मंगलवार, 12 दिसंबर 2023

King's oldest most terrifying oldest tunnel |suspense story|interesting story

 •° King's oldest most terrifying oldest tunnel 

मेरा नाम दर्शन है में आज आपके लिए धमाकेदार story लाया हूं मुझे विश्वास है कि आपको ए story पसंद आएगी
•°आज से कई सालो पहले की बात है राजा सेना को लेकर जंग लड़ने जाते थे जंग मे हार भी होती है जीत भी होती है ऐसा एक राजा के साथ हुआ 
•°राजा का नाम हेरंदर नाथ था हेरंदर नाथ 1 देश का राजा था हेरंदर नाथ की 1 पत्नी थी हिवेरणा नाथ उनका एक बेटा था जितेंद्र नाथ
•°हेरंदर नाथ को सबकुछ अपने नाम पर बनवाने का शौक है हेरंदर नाथ ने अपने नाम की मूर्ति बनवायी थी



 अपने नाम का हेरंदर नाथ ऐ अपना महल बनवाया था



 महल में एक भी दीवाल अंदर की हो या बहार की एक भी दीवाल ऐसी नहीं थी कि जिस पर हेरंदर नाथ का नाम ना हो



•°हेरंदर नाथ के देश में जितने भी घर थे उन सभी पर अपना नाम लिखवाने का हुकुम दिया था यह वहां का नियम था जो हेरंदर नाथ ने हीं बनाया था और जो हेरंदर नाथ का नाम नहीं लिखता उसे हेरंदर नाथ सजा देते थे


 

•°आप सोच रहे होंगे कि ऐसा थोड़ी होता है लेकिन सिर्फ घर पर नहीं उस देश में जितने भी लोग रहते थे सबके हाथ में हेरंदर नाथ का नाम लिखवाना पड़ता था वरना वह उस देश का निवासी नहीं माना जाता था 

•°और हमारी भाषा में कहे तो हेरंदर नाथ नाम पूरे देश के लिए passport 



और password की तरह काम करता था 



हेरंदर नाथ को अपना नाम लिखवाने में बहुत आनंद आता है इसलिए हेरंदर नाथ ने सिर्फ एक ही नियम रखा था और कोई नियम नहीं था उसके देश में इसलिए वहां की प्रजा बहुत शांति से एक दूसरे के साथ मिलकर रहते थे

•°हेरंदर नाथ का परिवार भी शांतिप्रीय था और हेरंदर नाथ को कभी लड़ाई करना पसंद नहीं था इसलिए पूरे देश में कितने लोग रहते थे लेकिन कभी भी वहां के लोगों में लड़ाई नहीं हुई इसलिए कहते हैं ना जैसा राजा वैसी प्रजा 

•°लेकिन कहते हैं ना जहा positivevity होती हैं



 वहा negativity भी होती हैं राजा की एक बुरी आदत थी इस आदत ने हेरंदर नाथ को वो पल दीखा दिये जीसकी हेरंदर नाथ ने कल्पना भी नहीं की थी



•°1 years later 

•°हेरंदर नाथ अकेला था एक सुरंग में रहता था हेरंदर नाथ की वो सुरंग जमीन से 10 फ़ुट नीचे थीं सुरंग में बड़े अक्षरों से हेरंदर नाथ का नाम लिखा था 



•°अब आप सोच रहे होंगे की सुरंग में हेरंदर नाथ कैसे आया और क्यों हेरंदर नाथ का नाम लिखा है क्योंकि वह सुरंग हेरंदर नाथ ने बनवाई थी

•°अब आप सोच रहे होंगे कि हेरंदर नाथ ने सुरंग क्यों बनवाई थी अगर भविष्य में मुसीबत आए तो हेरंदर नाथ खुफिया रास्ते से भाग सकते हैं और ऐसी जगह पर छुप सके जहां कोई उसे ढूंढ ना ले इसलिए राजा ने सुरंग बनवाई थी

•°सुरंग के अंदर खाना था ओर पानी था



•°अब आप सोच रहे होंगे की सुरंग के अंदर खान और पानी आया कहां से 

•°हेरंदर नाथ महल से भागा तब अपने साथ लाया था खाना और पानी

•°अब आप सोच रहे होंगे कि हेरंदर नाथ अपने महल से क्यों भागा 

•°क्योंकि हेरंदर नाथ पर किसी और देश के राजा ने हमला कर दिया था दूसरे देश के राजा को पता था की हेरंदर नाथ का नाम हाथ में लिखकर गए तो उन्हें कोई भी सिपाही देश के अंदर या महल के अंदर जाने से रोकेगा नहीं इसलिए उस राजा ने अपने सभी सिपाही के हाथ मे हेरंदर नाथ का नाम हाथ मे लिख दिया और सिपाही को भेजना शुरू कर दिया ऐसा करते-करते उस राजा ने अपने आधे से ज्यादा सिपाही हेरंदर नाथ के देश में भेज चुका था वह सैनिक वहां की प्रजा की तरह रहते थे और अपने राजा के हुकुम का इंतजार करते थे फिर एक दिन राजा को लगा कि अब हमला कर देना चाहिए फिर जो सिपाही प्रजा की तरह रहते थे उन्हें संदेश भेज दिया फिर अचानक हर तरफ से उस राजा ने हमला कर दिया महेल पर



 और महेल के हर तरफ जितने भी सिपाही थे उन सबको मार डाला और हेरंदर नाथ का परिवार जिस कमरे में था उन सबको पकड़ लिया और बंदी बना लिया 



और हेरंदर नाथ के परिवार को पूछने लगा 

•°दुश्मन राजा:- बोलो हेरंदर नाथ कहां है

हेरंदर नाथ के परिवार वाले कहने लगे कि हमें नहीं पता वो कहां है

•°दुश्मन राजा:- लेकिन बताना तो पड़ेगा ही वैसे मेरी तुम सबसे कोई दुश्मनी तो नहीं है लेकिन मुझे इस देश पर राज करना है इसलिए मैं कुछ भी कर सकता हूं इस देश पर राज करने के लिए हेरंदर नाथ के परिवार को बंदी बनाकर जेल में डाल दो और हेरंदर नाथ को ढूंढो 

•°आप सोच रहे होंगे कि इस वक्त हेरंदर नाथ कहां पर है 

हेरंदर नाथ उस वक्त वहीं पर था एक जगह पर छुपा हुआ था और यह सब देख रहा था हेरंदर नाथ को बहुत दुख हो रहा था कि उसकी वजह से उसका परिवार बहुत बडी मुसीबत में था लेकिन हेरंदर नाथ को पता था कि वह इस वक्त बहार निकल गया तो वह खुद भी फंस जाएगा और अपने परिवार को भी नहीं बचा पाएगा इसलिए वह पीछे के रास्ते से महेल के बहार निकल गया तभी हेरंदर नाथ को एक घोड़ा दिखा



 उस पर बैठकर जाने लगा हेरंदर नाथ 



को पता था कि ऐसा दिन जरूर आएगा इसलिए पहले से ही हेरंदर नाथ ने एक सुरंग बनवाकर रखी थी उस सुरंग के अंदर हेरंदर नाथ छुपने चले गए 

 हेरंदर नाथ सुरंग के अंदर थे उसके 2 दिन हो चुके थे अब खाना और पानी भी खत्म हो चुका था 

•°हेरंदर नाथ:- अच्छा हुआ रास्ते में कुछ लोग मीले उन्होंने खाना दे दिया और पानी दे दिया अब तो मैंने सेना भी बना ली है अब मुझे बहार जाना चाहिए अपने परिवार को बचाने के लिए

•°सुरंग के अंदर कौनसी सेना बनती है ऐसा अभी आप सोच रहे हैं हेरंदर नाथ के पास एक कला थी जिसे वो किसी भी जानवर और पशुओं से बातें कर सकते है उस सुरंग के अंदर सांप थे बिच्छू थे चिट्टियां थी



 और भी बहुत सारे जानवर जीव जंतु थे 2 दिन में उन सब को अपना दोस्त बना लिया था हेरंदर नाथ ने 

•°अब हेरंदर नाथ सुरंग से बहार निकलने के लिए चलने लगा 

लेकिन हेरंदर नाथ इतनी आसानी से सुरंग से बहार नहीं •°निकल सकता क्योंकि वह सुरंग 35KM लंबी थी और •°हेरंदर नाथ सुरंग के बीच में था इसलिए हेरंदर नाथ को बहार निकलने में कम से कम 2 दिन तो लगेंगे

•°हेरंदर नाथ ने चलना शुरू कर दिया हेरंदर नाथ dogy style में चल रहा था 

•°अब आपके दिमाग से सवाल होठों के जरिए बहार आया होगा कि अब ए कुत्ता बनकर क्यों चल रहा है ज्यादा सोचो मत मैं हूं ना क्योंकि सुरंग की hight बहुत कम थी simple 

•°1 day later

•°पूरा एक दिन dogy style में चलने के बाद हेरंदर नाथ इतना थक गये थे की थकान के कारण हेरंदर नाथ की जुबान बहार आ गई थी कुत्ते की तरह और थुक भी गिर रहा था और हेरंदर नाथ की जुबान हिचकोले खा रही थी कभी इधर कभी उधर 



साथ में दूसरे जीवजंतु भी साथ में चल रहे थे वह जीव जंतु हेरंदर नाथ को हिमत दे रहे थे अपनी भाषा में कि ऐसे तुम हार नहीं मान सकते तुम्हें अपने परिवार को बचाना होगा और हम तुम्हारे साथ हैं

