बोतल मांगता है और दुकान वाला पानी की बोतल दे देता है फिर वो आदमी पैसे देकर पानी की बोतल लेकर चला जाता है यह नजारा देखकर विनय और शुभम के रोंगटे खड़े हो गए

दुकान वाला:- ठीक है मै तुम्हारे लिए सस्ता कर देता हूं 

शुभम और विनय:- कितना सस्ता करोगे

दुकान वाला:- में 1000 वाली बोतल तुम्हें 999 मे दे दूंगा देखो इससे ज्यादा सस्ता मैने आज तक नहीं किया और इतनी सस्ती बोतल पूरे मार्केट मे तुम्हें कहीं नहीं मिलेगी लेनी है तो ले लो

शुभम:- सही कहा इतना discount तो Gold loan में भी नहीं मिलता लेकिन हम इतना सस्ता पानी नहीं पी पाएंगे हम चलते हैं

विनय:- शुभम चल हम पहले गैरेज मे जाते हैं

शुभम:- लेकिन गैरेज में क्या काम है

विनय:- Bike का एक टायर की हवा कम है तो हवा भराने जाना है


Story Big Expensive World | चाय का बिल 20000 आया🫣

शुभम:- ठीक है चल चलते हैं हवा भराने 

फिर दोनों गाड़ी को लेकर गैरेज मे जाते हैं 

गैरेज का मालिक:- हां बोलो भाई क्या काम है 

विनय:- मेरी गाड़ी का एक टायर की हवा कम हो गई है तो उसे भराने के लिए आए हैं

गैरेज का मालिक:- कोई बात नहीं आप सामने की दुकान में चाय पीकर आओ तब तक मैं आपका टायर रेडी रखता हूं

फिर दोनों भाई चाय पीने चले जाते हैं

शुभम:- ओ छोटू जल्दी लाव दो मसालेदार चाय वो भी गरमा गरम

छोटू:- लीजिए मसालेदार चाय गरमा गरम



शुभम चाय के कप मे उंगली डालता है फिर शुभम चाय का कप उठाकर छोटू के मुंह पर डालता है 

शुभम:- इतनी ठंडी चाय इसे तुम गरम कहेते हो इसे गरम तो मेरा मुंत है

तभी वहां पर चाय की दुकान का मालिक आ जाता है

चाय की दुकान का मालिक:- सेठ क्या हुआ अपने इसके मुंह पर चाय क्यों फेंकी

शुभम:- इसने बिल्कुल ठंडी चाय दी थी इसलिए मैने इसके मुंह पर चाय फेंकी

चाय की दुकान का मालिक:- माफ कर दीजिए इसे सेठ ये बच्चा है अभी आपके लिए गरमा गरम चाय बनाता हूं

चाय बनने के बाद छोटू वापस आया दोनों को चाय देने के लिए शुभम ने फिर से चाय मे उंगली डालकर देखा

शुभम:- ये हुइ ना कुछ बात इसे कहते हैं गरम चाय

फिर दोनों भाई चाय का लुफ्त उठाते हैं चाइ खत्म होने के बाद

दोनों भाई खड़े होते हैं 

शुभम:- ये लो ₹10 चाय के

चाय की दुकान का मालिक:- ₹10 ये तुम भीख देरहे हो क्या

शुभम:- लेकिन ₹10 तो हुए ना चाय के 

चाय की दुकान का मालिक:- ₹10 नहीं हुए ₹10000 हुए हैं

विनय:- दो चाय के 10000 थोड़ी होते हैं

चाय की दुकान का मालिक:- दो चाय के 10000 नहीं हुए एक चाय के 10000 है दो चाय के तो ₹20000 हुए हैं 

विनय:- चाय के ₹20000 हमने चाय का टैंकर थोड़ी मंगवाया था 

चाय की दुकान का मालिक:- दो कप चाय के ₹20000 चुपचाप दो और इधर से निकलो

विनय और शुभम tantion में आ गए कि इतने पैसे कहां से लाए फिर दोनों के पास जितने पैसे थे वह निकाले दोनों के पैसे मिलाकर कुल 2000 थे 

विनय:- यार शुभम हम दोनों के पैसे मिलाकर 2000 हुए चाय के बील के आधे पैसे भी नहीं हुए अब क्या करें 

शुभम:- वो तो मुझे भी नहीं पता है

फिर दोनों भाई दुकान वाले के पास गए

विनय:- हमारे पास अभी सिर्फ 2000 है हम बाकी के पैसे बाद मे दे देंगे

चाय की दुकान का मालिक:- यहां पर उधारी नहीं चलती 

और कमीने छोटू पर तो ऐसे चाय फेंकी थी की करोड़ों का मालिक हो और मैं भी खामखा सेठ बोल रहा था और मुझे मेरे पैसे चाहिए अभी

शुभम:- लेकिन हम कल आपको दे देंगे पैसे अभी नहीं है हमारे पास पैसे

चाय की दुकान का मालिक:- अभी नहीं है ना पैसे तो मेरे पास एक idea💡है सारे बर्तन आज के तुम्हें धोने होगे मेरी दुकान के नहीं इस पूरे Market मे जितनी चाय की दुकान है ना सभी के बर्तन तुम दोनों को हिं धोने होंगे तभी तो मेरे पैसे वसूल होंगे और शुभ शुरुआत करोगे तुम मेरी दुकान से 

