रविवार, 31 दिसंबर 2023

The story of country|problem of death|hindi kahani | suspense story

The story of country 

 

आज मैं उस देश की बात करुंगा जो बिजलियां गिरने से शमशान में बदल गया मेरा नाम दर्शन है कहानी शुरू करते हैं आखिर तक पढ़ना 

Electricity


एक विजलनाथ नाम का एक देश था उस देश की वस्ती आज से 2003 में 50 करोड़ थी लेकिन 2024 में विजलनाथ देश की वस्ती 50,000 है


विजलनाथ देश की खास बात यह है कि इस देश में आज तक कभी युद्ध नहीं हुआ इस देश में एक भी रोग नहीं देखने को मिला है और पूरी दुनिया में कोरोना फैल गया था लेकिन विजलनाथ देश में कोरोना क्या है वहां के रहने वाले लोगों को यह भी नहीं पता था लेकिन विजलनाथ में रहने वाले लोगो की संख्या दिन प्रतिदिन कम होती जा रही थी

 विजलनाथ मे घर कम थे और शमशान ज्यादा थे विजलनाथ की सरकार ने हुकुम दीया था कि जितने हो सके उतने ज्यादा शमशान बनाईये क्योंकि लासे ज्यादा थी और शमशान कम थे


आपके दिमाग में एक बार यह सवाल जरूर आया होगा कि इतने लोग मर कैसे रहे हैं 


विजलनाथ का मौसम बाकी सभी देशों से एकदम अलग था विजलनाथ मैं हमेशा एक ही मौसम रहता था बारिश का मौसम पूरे साल में एक भी दिन ऐसा नहीं होता है जिस दिन विजलनाथ में बारिश ना हुई हो 

Rain


इसलिए विजलनाथ में पत्थर के मकान नहीं बनाते सिर्फ लोखंड के ही मकान बनाते हैं ताकि कितनी भी बारिश क्यों ना हो उनका मकान बचा रह है विजलनाथ मैं महीने में एक बार तो सुनामी जरूर आती है इसलिए वहां के लोग एसे घर बनाते हैं जो बारिश हो तूफान या सुनामी ही क्यों ना हो उनके घर को कुछ ना हो


हमारे यहां सोना हीरे यह सब महंगा होता है लेकिन विजलनाथ मैं सबसे महंगी चीज थी रेनकोट,छतरी 


विजलनाथ मैं 1 रेनकोट ओर छतरी की कीमत 50,000 है यह भाव पढ़ कर आप जरूर चौंक गए होंगे लेकिन जींस की value ज्यादा होती है उनकी तो कीमत बढ़ती है ना विजलनाथ मे भी बिल्कुल ऐसा ही है 


Bike,car,bus की कीमत विजलनाथ मैं पानी के भाव में थी और 1 bot की कीमत 2 लाख से 100 करोड़ के बीच थी विजलनाथ में सबसे ज्यादा कीमत bot की ही थी इसलिए जिसके पास बड़ी bot थी उसे सबसे अमीर माना जाता था


(आप चाहे तो यह स्टोरी भी पढ़ सकते हैं)

Story फुटपाथ पर रहने वाला परिवार imotional story

 

आप सोच रहे होंगे कि ये देश हमारे देश से कितना अलग है लेकीन इंसान इतने अलग है एक दुसरे से तो देश अलग क्यू नही हो सकता 


लेकिन विजलनाथ मै मरने की संख्या इतनी ज्यादा है उसका कारण भी बारिश ही है क्युकी जितनी ज्यादा बारिश उतनी ज्यादा बिजलियां गिरती है बिजली गिरने के कारण कितने लोगो की आंखे चली जाती है लेकिन ज्यादातर लोगों की मौत ही हो जाती है इसलिए विजलनाथ में लास को जलाने के लिए लकड़ी भी नही मिलती और लास को दफनाने के लिए जगह नही मिलती 

Death


इतनी बुरी हालत में विजलनाथ मै जो थोड़े बहुत लोग बचे थे

उन सब ने निर्णय लिया कि हमें ए देश छोड़कर चले जाना चाहिए किसी और देश में 


लेकिन विजलनाथ की सरकार ये नही चाहती थी कि उनके देश के देशवासी देश छोड़ कर चले जाए इसलिए विजलनाथ की सरकार ने ऐलान किया की जो भी देश छोड़कर जाएगा वह विजलनाथ का अपराधी माना जाएगा इसलिए उस इंसान को खौफनाख दंड दिया जाएगा


विजलनाथ की सरकार को लगा की दंड की बात सुनकर सभी डर जाएंगे लेकिन हुआ उसका उल्टा किसी को कोई फर्क नहीं पड़ा सरकार की यह दंड वाली बात सुनकर क्योंकि बिजली का डर ऐसा था जो सभी लोगों के दिल मे बस चुका था की बिजली के डर के सामने सभी दंड छोटे लगते थे

Death


विजलनाथ की सरकार को लगने लगा कि अब कुछ नहीं हो सकता बिजली के डर के कारण और मरे हुए लोगों की लाश को देखकर लोग बहुत दर गए हैं और वह देश छोड़कर अब चले जाएंगे 


सरकार सोच में पड़ गई थी कि अब क्या करें लोगों को कैसे देश में रखें और कैसे उनकी जान बचाए

 

 लेकिन इसी बीच ऐसी दुर्घटना घटी जिसने पूरी सरकार को हीला डाला और सरकार में जितने भी लोग थे वह सब की सोच को बदल दिया


रात के 9:00 बजे का टाइम था विजलनाथ के प्रधानमंत्री bot मैं बैठकर घर जा रहे थे लेकिन बीच में ही आकाश में बादल गरजने लगे बिजली चिल्लाने लगी बादल के ऊपर और एक जोरदार आवाज के साथ एक बिजली विजलनाथ के प्रधानमंत्री पर गिरी और प्रधानमंत्री की वहीं पर मौत हो गई 


अब सरकार ने जो दंड रखा था देश के बहार जाने पर उसे बंद कर दिया और सरकार ने कहा कि हमारा सबसे बड़ा जहाज है उसमें बिठाकर सभी लोगों को हम विजलनाथ के बहार पहुंचाएंगे 

Ship


 यह बात सुनकर सभी लोग बहुत खुश हो गए और सबको लगने लगा था कि अब हमारी जान बच जाएगी लेकिन उन्हें क्या पता कि रब को कुछ और ही मंजूर था


विजलनाथ मैं जितने भी लोग बच्चे थे वह सब बैठ गए जहाज में और जो सरकार में ऊंचे पद पर जो लोग थे वह सब साथ में थे जहाज में क्युकि प्रधानमंत्री के मरने के बाद उनकी भी फटी हुए थी जहाज चलना शुरू हुआ समुद्र में थोड़ा ही चला था जहाज़ तब एक तूफान आया यह तूफान बहुत ही भयंकर था तूफान के कारण ही 100-150 लोग जहाज में से समुद्र के अंदर गिर गए और उनकी मौत हो गई 


सभी लोग बहुत ही डरे हुए थे क्योंकि उन्हें लगने लगा था कि मरने का अगला नंबर उनका भी हो सकता है और हुआ भी बिल्कुल ऐसा ही समुद्र के अंदर इतनी लाशे गिरने लगी की मछलियो का भी पेट भरगया लाशे खाकर लेकिन लाशे खत्म नहीं हुई 

 

हुआ था कुछ ऐसा की जहाज में सभी लोग चुपचाप खड़े थे कोई कुछ बोल नहीं रहा था आवाज सुनाई दे रहा था सिर्फ समुद्र के पानी का और ठंड ऐसी की सभी काप रहे थे

Sea


तभी जोरदार बारिश शुरू हो गई और जीस बात का डर था वही हुआ बिजली जहाज के बीचों-बीच जाकर गिरी बीच में जहा पर बिजली गिरी वहां पर एक लड़की खड़ी थी उस पर जाकर बिजली गिरी और लड़की वहीं पर राख में बदल गई और जहाज के दो टुकड़े हो गए धीरे-धीरे दोनों जहाज के टुकड़े पानी में डूबने लगे साथ में जहाज पर बैठे लोग भी समुद्र में गिरने लगे थोड़ी देर में दोनों जहाज के टुकड़े समुद्र के अंदर चले गए


जितने भी लोग थे जहाज में उन सभी की मौत हो गई


कैसी लगी आपको हमारी कहानी problem of death comment section में जरूर बताना एसी और कहानी 

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रविवार, 24 दिसंबर 2023

Story World's greatfull wonderful first woman|दुनियां की सबसे सुंदर स्त्री

 

Girl
Beautiful girl


मेरा नाम दर्शन है ये कहानी है उस वक्त की जब दुनियां की पहली स्त्री का जन्म हुआ था ये कहनी आपको जरूर अच्छी लगेगी कहानी सुरु करते है


उस वक्त की बात है जब ईश्वर ने पृथ्वी का निर्माण किया था पृथ्वी का निर्माण करने के बाद ईश्वर एक बड़े मैदान में बैठे थे और अपने आसपास के अपने बनाए हुए पर्वत को फूलों को बादल को सूर्य को देख रहे थे और अंदरो अंदर मुस्कुरा रहे थे क्योंकि उन्हें यह सब देखकर बहुत ही अच्छा लग रहा था लेकिन ईश्वर को लगा कि 