•°हेरंदर नाथ को अब एक और दिन चलना था सुरंग से बहार निकलने के लिए 

•°हेरंदर नाथ को अब एक झटका लगने वाला था क्योंकि हेरंदर नाथ जीस सुरंग मे था उस सुरंग में बहुत ही भयानक चीज थी

•°मुझे पता है आपको भी खुजली है उसका नाम जानने की सुरंग में जो दूसरा था उसका नाम है अजगर 



•°अब आप मुझे अपनी भाषा में कहोगे अब यहां अजगर कहां से आ गया

(सुरंग बनाने का काम खत्म हो गया था और आखरी दिन था तब की बात है)

                                 👇

•°हेरंदर नाथ ने 100 लोगों को बुलाया था सुरंग बनाने के लिए ताकि जल्दी सुरंग बन जाए 

•° कारीगर सुरंग बना रहे थे तब आकाश में चील उड़ कर जा रहा था 

•°चील क्यों आया कहानी में अब इसका जवाब आपको आगे मिल जाएगा 

•°चील हवा में उड़ रहा था तब उसके पंजे मे 1 मरा हुआ बंदर था 



•°चील(अपनी भाषा में):-यह बंदर तो बहुत भारी है जल्दी उठाकर अपने अड्डे पर जाना होगा वरना पंजे में से निकल जाएगा 

•°तभी बंदर की पूछ का बाल चील की नाक में चला गया इसकी वजह से चील को छींक आ गई और बंदर पंजे में से छूटकर नीचे गिर गया और जहां सुरंग बन रही थी वहां बंदर की लाश गिरी

अब आप सोचोगे चील की नाक तो छोटी सी होती है उसमें बंदर की पूंछ का बाल कैसे गया होगा तो सोचो मत आगे पढ़ो

•°चील(अपनी भाषा में):- हे प्रभु हे हरि राम कृष्ण जगन्नाथ हे प्रेमानंद यह क्या हुआ आज भुखा रहेना पड़ेगा अच्छा खाना चला गया सुबह क्या निकालुंगा प्रभु

•°चील बोलते बोलते उड़ कर चला गया नीचे सुरंग बना रहे थे उन लोगों ने मिलकर बंदर को सुरंग के अंदर ही जमीन में दफना दिया फिर रात हुई और सभी सुरंग बनाने वाले लोग घर पर चले गए 

•°तभी सुरंग के पास से अजगर जा रहा था तभी अजगर को जमीन के अंदर से सुगंध आई 

•°अजगर(अपनी भाषा में):-मेरा नाक बोल रहा है कि आसपास अच्छा खाना है और पेट में चूहे खो खो खेल रहे है लेकिन खाना कहां है यह अब ढूंढना होगा 

•°फिर अजगर हर जगह पर खाना सूंघने लगता है फिर अजगर को पता चल जाता है कि खाना जमीन की गहराइयों में है फिर अजगर अपनी पूछ से जमीन खोदने लगता है अजगर आराम से जमीन खोद रहा था क्योंकि अजगर की कमर में थोड़ा दर्द था 

•°आपके दिमाग में सवाल आया होगा कि अजगर की कमर होती है लेकिन मान लो ना यार मानने में क्या जाता है होती है तो होती है मान लिया ना तो अब आगे पढ़ो 

•°जमीन खोदने के बाद अजगर को वह सुरंग मिल गई जहां पर उसका खाना था फिर अजगर उस सुरंग के अंदर जाता है सुरंग छोटी थी इसलिए बहुत मुश्केली हो रही थीं अजगर को अंदर जाने में लेकिन खाना खाने के लिए अजगर कुछ भी कर सकता है 

•°अजगर (अपनी भाषा में):-कुछ भी हो जाए मैं खाना खाकर रहूंगा जोर से बोलो जोर लगा के हेंसा जोर लगा के हेंसा 

•°आखिर में अजगर को सफलता मिल जाती है और जहां बंदर को दफनाया था अजगर का मुंह वहां पहुंच जाता है और मुंह थोड़ा अंदर डालता है जमीन मे बंदर की लाश थी वह सीधे अजगर के मुंह मे आ जाती है और अजगर आराम से खाता है खाने के बाद एक जोरदार डकार मारता है

•°आपके दिमाग मे 1 सेकंड के लिए सवाल आया होगा की अजगर डकार किस तरह मारता होगा ये आप खुद सोचो आपके पास भी खोपड़ी हैं मुझे पता है आपके दिमाग में और भी सवाल आ रहे हैं लेकिन सबका जवाब नहीं दे सकता story भी तो लिखनी है ना

•°बंदर को खाने के बाद अजगर सुरंग में से बहार निकलने की कोशिश करने लगा लेकिन अजगर सुरंग में फस गया था और हील भी नहीं पा रहा था और कमर में भी काफी दर्द हो रहा था अब तो हेरंदर नाथ भी नजदीक आ चुका था तभी सामने हेरंदर नाथ ने देखा अजगर का मुंह यह देखकर हेरंदर नाथ को विश्वास नहीं हुआ कि सच में सामने अजगर हैं हेरंदर नाथ ने दो बार अपनी आंखें भी साफ की 

•°अजगर(अपनी भाषा में):-आंख साफ करना बंद कर मैं सच में हूं 

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हेरंदर नाथ को तो आती थी जानवर और पशुओं की भाषा इसलिए अजगर जो बोला वो हेरंदर नाथ समझ गया 

•°हेरंदर नाथ(अजगर की भाषा में):- मुझे विश्वास तो हो गया लेकिन मुझे तुमसे डर लग रहा है उसका क्या करूं

•°अजगर(अपनी भाषा में):-डरने की जरूरत नहीं है मैं 

चाहकर भी तुम्हें कुछ नहीं कर सकता क्योंकि मैं यहां पर फस गया हूं क्या तुम मेरी मदद करोगे मुझे यहां से निकालने में

हेरंदर नाथ (अजगर की भाषा में):- ठीक है मैं तुम्हारी मदद करूंगा लेकिन मेरी 2 शर्त है 

अजगर(अपनी भाषा में):- क्या शर्त है तुम्हारी

हेरंदर नाथ(अजगर की भाषा में):- मेरी 1 शर्त है कि तुम मुझे बाद में खाना मत 2 शर्त है की दुश्मन राजा ने मेरे परिवार को बंदी बनाकर रखा है मेरे महेल मे तुम उन्हें छुड़ाने में मेरी मदद करोगे मेरी यह 2 शर्त तुम्हें मंजूर है

अजगर (अपनी भाषा में):- हां मुझे तुम्हारी दोनों शर्त मंजूर है

हेरंदर नाथ अपनी सेना से कहते हैं (उनकी भाषा में) हम सब मिलकर अजगर को धक्का देते हैं इस तरफ से ताकि अजगर दूसरी तरफ से बाहर निकल जाए 

फिर हेरंदर नाथ और उनकी सेना धक्का मारना शुरू करते हैं 1 घंटे तक लगातार धक्का मारने के बाद एनाकोंडा सुरंग में से बाहर निकल गया ‌

अजगर (अपनी भाषा में):- अब चलो तुम्हारे परिवार को बचाने के लिए

फिर हेरंदर नाथ,अजगर,सांप,बिच्छू,कीदी,मकोड़े,मधुमक्खी ,

मच्छर और भी बहुत सारे जीव जंतु सभी महेल की तरफ जाने लगते हैं

थोड़ी देर में महेल के पास पहुंच जाते हैं और हमला भी कर देते हैं दुश्मन राजा को भी पता चल गया था कि हेरंदर नाथ ने हमला कर दिया है इसलिए दुश्मन राजा भी महेल के बहार निकलता है और अपने सिपाहियों को हमला करने को कहेता है घमासान युद्ध शुरू हो गया था दुश्मन राजा के सैनिक थे वह लड़ने की जगह पर भागना शुरू कर देते हैं क्योंकि अजगर के सामने जो भी आता है सिपाही उसे अजगर सीधा निगल जाता था इसलिए सभी सैनिक बहुत डर गए थे और दूसरी तरफ सांप और बिच्छू ऐसे डंख मार रहे थे जैसे सुबह बिना नाश्ता किए आए हो



 और मधुमक्खी सीधा मुंह पर हमला करती थी और जिसका मुंह एक बार आ गया मधुमक्खी के चंगुल में उसका मुंह फुटबॉल बनने में देरी नहीं लगती



 धीरे-धीरे करके दुश्मन राजा के सभी सैनिक मारे जाते हैं और एक बचा था वह था दुश्मन राजा और दुश्मन राजा के तो पैर कांप रहे थे क्योंकि सामने अजगर मुंह खोल कर खड़ा था

हेरंदर नाथ (अजगर की भाषा में):- रुको अजगर इसे मारना मत इसकी सजा मैं decide करूंगा 

दुश्मन राजा को हेरंदर नाथ जेल मे डाल देते है और हेरंदर नाथ के परिवार को जहां पर बंदी बनाकर रखा था वहां से हेरंदर नाथ निकालते हैं 

अब हेरंदर नाथ अपने परिवार से कहते हैं की अजगर और बाकी जानवरों की वजह से मैं अपने देश को और तुम सबको बचा पाया हूं 