दोनों भाई एक साथ बर्तन धो रहे थे और ऊपर छोटू खड़ा था नजर रख रहा था कि बर्तन ठीक से धो रहे हैं या नहीं सारे बर्तन धोने के बाद छोटू गया और वापस आया

छोटू:- ये लो कमीनो तुम दोनों के चाय के कब तो बाकी रह गए धोने के लिए लेकिन यह दो कप तुम दोनों को पानी से नहीं धोने है

शुभम:- तो फिर किसे धोने है चाय के कप 

छोटू:- तुम्हारे मुंत से धोने है चाय के कप तुमने बोला था ना की बहुत गर्म है मूत मेरा तो फिर धो अपने मूत से कप

शुभम:- मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं चाय के कब धोउगा वो भी किसी की दुकान मे वो भी अपने मुंत से

विनय:- हां तो क्या जरूरत थी बोलने की रंडी चाय है

शुभम:- लेकिन मै तो गंडी चाय बोला था

विनय:- हां मेरा मतलब वही है गंडी चाय बोलने की क्या जरूरत थी

शुभम:- अब गलती हो गई क्या करूं चल मै मुंता हूं तु कप साफ कर

फिर कप साफ करने के बाद शुभम और विनय सभी चाय की दुकान पर गए और वहां के बर्तन भी साफ किये

अब तक दोनों भाई बहुत थक चुके थे क्योंकि बर्तन हीं इतने ज्यादा थे 

विनय:- साला आज जितना काम किया है इतना काम कभी नहीं किया 25 चाय की दुकान के बर्तन साफ किये हे

शुभम:- हां यार बहुत थक गया हूं हिलाने की भी ताकत नहीं है मेरे पास

विनय:- चल अब गाड़ी ले लेते हैं हमारी और जल्दी घर चले जाते हैं भूख भी लगी है

शुभम:-हां यार जल्दी चल

फिर विनय और शुभम दोनों गैरेज मे जाते हैं गाड़ी लेने के लिए 


Story Big Expensive World | चाय का बिल 20000 आया🫣

विनय:- काम हो गया

गैरेज का मालिक:- 2 घंटे से तुम्हारी गाड़ी हो गई है तैयार तुम्हारा इंतजार था

विनय:- दो मेरी गाड़ी

फिर गेरेज का मालिक विनय को उसकी गाड़ी देता है और पैसे मांगता है

विनय(मन में):- जितने पैसे थे वह सभी तो हमने चाय वाले को दे दिए अब हम इसे क्या देंगे

गैरेज का मालिक:- क्या सोच रहे हो मेरे पैसे दो

विनय:- क्या हम आपको कल पैसे दे तो चलेगा

गैरेज का मालिक:- नहीं चलेगा मुझे अभी ₹100000 चाहिए

विनय और शुभम एक साथ बोले:- ₹100000 रुपए टायर में हवा भरने के

गैरेज का मालिक:- हां हां हां हां हां ₹100000

विनय:- हमारी बात मानीये please हमारे पास पैसे नहीं है

गैरेज का मालिक:- ठीक है तुम्हारी बात मान लेता हूं और तुम्हारी गाड़ी भी रख लेता हूं ₹100000 हो जाए तब आना मेरे पास 

गैरेज में से दोनों मुंह लटकाकर बाहर आते हैं

विनय:- यार शुभम गाड़ी चली गई बाप कुत्ते की तरह मारेगा और गधे की तरह काम करवाएगा वह अलग से 

शुभम:- और पैसे नहीं देगा कंजूस के जैसे वह अलग से

विनय:- अब रिक्शा करके घर चले जाते हैं


Story Big Expensive World | चाय का बिल 20000 आया🫣

शुभम:- नहीं बिल्कुल नहीं अगर रिक्शा का भाडा 50000 हुआ तो क्या करेंगे बोल अब रिस्क बिल्कुल नहीं लेनेका 

विनय:- सही कहा शुभम तूने एक काम करते हैं हम चल के जाते हैं घर और जल्दी चल वैसे भी देर हो गई है


आपको कैसी लगी हमारी महंगी वाली कहानी comment section में जरूर बताना

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मंगलवार, 14 नवंबर 2023

Interesting Funny Story In Hindi



Hello मेरे यारो मेरा नाम दर्शन है मैं हमेशा आपके लिए interesting story लिखता हूं और लिखता रहूंगा of course आपको मेरी ये स्टोरी भी पसंद आयेगी 