ईश्वर:- यह ग्रह छोटा बनाया है मैंने लेकिन कितना खूबसूरत है ओर कितनी खूबसूरत है यह छोटी सी जगह और मेरा यह बनाया हुआ छोटा सा गोला मुझ तक सीमित नहीं रहना चाहिए मुझे किसी और को भी दिखाना चाहिए 


उसके बाद ईश्वर कुछ ऋषि का निर्माण करते हैं 

Sage

Sage



ऋषि:- प्रणाम प्रभु आपका बहुत-बहुत धन्यवाद कि आपने हमें जीवन दिया क्या आगया है बोलीए प्रभु 


ईश्वर:- तुम सबको मिलकर ऐसे जीव की रचना करनी है जिसका जन्म तो एक छोटी सी जगह में हो लेकिन उस जगह से बाहर निकल कर वह मेरी बनाई हुई हर जगह को देख सके उसे समझ सके उसे महेसूस कर सके और अपने जीवन को एक नया रूप दे सके और याद रखना उसकी आयु सीमित होनी चाहिए 


ऋषि:- लेकिन आयु क्यू सीमित होनी चाहिए प्रभु 


ईश्वर:- क्योंकि यह पूरा ब्रह्मांड मैंने बनाया लेकिन ब्रह्मांड में एक भी ऐसी वस्तु मैंने ऐसी नहीं बनाई

Space
Space 


 जिसकी आयु सीमित ना हो यहां तक की तुम सब ऋषि की आयु भी सीमित है और सबसे जरूरी बात उस जीव मैं भावना होनी चाहिए


ऋषि:- आप जीव मैं भावना ए क्यों डालना चाहते हैं बिना भावना डालें भी आप जीव बना सकते हैं ना


ईश्वर:- जीस जीव में भावनाएं ना हो वह बादल जैसा है बादल हर जगह पर घूमते हैं दुनिया में हर जगह पर जाते हैं लेकिन बादल को उन जगह के लिए कोई भावनाएं नहीं है बिल्कुल महत्व नहीं है इसलिए बादल का जन्म सिर्फ पानी बरसाने के लिए ही मैंने किया है

 

ऋषि:- हम समझ गए प्रभु आपके हर एक शब्द हम समझ गए लेकिन प्रभु हम कौन सी भावनाएं डालें


ईश्वर:- सबसे पहले तो प्यार की भावना डालो उसके बाद क्रोध की भावना डालो उसके बाद विश्वास की भावना डालो उसके बाद विश्वास घाट की भावना डालो उसके बाद मोह माया की भावना डालो उसके बाद ईर्षा की भावना डालो उसके बाद शारीरिक संबंध आधारित भावनाएं डालो 


ऋषि:- सभी भावनाएं जीव में हम डालेंगे लेकिन यह शारीरिक संबंध भावना क्यों प्रभु यह तो गलत है


ईश्वर:- नहीं गलत नहीं है सबसे सही यही है अगर यही भावना जिव में नहीं होगी तो दूसरा जीव कैसे आएगा इसलिए यह भावना जीव में चाहिए


ऋषि:- जैसी आपकी आगया प्रभु


फिर ईश्वर चले जाते हैं ब्रह्मांड से कौसो दूर अपने स्थान पर

और कुछ सालो बाद ईश्वर वापस आते है देखने के लिए की ऋषि ने कितने जीव की रचना की है तो ईश्वर ने जाकर देखा तो सभी ऋषि तपस्या कर रहे है


ईश्वर:– मैने तुम सब ऋषि को एक काम सोपा था वो करने की जगह पर ध्यान मै बैठे हो 


फिर सभी ऋषि ध्यान से बहार आते हैं


ऋषि:– हमें क्षमा कीजिए प्रभु लेकिन हम समझ नहीं पा रहे हैं कि हम जिव की रचना कैसे करें वह भी भावनाओ के साथ


फिर ईश्वर वहां से चले जाते हैं किसी दूसरी जगह पर और वहां जाकर ईश्वर एक जीव की रचना करते है और ईश्वर उसका नाम स्त्री रखते हैं


वह स्त्री अति सुंदर थी भावनाओं के साथ परिपूर्ण थी उस स्त्री में ईश्वर ऐसा आकर्षण डालते हैं जिस पर कोई भी मोहित हो जाए और एक अलग ही तरह की ऊर्जा और उत्तेजना स्त्री में समाहित करते हैं ईश्वर


स्त्री:– प्रणाम प्रभु आपकी वजह से जीवन मिला है बोलिए क्या आगया है   


ईश्वर:– तुम्हें एक ऋषि के साथ शारीरिक संबंध बनाने होंगे


स्त्री:– लेकिन ऋषि तो बहुत विद्ववान होते हैं वह क्यों शारीरिक संबंध बनाएंगे मेरे साथ और ऋषि तो सभी संबंधों से मुक्त होते हैं

ये कहनी के बाद 

प्यारे पंशी की दर्दनाख कहनी पढ़िए


ईश्वर:– क्योंकि मैंने तुम्हारे शरीर पर और तुम्हारे अंदर वो आकर्षण डाला है जिससे पुरुष प्रभावित हो जाए और ऋषि भी तो एक पुरुष है चाहें कितने भी युग क्यु ना चले जाए लेकिन स्त्री का पुरुष प्रत्येय आकर्षण और पुरुष का स्त्री प्रति आकर्षण कभी खत्म नहीं होगा आखिर में मेरी बनाई हुई दुनिया भी खत्म हो जाएगी लेकिन एक दूसरे के प्रति मोह कभी खत्म नहीं होगा अब तुम जाव ऋषि के पास

 

फिर स्त्री एक ऋषि के पास जाती है ऋषि स्त्री को देखते हैं और ऋषि के मन में उत्तेजना बढ़ती है स्त्री के प्रति और स्त्री ऋषि के हाथ पर हाथ रखती है ऋषि में और स्त्री में शारीरिक भावनाएं बढ़ने लगती है और दोनों में शारीरिक संबंध बनता है

और कुछ महीनो के बाद एक पुत्र का जन्म होता है

Son

Son



यहां से मानव की शुरुआत होती है


आपको कैसी लगी हमारी कहानी comment section में जरूर बताना 

Story world's greatfull wonderful beutiful first woman|दुनियां की सबसे सुंदर स्त्री 

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रविवार, 17 दिसंबर 2023

Ghost love marriage story|horror story|interesting story

 Ghost love marriage|horror story 

मेरा नाम दर्शन है और आज मैं दो भूतों की प्रेम कथा लिखने वाला हु आपको ये कहानी जरूर पसंद आएगी बस आखिर तक पढ़ना
एक अरुण नाम का लड़का था अरुण की उम्र 18 साल थी वह अपने मम्मी पापा के साथ एक भाड़े के मकान में रहता था 

एक दिन अरुण के मम्मी पापा अरुण की दादी की तबीयत खराब थी तो गांव गए थे और अरुण को एक हफ्ते तक घर में अकेला रहना था अब शाम हो चुकी थी और अरुण की मम्मी अरुण के लिए खाना बना कर गई थी खाना अरुण ने खाया और homework करने बैठ गया homework अरुण ने खतम किया तब तक शाम के 10:00 बज चुके थे अब अरुण जमीन पर लेट कर सो गया क्योंकि घर में bad नहीं था 
 

अब आपको कहीं ना कहीं ऐसा लग रहा होगा कि tital तो भूत की कहानी ऊपर से है लेकिन भूत तो आया नहीं लेकिन इंतजार करो आएगा 

Ghost entry 


अब रात के 2:00 बज चुके थे अरुण को प्यास लगी थी इसलिए वो पानी पीने के लिए खड़ा हुआ पानी पी लिया और वापस आकर लेट गया लेकिन अब अरुन को नींद नहीं आ रही थी
अरुण जीस तरफ मुंह करके सोया था उसतरफ उसके सामने एक खिड़की थी अरुन ने उस खिड़की के बहार देखा लेकिन अरुन को उसकी आंखों पर विश्वास नहीं हो रहा था की वो दो भुत को बातें करते हुए देख रहा है 
अरुन:-यह मैं क्या देख रहा हूं लड़का और लड़की दोनों हवा में उड़ रहे हैं लेकिन कैसे दोनों पूरे दिखाई तो दे रहे हैं लेकिन ठीक से नहीं दिखाई दे रहे है
(introduction for ghost)

अरुण दोनों को देखकर shoked था क्योंकि काले कपड़े दिखाए तो दे रहे थे लेकिन थे नहीं
हाथ दिखाएं तो दे रहे थे लेकिन थे नहीं
एक दूसरे के सामने तो देख रहे थे दोनों लेकिन आंखें नहीं थी ऐसा लग रहा था दोनों सांस तो ले रहे थे लेकिन नाक नहीं थी दोनों एक दूसरे से बात तो कर रहे थे लेकिन होठ नहीं थे 
दोनों के चेहरे की feelings तो दिखाई दे रही थी लेकिन चेहरा नहीं था (Ghost introduction completed)


Real ghost story in hindi|horror story 
 

अरुण को समझ में आ गया कि ये तो भूत है इसलिए डर के मारे अरुण आंखें बंध कर लेता है ओर हनुमान चालीसा बोलना शुरू कर देता है हनुमान चालीसा पूरी खत्म करने के बाद अरुण धीरे से अपनी आंखें खोलता है तभी वह दोनों भूत अरुण को खिड़की के बहार नजर नहीं आए अरुण की जान में जान आई तभी अरुण left side देखा है तो वह दोनों भूत अरुण के बगल में ही बैठे थे यह देखकर अरुण इतना घबरा गया की जोर-जोर से चिल्लाने लगा