हेरंदर नाथ (जानवर की भाषा में) तुम सबको कभी भी जरूरत पड़े तो मेरे महल के दरवाजे तुम सबके लिए खुले हैं मैं हमेशा तुम सबकी मदद करने के लिए तत्पर रहूंगा क्योंकि तुम सबका मुझ पर एहसान है 

अजगर (अपनी भाषा में):- अरे कोई बात नहीं अगर फिर से जरूर पड़े तो बुला लेना हमको हम वापस आ जाएंगे और तुम्हारी वजह से तो मुझे पेट भर के खाना मिला है कितना स्वादिष्ट था तो अब हम चलते हैं

फिर सभी जानवर चले जाते हैं महेल से

अब हेरंदर नाथ बहुत खुश थे क्योंकि हेरंदर नाथ की life में सबकुछ बिल्कुल ठीक हो गया था हेरंदर नाथ ने जो पहले नियम बनाया था की हर जगह पर उसका नाम होना चाहिए वह नियम खारिज कर दिया

आपको कैसी लगी हमारी storyKing's oldest most terrifying oldest tunnel comment section में जरूर बताना

और अच्छी लगी हो तो अपने दोस्तों के साथ जरूर share कीजिए

(आप नीचे दी गई स्टोरी भी पढ़ सकते हैं)

Birds story in hindi writing

Story Big expensive world















सोमवार, 4 दिसंबर 2023

Birds story in hindi writing |suspense story| interesting story

 Birds story in hindi writing 

कैसे हो दोस्तों मेरा नाम दर्शन है और आइलैंड की स्टोरी मैं आपके लिए लाया हूं आखिर तक पढ़ते रहेना 


दो समुंदर थे दोनों समुंदर के बीच एक आइलैंड था आइलैंड इतना बड़ा था



 कि दोनों समुंदर को मिलने से रोकता था दुनिया में जितने भी प्रजाति है पक्षी की वह सभी पक्षी उस आईलैंड पर देखने को मिलते हैं और आइलैंड पर बहुत सारे पेड़ थे इसलिए इस आइलैंड को सबसे हरा भरा और दुनिया का सबसे बड़ा आइलैंड माना जाता है इस आईलैंड पर आपको एक भी इंसान देखने को नहीं मिलेगा सिर्फ और सिर्फ पक्षी देखने को मिलेंगे शायद इसलिए यह आइलैंड इतना खूबसूरत है इस आइलैंड की खूबसूरती का अंदाज आप इस पर से लगा सकते हैं कि जब रात होती है तो पूरा आईलैंड अलग-अलग रंगो से चमक उठता है क्योंकि आइलैंड में कुछ पक्षी ऐसे थे जो रात को चमकते थे यह चमक इतनी दूर तक फैलती है की समुंदर भी बोलता है

समुंदर:- इतना सुकून सिर्फ रात को ही मिलता है काश यह पक्षी भी मेरी तरह अमर होते

आइलैंड पर जितने भी पक्षी रहते थे उसमें से कुछ पक्षी पेड़ पर रहते थे और कुछ पक्षी जमीन पर रहते थे सभी पक्षी साथ मिलकर रहते थे इंसानों की तरह कभी झगड़ा नहीं करते थे

पेड़ पर आने वाले फ्रूट और पटिया पक्षी खाते थे और समुंदर का पानी पीते थे और एक दूसरे के साथ प्यार से रहते थे

3 years later

पूरा आइलैंड खाली हो चुका था कुछ ही पक्षी बच्चे थे



 उन्हें पता था कि अब हम यहां और थोड़ी देर रहेंगे तो हम भी मर जाएंगे इसलिए बचने के लिए वह पक्षी दूसरी जगह पर चले गए आईलैंड पर बाकी सभी पक्षी मर चुके थे पहले आईलैंड हरे रंग का था अब वही आइलैंड लाल रंग मे बदल गया है और रोशनी फ़ैलाने वाले जो पक्षी थे उनको तो सबसे पहले मार दिया था आइलैंड पर जितने भी पेड़ थे वह सभी कट गए थे एक मैदान बन गया था 

3 years ago

 एक बार समुंदर मे से कुछ जीव बाहर निकले और वह आइलैंड पर चलने लगे वह जीव जमीन पर भी रह सकते थे वह मांसाहारी थे और जीव इतने ताकतवर थे कि वेल को भी मार सकते थे कुछ जीव बाहर आए थे वह पेड़ को खाने लगे उन्हें पेड बहुत अच्छे लगे इसलिए वह जीव वापस समुंदर मे चले गए

 

Birds story in hindi writing 

1 day later

दूसरे दिन वही जीव वापस समुद्र मे से बाहर आने लगे धीरे-धीरे करके लाखों जिव बाहर आ गए थे समुंदर मे से

वह जीव पेड़ को तो खाने लगे लेकिन वहां जो पक्षी थे उन्हें भी खाने लगे जो पक्षी जमीन पर माला बनाकर रहते थे उनका माला भी खा गए और साथ मे पक्षी को भी खा गए धीरे-धीरे सभी पक्षियों को पता चल गया की कुछ जिव आए हे जो हमें मार के खा जाएंगे जीव इतने खतरनाक थे खाने में की आइलैंड में जितने भी पेड़ थे थोड़ी देर में सभी खा गए और पेड़ पर जो पक्षी और उनके बच्चे नीचे गिर जाते थे उन्हें भी खा गए आइलैंड पूरा लाल मैदान बन गया था क्योंकि एक भी पेड़ नहीं था और कुछ पक्षी बच्चे वह उड़कर दूसरी जगह पर चले गए क्योंकि उन्हें पता था कि अब यहां रहे तो जिंदा नहीं रहेंगे

धीरे-धीरे वह जीव पूरा आइलैंड खा गए अब उस जगह पर कोई आइलैंड नहीं है सिर्फ पानी है ‌‍‌


आपको कैसी लगी हमारी Birds story in hindi writing story



comment section मे जरूर बताना

https://unexpectedstory12.blogspot.com/2023/12/story-big-expensive-world-20000.html



रविवार, 3 दिसंबर 2023

Story Big Expensive World | चाय का बिल 20000 आया🫣

 Story Big Expensive World | चाय का बिल 20000 आया🫣


मेरा नाम दर्शन है और यह महंगी वाली कहानी मैं आपके लिए लाया हूं ऐसी कहानी आपने जिंदगी मे कभी नहीं पढी होगी और नाहीं सुनी होगी तो कहानी शुरू करते हैं


दो भाई थे विनय और शुभम दोनों बाजार गए थे खरीदी करने के लिए दोनों भाई टमाटर की लारी खड़ी थी वहां गए



विनय:- ओ भाई कितने के दिए हैं टमाटर

टमाटर वाला:- बहुत सस्ते हैं सिर्फ 100 के

शुभम:- 100 रुपए के किलो है ले लो ले लो विनय हम भेल में टमाटर डालेंगे

विनय:- ठीक है भाई 100 के किलो दे दो

टमाटर वाला:- ओ भाई पहले मेरी पूरी बात सुन ₹100 के किलो नहीं है ₹100 का 1 टमाटर है

विनय:- तुम टमाटर बेच रहे हो या सोना इतना महंगा

टमाटर वाला:- तुम्हें लेना है तो लो यही भाव है

शुभम:- रहने दे विनय हमें टमाटर नहीं लेना है हम कहीं और चलते हे कुछ और ले लेंगे

टमाटर की लारी के बाजू मे बैंगन की लारी थी फिर दोनों भाई वहां गए 


Story Big Expensive World | चाय का बिल 20000 आया🫣

शुभम:- कितने के दिए है बैंगन

बैंगन वाला:- बैंगन दिए ₹100 के

शुभम:- ₹100 के किलौ ना

बैंगन वाला:- क्या बात कर रहे हो बिल्कुल नहीं 

शुभम:- हां समझ गया 100 का एक बैंगन दिया है ना

बैंगन वाला:- अरे क्या मजाक कर रहे हो बिल्कुल नहीं

विनय:- तो कितने के दिए है बैंगन बता दे movie की तरह suspense क्यों बढ़ा रहा है

बैंगन वाला:- मेरे हाथ मे एक बैंगन है ना उसके सर पर एक डीटी है ना वह ₹100 का दिया है अब समझे भाव

शुभम:- इसे कम भाव तो खेडुत लेते हैं विनय नहीं लेना है बैंगन का डीटी चल

 दोनों भाई को प्यास लगती है तो दोनों पानी की दुकान में जाते हैं


Story Big Expensive World | चाय का बिल 20000 आया🫣

विनय:- एक पानी की बोतल दोना

दुकान वाला:- ये लो तुम्हारी पानी की बोतल



विनय:- कितने की है पानी की बोतल

दुकान वाला:- ₹1000 की है

विनय और शुभम को यह रकम सुनकर झटका लगता है 

विनय:- लेकिन यह बोतल तो ₹20 की आती है ना

दुकान वाला जोर-जोर से हंसने लगा

शुभम:- अरे आप हंस क्यों रहे हो ₹20 की तो आती है बोतल 

दुकान वाला:- ओ भाई अगर कोई जोक्स मारेगा तो हंसना तो पड़ेगा ना और बता दु ₹20 की बोतल नहीं आती ₹20 का बोतल का ढक्कन आता है वह भी टूटा हुआ अच्छा ढक्कन चाहिए तो ₹50 लगते हैं

