Story of king in hindi with moral
कैसे हो आप मेरा नाम दर्शन है आज मै आपके लिए कहानी लाया हूं कहानी है एक बहादुर राजा की आपको ए कहानी जरूर पसंद आएगी
एक वीर बहादुर नाम का एक राजा था वह बहुत बड़ा दानवीर था एक दिन सुबह वीर बहादुर अपनी राजसभा मे सिंहासन पर बैठे थे तभी वहां पर उड़कर एक बाज आ गया
बाज:- कैसे हो राजा
वीर बहादुर:- मै तो ठीक हूं लेकिन तुम बोल सकते हो वो भी इंसानों की भाषा
बाज:- हां बोल सकता हूं
यह देखकर सभा मे सभी लोग और राजा के परिवार के लोग सभी चौंक गए की एक बाज इंसान की भाषा कैसे बोल सकता है
बाज:- राजा मैने तुम्हारे बारे मे बहुत सुना है कि तुम बहुत बड़े दानवीर हो अगर कोई तुमसे कुछ भी मांगे तो तुम मना नहीं करते क्या ये बातें सच है
वीर बहादुर:- सच है अगर मुझसे कोई कुछ भी मांगे मै कभी मना नहीं करूंगा
बाज:- ठीक है मै तुमसे कुछ मांगूंगा तुम दोगे
वीर बहादुर:- हां क्यों नहीं जरुर दूंगा तुम मांग के तो देखो
बाज:- लेकिन मुझे लगता है कि तुम नहीं दे पाओगे
मंत्री:- यह हमारे महाराज है आज तक इन्होंने किसी को मना नहीं किया जो कोई भी मांगने आता है सब की इच्छा पूरी की है कोई यहां से खाली हाथ नहीं गया और तुम भी नहीं जाओगे
इसलिए दिल खोल के अपनी इच्छा रजू करो
वीर बहादुर:- बिल्कुल सही कहा मंत्री ने इसलिए तुम बेझिझक मांगो
बाज:- मुझे तुम्हारे दोनों हाथ चाहिए तुम मुझे काट कर दो तुम्हारे हाथ
मंत्री (गुस्से में):- महाराज ने मांगने को कहा तो तुम कुछ भी मांग लोगे सैनिको मार डालो इस बाज को सभी सैनिक बाज को मारने के लिए आगे बढ़ने लगे तभी
वीर बहादुर:- रुको सैनीको कोई बाज को हाथ नहीं लगाएगा
फिर सभी सैनिक रुक गए
वीर बहादुर:- बाज मे तुम्हारी इच्छा जरुर पूरी करूंगा
फिर वीर बहादुर ने अपनी तलवार निकाली और अपना एक हाथ काट दिया यह देखकर सभा मे सभी की आंखों मे आंसू थे वीर बहादुर का परिवार वह तो बीचारे रो रहे थे फिर एक सैनिक को बुलाकर राजा ने अपना दूसरा हाथ भी कटवा दिया
विर बहादुर चिल्ला रहे थे क्योंकि विर बहादुर पीड़ा बर्दाश्त नहीं कर पा रहे थे अब वीर बहादुर का सिंहासन खून से लाल हो गया था
बाज:- अब मुझे तुम्हारा गला चाहिए
राजा का बेटा:- उनका गला कट जाएगा तो वह मर जाएंगे आप क्यों मेरे पिता श्री को मारना चाहते हैं
बाज:- मैने बहुत सुना था तुम्हारे पिता श्री के बारे मे की बहुत बड़े दानवीर है इसलिए मै परीक्षा लेने आया था
सभा मे खड़े सभी लोग सोच रहे थे मन मे की ऐसी परीक्षा कौन लेता है यार तभी एक रोशनी निकली बाज मे से और बाज का रूप ही बदल गया यह खुद विष्णु जी थे
Story of king in Hindi with moral
वीर बहादुर की परीक्षा लेने आए थे फिर विष्णु जी ने अपना एक हाथ ऊपर किया तभी वीर बहादुर के दोनों कटे हुए हाथ उड़ने लगे और वापस वीर बहादुर के शरीर के साथ जुड़ गए और वीर बहादुर बिल्कुल ठीक हो गए सभी लोग विष्णु जी के आगे हाथ जोड़कर खड़े हो गए
विष्णु जी:- वीर बहादुर तुम सच मे महा दानवीर हो बोलो तुम्हें क्या चाहिए
वीर बहादुर:- मुझे कुछ नहीं चाहिए
फिर विष्णु जी चले गए राजा और उनका पूरा परिवार बहुत खुश था
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