अरुण:-आआआआआआआआआआ
तभी दोनों भुत मिलकर अरुण को चुप कराते हैं
अरुण अभी भी डरा हुआ था
भूत(male):-हमें तुम्हारी मदद की जरूरत है अरुण please हमारी मदद करो सिर्फ तुम ही हमारी मदद कर सकते हो
अरुण (डरते हुए):- मै इंसानों की मदद नहीं कर पाता हूं तो भुत की मदद कैसे करूंगा कैसे
भूत(female):-हमारी शादी करवा कर तुम हमारी मदद कर सकते हो वरुण 
अरुण:- लेकिन तुम दोनों तो मर चुके हो भूत हो तो तुम अब क्यों शादी करना चाहते हो

भूत(male):-आज से 1 महीने पहले की बात है हम मरे नहीं थे जिंदा थे और हम दोनों एक दूसरे से बहुत प्यार करते थे लेकिन मेरे मम्मी पापा अमीर थे और इसके मम्मी पापा गरीब थे इसलिए मेरे मम्मी पापा ने शादी के लिए मना कर दिया लेकिन मैं बहुत प्यार करता था इससे इसलिए मैं इसे नहीं छोड़ सकता था लेकिन मुझे पता था कि मेरे मम्मी पापा इस लड़की के साथ मेरी शादी कभी नहीं होने देंगे इसलिए हम दोनों ने एक आखरी फैसला लिया और ट्रेन के सामने खड़े हो गए और हम दोनों ने एक साथ आत्महत्या कर ली



अरुण की आंखों में आंसू आ गए यह बातें सुनकर
अरुण:- आपकी स्टोरी तो बहुत पीड़ा दायक है मैं आपकी मदद जरूर करूंगा लेकिन अब तो आप दोनो भुत बन चुके हो तो अब क्यों शादी करनी है

भूत(female):-क्योंकि आत्महत्या करने के बाद हम सीधे यमलोक के दरवाजे के पास पहुंचे तो यमराज ने हमें दरवाजे पर ही रोक दिया और कहां की तुम दोनों की इच्छा एक बाकी रह गई है इसलिए हम तुम्हें यमलोक मे अंदर नहीं आने दे सकते जब तक तुम्हारी इच्छा पूरी ना हो जाए
अरुण:- अब मैं समझा तुम दोनों की यह आखरी इच्छा थी शादी करने की और यह इच्छा अधूरी रह गई इसलिए तुम्हें यमलोक जाने के लिए शादी करनी पड़ेगी
भूत(female):- अब तुम समझे
अब अरुण भूत के साथ बात करने में Comfortable हो गया था

अरुण:- लेकिन मैं तुम दोनों की यह आखरी इच्छा कैसे पूरी करु मुझे समझ मे नहीं आ रहा है और मुझे नींद भी आ रही है तो हम कल सुबह बात करेंगे
भूत(female):-तो हम सुबह तक क्या करेंगे
अरुण:- सुबह तक एक दूसरे को I Love You 1,2, 3,4,5,6,7,8,9,10 बोलते रहो जहां तक गिनती आती है और मैं एक अच्छी सी नींद ले लेता हूं 
सुबह होती है सुबह के 7:00 बज चुके थे अरुण अभी तक जगा नहीं था दोनों भूत मिलकर अरुण को जगाते हैं 
अरुण:- प्यार करने वाले भूतों को मेरा good morning

भूत(female):- हमारी problem का solution ढुंढो अरुण
अरुण:-लेकिन मुझे तो स्कूल जाना है अभी और नाश्ता करना भी बाकी है 
भूत (male):-अरे वरुण तुम्हारे मम्मी पापा एक हफ्ते तक नहीं आने वाले हैं तो तुम तब तक स्कूल मत जाना और बस हमारी मदद करना तब तक
भूत (Female):-और मैं तुम्हारे लिए अभी अच्छा सा नाश्ता बना देती हु तुम बस उपाय ढूंढो
अब आप सोचोगे भूत खाना भी बना सकते हैं लेकिन वह भूत है कुछ भी कर सकते हैं
नाश्ता करने के बाद वरुण ने कहा मेरे पास एक उपाय है

Intarwal

भूत (male):- जल्दी बताओ क्या उपाय है 
अरुण:- तुम दोनों भूत हो इसलिए तुम दोनों के लिए दो लाश ढूंढनी पड़ेगी एक लड़के की और एक लड़की की 
भूत (male):-लेकिन कहां से लाएंगे लाश
अरुण:-अरे आजकल तो दिन में कितनी लोग मरते हैं कोई अच्छी सी खूबसूरत लाश दिखे तो चले जाओ अंदर 
भूत (female):-अब हमें हर तरफ ध्यान रखना होगा अगर कोई जवान लड़का या लड़की की मौत हो जाए तो लाश जलने से पहले हमें उसके अंदर जाना होगा

अरुण:-ये लड़की भूत बन गई लेकिन है समझदार
भूत (male):- हां इसीलिए तो मैंने इसे पसंद किया है इतनी प्यारी और समझदार जो है
इतना बोलते ही दोनों भूत एक दूसरे के करीब आ जाते हैं धीरे-धीरे बहुत करीब आ रहे है 

अरुण:- देखो यहां पर चुम्मा चाती करना मना है
अरुण के इतना बोलते ही दोनों भूत एक दूसरे से दूर हो जाते हैं फिर तीनों घर से बहार निकलते हैं और लाश ढूंढना शुरू कर देते हैं लेकिन पूरा दिन लाश ढूंढने के बाद टीनो वापस शाम को घर पर आते हैं 
वरुण:- आज मैं कुछ ज्यादा ही थक गया हूं
भूत (male):-इतने में थक भी गए देखो हम बिल्कुल भी नहीं थके

वरुण:- लगता है तुम भूल जाते हो कि तुम भूत हो और मैं इंसान हू तुम्हें पता है आज पूरा दिन तुम्हारी लाश ढूंढने के चक्कर में पानी भी नहीं पिया और toilet भी नहीं गया और खाना भी नहीं खाया और खाना निकाला भी नहीं है 
फिर (female) भूत वरुण को खाना बनाकर खिलाती है 

खाना खाने के बाद वरुण टीवी चालू करता है और टीवी देखने बैठ जाता है और दूसरी तरफ दोनों भूत family planning कर रहे होते हैं 
समाचार की चैनल वरुण देख रहा होता है और तभी समाचार में दिखाते हैं कि 10 लोगों की मृत्यु हो गई hospital में और वह hospital अरुण जिस शहेर मे रहेता था ऊसी शहेर में था
यह देखकर अरुण खुश हो गया
अरुण:-ओ प्यार के उजड़े हुए पंछिओ इधर आओ कुछ बताना है

भूत(male):- हा बोलो क्या बताना है
अरुण:-मैंने अभी समाचार मे देखा कि एक hospital में 10 लोगों की मौत हो गई है उसमें लड़का भी होगा लड़की भी होगी तो जिसकी लाश अच्छी लगे चले जाओ उसमें और जीलो अपनी जिंदगानी

भूत (female):- अरे हम अभी रात में चलते हैं hospital में अगर लाश का postmortem कर दिया तो क्या करेंगे हम इसलिए अभी चलते हैं 
वरुण:- भूत आंटी आपको तो बहुत जल्दी है कोई बात नहीं चलो चलते हैं hospital
फिर तीनों hospital जाते हैं और वह रुम ढूंढने लगते हैं जहां पर लाशो को रखा था थोड़ी देर ढूंढने के बाद वह रूम मिल जाता है जहां लाशे रखी थी फिर दोनों भूत अच्छी एक-एक लासे पसंद कर लेते हैं और उसके अंदर चले जाते हैं अब दोनों को बॉडी मिल चुकी थी अब तीनों कोई देखना ले ऐसे hospital के बहार आ गए थे और वरुण के घर चले गए
दोनों भूत अब बहुत खुश थे
भूत (female):-thankyou वरुण तुम्हारा उपकार हम पर हमेशा रहेगा तुमने हमारी इतनी मदद जो की है
भूत (male):-वरुण तुम्हें जितना धन्यवाद करें उतना कम हैं 
वरुण:- यार मेरी इतनी तारीफ मत करो वैसे भी मुझे तारीफ सुनने की आदत नहीं है
भूत (female):-अब आगे क्या करना है वरुण 
Khunkhar story
वरुण:- अब कल हम एक अच्छी सी जगह बुक करेंगे और वहां पर तुम दोनों की शादी करवा देंगे इससे तुम दोनों की आत्मा को शांति मिल जाएगी और मुझे भी... लेकिन पैसे कहां से लाएंगे 
भूत (male):- अरे पैसों की टेंशन क्यों लेते हो मेरे पापा बहुत अमीर है और मुझे पता है अपने बैंक के लॉकर का password मैं ले आऊंगा पैसे जितने चाहिए उतने

अब भूत (male) गया बैंक में और ले आया 20,00,000 रुपए

वरुण अब एक hole बुक करता है शादी के लिए और तीनों शादी की शॉपिंग करने जाते हैं मॉल में वहां से तीन अच्छे कपड़े लेते हैं भूत (female)अपने लिए गहने लेती है बहुत सारी शॉपिंग करने के बाद तीनों घर पर आते हैं और तैयार हो जाते हैं शादी के लिए वरुण ने एक पंडित भी बुला लिया था