तभी उस दुकान में कोई आदमी आता है और ₹3000 की पानी की बोतल मांगता है और दुकान वाला पानी की बोतल दे देता है फिर वो आदमी पैसे देकर पानी की बोतल लेकर चला जाता है यह नजारा देखकर विनय और शुभम के रोंगटे खड़े हो गए

दुकान वाला:- ठीक है मै तुम्हारे लिए सस्ता कर देता हूं 

शुभम और विनय:- कितना सस्ता करोगे

दुकान वाला:- में 1000 वाली बोतल तुम्हें 999 मे दे दूंगा देखो इससे ज्यादा सस्ता मैने आज तक नहीं किया और इतनी सस्ती बोतल पूरे मार्केट मे तुम्हें कहीं नहीं मिलेगी लेनी है तो ले लो

शुभम:- सही कहा इतना discount तो Gold loan में भी नहीं मिलता लेकिन हम इतना सस्ता पानी नहीं पी पाएंगे हम चलते हैं

विनय:- शुभम चल हम पहले गैरेज मे जाते हैं

शुभम:- लेकिन गैरेज में क्या काम है

विनय:- Bike का एक टायर की हवा कम है तो हवा भराने जाना है


Story Big Expensive World | चाय का बिल 20000 आया🫣

शुभम:- ठीक है चल चलते हैं हवा भराने 

फिर दोनों गाड़ी को लेकर गैरेज मे जाते हैं 

गैरेज का मालिक:- हां बोलो भाई क्या काम है 

विनय:- मेरी गाड़ी का एक टायर की हवा कम हो गई है तो उसे भराने के लिए आए हैं

गैरेज का मालिक:- कोई बात नहीं आप सामने की दुकान में चाय पीकर आओ तब तक मैं आपका टायर रेडी रखता हूं

फिर दोनों भाई चाय पीने चले जाते हैं

शुभम:- ओ छोटू जल्दी लाव दो मसालेदार चाय वो भी गरमा गरम

छोटू:- लीजिए मसालेदार चाय गरमा गरम



शुभम चाय के कप मे उंगली डालता है फिर शुभम चाय का कप उठाकर छोटू के मुंह पर डालता है 

शुभम:- इतनी ठंडी चाय इसे तुम गरम कहेते हो इसे गरम तो मेरा मुंत है

तभी वहां पर चाय की दुकान का मालिक आ जाता है

चाय की दुकान का मालिक:- सेठ क्या हुआ अपने इसके मुंह पर चाय क्यों फेंकी

शुभम:- इसने बिल्कुल ठंडी चाय दी थी इसलिए मैने इसके मुंह पर चाय फेंकी

चाय की दुकान का मालिक:- माफ कर दीजिए इसे सेठ ये बच्चा है अभी आपके लिए गरमा गरम चाय बनाता हूं

चाय बनने के बाद छोटू वापस आया दोनों को चाय देने के लिए शुभम ने फिर से चाय मे उंगली डालकर देखा

शुभम:- ये हुइ ना कुछ बात इसे कहते हैं गरम चाय

फिर दोनों भाई चाय का लुफ्त उठाते हैं चाइ खत्म होने के बाद

दोनों भाई खड़े होते हैं 

शुभम:- ये लो ₹10 चाय के

चाय की दुकान का मालिक:- ₹10 ये तुम भीख देरहे हो क्या

शुभम:- लेकिन ₹10 तो हुए ना चाय के 

चाय की दुकान का मालिक:- ₹10 नहीं हुए ₹10000 हुए हैं

विनय:- दो चाय के 10000 थोड़ी होते हैं

चाय की दुकान का मालिक:- दो चाय के 10000 नहीं हुए एक चाय के 10000 है दो चाय के तो ₹20000 हुए हैं 

विनय:- चाय के ₹20000 हमने चाय का टैंकर थोड़ी मंगवाया था 

चाय की दुकान का मालिक:- दो कप चाय के ₹20000 चुपचाप दो और इधर से निकलो

विनय और शुभम tantion में आ गए कि इतने पैसे कहां से लाए फिर दोनों के पास जितने पैसे थे वह निकाले दोनों के पैसे मिलाकर कुल 2000 थे 

विनय:- यार शुभम हम दोनों के पैसे मिलाकर 2000 हुए चाय के बील के आधे पैसे भी नहीं हुए अब क्या करें 

शुभम:- वो तो मुझे भी नहीं पता है

फिर दोनों भाई दुकान वाले के पास गए

विनय:- हमारे पास अभी सिर्फ 2000 है हम बाकी के पैसे बाद मे दे देंगे

चाय की दुकान का मालिक:- यहां पर उधारी नहीं चलती 

और कमीने छोटू पर तो ऐसे चाय फेंकी थी की करोड़ों का मालिक हो और मैं भी खामखा सेठ बोल रहा था और मुझे मेरे पैसे चाहिए अभी

शुभम:- लेकिन हम कल आपको दे देंगे पैसे अभी नहीं है हमारे पास पैसे

चाय की दुकान का मालिक:- अभी नहीं है ना पैसे तो मेरे पास एक idea💡है सारे बर्तन आज के तुम्हें धोने होगे मेरी दुकान के नहीं इस पूरे Market मे जितनी चाय की दुकान है ना सभी के बर्तन तुम दोनों को हिं धोने होंगे तभी तो मेरे पैसे वसूल होंगे और शुभ शुरुआत करोगे तुम मेरी दुकान से 

दोनों भाई एक साथ बर्तन धो रहे थे और ऊपर छोटू खड़ा था नजर रख रहा था कि बर्तन ठीक से धो रहे हैं या नहीं सारे बर्तन धोने के बाद छोटू गया और वापस आया

छोटू:- ये लो कमीनो तुम दोनों के चाय के कब तो बाकी रह गए धोने के लिए लेकिन यह दो कप तुम दोनों को पानी से नहीं धोने है

शुभम:- तो फिर किसे धोने है चाय के कप 

छोटू:- तुम्हारे मुंत से धोने है चाय के कप तुमने बोला था ना की बहुत गर्म है मूत मेरा तो फिर धो अपने मूत से कप

शुभम:- मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं चाय के कब धोउगा वो भी किसी की दुकान मे वो भी अपने मुंत से

विनय:- हां तो क्या जरूरत थी बोलने की रंडी चाय है

शुभम:- लेकिन मै तो गंडी चाय बोला था

विनय:- हां मेरा मतलब वही है गंडी चाय बोलने की क्या जरूरत थी

शुभम:- अब गलती हो गई क्या करूं चल मै मुंता हूं तु कप साफ कर

फिर कप साफ करने के बाद शुभम और विनय सभी चाय की दुकान पर गए और वहां के बर्तन भी साफ किये

अब तक दोनों भाई बहुत थक चुके थे क्योंकि बर्तन हीं इतने ज्यादा थे 

विनय:- साला आज जितना काम किया है इतना काम कभी नहीं किया 25 चाय की दुकान के बर्तन साफ किये हे

शुभम:- हां यार बहुत थक गया हूं हिलाने की भी ताकत नहीं है मेरे पास

विनय:- चल अब गाड़ी ले लेते हैं हमारी और जल्दी घर चले जाते हैं भूख भी लगी है

शुभम:-हां यार जल्दी चल

फिर विनय और शुभम दोनों गैरेज मे जाते हैं गाड़ी लेने के लिए 


Story Big Expensive World | चाय का बिल 20000 आया🫣

विनय:- काम हो गया

गैरेज का मालिक:- 2 घंटे से तुम्हारी गाड़ी हो गई है तैयार तुम्हारा इंतजार था

विनय:- दो मेरी गाड़ी

फिर गेरेज का मालिक विनय को उसकी गाड़ी देता है और पैसे मांगता है

विनय(मन में):- जितने पैसे थे वह सभी तो हमने चाय वाले को दे दिए अब हम इसे क्या देंगे

गैरेज का मालिक:- क्या सोच रहे हो मेरे पैसे दो

विनय:- क्या हम आपको कल पैसे दे तो चलेगा

गैरेज का मालिक:- नहीं चलेगा मुझे अभी ₹100000 चाहिए

विनय और शुभम एक साथ बोले:- ₹100000 रुपए टायर में हवा भरने के

गैरेज का मालिक:- हां हां हां हां हां ₹100000

विनय:- हमारी बात मानीये please हमारे पास पैसे नहीं है

गैरेज का मालिक:- ठीक है तुम्हारी बात मान लेता हूं और तुम्हारी गाड़ी भी रख लेता हूं ₹100000 हो जाए तब आना मेरे पास 

गैरेज में से दोनों मुंह लटकाकर बाहर आते हैं

विनय:- यार शुभम गाड़ी चली गई बाप कुत्ते की तरह मारेगा और गधे की तरह काम करवाएगा वह अलग से 

शुभम:- और पैसे नहीं देगा कंजूस के जैसे वह अलग से

विनय:- अब रिक्शा करके घर चले जाते हैं


Story Big Expensive World | चाय का बिल 20000 आया🫣

शुभम:- नहीं बिल्कुल नहीं अगर रिक्शा का भाडा 50000 हुआ तो क्या करेंगे बोल अब रिस्क बिल्कुल नहीं लेनेका 

विनय:- सही कहा शुभम तूने एक काम करते हैं हम चल के जाते हैं घर और जल्दी चल वैसे भी देर हो गई है


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शनिवार, 2 दिसंबर 2023

Story of king in hindi with moral | moral story

 Story of king in hindi with moral 

कैसे हो आप मेरा नाम दर्शन है आज मै आपके लिए कहानी लाया हूं कहानी है एक बहादुर राजा की आपको ए कहानी जरूर पसंद आएगी