गांव के दो भड़वार|interesting funny story



एक गांव था गांव का नाम 'भड़वापुर' था गांव में दो ही भड़वार रहते थे एक का नाम 'मोहनलाल' था दूसरे का नाम 'सोहमलाल' था दोनों एक दूसरे के जानी खतरनाक दुश्मन थे और उन दोनों का घर एक दूसरे के सामने था दोनों का काम एक ही था पूरा दिन 'बकरी' चराना मोहनलाल की बकरीया 'काली' थी और सोहमलाल की बकरियां 'सफेद' थी एक दिन सुबह-सुबह मोहनलाल अपनी बकरियों को नहेला रहा था तभी एक जबरदस्त हवा का जोका आया तभी मोहनलाल एक बकरी को नहेला रहा था और वह बकरी हवा का झोंका आने के कारण मोहनलाल पर गिर गई और तभी बकरी ने मोहनलाल के मुंह पर 'टट्टी' कर दी 

मोहनलाल ने बकरी को गुस्से में थप्पड़ मारा और साइड में फेंक दिया फीर मूंह धोने चला गया दूसरी तरफ सोहम लाल अपनी 'बनियान' 'धोती' और 'कच्चे' धो रहा था 'बाथरूम' में अब कपड़े धोने के बाद सोहमलाल के पास कपड़े सुखाने की जगह नहीं थी इसलिए वह मोहनलाल के घर की जो पाली थी वहां कपड़े सुखा कर आ गया मोहनलाल अपना टट्टी वाला मुंह धो कर बाहर आया तो उसने देखा कि पाली पर किसी ने कपड़े सुखाये हैं तो मोहनलाल ने कपड़े हाथ में लेकर देखा तो पता चल गया कि यह कपड़े सोहम लाल के है यह बात पता चलने पर मोहनलाल का 'मुंह' 'टमाटर' के मुंह से ज्यादा 'लाल' हो गया गुस्से में मोहनलाल बनियान चड्डी और लूंगी लेकर सोहमलाल के घर गया घर जाकर जोर से चिल्लाया

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मोहनलाल:-कमीने 'नंगे' भड़वे सोहम बहार निकल

सोहमलाल के 'छोटे-छोटे' कानो में 'बड़े-बड़े' शब्द गए और सोहमलाल का मुंह 'तरबूज' से भी ज्यादा 'फुल' गया और फुले हुए मुंह के साथ सोहमलाल घर के बाहर आया और बोला

सोहमलाल:- बोल बकरे के 'लींडे' जैसे दिखने वाले इंसान क्या काम है

मोहनलाल:-'गधे' की 'गांड' जेसे दीखने वाले इंसान तूने मेरी पाली पर अपनी चड्डी बनियान और धोती क्यों 'सुखाइ' बोल

सोहमलाल:- क्योंकि मेरे पास ऐसी जगह नहीं है जहां अपने 'अच्छे' कपड़े 'ब्रांडेड' कपड़े सुखा सकूं

मोहनलाल:- अगर कल तेरे घर 'संडास' नहीं होगा तो क्या मेरे घर 'हंगने' के लिए आएगा

सोहमलाल:- बिल्कुल हंगूगा तुम्हारे घर और धोऊंगा मेरे घर आकर इससे तुम्हारा पानी भी बच जाएगा

मोहनलाल:- साले तेरा बहुत हो गया है अब तेरे ही सामने तेरे कपड़े मे फाड़ दूंगा 

सोहमलाल:-अगर तूने मेरे कपड़े फाड़े तो तेरी बकरी का मुंह काट डालूंगा और वह कटा हुआ मुंह तेरे मुंह पर लगा दूंगा ताकि तेरा मुंह थोड़ा अच्छा दीखे

मोहनलाल:- में तेरी बकरी के चारों पैर काटकर तेरे मुंह में डाल दूंगा ताकि तेरा बोलना बंध हो जाए 

सोहमलाल:- हो जाए दो दो हाथ देखते हैं कौन 'जीता' है

मोहनलाल:- देखते हैं कौन जीता है कल आ जाना शाम को 5:00 बजे रोड पर

शाम के 5:00 बजे

मोहनलाल और सोहमलाल दोनों रोड पर आ गए थे अपनी बकरियों को लेकर आज होगी एक अनोखी लड़ाई देखते हे कौन सा बकरा जीता है 

सोहमलाल:- हमला करो मेरी प्यारी बकरियों इसकी बकरियों को छोड़ना मत सबकी फाड़ के रख देना

मोहनलाल:- हमला करो मेरी जांबाज बकरियो अपने सिंग से उनके शरीर में इतने हॉल कर देना कि कंफ्यूज हो जाए कि कहां से टट्टी करें और कहां से मुते 

सभी बकरियां आपस में कुछ इस तरा लड़ रही थी जिस तरा कुत्ते के दो बच्चे लड़ रहे हो और दूसरी तरफ सोहमलाल और मोहनलाल अपने घर से तलवार लेकर आए थे और उसे लड़ रहे थे गांव के लोगों ने इनको लड़ते देखा और सोचा कि उनके बीच में जाते हैं जगडा रुकवाने के लिए सभी गांव वाले बीच में कूद पड़े तो सभी बकरी गांव वालों को मारने लगी तो गांव वाले भी लड़ने लगे और एक दूसरे को मारने लगे और थोड़ी देर लड़ाई चली और फिर थक कर सभी लोग अपने अपने घर चले गए

 कहानी पढ़ने के लिए शुक्रिया आपका


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