Climax

फिर तीनों होल पहुंच जाते हैं जहां पर दोनों भूत की शादी होने वाली थी दोनों भूत तैयार होकर मंडप में बैठ जाते हैं और शादी शुरू होती है पंडित मंत्र बोलना शुरू करता है अब फेरे की बारी आती है दोनों भूत फेरे फरना शुरू करते हैं पीछे से वरुण फूल फेकना शुरु करता है अब फेरे खत्म हो जाते हे अब (male)भुत मंगलसूत्र पहनाता हैं और शादी संपन्न होती है


Real ghost story in hindi|horror story 

अब दोनों भूत की अंतिम इच्छा पूरी हो गई और यमलोक में जाने की parmisan मिल गई 
भूत(female):-एक और बार शुक्रिया अरुण तुम्हारा हमारी आखरी इच्छा पूरी करने के लिए और जो भी पैसे बचे हैं उसे तुम अपने पास रखना तुम्हें काम आएंगे

और दोनों भूत अरुण के गले लगते हैं तीनों की आंखों में आंसू थे अब दोनों भूत जीस शरीर में थे उसमें से निकलकर दोनों की आत्मा यमलोक चली जाती है और अरुण बाय-बाय बोलता है ओर अपने घर चला जाता है 

अगर आपको यह कहानी अच्छी लगी हो
 तो हमें follow जरूर कीजिएगा हमारी ऐसी और अटपटी कहानियां पढ़ने के लिए




शुक्रवार, 15 दिसंबर 2023

Story of the univers |बादलों की दुनियां |suspense story


 मेरा नाम दर्शन है और मैं आज आपके लिए एक रहस्यमई दुनिया की story लेकर आया हूं आपको यह स्टोरी बहुत अच्छी लगेगी तो बिना देर किए story शुरू करते हैं

PART 1 यह स्टोरी आपके लिए expensive होगी हमारा Universe अैसे कहीं Universe है सभी Universe में कुछ अलग कुछ नया देखने को और सीखने को मिलता है सभी Universe एक दूसरे के साथ जुड़े हुए होते हैं ऐसा कुछ हुआ दो लड़कों के साथ दोनों लड़कों का नाम था श्याम और हरदेव दोनों एक साथ एक घर में रहते थे दोनों साथ में नौकरी करते थे उसका घर था 3 bhk लेकिन उसके घर में एक रूम था जिसके अंदर श्याम और हरदेव कभी नहीं गए थे flashback.क्योंकि उस घर का पहले जो मालिक था उसने घर बेचने से पहले कहा था कि इस कमरे में ताला ही रहने देना इस कमरे में भुल के भी कभी मत इसी लीए हरदेव और श्याम उसे कमरे में कभी नहीं गए एक दिन शाम को हरदेव और श्याम सोफे पर बैठे थे श्याम:-यार हरदेव मुझे बहुत इच्छा होती है उस कमरे में जाने की ऐसा क्या है अंदर की हमें मना किया इसके अंदर जाने से 

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हरदेव:-हां यार घर के मालिक तो हम हैं अब तो हम उस बुद्धे की बात क्यों सुने 

श्याम:-हां तो अभी हम ताला तोड़ के देखते हैं कि उस कमरे में क्या है 

अब दोनों खड़े हुए और श्याम हथोड़ा लेकर आया और हरदेव बस ऐसे ही आ गया अब सामने ताले पर हथौड़ा मारना शुरू कर दिया थोड़ी देर में ताला टूट गया फिर हरदेव ने दरवाजा खोला दरवाजा खोला तो दूसरी तरफ कुछ दिखाई नहीं दे रहा था अंधेरा था श्याम:- एक काम करते हैं हम अंदर जाकर देखते हैं कि क्या है

फिर दोनों धीरे-धीरे अंदर जाने लगे और लाइट शुरू हो गइ तो दोनों ने देखा कि वह दोनों उसके घर में वापस आ गए लेकिन इस बार उसका घर कुछ अलग था क्योंकि वह दोनों दूसरे universe में आ गए थे श्याम:-अरे हरदेव यह घर अलग क्यों दिख रहा है हरदेव:-हम बाहर चल के देखते हैं बाहर जाकर दोनों ने देखा तो बाहर एकदम अलग ही नजारा था वहां पर इंसान की जगह पर cloud (बादल) घूम रहे थे गाड़ियां भी cloud (बादल) की बनी हुई थी ट्रेन रिक्शा सब cloud (बादल) का था यह सब देखकर श्याम और हरदेव दोनों सोच में पड़ गए थे कि यह क्या है हम कहां आ गए हैं लेकिन यह तो हमारा ही सिटी है तभी cloud (बादल) के बने हुए लोगों ने इन दोनों को देख लिया और वह सब एलियन एलियन चिल्लाने लगे और श्याम और हरदेव के पीछे भागने लगे हरदेव और श्याम भी डर के मारे भागने लगे भागते भागते श्याम और हरदेव एक जंगल में पहुंच गये जंगल में सभी चीज बादल की बनी हुई थी यहां तक कि पेड़ पौधे सब कुछ बादल का था श्याम:-हम काम करते हैं पेड पर चढ़ जाते है ताकि बादल हमारे पीछे ना आ सके तभी उन बादलों ने हरदेव और श्याम को देख लिया दोनों की फट के हाथ में आने लगी Story The Cloud Universe का part 2 चाहिए तो कमेंट करो

अगर story अच्छी लगी हो तो हमें follow कीजिए और अपने दोस्तों के साथ story share कीजिएगा 

मंगलवार, 12 दिसंबर 2023

King's oldest most terrifying oldest tunnel |suspense story|interesting story

 •° King's oldest most terrifying oldest tunnel 

मेरा नाम दर्शन है में आज आपके लिए धमाकेदार story लाया हूं मुझे विश्वास है कि आपको ए story पसंद आएगी
•°आज से कई सालो पहले की बात है राजा सेना को लेकर जंग लड़ने जाते थे जंग मे हार भी होती है जीत भी होती है ऐसा एक राजा के साथ हुआ 
•°राजा का नाम हेरंदर नाथ था हेरंदर नाथ 1 देश का राजा था हेरंदर नाथ की 1 पत्नी थी हिवेरणा नाथ उनका एक बेटा था जितेंद्र नाथ
•°हेरंदर नाथ को सबकुछ अपने नाम पर बनवाने का शौक है हेरंदर नाथ ने अपने नाम की मूर्ति बनवायी थी



 अपने नाम का हेरंदर नाथ ऐ अपना महल बनवाया था



 महल में एक भी दीवाल अंदर की हो या बहार की एक भी दीवाल ऐसी नहीं थी कि जिस पर हेरंदर नाथ का नाम ना हो



•°हेरंदर नाथ के देश में जितने भी घर थे उन सभी पर अपना नाम लिखवाने का हुकुम दिया था यह वहां का नियम था जो हेरंदर नाथ ने हीं बनाया था और जो हेरंदर नाथ का नाम नहीं लिखता उसे हेरंदर नाथ सजा देते थे


 

•°आप सोच रहे होंगे कि ऐसा थोड़ी होता है लेकिन सिर्फ घर पर नहीं उस देश में जितने भी लोग रहते थे सबके हाथ में हेरंदर नाथ का नाम लिखवाना पड़ता था वरना वह उस देश का निवासी नहीं माना जाता था 

•°और हमारी भाषा में कहे तो हेरंदर नाथ नाम पूरे देश के लिए passport 



और password की तरह काम करता था 



हेरंदर नाथ को अपना नाम लिखवाने में बहुत आनंद आता है इसलिए हेरंदर नाथ ने सिर्फ एक ही नियम रखा था और कोई नियम नहीं था उसके देश में इसलिए वहां की प्रजा बहुत शांति से एक दूसरे के साथ मिलकर रहते थे

•°हेरंदर नाथ का परिवार भी शांतिप्रीय था और हेरंदर नाथ को कभी लड़ाई करना पसंद नहीं था इसलिए पूरे देश में कितने लोग रहते थे लेकिन कभी भी वहां के लोगों में लड़ाई नहीं हुई इसलिए कहते हैं ना जैसा राजा वैसी प्रजा 

•°लेकिन कहते हैं ना जहा positivevity होती हैं



 वहा negativity भी होती हैं राजा की एक बुरी आदत थी इस आदत ने हेरंदर नाथ को वो पल दीखा दिये जीसकी हेरंदर नाथ ने कल्पना भी नहीं की थी



•°1 years later 

•°हेरंदर नाथ अकेला था एक सुरंग में रहता था हेरंदर नाथ की वो सुरंग जमीन से 10 फ़ुट नीचे थीं सुरंग में बड़े अक्षरों से हेरंदर नाथ का नाम लिखा था 



•°अब आप सोच रहे होंगे की सुरंग में हेरंदर नाथ कैसे आया और क्यों हेरंदर नाथ का नाम लिखा है क्योंकि वह सुरंग हेरंदर नाथ ने बनवाई थी

•°अब आप सोच रहे होंगे कि हेरंदर नाथ ने सुरंग क्यों बनवाई थी अगर भविष्य में मुसीबत आए तो हेरंदर नाथ खुफिया रास्ते से भाग सकते हैं और ऐसी जगह पर छुप सके जहां कोई उसे ढूंढ ना ले इसलिए राजा ने सुरंग बनवाई थी