एक वीर बहादुर नाम का एक राजा था वह बहुत बड़ा दानवीर था एक दिन सुबह वीर बहादुर अपनी राजसभा मे सिंहासन पर बैठे थे तभी वहां पर उड़कर एक बाज आ गया 



बाज:- कैसे हो राजा

वीर बहादुर:- मै तो ठीक हूं लेकिन तुम बोल सकते हो वो भी इंसानों की भाषा

बाज:- हां बोल सकता हूं

यह देखकर सभा मे सभी लोग और राजा के परिवार के लोग सभी चौंक गए की एक बाज इंसान की भाषा कैसे बोल सकता है 

बाज:- राजा मैने तुम्हारे बारे मे बहुत सुना है कि तुम बहुत बड़े दानवीर हो अगर कोई तुमसे कुछ भी मांगे तो तुम मना नहीं करते क्या ये बातें सच है 

वीर बहादुर:- सच है अगर मुझसे कोई कुछ भी मांगे मै कभी मना नहीं करूंगा 

बाज:- ठीक है मै तुमसे कुछ मांगूंगा तुम दोगे

वीर बहादुर:- हां क्यों नहीं जरुर दूंगा तुम मांग के तो देखो

बाज:- लेकिन मुझे लगता है कि तुम नहीं दे पाओगे

मंत्री:- यह हमारे महाराज है आज तक इन्होंने किसी को मना नहीं किया जो कोई भी मांगने आता है सब की इच्छा पूरी की है कोई यहां से खाली हाथ नहीं गया और तुम भी नहीं जाओगे 

इसलिए दिल खोल के अपनी इच्छा रजू करो

वीर बहादुर:- बिल्कुल सही कहा मंत्री ने इसलिए तुम बेझिझक मांगो

बाज:- मुझे तुम्हारे दोनों हाथ चाहिए तुम मुझे काट कर दो तुम्हारे हाथ

मंत्री (गुस्से में):- महाराज ने मांगने को कहा तो तुम कुछ भी मांग लोगे सैनिको मार डालो इस बाज को सभी सैनिक बाज को मारने के लिए आगे बढ़ने लगे तभी

वीर बहादुर:- रुको सैनीको कोई बाज को हाथ नहीं लगाएगा

फिर सभी सैनिक रुक गए

वीर बहादुर:- बाज मे तुम्हारी इच्छा जरुर पूरी करूंगा ‌‍‌

फिर वीर बहादुर ने अपनी तलवार निकाली और अपना एक हाथ काट दिया यह देखकर सभा मे सभी की आंखों मे आंसू थे वीर बहादुर का परिवार वह तो बीचारे रो रहे थे फिर एक सैनिक को बुलाकर राजा ने अपना दूसरा हाथ भी कटवा दिया

 विर बहादुर‌ चिल्ला रहे थे क्योंकि विर बहादुर पीड़ा बर्दाश्त नहीं कर पा रहे थे अब वीर बहादुर का सिंहासन खून से लाल हो गया था 

बाज:- अब मुझे तुम्हारा गला चाहिए 

राजा का बेटा:- उनका गला कट जाएगा तो वह मर जाएंगे आप क्यों मेरे पिता श्री को मारना चाहते हैं

बाज:- मैने बहुत सुना था तुम्हारे पिता श्री के बारे मे की बहुत बड़े दानवीर है इसलिए मै परीक्षा लेने आया था

सभा मे खड़े सभी लोग सोच रहे थे मन मे की ऐसी परीक्षा कौन लेता है यार तभी एक रोशनी निकली बाज मे से और बाज का रूप ही बदल गया यह खुद विष्णु जी थे 


Story of king in Hindi with moral 

वीर बहादुर की परीक्षा लेने आए थे फिर विष्णु जी ने अपना एक हाथ ऊपर किया तभी वीर बहादुर के दोनों कटे हुए हाथ उड़ने लगे और वापस वीर बहादुर के शरीर के साथ जुड़ गए और वीर बहादुर बिल्कुल ठीक हो गए सभी लोग विष्णु जी के आगे हाथ जोड़कर खड़े हो गए

विष्णु जी:- वीर बहादुर तुम सच मे महा दानवीर हो बोलो तुम्हें क्या चाहिए

वीर बहादुर:- मुझे कुछ नहीं चाहिए

फिर विष्णु जी चले गए राजा और उनका पूरा परिवार बहुत खुश था

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गुरुवार, 30 नवंबर 2023

Suspense thriller story writing

 Suspense thriller story 


मेरा नाम दर्शन है ये सस्पेंस स्टोरी है आपको पढ़ कर बहुत मजा आएगा आखिर तक पढ़ना

एक जंगल था जंगल मे बीचो-बीच एक शिवजी का मंदिर था शिवजी का पूरा मंदिर काले पत्थरों से बनाया गया था आज तक कोई नहीं जानता कि यह मंदिर कितना पुराना है जंगल मे रहने वाले लोग बहुत मानते थे शिव जी को हर साल शिव जी के मंदिर मे उत्सव होता था यह कोई ऐसा वैसा उत्सव नहीं था इस उत्सव मे शिवजी खुद आते थे धरती पर उत्सव मनाने जिस उत्सव मे खुद शिवजी हो वह उत्सव कभी मामूली नहीं हो सकता जंगल मे रहने वाले लोग मानते थे कि यह ब्रह्मांड का सबसे खूबसूरत उत्सव है यह उत्सव रात को मनाया जाता है जंगल के सभी लोग रात को मंदिर के अंदर जाते थे और शिवलिंग के सामने खड़े हो जाते थे मंदिर के पुजारी आरती शुरू करते थे आरती शुरू होने के बाद शिवलिंग पर एक पत्थर था काले कलर का वह पत्थर की रोशनी पूरे जंगल मे फैल जाती थी


 

उस पत्थर मे से इतनी रोशनी निकलती थी कि सूरज की रोशनी भी उसके सामने फीकी पड़ जाए गांव के लोग मानते थे की पत्थर मे से रोशनी निकालने का मतलब है कि अब शिवजी खुद आएंगे आरती खत्म हो जाने के बाद सभी गांव वाले हाथ मे मसाले लेकर खड़े हो जाते थे और पुजारी में खुद शिवजी आते हैं और तांडव शुरू करते हैं

तांडव पूरी रात चलता है सुबह की पहली किरन होते ही शिवाजी अपना तांडव रोकते हैं और अपने जीतने रूद्र रूप हे वो सभी दिखाते हैं और सभी गांव वाले शिव जी के पैरों मे नमन करते हैं 



तभी शिवजी बोलते हैं

शिवजी(पुजारी):-तुम सब ऐसे ही साथ मिलकर रहना और आज कुछ होने वाला है जो पहले कभी नहीं हुआ

इतना बोलते हीं शिवजी चले गए सभी लोग सोच मे पड़ गए की शिव जी ने ऐसा क्यूं कहा कि आज कुछ होने वाला है 

तभी बहार से एक लड़का आता है मंदिर मे और कहता है कि जंगल में कुच गाड़ी आ रही है सभी गांव वाले डर गए उन्हें लगने लगा कि शिवजी की बात सच हो रही है और उस तरफ सभी जाने लगे जहां से गाड़ी आ रही थी सभी गांव वाले रास्ते में खड़े हो गए तभी ट्रक,ट्रैक्टर,जेसीबी,क्रेन,बाइक,फोरव्हील सभी गाड़ि रुक गई गाड़ी मे से कुछ लोग बाहर निकले किसी के हाथ मे तलवार थी किसी के हाथ मे हथोड़े थे

एक ने कहा हट जाओ हमारे सामने से  

जंगल वासी भी कहने लगे कि कुछ भी हो जाए लेकिन हम तुम्हें पेड़ नहीं काटने देंगे सामने जो मेंन था विरंगा उसने कहा कि हम पेड़ काटने नहीं आए हैं जंगल मे रहने वाले जो सबसे बुजुर्ग थे हितेंद्रजीत उन्होंने पूछा तो तुम क्यों आए हो यहां पर

विरंगा:- तुम्हारे जंगल मे एक शिव का मंदिर है हम उसे तोड़ने के लिए आए हैं 

 इतना सुनते ही सभी जंगल वासी भड़क उठे 

 हितेंद्रजीत:- ऐसे कैसे तुम हमारे भगवान शिव जी का मंदिर तोड़ोगे हमारे देव है वो 

विरंगा:- इतना भड़कने की जरूरत नहीं है तुम सब जितने पैसे चाहिए उतने पैसे मिलेंगे जो चाहोगे वह मिलेगा बस हमें यह मंदिर तोड़ने दो

हितेंद्रजीत:- अपने पैसे अपने पास रखो नहीं चाहिए हमें तुम्हारे पैसे हमारे पास देव है तो सब कुछ है शिवजी के बिना हमारे गले से उतरने वाला पानी शिवजी के गले के विश से भी ज्यादा नुकसानदायक है 

विरंगा:- तो फिर तुम्हारी मौत का कारण तुम्हारा देव बनेगा 

हितेंद्रजीत:- मेरे देव की मे जितनी सेवा करूं उतनी कम है और मेरे देव के लिए मै जितना बलिदान दु उतना कम है 

वीरंगा :-मुझे लगता है कि तुम्हें मौत से कुछ ज्यादा लगाव है ठीक है मै तुम्हें तुम्हारे देव के पास भेज देता हूं 

