मेरा नाम दर्शन है ए स्टोरी इंस्पायरिंग स्टोरी है आपको जरूर पसंद आएगी बस आखिर तक पढ़ना
एक साधु थे वह जंगल में जा रहे थे सुबह 4:00 बजे का वक्त था जंगल मे एकदम शांत वातावरण था हर तरफ हरियाणी थी
पंछी की मनमोहक आवाज साधु के कानों मे गूंज रही थी साधु मधुर आवाज का आनंद उठा रहे थे तभी साधु को सामने से कोई आते हुए दिखाई दिया तो साधु भी उस तरफ चलने लगे
लड़के ने साधु को देख लिया और उनके पैर पड़ गया
लड़का:- मेरे भाई को बचा लीजिए
साधु:- क्या हुआ है तुम्हारे भाई को
लड़का:- मेरे भाई को जहरीली मधुमक्खी ने डंक मार दिया है और मुझे समझ मे नहीं आ रहा है कि अब मैं क्या करूं और बहुत खून भी निकल चुका है
साधु:- ठीक है तुम अपने भाई के पास मुझे ले चलो
जंगल मे एक जगह पर एक गुफा थी जहां लड़के का भाई था वहां पर साधु को लड़का ले गया लड़के के भाई को पैर में मधुमक्खी ने काटा था फिर साधु ने अपने कमडल में से पानी लिया अपने हाथ में और जहां लड़के के भाई को मधुमक्खी ने काटा था वहां पर डाल दिया
लड़का:- क्या अब मेरा भाई ठीक हो जाएगा
साधु:- हां थोड़ी देर में ठीक हो जाएगा तुम्हारा भाई
लड़का:- वैसे आपके कमडर के पानी मे ऐसा क्या खास है कि ठीक हो जाएगा मेरा भाई
साधु:- बेटा तुम नहीं समझोगे तुम अभी छोटे हो लेकिन तुम दोनों भाई इस जंगल में क्या कर रहे हो
लड़का:- हमारा परिवार था और हम सब एक गांव मे मिलकर रहते थे लेकिन मेरे पापा की दुश्मनी थी गांव में सभी से एक रात को कुछ लोग आए हमारे घर में और मेरे मम्मी और पापा को मार कर चले गए अब वह लोग मुझे और मेरे भाई को ढूंढ रहे हैं मारने के लिए इसलिए मैं और मेरा भाई हम दोनों बचने के लिए इस जंगल में आकर छुप गया
साधु:-तुम दोनों मेरे आश्रम में आ जाओ रहने के लिए तुम्हें किसी का डर नहीं होगा और कोई मारेगा नहीं तुम दोनों को
फिर साधु दोनों लड़कों को लेकर अपने आश्रम में ले गए और दोनों लड़के खुशी-खुशी आश्रम में रहते थे एक दिन गाड़ी में कुछ पुलिस वाले आए
पुलिस:- यह जमीन आपकी नहीं है आपको आश्रम बंद करना होगा और दूसरी जगह पर जाना होगा
साधु:- लेकिन हम तो कहीं सालों से यहां पर रहते हैं आज तक तो किसी ने नोटिस नहीं दिया
पुलिस:- वो सब मुझे नहीं पता मुझे बस यह जगह खाली चाहिए
साधु:- हम जगह खाली नहीं करेंगे चाहे जो कुछ भी हो जाए
पुलिस की बात नहीं मानी इसलिए पुलिस वालों ने आश्रम पर हमला कर
दिया और साधु और बाकी बच्चों को बंदी बनाकर जेल मे डाल दिया
अगले दिन साधु को कोर्ट मे ले जाया गया
जज:- बताइए साधु जी आपके पास क्या सबूत है कि यह जमीन आपकी है
साधु:- मेरे पास कोई सबूत नहीं है की यह जमीन मेरी है
जज:- साधु जी के पास कोई सबूत ना होने के कारण अब से यह जमीन सरकार की है
साधु सभी बच्चों को लेकर कहां जाए यह सोच रहे थे तभी वह दोनों बच्चे जो साधु को जंगल मे मिले थे वह कहने लगे की हम जंगल मे चले जाते हैं रहने के लिए वहां हमने एक पहले से ही एक जगह देखी हुई है हम पहले वहां पर ही रहते थे अब हम सब साथ मिलकर वहां रहेंगे और हमें कोई निकालेगा भी नहीं साधु और सभी बच्चे जंगल मे चले गए रहने के लिए जंगल मे भी साधु और सभी बच्चे साथ में रहने लगे और सभी बहुत खुश थे
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