•°सुरंग के अंदर खाना था ओर पानी था



•°अब आप सोच रहे होंगे की सुरंग के अंदर खान और पानी आया कहां से 

•°हेरंदर नाथ महल से भागा तब अपने साथ लाया था खाना और पानी

•°अब आप सोच रहे होंगे कि हेरंदर नाथ अपने महल से क्यों भागा 

•°क्योंकि हेरंदर नाथ पर किसी और देश के राजा ने हमला कर दिया था दूसरे देश के राजा को पता था की हेरंदर नाथ का नाम हाथ में लिखकर गए तो उन्हें कोई भी सिपाही देश के अंदर या महल के अंदर जाने से रोकेगा नहीं इसलिए उस राजा ने अपने सभी सिपाही के हाथ मे हेरंदर नाथ का नाम हाथ मे लिख दिया और सिपाही को भेजना शुरू कर दिया ऐसा करते-करते उस राजा ने अपने आधे से ज्यादा सिपाही हेरंदर नाथ के देश में भेज चुका था वह सैनिक वहां की प्रजा की तरह रहते थे और अपने राजा के हुकुम का इंतजार करते थे फिर एक दिन राजा को लगा कि अब हमला कर देना चाहिए फिर जो सिपाही प्रजा की तरह रहते थे उन्हें संदेश भेज दिया फिर अचानक हर तरफ से उस राजा ने हमला कर दिया महेल पर



 और महेल के हर तरफ जितने भी सिपाही थे उन सबको मार डाला और हेरंदर नाथ का परिवार जिस कमरे में था उन सबको पकड़ लिया और बंदी बना लिया 



और हेरंदर नाथ के परिवार को पूछने लगा 

•°दुश्मन राजा:- बोलो हेरंदर नाथ कहां है

हेरंदर नाथ के परिवार वाले कहने लगे कि हमें नहीं पता वो कहां है

•°दुश्मन राजा:- लेकिन बताना तो पड़ेगा ही वैसे मेरी तुम सबसे कोई दुश्मनी तो नहीं है लेकिन मुझे इस देश पर राज करना है इसलिए मैं कुछ भी कर सकता हूं इस देश पर राज करने के लिए हेरंदर नाथ के परिवार को बंदी बनाकर जेल में डाल दो और हेरंदर नाथ को ढूंढो 

•°आप सोच रहे होंगे कि इस वक्त हेरंदर नाथ कहां पर है 

हेरंदर नाथ उस वक्त वहीं पर था एक जगह पर छुपा हुआ था और यह सब देख रहा था हेरंदर नाथ को बहुत दुख हो रहा था कि उसकी वजह से उसका परिवार बहुत बडी मुसीबत में था लेकिन हेरंदर नाथ को पता था कि वह इस वक्त बहार निकल गया तो वह खुद भी फंस जाएगा और अपने परिवार को भी नहीं बचा पाएगा इसलिए वह पीछे के रास्ते से महेल के बहार निकल गया तभी हेरंदर नाथ को एक घोड़ा दिखा



 उस पर बैठकर जाने लगा हेरंदर नाथ 



को पता था कि ऐसा दिन जरूर आएगा इसलिए पहले से ही हेरंदर नाथ ने एक सुरंग बनवाकर रखी थी उस सुरंग के अंदर हेरंदर नाथ छुपने चले गए 

 हेरंदर नाथ सुरंग के अंदर थे उसके 2 दिन हो चुके थे अब खाना और पानी भी खत्म हो चुका था 

•°हेरंदर नाथ:- अच्छा हुआ रास्ते में कुछ लोग मीले उन्होंने खाना दे दिया और पानी दे दिया अब तो मैंने सेना भी बना ली है अब मुझे बहार जाना चाहिए अपने परिवार को बचाने के लिए

•°सुरंग के अंदर कौनसी सेना बनती है ऐसा अभी आप सोच रहे हैं हेरंदर नाथ के पास एक कला थी जिसे वो किसी भी जानवर और पशुओं से बातें कर सकते है उस सुरंग के अंदर सांप थे बिच्छू थे चिट्टियां थी



 और भी बहुत सारे जानवर जीव जंतु थे 2 दिन में उन सब को अपना दोस्त बना लिया था हेरंदर नाथ ने 

•°अब हेरंदर नाथ सुरंग से बहार निकलने के लिए चलने लगा 

लेकिन हेरंदर नाथ इतनी आसानी से सुरंग से बहार नहीं •°निकल सकता क्योंकि वह सुरंग 35KM लंबी थी और •°हेरंदर नाथ सुरंग के बीच में था इसलिए हेरंदर नाथ को बहार निकलने में कम से कम 2 दिन तो लगेंगे

•°हेरंदर नाथ ने चलना शुरू कर दिया हेरंदर नाथ dogy style में चल रहा था 

•°अब आपके दिमाग से सवाल होठों के जरिए बहार आया होगा कि अब ए कुत्ता बनकर क्यों चल रहा है ज्यादा सोचो मत मैं हूं ना क्योंकि सुरंग की hight बहुत कम थी simple 

•°1 day later

•°पूरा एक दिन dogy style में चलने के बाद हेरंदर नाथ इतना थक गये थे की थकान के कारण हेरंदर नाथ की जुबान बहार आ गई थी कुत्ते की तरह और थुक भी गिर रहा था और हेरंदर नाथ की जुबान हिचकोले खा रही थी कभी इधर कभी उधर 



साथ में दूसरे जीवजंतु भी साथ में चल रहे थे वह जीव जंतु हेरंदर नाथ को हिमत दे रहे थे अपनी भाषा में कि ऐसे तुम हार नहीं मान सकते तुम्हें अपने परिवार को बचाना होगा और हम तुम्हारे साथ हैं

•°हेरंदर नाथ को अब एक और दिन चलना था सुरंग से बहार निकलने के लिए 

•°हेरंदर नाथ को अब एक झटका लगने वाला था क्योंकि हेरंदर नाथ जीस सुरंग मे था उस सुरंग में बहुत ही भयानक चीज थी

•°मुझे पता है आपको भी खुजली है उसका नाम जानने की सुरंग में जो दूसरा था उसका नाम है अजगर 



•°अब आप मुझे अपनी भाषा में कहोगे अब यहां अजगर कहां से आ गया

(सुरंग बनाने का काम खत्म हो गया था और आखरी दिन था तब की बात है)

                                 👇

•°हेरंदर नाथ ने 100 लोगों को बुलाया था सुरंग बनाने के लिए ताकि जल्दी सुरंग बन जाए 

•° कारीगर सुरंग बना रहे थे तब आकाश में चील उड़ कर जा रहा था 

•°चील क्यों आया कहानी में अब इसका जवाब आपको आगे मिल जाएगा 

•°चील हवा में उड़ रहा था तब उसके पंजे मे 1 मरा हुआ बंदर था 



•°चील(अपनी भाषा में):-यह बंदर तो बहुत भारी है जल्दी उठाकर अपने अड्डे पर जाना होगा वरना पंजे में से निकल जाएगा 

•°तभी बंदर की पूछ का बाल चील की नाक में चला गया इसकी वजह से चील को छींक आ गई और बंदर पंजे में से छूटकर नीचे गिर गया और जहां सुरंग बन रही थी वहां बंदर की लाश गिरी

अब आप सोचोगे चील की नाक तो छोटी सी होती है उसमें बंदर की पूंछ का बाल कैसे गया होगा तो सोचो मत आगे पढ़ो

•°चील(अपनी भाषा में):- हे प्रभु हे हरि राम कृष्ण जगन्नाथ हे प्रेमानंद यह क्या हुआ आज भुखा रहेना पड़ेगा अच्छा खाना चला गया सुबह क्या निकालुंगा प्रभु

•°चील बोलते बोलते उड़ कर चला गया नीचे सुरंग बना रहे थे उन लोगों ने मिलकर बंदर को सुरंग के अंदर ही जमीन में दफना दिया फिर रात हुई और सभी सुरंग बनाने वाले लोग घर पर चले गए 

•°तभी सुरंग के पास से अजगर जा रहा था तभी अजगर को जमीन के अंदर से सुगंध आई 

•°अजगर(अपनी भाषा में):-मेरा नाक बोल रहा है कि आसपास अच्छा खाना है और पेट में चूहे खो खो खेल रहे है लेकिन खाना कहां है यह अब ढूंढना होगा 

•°फिर अजगर हर जगह पर खाना सूंघने लगता है फिर अजगर को पता चल जाता है कि खाना जमीन की गहराइयों में है फिर अजगर अपनी पूछ से जमीन खोदने लगता है अजगर आराम से जमीन खोद रहा था क्योंकि अजगर की कमर में थोड़ा दर्द था 

•°आपके दिमाग में सवाल आया होगा कि अजगर की कमर होती है लेकिन मान लो ना यार मानने में क्या जाता है होती है तो होती है मान लिया ना तो अब आगे पढ़ो 

•°जमीन खोदने के बाद अजगर को वह सुरंग मिल गई जहां पर उसका खाना था फिर अजगर उस सुरंग के अंदर जाता है सुरंग छोटी थी इसलिए बहुत मुश्केली हो रही थीं अजगर को अंदर जाने में लेकिन खाना खाने के लिए अजगर कुछ भी कर सकता है 

•°अजगर (अपनी भाषा में):-कुछ भी हो जाए मैं खाना खाकर रहूंगा जोर से बोलो जोर लगा के हेंसा जोर लगा के हेंसा 