 फिर लड़ाई शुरू हुई दोनों तरफ लासे गिरने लगी लेकिन जंगल वासी बहुत कम थे और वह दूसरे लोग बहुत ज्यादा थे इसलिए सभी जंगल वासी को मार दिया जंगल मे कोई बचा नहीं उस जगह के सभी पत्थर और पेड़ खून से लाल हो गए थे

फिर वीरंगा और उनके साथी मंदिर की तरफ बढ़ने लगे मंदिर के बहार पहुंचने के बाद 

वीरंगा:- तोड़ दो इस मंदिर को उसके बाद हम हो जाएंगे ख़रब पति इतना पैसा होगा कि हम कुछ भी खरीद लेंगे कुछ भी

तभी मंदिर के अंदर से पुजारी बहार आए

पुजारी:- मंदिर को तोड़ने की गलती कभी मत करना चले जाव यहां से 

वीरंगा:- क्यु अब तुम रोकोगे हमे

पुजारी:- हां मै‌ रोकूंगा तुम्हें

वीरंगा:- तुम्हारे पहेले जंगल के कुछ लोग आए थे हमे रोकने अब उनकी लाशे जंगल के रास्ते मे गिरी हुई है जाकर उठा लेना और रास्ता साफ कर देना हमको वापस भी जाना है

पुजारी (चिल्लाये):- यह तुमने घोर पाप किया है यह पाप तुम्हें मरने के बाद भी शांति नहीं देगा नहीं तुम्हें मरने के बाद नया शरीर मिलेगा और ना ही तुम्हें मोक्ष मिलेगा यह मेरा तुमसे वचन है 

वीरंगा:- तुम बोलोगे और सच हो जाएगा ये मे कैसे मान लूं

पुजारी:- क्योंकि यह पुजारी की जुबान नहीं है यह जुबान मे से निकला हुआ हर एक शब्द ब्रह्मांड को एक नया रूप देता है एक नया परिवर्तन लाता है ये वो है जिस साप से लोग डरते हैं उस सांप को गले लगाते हैं जिस राख को लोग छूटे भी नहीं उसे यह अपनी बाजुओं मे लगाते हैं इंसान गंदा पानी भी नहीं पीना चाहते लेकिन यह जहेर पीकर बैठे हैं यह शिवजी की जुबान है कभी गलत नहीं हो सकती

Suspense thriller story 


  

तभी पुजारी के अंदर शिवजी आ चुके थे और अपना काल भैरव वाला रूप धारण करते हैं 


Suspense thriller story 

वीरंगा और उनके साथी दर से कापने लगे थे और डर के मारे जंगल मे भागने लगे काल भैरव के एक हाथ मे त्रिशूल था और दूसरे हाथ मे परशु काल भैरव गायब हो गए और जिस तरफ वह लोग भाग रहे थे वहां प्रगट हो गए और त्रिशूल से और परशु से सभी लोगो के सर काटने लगे एक-एक करके काल भैरव ने सभी को मौत के घाट उतार दिया उसके बाद काल भैरव शांत हुए और अपनी आखें बंद की काल भैरव आखें खोलते उससे पहले सभी जंगल वासी की आख खुल गई और सभी खड़े हो गए‌ और अपने बदन पर लगे हुए घाव देखने लगे तो किसी के बदन पर कोई घाव नहीं था तभी सभी ने देखा कि महादेव के रूद्र रूप काल भैरव खड़े हे


Suspense thriller story 

 और सभी देखकर चौंक गए की काल भैरव के पूरे बदन पर खून था पैर के अंगूठे से लेकर मुंह तक हर जगह पर खून था पूरा शरीर घाव से भरा हुआ था 

जितेंद्रजीत:- प्रभु आपको कौन मार सकता है आपके शरीर पर घाव कैसे आ सकते हैं

काल भैरव:- तुम लोगों के शरीर पर जो घाव थे वो मैने ले लिये है और ऐ घाव मुझे तकलीफ नहीं आनंद दे रहे हैं क्योंकि यह मेरे प्यारे भक्तों के घाव है 

और सभी लोग काल भैरव के पैरो में पड़ गए तभी काल भैरव चले गए

Suspense thriller story 


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बुधवार, 29 नवंबर 2023

Sadhu our 2 bache |inspiring story

 मेरा नाम दर्शन है ए स्टोरी इंस्पायरिंग स्टोरी है आपको जरूर पसंद आएगी बस आखिर तक पढ़ना


एक साधु थे वह जंगल में जा रहे थे सुबह 4:00 बजे का वक्त था जंगल मे एकदम शांत वातावरण था हर तरफ हरियाणी थी



पंछी की मनमोहक आवाज साधु के कानों मे गूंज रही थी साधु मधुर आवाज का आनंद उठा रहे थे तभी साधु को सामने से कोई आते हुए दिखाई दिया तो साधु भी उस तरफ चलने लगे

लड़के ने साधु को देख लिया और उनके पैर पड़ गया 

लड़का:- मेरे भाई को बचा लीजिए

साधु:- क्या हुआ है तुम्हारे भाई को

लड़का:- मेरे भाई को जहरीली मधुमक्खी ने डंक मार दिया है और मुझे समझ मे नहीं आ रहा है कि अब मैं क्या करूं और बहुत खून भी निकल चुका है

साधु:- ठीक है तुम अपने भाई के पास मुझे ले चलो

जंगल मे एक जगह पर एक गुफा थी जहां लड़के का भाई था वहां पर साधु को लड़का ले गया लड़के के भाई को पैर में मधुमक्खी ने काटा था फिर साधु ने अपने कमडल में से पानी लिया अपने हाथ में और जहां लड़के के भाई को मधुमक्खी ने काटा था वहां पर डाल दिया

लड़का:- क्या अब मेरा भाई ठीक हो जाएगा

साधु:- हां थोड़ी देर में ठीक हो जाएगा तुम्हारा भाई

लड़का:- वैसे आपके कमडर के पानी मे ऐसा क्या खास है कि ठीक हो जाएगा मेरा भाई 

साधु:- बेटा तुम नहीं समझोगे तुम अभी छोटे हो लेकिन तुम दोनों भाई इस जंगल में क्या कर रहे हो 

लड़का:- हमारा परिवार था और हम सब एक गांव मे मिलकर रहते थे लेकिन मेरे पापा की दुश्मनी थी गांव में सभी से एक रात को कुछ लोग आए हमारे घर में और मेरे मम्मी और पापा को मार कर चले गए अब वह लोग मुझे और मेरे भाई को ढूंढ रहे हैं मारने के लिए इसलिए मैं और मेरा भाई हम दोनों बचने के लिए इस जंगल में आकर छुप गया

साधु:-तुम दोनों मेरे आश्रम में आ जाओ रहने के लिए तुम्हें किसी का डर नहीं होगा और कोई मारेगा नहीं तुम दोनों को

फिर साधु दोनों लड़कों को लेकर अपने आश्रम में ले गए और दोनों लड़के खुशी-खुशी आश्रम में रहते थे एक दिन गाड़ी में कुछ पुलिस वाले आए 

पुलिस:- यह जमीन आपकी नहीं है आपको आश्रम बंद करना होगा और दूसरी जगह पर जाना होगा 

साधु:- लेकिन हम तो कहीं सालों से यहां पर रहते हैं आज तक तो किसी ने नोटिस नहीं दिया

पुलिस:- वो सब मुझे नहीं पता मुझे बस यह जगह खाली चाहिए 

साधु:- हम जगह खाली नहीं करेंगे चाहे जो कुछ भी हो जाए

पुलिस की बात नहीं मानी इसलिए पुलिस वालों ने आश्रम पर हमला कर



दिया और साधु और बाकी बच्चों को बंदी बनाकर जेल मे डाल दिया 

अगले दिन साधु को कोर्ट मे ले जाया गया 



जज:- बताइए साधु जी आपके पास क्या सबूत है कि यह जमीन आपकी है

साधु:- मेरे पास कोई सबूत नहीं है की यह जमीन मेरी है

जज:- साधु जी के पास कोई सबूत ना होने के कारण अब से यह जमीन सरकार की है 

 साधु सभी बच्चों को लेकर कहां जाए यह सोच रहे थे तभी वह दोनों बच्चे जो साधु को जंगल मे मिले थे वह कहने लगे की हम जंगल मे चले जाते हैं रहने के लिए वहां हमने एक पहले से ही एक जगह देखी हुई है हम पहले वहां पर ही रहते थे अब हम सब साथ मिलकर वहां रहेंगे और हमें कोई निकालेगा भी नहीं साधु और सभी बच्चे जंगल मे चले गए रहने के लिए जंगल मे भी साधु और सभी बच्चे साथ में रहने लगे और सभी बहुत खुश थे


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सोमवार, 27 नवंबर 2023

Khunkhar king 👑|thriller story🫣

Khunkhar king 👑

मेरा नाम दर्शन है और राजा की खतरनाक स्टोरी मुझे पता है आपको जरूर पसंद आएगी लेकिन आखिर तक पढ़ना तभी तो असली मजा आएगा ना


एक चेतानपुरा देश का राजा था राजा का नाम भीमनाथ था बहुत ही बलसारी राजा था दुनिया में जितने भी उस वक्त राजा थे उसमें से सबसे शक्तिशाली राजा था राजा के पास सब कुछ था लेकिन एक चीज नहीं थी वह थी लड़की 