•°आखिर में अजगर को सफलता मिल जाती है और जहां बंदर को दफनाया था अजगर का मुंह वहां पहुंच जाता है और मुंह थोड़ा अंदर डालता है जमीन मे बंदर की लाश थी वह सीधे अजगर के मुंह मे आ जाती है और अजगर आराम से खाता है खाने के बाद एक जोरदार डकार मारता है

•°आपके दिमाग मे 1 सेकंड के लिए सवाल आया होगा की अजगर डकार किस तरह मारता होगा ये आप खुद सोचो आपके पास भी खोपड़ी हैं मुझे पता है आपके दिमाग में और भी सवाल आ रहे हैं लेकिन सबका जवाब नहीं दे सकता story भी तो लिखनी है ना

•°बंदर को खाने के बाद अजगर सुरंग में से बहार निकलने की कोशिश करने लगा लेकिन अजगर सुरंग में फस गया था और हील भी नहीं पा रहा था और कमर में भी काफी दर्द हो रहा था अब तो हेरंदर नाथ भी नजदीक आ चुका था तभी सामने हेरंदर नाथ ने देखा अजगर का मुंह यह देखकर हेरंदर नाथ को विश्वास नहीं हुआ कि सच में सामने अजगर हैं हेरंदर नाथ ने दो बार अपनी आंखें भी साफ की 

•°अजगर(अपनी भाषा में):-आंख साफ करना बंद कर मैं सच में हूं 

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हेरंदर नाथ को तो आती थी जानवर और पशुओं की भाषा इसलिए अजगर जो बोला वो हेरंदर नाथ समझ गया 

•°हेरंदर नाथ(अजगर की भाषा में):- मुझे विश्वास तो हो गया लेकिन मुझे तुमसे डर लग रहा है उसका क्या करूं

•°अजगर(अपनी भाषा में):-डरने की जरूरत नहीं है मैं 

चाहकर भी तुम्हें कुछ नहीं कर सकता क्योंकि मैं यहां पर फस गया हूं क्या तुम मेरी मदद करोगे मुझे यहां से निकालने में

हेरंदर नाथ (अजगर की भाषा में):- ठीक है मैं तुम्हारी मदद करूंगा लेकिन मेरी 2 शर्त है 

अजगर(अपनी भाषा में):- क्या शर्त है तुम्हारी

हेरंदर नाथ(अजगर की भाषा में):- मेरी 1 शर्त है कि तुम मुझे बाद में खाना मत 2 शर्त है की दुश्मन राजा ने मेरे परिवार को बंदी बनाकर रखा है मेरे महेल मे तुम उन्हें छुड़ाने में मेरी मदद करोगे मेरी यह 2 शर्त तुम्हें मंजूर है

अजगर (अपनी भाषा में):- हां मुझे तुम्हारी दोनों शर्त मंजूर है

हेरंदर नाथ अपनी सेना से कहते हैं (उनकी भाषा में) हम सब मिलकर अजगर को धक्का देते हैं इस तरफ से ताकि अजगर दूसरी तरफ से बाहर निकल जाए 

फिर हेरंदर नाथ और उनकी सेना धक्का मारना शुरू करते हैं 1 घंटे तक लगातार धक्का मारने के बाद एनाकोंडा सुरंग में से बाहर निकल गया ‌

अजगर (अपनी भाषा में):- अब चलो तुम्हारे परिवार को बचाने के लिए

फिर हेरंदर नाथ,अजगर,सांप,बिच्छू,कीदी,मकोड़े,मधुमक्खी ,

मच्छर और भी बहुत सारे जीव जंतु सभी महेल की तरफ जाने लगते हैं

थोड़ी देर में महेल के पास पहुंच जाते हैं और हमला भी कर देते हैं दुश्मन राजा को भी पता चल गया था कि हेरंदर नाथ ने हमला कर दिया है इसलिए दुश्मन राजा भी महेल के बहार निकलता है और अपने सिपाहियों को हमला करने को कहेता है घमासान युद्ध शुरू हो गया था दुश्मन राजा के सैनिक थे वह लड़ने की जगह पर भागना शुरू कर देते हैं क्योंकि अजगर के सामने जो भी आता है सिपाही उसे अजगर सीधा निगल जाता था इसलिए सभी सैनिक बहुत डर गए थे और दूसरी तरफ सांप और बिच्छू ऐसे डंख मार रहे थे जैसे सुबह बिना नाश्ता किए आए हो



 और मधुमक्खी सीधा मुंह पर हमला करती थी और जिसका मुंह एक बार आ गया मधुमक्खी के चंगुल में उसका मुंह फुटबॉल बनने में देरी नहीं लगती



 धीरे-धीरे करके दुश्मन राजा के सभी सैनिक मारे जाते हैं और एक बचा था वह था दुश्मन राजा और दुश्मन राजा के तो पैर कांप रहे थे क्योंकि सामने अजगर मुंह खोल कर खड़ा था

हेरंदर नाथ (अजगर की भाषा में):- रुको अजगर इसे मारना मत इसकी सजा मैं decide करूंगा 

दुश्मन राजा को हेरंदर नाथ जेल मे डाल देते है और हेरंदर नाथ के परिवार को जहां पर बंदी बनाकर रखा था वहां से हेरंदर नाथ निकालते हैं 

अब हेरंदर नाथ अपने परिवार से कहते हैं की अजगर और बाकी जानवरों की वजह से मैं अपने देश को और तुम सबको बचा पाया हूं 

हेरंदर नाथ (जानवर की भाषा में) तुम सबको कभी भी जरूरत पड़े तो मेरे महल के दरवाजे तुम सबके लिए खुले हैं मैं हमेशा तुम सबकी मदद करने के लिए तत्पर रहूंगा क्योंकि तुम सबका मुझ पर एहसान है 

अजगर (अपनी भाषा में):- अरे कोई बात नहीं अगर फिर से जरूर पड़े तो बुला लेना हमको हम वापस आ जाएंगे और तुम्हारी वजह से तो मुझे पेट भर के खाना मिला है कितना स्वादिष्ट था तो अब हम चलते हैं

फिर सभी जानवर चले जाते हैं महेल से

अब हेरंदर नाथ बहुत खुश थे क्योंकि हेरंदर नाथ की life में सबकुछ बिल्कुल ठीक हो गया था हेरंदर नाथ ने जो पहले नियम बनाया था की हर जगह पर उसका नाम होना चाहिए वह नियम खारिज कर दिया

आपको कैसी लगी हमारी storyKing's oldest most terrifying oldest tunnel comment section में जरूर बताना

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(आप नीचे दी गई स्टोरी भी पढ़ सकते हैं)

Birds story in hindi writing

Story Big expensive world















सोमवार, 4 दिसंबर 2023

Birds story in hindi writing |suspense story| interesting story

 Birds story in hindi writing 

कैसे हो दोस्तों मेरा नाम दर्शन है और आइलैंड की स्टोरी मैं आपके लिए लाया हूं आखिर तक पढ़ते रहेना 


दो समुंदर थे दोनों समुंदर के बीच एक आइलैंड था आइलैंड इतना बड़ा था



 कि दोनों समुंदर को मिलने से रोकता था दुनिया में जितने भी प्रजाति है पक्षी की वह सभी पक्षी उस आईलैंड पर देखने को मिलते हैं और आइलैंड पर बहुत सारे पेड़ थे इसलिए इस आइलैंड को सबसे हरा भरा और दुनिया का सबसे बड़ा आइलैंड माना जाता है इस आईलैंड पर आपको एक भी इंसान देखने को नहीं मिलेगा सिर्फ और सिर्फ पक्षी देखने को मिलेंगे शायद इसलिए यह आइलैंड इतना खूबसूरत है इस आइलैंड की खूबसूरती का अंदाज आप इस पर से लगा सकते हैं कि जब रात होती है तो पूरा आईलैंड अलग-अलग रंगो से चमक उठता है क्योंकि आइलैंड में कुछ पक्षी ऐसे थे जो रात को चमकते थे यह चमक इतनी दूर तक फैलती है की समुंदर भी बोलता है

समुंदर:- इतना सुकून सिर्फ रात को ही मिलता है काश यह पक्षी भी मेरी तरह अमर होते

आइलैंड पर जितने भी पक्षी रहते थे उसमें से कुछ पक्षी पेड़ पर रहते थे और कुछ पक्षी जमीन पर रहते थे सभी पक्षी साथ मिलकर रहते थे इंसानों की तरह कभी झगड़ा नहीं करते थे

पेड़ पर आने वाले फ्रूट और पटिया पक्षी खाते थे और समुंदर का पानी पीते थे और एक दूसरे के साथ प्यार से रहते थे

3 years later

पूरा आइलैंड खाली हो चुका था कुछ ही पक्षी बच्चे थे



 उन्हें पता था कि अब हम यहां और थोड़ी देर रहेंगे तो हम भी मर जाएंगे इसलिए बचने के लिए वह पक्षी दूसरी जगह पर चले गए आईलैंड पर बाकी सभी पक्षी मर चुके थे पहले आईलैंड हरे रंग का था अब वही आइलैंड लाल रंग मे बदल गया है और रोशनी फ़ैलाने वाले जो पक्षी थे उनको तो सबसे पहले मार दिया था आइलैंड पर जितने भी पेड़ थे वह सभी कट गए थे एक मैदान बन गया था 

3 years ago

 एक बार समुंदर मे से कुछ जीव बाहर निकले और वह आइलैंड पर चलने लगे वह जीव जमीन पर भी रह सकते थे वह मांसाहारी थे और जीव इतने ताकतवर थे कि वेल को भी मार सकते थे कुछ जीव बाहर आए थे वह पेड़ को खाने लगे उन्हें पेड बहुत अच्छे लगे इसलिए वह जीव वापस समुंदर मे चले गए

 

Birds story in hindi writing 

1 day later

दूसरे दिन वही जीव वापस समुद्र मे से बाहर आने लगे धीरे-धीरे करके लाखों जिव बाहर आ गए थे समुंदर मे से

वह जीव पेड़ को तो खाने लगे लेकिन वहां जो पक्षी थे उन्हें भी खाने लगे जो पक्षी जमीन पर माला बनाकर रहते थे उनका माला भी खा गए और साथ मे पक्षी को भी खा गए धीरे-धीरे सभी पक्षियों को पता चल गया की कुछ जिव आए हे जो हमें मार के खा जाएंगे जीव इतने खतरनाक थे खाने में की आइलैंड में जितने भी पेड़ थे थोड़ी देर में सभी खा गए और पेड़ पर जो पक्षी और उनके बच्चे नीचे गिर जाते थे उन्हें भी खा गए आइलैंड पूरा लाल मैदान बन गया था क्योंकि एक भी पेड़ नहीं था और कुछ पक्षी बच्चे वह उड़कर दूसरी जगह पर चले गए क्योंकि उन्हें पता था कि अब यहां रहे तो जिंदा नहीं रहेंगे

धीरे-धीरे वह जीव पूरा आइलैंड खा गए अब उस जगह पर कोई आइलैंड नहीं है सिर्फ पानी है ‌‍‌


आपको कैसी लगी हमारी Birds story in hindi writing story



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https://unexpectedstory12.blogspot.com/2023/12/story-big-expensive-world-20000.html



रविवार, 3 दिसंबर 2023

Story Big Expensive World | चाय का बिल 20000 आया🫣

 Story Big Expensive World | चाय का बिल 20000 आया🫣


मेरा नाम दर्शन है और यह महंगी वाली कहानी मैं आपके लिए लाया हूं ऐसी कहानी आपने जिंदगी मे कभी नहीं पढी होगी और नाहीं सुनी होगी तो कहानी शुरू करते हैं


दो भाई थे विनय और शुभम दोनों बाजार गए थे खरीदी करने के लिए दोनों भाई टमाटर की लारी खड़ी थी वहां गए



विनय:- ओ भाई कितने के दिए हैं टमाटर

टमाटर वाला:- बहुत सस्ते हैं सिर्फ 100 के

शुभम:- 100 रुपए के किलो है ले लो ले लो विनय हम भेल में टमाटर डालेंगे

विनय:- ठीक है भाई 100 के किलो दे दो

टमाटर वाला:- ओ भाई पहले मेरी पूरी बात सुन ₹100 के किलो नहीं है ₹100 का 1 टमाटर है

विनय:- तुम टमाटर बेच रहे हो या सोना इतना महंगा

टमाटर वाला:- तुम्हें लेना है तो लो यही भाव है

शुभम:- रहने दे विनय हमें टमाटर नहीं लेना है हम कहीं और चलते हे कुछ और ले लेंगे

टमाटर की लारी के बाजू मे बैंगन की लारी थी फिर दोनों भाई वहां गए 


Story Big Expensive World | चाय का बिल 20000 आया🫣

शुभम:- कितने के दिए है बैंगन

बैंगन वाला:- बैंगन दिए ₹100 के

शुभम:- ₹100 के किलौ ना

बैंगन वाला:- क्या बात कर रहे हो बिल्कुल नहीं 

शुभम:- हां समझ गया 100 का एक बैंगन दिया है ना

बैंगन वाला:- अरे क्या मजाक कर रहे हो बिल्कुल नहीं

विनय:- तो कितने के दिए है बैंगन बता दे movie की तरह suspense क्यों बढ़ा रहा है

बैंगन वाला:- मेरे हाथ मे एक बैंगन है ना उसके सर पर एक डीटी है ना वह ₹100 का दिया है अब समझे भाव

शुभम:- इसे कम भाव तो खेडुत लेते हैं विनय नहीं लेना है बैंगन का डीटी चल

 दोनों भाई को प्यास लगती है तो दोनों पानी की दुकान में जाते हैं


Story Big Expensive World | चाय का बिल 20000 आया🫣

विनय:- एक पानी की बोतल दोना

दुकान वाला:- ये लो तुम्हारी पानी की बोतल



विनय:- कितने की है पानी की बोतल

दुकान वाला:- ₹1000 की है

विनय और शुभम को यह रकम सुनकर झटका लगता है 

विनय:- लेकिन यह बोतल तो ₹20 की आती है ना

दुकान वाला जोर-जोर से हंसने लगा

शुभम:- अरे आप हंस क्यों रहे हो ₹20 की तो आती है बोतल 

दुकान वाला:- ओ भाई अगर कोई जोक्स मारेगा तो हंसना तो पड़ेगा ना और बता दु ₹20 की बोतल नहीं आती ₹20 का बोतल का ढक्कन आता है वह भी टूटा हुआ अच्छा ढक्कन चाहिए तो ₹50 लगते हैं

तभी उस दुकान में कोई आदमी आता है और ₹3000 की पानी की बोतल मांगता है और दुकान वाला पानी की बोतल दे देता है फिर वो आदमी पैसे देकर पानी की बोतल लेकर चला जाता है यह नजारा देखकर विनय और शुभम के रोंगटे खड़े हो गए

दुकान वाला:- ठीक है मै तुम्हारे लिए सस्ता कर देता हूं 

शुभम और विनय:- कितना सस्ता करोगे

दुकान वाला:- में 1000 वाली बोतल तुम्हें 999 मे दे दूंगा देखो इससे ज्यादा सस्ता मैने आज तक नहीं किया और इतनी सस्ती बोतल पूरे मार्केट मे तुम्हें कहीं नहीं मिलेगी लेनी है तो ले लो

शुभम:- सही कहा इतना discount तो Gold loan में भी नहीं मिलता लेकिन हम इतना सस्ता पानी नहीं पी पाएंगे हम चलते हैं

विनय:- शुभम चल हम पहले गैरेज मे जाते हैं

शुभम:- लेकिन गैरेज में क्या काम है

विनय:- Bike का एक टायर की हवा कम है तो हवा भराने जाना है


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शुभम:- ठीक है चल चलते हैं हवा भराने 

फिर दोनों गाड़ी को लेकर गैरेज मे जाते हैं 

गैरेज का मालिक:- हां बोलो भाई क्या काम है 

विनय:- मेरी गाड़ी का एक टायर की हवा कम हो गई है तो उसे भराने के लिए आए हैं

गैरेज का मालिक:- कोई बात नहीं आप सामने की दुकान में चाय पीकर आओ तब तक मैं आपका टायर रेडी रखता हूं

फिर दोनों भाई चाय पीने चले जाते हैं

शुभम:- ओ छोटू जल्दी लाव दो मसालेदार चाय वो भी गरमा गरम

छोटू:- लीजिए मसालेदार चाय गरमा गरम



शुभम चाय के कप मे उंगली डालता है फिर शुभम चाय का कप उठाकर छोटू के मुंह पर डालता है 

शुभम:- इतनी ठंडी चाय इसे तुम गरम कहेते हो इसे गरम तो मेरा मुंत है

तभी वहां पर चाय की दुकान का मालिक आ जाता है

चाय की दुकान का मालिक:- सेठ क्या हुआ अपने इसके मुंह पर चाय क्यों फेंकी

शुभम:- इसने बिल्कुल ठंडी चाय दी थी इसलिए मैने इसके मुंह पर चाय फेंकी

चाय की दुकान का मालिक:- माफ कर दीजिए इसे सेठ ये बच्चा है अभी आपके लिए गरमा गरम चाय बनाता हूं

चाय बनने के बाद छोटू वापस आया दोनों को चाय देने के लिए शुभम ने फिर से चाय मे उंगली डालकर देखा

शुभम:- ये हुइ ना कुछ बात इसे कहते हैं गरम चाय

फिर दोनों भाई चाय का लुफ्त उठाते हैं चाइ खत्म होने के बाद

दोनों भाई खड़े होते हैं 

शुभम:- ये लो ₹10 चाय के

चाय की दुकान का मालिक:- ₹10 ये तुम भीख देरहे हो क्या

शुभम:- लेकिन ₹10 तो हुए ना चाय के 

चाय की दुकान का मालिक:- ₹10 नहीं हुए ₹10000 हुए हैं

विनय:- दो चाय के 10000 थोड़ी होते हैं

चाय की दुकान का मालिक:- दो चाय के 10000 नहीं हुए एक चाय के 10000 है दो चाय के तो ₹20000 हुए हैं 

विनय:- चाय के ₹20000 हमने चाय का टैंकर थोड़ी मंगवाया था 

चाय की दुकान का मालिक:- दो कप चाय के ₹20000 चुपचाप दो और इधर से निकलो

विनय और शुभम tantion में आ गए कि इतने पैसे कहां से लाए फिर दोनों के पास जितने पैसे थे वह निकाले दोनों के पैसे मिलाकर कुल 2000 थे 

विनय:- यार शुभम हम दोनों के पैसे मिलाकर 2000 हुए चाय के बील के आधे पैसे भी नहीं हुए अब क्या करें 