Khunkhar king 👑

और राजा शादी करना चाहता था लेकिन लड़की मिल हीं नहीं रही थी और भीमनाथ के देश में जितनी भी लड़की थी वह दूसरी जगह पर रहने चली गई थी अगर नहीं जाती तो उन्हें डर था कि राजा से शादी करनी पड़ती अब भीमनाथ दूसरे देश और राज्य की राजकुमारी का हाथ मांगने जाता था एक दूसरे देश के राजा ने भीमनाथ की बहुत बुरी तरह से बेज्जती कर दी इससे भीमनाथ को बहुत गुस्सा आया और गुस्से में भीमनाथ ने उस देश पर आक्रमण कर दिया उस समय भीमनाथ की सेना दुनिया की सबसे बड़ी सेना मानी जाती थी भीमनाथ की सेना 10 करोड़ से भी ज्यादा थी उस देश पर आक्रमण किया उस वक्त कितने सैनिक मारे गए और कितने सैनिक घायल हो गए और कुछ सैनिक अपंग हो गए जो जी तो सकते हैं लेकिन चल नहीं सकते युद्ध में हरा दिया सामने वाले देश को भीमनाथ ने अपनी सेना की मदद से और सामने वाले राजा को और उसके पूरे परिवार को कैद कर लिया फिर से भीमनाथ ने पूछा

भीमनाथ:- आखरी बार पूछ रहा हूं बोल करवाएगा अपनी बेटी की शादी मेरे साथ तो मैं तुझे छोड़ दूंगा और तेरा देश भी तुझे वापस दे दूंगा बोल मंजूर है

और दूसरी तरफ उस राजा का पूरा परिवार रो रहा था और वह राजा की लड़की भी बोल रही थी कि हां बोल दो पिताश्री

राजा:- मुझे माफ करना बेटी मै मर जाऊंगा वो चलेगा लेकिन तुम्हारी शादी इस राजा से कभी नहीं करूंगा चाहे जो कुछ भी हो जाए 

यह बात सुनकर भीमनाथ को बहुत गुस्सा आया ओर भीमनाथ बोला

भीमनाथ:- तूने मुझे मना किया अब देख तुझे कैसे मारता हूं

तेरे परिवार के सामने

फिर भीमनाथ ने 4 सैनिक को बुलाया

भीमनाथ:- अब दो सैनिक इसके दो हाथ पकड़े और बाकी दो सैनिक इसके दोनों पैर पकड़े 

हाथ पैर पकड़ने के बाद भीमनाथ उस राजा के पास गया और राजा के बाल पकड़े और जोर-जोर से खींचने लगा हो राजा चिल्लाने लगा राजा की आवाज पूरे महल मे गूंज रही थी फिर एक-एक बाल करके सारे बाल खींचकर भीमनाथ ने राजा के सारे बाल निकाल दिये दूसरी तरफ राजा का परिवार रो रहा था चिल्ला रहा था राजा की पत्नी भीख मांग रही थी छोड़ने के लिए‌ लेकिन भीमनाथ को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता राजा के सारे बाल अब तक निकल चुके थे और राजा का पूरा सर खून से लटपट था फिर बाल निकालने के बाद

भीमनाथ:- इस राजा को जमीन पर लेटा दो 

राजा को जमीन पर लेटा दिया सैनीकौ ने और फिर से राजा के हाथ पैर पकड़ लिये सैनीको ने भीमनाथ राजा की दाढ़ी के बाल खींचने लगा इसलिए राजा चिल्ला रहा था राजा की चिल्लाने की आवाज सुनकर भीमनाथ के कान पक गए थे

भीमनाथ:- सैनीको इस राजा के मुंह मे भला डाल दो ताकि मुंह से आवाज ना निकले 

फिर मुंह मे भाला डालने के बाद भीमनाथ दाढ़ी के एक-एक बाल नोचने लगा‌ मुंह में भला था इसलिए राजा चिल्ला भी नहीं सकता राजा बस तड़प रहा था यह सब राजा की पत्नी शेह नहीं पाई और वहीं पर उनकी मृत्यु हो गई यह देखकर राजा की बेटी पागल हो गई और उसकी भी आखिर में मृत्यु हो गई फिर भीमनाथ ने राजा का गला धड से अलग कर दिया और राजा की भी मृत्यु हो गई फिर भीमनाथ ने पूरे परिवार को जला दिया और जो जिंदा थे उसे जिंदा जला दिया




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रविवार, 26 नवंबर 2023

School comedy script in hindi

 School comedy script in hindi 

मेरा नाम दर्शन है और ए कॉमेडी स्टोरी मैने आपके लिए लिखी है आखिर तक पढ़ना

तीन लड़के थे एक का नाम "तुम" था दूसरे का नाम "हम" था तीसरे का नाम "कयु" था तीनों बहुत अच्छे


दोस्त थे तीनों एक साथ 12वीं क्लास में पढ़ते थे तीनों सुबह एक साथ स्कूल चल के जा रहे थे 


तुम:-अरे कयु तुमने कल का होमवर्क किया या नहीं किया

कयु:-मैं कयु होमवर्क करु और वैसे भी मुझे होमवर्क करना पसंद नहीं है

तुम:-हमने तो होमवर्क नहीं किया लेकिन हम तुमने होमवर्क किया

हम:- तुम दोनों ने होमवर्क नहीं किया तो मैं क्या होमवर्क करु ऐसा कभी हो सकता है क्या

कयु:-नहीं हो सकता

तीनों ऐसे ही बातें करते-करते स्कूल पहुंच जाते हैं फिर स्कूल में प्रार्थना होती है और पीरियड शुरू होते हैं टीचर होमवर्क चेक करने आ रही थी तुम हम कयु सोच रहे थे कि अब क्या करें होमवर्क तो किया नहीं अब टीचर आती है

School comedy script in hindi  



 टीचर:- बताओ तुम तीनों का होमवर्क कहां है

हम:-मेरा होमवर्क मेरे गांव में है

टीचर:- हम तुम्हारा होमवर्क गांव में क्या कर रहा है

हम:-क्योंकि कयु मेरा होमवर्क गांव ले गया था 

टीचर कयु कयु तुम्हारा होमवर्क गांव ले गया था

हम:-क्युंकि कयु को मेरी बुक मे से कॉपी करना था होमवर्क

टीचर:-ओके लेकिन कयु तुम कयु गए थे गांव 

कयु:- क्यूंकि मेरे पापा की सीफ 1 मम्मी है उनकी एक सौतेली बड़ी बहन है बहन की एक छोटी सी आंटी है उनकी छोटी सी शादी थी और वह शादी गांव मे थी इसलिए हम गांव गए थे

टीचर:-ठीक है अब कयु तुम्हारा और हम दोनों का होमवर्क दिखाओ कयु

कयु:-सॉरी टीचर में होमवर्क नहीं दिखा सकता वैसे मैंने होमवर्क किया है लेकिन दिखा नहीं सकता 

टीचर:-अगर होमवर्क किया है तो दिखा क्यु नहीं सकते

कयु:- क्योंकि मेरी छोटी सी आंटी की शादी हुई तो सब लिफाफे में पैसे दे रहे थे गहने दे रहे थे तो मुझे भी लगा कि मैं भी कुछ दूं लेकिन मेरे पास पैसे नहीं थे इसलिए मैने मेरी और हम की बुक लिफाफे में दाल दी और आंटी को गिफ्ट मे दे दी

टीचर:-तुम पागल हो कोई बुक देता है गिफ्ट में वह क्या करेगी तुम्हारी बुक का

कयु:-अगली बार नहीं दूंगा बुक सिर्फ पने दे दूंगा अभी माफ कर दीजिए हमें बड़ा समझकर 

टीचर:-तुम तुम्हारा होमवर्क कहां है

तुम:-मेरे पापा थे एक पता नहीं क्यु लेकिन उनके भी एक पापा थे उनकी एक छोटी सी बड़ी बहन थी उनकी दोस्त की बड़ी मम्मी थी उनकी चूहे का खाना खाकर मौत हो गई 

टीचर:- लेकिन चुहो ने उस दिन खाना नहीं खाया था 

तुम:-नहीं खाया था क्योंकि चुहो का उस दिन उपवास था

टीचर:- ओहो ये तो बहुत बुरा हुआ लेकिन इसका तुम्हारे होमवर्क के साथ क्या लेना देना है

तुम:-वो क्या हुआ कि हम लाश को जलाने के लिए जा रहे थे और मेरा होमवर्क बाकी था और होमवर्क मे अपने साथ ले गया था और जब लास जला रहे थे तब जोरदार हवा आई और मेरे हाथ में से होमवर्क की बुक उड़ गई और जहां लास जल रही थी उसमें जाकर गिर गई इसलिए मैं होमवर्क आपको नहीं दिखा सकता लेकिन मेरा होमवर्क मैने खत्म कर दिया था

टीचर:-कोई बात नहीं बैठ जा 

फिर टीचर ने पढ़ाना शुरू कर दिया 

3 Idiots Comedy Story In Hindi 


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शनिवार, 25 नवंबर 2023

Story A Dark Night

 Story A Dark Night 

मेरा नाम दर्शन है ये सस्पेंस स्टोरी मैंने आपके लिए लिखी है बस आप आखिर तक पढ़ना आपको यह स्टोरी जरूर अच्छी लगेगी