शुभम:- वो तो मुझे भी नहीं पता है

फिर दोनों भाई दुकान वाले के पास गए

विनय:- हमारे पास अभी सिर्फ 2000 है हम बाकी के पैसे बाद मे दे देंगे

चाय की दुकान का मालिक:- यहां पर उधारी नहीं चलती 

और कमीने छोटू पर तो ऐसे चाय फेंकी थी की करोड़ों का मालिक हो और मैं भी खामखा सेठ बोल रहा था और मुझे मेरे पैसे चाहिए अभी

शुभम:- लेकिन हम कल आपको दे देंगे पैसे अभी नहीं है हमारे पास पैसे

चाय की दुकान का मालिक:- अभी नहीं है ना पैसे तो मेरे पास एक idea💡है सारे बर्तन आज के तुम्हें धोने होगे मेरी दुकान के नहीं इस पूरे Market मे जितनी चाय की दुकान है ना सभी के बर्तन तुम दोनों को हिं धोने होंगे तभी तो मेरे पैसे वसूल होंगे और शुभ शुरुआत करोगे तुम मेरी दुकान से 

दोनों भाई एक साथ बर्तन धो रहे थे और ऊपर छोटू खड़ा था नजर रख रहा था कि बर्तन ठीक से धो रहे हैं या नहीं सारे बर्तन धोने के बाद छोटू गया और वापस आया

छोटू:- ये लो कमीनो तुम दोनों के चाय के कब तो बाकी रह गए धोने के लिए लेकिन यह दो कप तुम दोनों को पानी से नहीं धोने है

शुभम:- तो फिर किसे धोने है चाय के कप 

छोटू:- तुम्हारे मुंत से धोने है चाय के कप तुमने बोला था ना की बहुत गर्म है मूत मेरा तो फिर धो अपने मूत से कप

शुभम:- मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं चाय के कब धोउगा वो भी किसी की दुकान मे वो भी अपने मुंत से

विनय:- हां तो क्या जरूरत थी बोलने की रंडी चाय है

शुभम:- लेकिन मै तो गंडी चाय बोला था

विनय:- हां मेरा मतलब वही है गंडी चाय बोलने की क्या जरूरत थी

शुभम:- अब गलती हो गई क्या करूं चल मै मुंता हूं तु कप साफ कर

फिर कप साफ करने के बाद शुभम और विनय सभी चाय की दुकान पर गए और वहां के बर्तन भी साफ किये

अब तक दोनों भाई बहुत थक चुके थे क्योंकि बर्तन हीं इतने ज्यादा थे 

विनय:- साला आज जितना काम किया है इतना काम कभी नहीं किया 25 चाय की दुकान के बर्तन साफ किये हे

शुभम:- हां यार बहुत थक गया हूं हिलाने की भी ताकत नहीं है मेरे पास

विनय:- चल अब गाड़ी ले लेते हैं हमारी और जल्दी घर चले जाते हैं भूख भी लगी है

शुभम:-हां यार जल्दी चल

फिर विनय और शुभम दोनों गैरेज मे जाते हैं गाड़ी लेने के लिए 


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विनय:- काम हो गया

गैरेज का मालिक:- 2 घंटे से तुम्हारी गाड़ी हो गई है तैयार तुम्हारा इंतजार था

विनय:- दो मेरी गाड़ी

फिर गेरेज का मालिक विनय को उसकी गाड़ी देता है और पैसे मांगता है

विनय(मन में):- जितने पैसे थे वह सभी तो हमने चाय वाले को दे दिए अब हम इसे क्या देंगे

गैरेज का मालिक:- क्या सोच रहे हो मेरे पैसे दो

विनय:- क्या हम आपको कल पैसे दे तो चलेगा

गैरेज का मालिक:- नहीं चलेगा मुझे अभी ₹100000 चाहिए

विनय और शुभम एक साथ बोले:- ₹100000 रुपए टायर में हवा भरने के

गैरेज का मालिक:- हां हां हां हां हां ₹100000

विनय:- हमारी बात मानीये please हमारे पास पैसे नहीं है

गैरेज का मालिक:- ठीक है तुम्हारी बात मान लेता हूं और तुम्हारी गाड़ी भी रख लेता हूं ₹100000 हो जाए तब आना मेरे पास 

गैरेज में से दोनों मुंह लटकाकर बाहर आते हैं

विनय:- यार शुभम गाड़ी चली गई बाप कुत्ते की तरह मारेगा और गधे की तरह काम करवाएगा वह अलग से 

शुभम:- और पैसे नहीं देगा कंजूस के जैसे वह अलग से

विनय:- अब रिक्शा करके घर चले जाते हैं


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शुभम:- नहीं बिल्कुल नहीं अगर रिक्शा का भाडा 50000 हुआ तो क्या करेंगे बोल अब रिस्क बिल्कुल नहीं लेनेका 

विनय:- सही कहा शुभम तूने एक काम करते हैं हम चल के जाते हैं घर और जल्दी चल वैसे भी देर हो गई है


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शनिवार, 2 दिसंबर 2023

Story of king in hindi with moral | moral story

 Story of king in hindi with moral 

कैसे हो आप मेरा नाम दर्शन है आज मै आपके लिए कहानी लाया हूं कहानी है एक बहादुर राजा की आपको ए कहानी जरूर पसंद आएगी


एक वीर बहादुर नाम का एक राजा था वह बहुत बड़ा दानवीर था एक दिन सुबह वीर बहादुर अपनी राजसभा मे सिंहासन पर बैठे थे तभी वहां पर उड़कर एक बाज आ गया 



बाज:- कैसे हो राजा

वीर बहादुर:- मै तो ठीक हूं लेकिन तुम बोल सकते हो वो भी इंसानों की भाषा

बाज:- हां बोल सकता हूं

यह देखकर सभा मे सभी लोग और राजा के परिवार के लोग सभी चौंक गए की एक बाज इंसान की भाषा कैसे बोल सकता है 

बाज:- राजा मैने तुम्हारे बारे मे बहुत सुना है कि तुम बहुत बड़े दानवीर हो अगर कोई तुमसे कुछ भी मांगे तो तुम मना नहीं करते क्या ये बातें सच है 

वीर बहादुर:- सच है अगर मुझसे कोई कुछ भी मांगे मै कभी मना नहीं करूंगा 

बाज:- ठीक है मै तुमसे कुछ मांगूंगा तुम दोगे

वीर बहादुर:- हां क्यों नहीं जरुर दूंगा तुम मांग के तो देखो

बाज:- लेकिन मुझे लगता है कि तुम नहीं दे पाओगे

मंत्री:- यह हमारे महाराज है आज तक इन्होंने किसी को मना नहीं किया जो कोई भी मांगने आता है सब की इच्छा पूरी की है कोई यहां से खाली हाथ नहीं गया और तुम भी नहीं जाओगे 

इसलिए दिल खोल के अपनी इच्छा रजू करो

वीर बहादुर:- बिल्कुल सही कहा मंत्री ने इसलिए तुम बेझिझक मांगो

बाज:- मुझे तुम्हारे दोनों हाथ चाहिए तुम मुझे काट कर दो तुम्हारे हाथ

मंत्री (गुस्से में):- महाराज ने मांगने को कहा तो तुम कुछ भी मांग लोगे सैनिको मार डालो इस बाज को सभी सैनिक बाज को मारने के लिए आगे बढ़ने लगे तभी

वीर बहादुर:- रुको सैनीको कोई बाज को हाथ नहीं लगाएगा

फिर सभी सैनिक रुक गए

वीर बहादुर:- बाज मे तुम्हारी इच्छा जरुर पूरी करूंगा ‌‍‌

फिर वीर बहादुर ने अपनी तलवार निकाली और अपना एक हाथ काट दिया यह देखकर सभा मे सभी की आंखों मे आंसू थे वीर बहादुर का परिवार वह तो बीचारे रो रहे थे फिर एक सैनिक को बुलाकर राजा ने अपना दूसरा हाथ भी कटवा दिया

 विर बहादुर‌ चिल्ला रहे थे क्योंकि विर बहादुर पीड़ा बर्दाश्त नहीं कर पा रहे थे अब वीर बहादुर का सिंहासन खून से लाल हो गया था 

बाज:- अब मुझे तुम्हारा गला चाहिए 

राजा का बेटा:- उनका गला कट जाएगा तो वह मर जाएंगे आप क्यों मेरे पिता श्री को मारना चाहते हैं

बाज:- मैने बहुत सुना था तुम्हारे पिता श्री के बारे मे की बहुत बड़े दानवीर है इसलिए मै परीक्षा लेने आया था

सभा मे खड़े सभी लोग सोच रहे थे मन मे की ऐसी परीक्षा कौन लेता है यार तभी एक रोशनी निकली बाज मे से और बाज का रूप ही बदल गया यह खुद विष्णु जी थे 


Story of king in Hindi with moral 

वीर बहादुर की परीक्षा लेने आए थे फिर विष्णु जी ने अपना एक हाथ ऊपर किया तभी वीर बहादुर के दोनों कटे हुए हाथ उड़ने लगे और वापस वीर बहादुर के शरीर के साथ जुड़ गए और वीर बहादुर बिल्कुल ठीक हो गए सभी लोग विष्णु जी के आगे हाथ जोड़कर खड़े हो गए

विष्णु जी:- वीर बहादुर तुम सच मे महा दानवीर हो बोलो तुम्हें क्या चाहिए

वीर बहादुर:- मुझे कुछ नहीं चाहिए

फिर विष्णु जी चले गए राजा और उनका पूरा परिवार बहुत खुश था

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