एक अंधेरी रात थी रात मे एक लड़का जा रहा था लड़का बहुत डरा हुआ था वह लड़का अपने आप को भी नहीं देख पा रहा था क्योंकि रात मैं इतना गहेरा अंधेरा था लड़का जोर-जोर से चिल्ला रहा था ताकि कोई आए और उसे अंधेरी रात से बाहर निकाल दे लेकिन उस लड़के की आवाज सुनने वाला कोई नहीं था तभी उस लड़के को एक जगह पर रोशनी दीखी तो वह लड़का बिना सोचे उस तरफ भागने लगा क्योंकि लड़के को लगा कि वहां पर कोई तो है और वह मदद कर सकता है



इसलिए लड़का भागने लगा और वहां पर पहुंचा तो उसने देखा कि वहां पर भी अंधेरा ही है क्योंकि लड़के का इमेजिनेशन था कि वहां लाइट है तो यह देख कर लड़का बहुत दुखी हो गया और वहां पर बैठकर जोर-जोर से रोने लगा लड़के को भूख भी बहुत लगी थी और प्यास भी बहुत लगी थी लड़का भुख प्यास से तड़प रहा था तभी लड़के को वहां पर काजू कतली दिखी लड़का काजू कतली को देखकर खुश हो गया इसलिए लड़का काजू कतली की तरफ जाने लगा और जैसे ही काजू कतली के पास पहुंचा उसने काजू कतली को हाथ से उठाया और मुंह मे डाला और डालते ही लड़के ने काजू कतली थुक दी क्योंकि वह पत्थर था पत्थर खाने की वजह से लड़के के मुंह मे से खून निकलने लगा अंधेरा इतना था कि लड़के का खून भी नहीं दिखाई दे रहा था लड़का डिप्रेशन मे चला गया था क्योंकि उसे लगने लगा था कि अब यहां से बाहर कभी नहीं निकल सकता लड़के की आखों मे आसू थे लड़का हार मान चुका था क्योंकि उसे पता चल गया था कि वह कभी नहीं निकल सकता है यहां से और वहीं पर बेहोश हो गया 5 घंटे हो चुके थे लेकिन लड़का वही अंधेरी रात मे लेटा हुआ था 



तभी एक आवाज आई अरे बेटा कितना सोना है अब तो उठ जा स्कूल जाने का टाइम हो गया है वह आवाज लड़के की मम्मी का था फिर लड़का जगा लड़का अपना मुंह चेक करने लगा फिर लड़के को रिअलाइज हुआ कि वह सपना देख रहा था इस बात का पता चला ओर लड़का बहुत खुश हो गया और नाह धोकर अपने स्कूल चला गया


 उस दिन ही लड़के को स्कूल मे स्टेज ऊपर खड़े होकर अपनी लाइफ के बारे मे कुछ बोलना था तो लड़के ने अपना ही सपना स्कूल में बोल दिया स्कूल में सभी सर टीचर को स्टोरी बहुत पसंद आई सभी दोस्त तो पूछने लगे की ऐसी स्टोरी तुम कहां से लाए हो‌


लेकिन लड़का बोला कि वो मै नहीं बता सकता स्कूल के प्रिंसिपल थे वह लड़के के पास आए और लड़के को पूछा कि कहां से लाए थे तुम ऐसी स्टोरी फिर लड़का प्रिंसिपल को तो मना नहीं कर सकता है इसलिए लड़के ने बोल दिया मुझे सपना आया था ऐसा और वही सपना मैंने आप सबके सामने बोल दिया 

प्रिंसिपल बोला तुम मजाक कर रहे हो ना सच-सच बोलो कहां से लाए हो स्टोरी लड़का बोला अरे प्रिंसिपल साहब मैं झूठ नहीं बोल रहा सच बोल रहा हूं मुझे सपना आया था ऐसा और वह मैंने आपके सामने बोल दिया मुझे तो विश्वास नहीं हो रहा कि मेरा सपना आपको इतना पसंद आएगा फिर 2 घंटे मे लड़के की छुट्टी हो जाती है और वह घर चला जाता है

आपको कैसी लगी हमारी स्टोरी कमेंट मे जरूर बताना 


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शुक्रवार, 24 नवंबर 2023

Tantrik Baba story real life story

 Tantrik Baba story | real life story 


मेरा नाम दर्शन है और ए स्टोरी मेने बहुत प्यार से लिखि हे आपको स्टोरी जरूर पसंद आएगी आखिर तक पढ़ना


500 एकड़ का खेत था उस खेत मे पानी नहीं था इसलिए वो खेत जिसका था उन्होंने कितनी बार उस खेत में दार करवाया लेकिन पानी कभी आया ही नहीं फैमिली के सभी लोग परेशान थे कि इतने दार करने के बावजूद भी पानी क्यों नहीं आया तो घर का एक लड़का था उसका नाम हितेन था

हितेन:- हम किसी तांत्रिकबाबा को अपनी समस्या बताएं ताकि खेत मे पानी आ जाए 



हितेन के पापा जितेन भाई झो बहुत विश्वास रखते थे तांत्रिक बाबा में इसलिए उन्होंने हां बोल दिया हितेन की मम्मी ऐश्वर्या बेन उन्होंने भी कहा कि हम जरूर चलेंगे तांत्रिक बाबा के पास

1 day later

तीनों कार मे बैठ जाते हैं तांत्रिक बाबा के पास जाने के लिए जितेन भाई गाड़ी चला रहे थे और उनके बाजू मे हितेन बैठा है और पीछे ऐश्वर्या बेन बेठी है 

2 hours later

तांत्रिक बाबा की जहां जगह थी वहां पहुंच गए थे फिर अंदर गए सभी तांत्रिक बाबा के पैर छू रहे थे फिर इन तीनों ने जाकर तांत्रिक बाबा के पैर छुए और तांत्रिक बाबा के सामने बैठ गए 

तांत्रिक बाबा:- बोलो क्या समस्या है

जितेन भाई:- आपको कैसे पता की हम समस्या के कारण यहां आए हैं

तांत्रिक बाबा:- जिनके जीवन मे समस्या होती है वही मेरे पास आते हैं और आज तक इस धरती पर कोई एसा मनुष्य नहीं है जिनके जीवन मे समस्या ना हो इसलिए सब मेरे पास आते हैं

इसलिए मेरी जिंदगी मे भी समस्या है कि मैं दूसरों की समस्या कैसे दूर करूं बोलो तुम्हारी क्या समस्या है

जितेन भाई:- मेरे पास 500 एकड़ जमीन है लेकिन मेरे पास पानी नहीं है कुआं भी पूरा सूख गया है तो इस समस्या का कुछ हल निकालिए 


तांत्रिक बाबा:- तुम्हारी समस्या का हल तो है मेरे पास 

जितेन भाई:- कहिए ना बाबा क्या हल है

फिर तांत्रिक बाबा ने एक पानी का ग्लास लिया और वह ग्लास जितेन भाई को दे दिया

जितेन भाई:- बाबा इस ग्लास का हम क्या करें

तांत्रिक


बाबा:- तुम्हारे खेत में कुआ है ना उस कुएं मे ग्लास का पानी है ना वह डाल देना 

 जितेन भाई:- लेकिन इससे क्या होगा 

तांत्रिक बाबा:- तुम इस ग्लास के पानी को अपने कुएं में डालोगे उसके बाद आजीवन तुम्हें पानी की कमी नहीं होगी और तुम्हारी आने वाली सात पूछते भी कुए का पानी पूरा नहीं कर पाएगी 

तीनों यह बात सुनकर बहुत खुश हो गए

जितेंन भाई:- कितने पैसे देने होंगे बाबा

तांत्रिक बाबा तुम डॉक्टर के पास नहीं आए हो कि ठीक हो गया और पैसे दे दिए मुझे नहीं चाहिए तुम्हारा पैसा बस तुम्हारा काम हो गया यह मेरे लिए काफी है अब आप सब जा सकते हो अपने घर 

फिर तीनों कार में बैठकर उनका जो खेत था वहां पर गए और तांत्रिक बाबा ने पानी दिया था ग्लास में वह पानी जितेन भाई ने कुएं में डाल दिया फिर तीनों थोड़ी देर वहां पर खड़े रहे लेकिन कुएं में पानी आया ही नहीं फिर तीनों ठक्कर अपने घर चले गए

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दूसरे दिन जितेंन ‍‌‍‍‍‍भाई गए खेत में जहां उनका कुआं था वहां देखने गए की कुछ हुआ कि नहीं पानी का असर जितेन भाई ने देखा तो थोड़ी देर देखते रह गए उनके पास शब्द नहीं थे बोलने के लिए क्योंकि कुआं पूरा पानी से भरा हुआ था तुरंत जितेन भाई ने अपने बेटे को फोन किया

जितेन भाई:- अरे हितेन जल्दी अपनी मम्मी को लेकर खेत में आजा

थोड़ी देर में जितेन अपनी मम्मी को लेकर खेत में आया फिर उन दोनों ने देखा कि कुआं पूरा पानी से भरा हुआ है यह देखकर वह दोनों बहुत खुश हुए 



उस दिन के बाद आज कितने साल हो गए लेकिन उस कुएं का पानी आज तक खत्म नहीं हुआ


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  इस कहानी मै आप पढ़ेंगे की एक स्कूल में कॉम्पिटिशन था लेकिन को स्टुडेंट भाग नही लेता स्कूल के प्रिंसिपल कहानी सुनाते है कहानी सुनने के बाद ...