•° King's oldest most terrifying oldest tunnel
मेरा नाम दर्शन है में आज आपके लिए धमाकेदार story लाया हूं मुझे विश्वास है कि आपको ए story पसंद आएगी
•°आज से कई सालो पहले की बात है राजा सेना को लेकर जंग लड़ने जाते थे जंग मे हार भी होती है जीत भी होती है ऐसा एक राजा के साथ हुआ
•°राजा का नाम हेरंदर नाथ था हेरंदर नाथ 1 देश का राजा था हेरंदर नाथ की 1 पत्नी थी हिवेरणा नाथ उनका एक बेटा था जितेंद्र नाथ
•°हेरंदर नाथ को सबकुछ अपने नाम पर बनवाने का शौक है हेरंदर नाथ ने अपने नाम की मूर्ति बनवायी थी

अपने नाम का हेरंदर नाथ ऐ अपना महल बनवाया था
महल में एक भी दीवाल अंदर की हो या बहार की एक भी दीवाल ऐसी नहीं थी कि जिस पर हेरंदर नाथ का नाम ना हो
•°हेरंदर नाथ के देश में जितने भी घर थे उन सभी पर अपना नाम लिखवाने का हुकुम दिया था यह वहां का नियम था जो हेरंदर नाथ ने हीं बनाया था और जो हेरंदर नाथ का नाम नहीं लिखता उसे हेरंदर नाथ सजा देते थे
•°आप सोच रहे होंगे कि ऐसा थोड़ी होता है लेकिन सिर्फ घर पर नहीं उस देश में जितने भी लोग रहते थे सबके हाथ में हेरंदर नाथ का नाम लिखवाना पड़ता था वरना वह उस देश का निवासी नहीं माना जाता था
•°और हमारी भाषा में कहे तो हेरंदर नाथ नाम पूरे देश के लिए passport
और password की तरह काम करता था
हेरंदर नाथ को अपना नाम लिखवाने में बहुत आनंद आता है इसलिए हेरंदर नाथ ने सिर्फ एक ही नियम रखा था और कोई नियम नहीं था उसके देश में इसलिए वहां की प्रजा बहुत शांति से एक दूसरे के साथ मिलकर रहते थे
•°हेरंदर नाथ का परिवार भी शांतिप्रीय था और हेरंदर नाथ को कभी लड़ाई करना पसंद नहीं था इसलिए पूरे देश में कितने लोग रहते थे लेकिन कभी भी वहां के लोगों में लड़ाई नहीं हुई इसलिए कहते हैं ना जैसा राजा वैसी प्रजा
•°लेकिन कहते हैं ना जहा positivevity होती हैं
वहा negativity भी होती हैं राजा की एक बुरी आदत थी इस आदत ने हेरंदर नाथ को वो पल दीखा दिये जीसकी हेरंदर नाथ ने कल्पना भी नहीं की थी
•°1 years later
•°हेरंदर नाथ अकेला था एक सुरंग में रहता था हेरंदर नाथ की वो सुरंग जमीन से 10 फ़ुट नीचे थीं सुरंग में बड़े अक्षरों से हेरंदर नाथ का नाम लिखा था
•°अब आप सोच रहे होंगे की सुरंग में हेरंदर नाथ कैसे आया और क्यों हेरंदर नाथ का नाम लिखा है क्योंकि वह सुरंग हेरंदर नाथ ने बनवाई थी
•°अब आप सोच रहे होंगे कि हेरंदर नाथ ने सुरंग क्यों बनवाई थी अगर भविष्य में मुसीबत आए तो हेरंदर नाथ खुफिया रास्ते से भाग सकते हैं और ऐसी जगह पर छुप सके जहां कोई उसे ढूंढ ना ले इसलिए राजा ने सुरंग बनवाई थी
•°सुरंग के अंदर खाना था ओर पानी था
•°अब आप सोच रहे होंगे की सुरंग के अंदर खान और पानी आया कहां से
•°हेरंदर नाथ महल से भागा तब अपने साथ लाया था खाना और पानी
•°अब आप सोच रहे होंगे कि हेरंदर नाथ अपने महल से क्यों भागा
•°क्योंकि हेरंदर नाथ पर किसी और देश के राजा ने हमला कर दिया था दूसरे देश के राजा को पता था की हेरंदर नाथ का नाम हाथ में लिखकर गए तो उन्हें कोई भी सिपाही देश के अंदर या महल के अंदर जाने से रोकेगा नहीं इसलिए उस राजा ने अपने सभी सिपाही के हाथ मे हेरंदर नाथ का नाम हाथ मे लिख दिया और सिपाही को भेजना शुरू कर दिया ऐसा करते-करते उस राजा ने अपने आधे से ज्यादा सिपाही हेरंदर नाथ के देश में भेज चुका था वह सैनिक वहां की प्रजा की तरह रहते थे और अपने राजा के हुकुम का इंतजार करते थे फिर एक दिन राजा को लगा कि अब हमला कर देना चाहिए फिर जो सिपाही प्रजा की तरह रहते थे उन्हें संदेश भेज दिया फिर अचानक हर तरफ से उस राजा ने हमला कर दिया महेल पर
और महेल के हर तरफ जितने भी सिपाही थे उन सबको मार डाला और हेरंदर नाथ का परिवार जिस कमरे में था उन सबको पकड़ लिया और बंदी बना लिया
और हेरंदर नाथ के परिवार को पूछने लगा
•°दुश्मन राजा:- बोलो हेरंदर नाथ कहां है
हेरंदर नाथ के परिवार वाले कहने लगे कि हमें नहीं पता वो कहां है
•°दुश्मन राजा:- लेकिन बताना तो पड़ेगा ही वैसे मेरी तुम सबसे कोई दुश्मनी तो नहीं है लेकिन मुझे इस देश पर राज करना है इसलिए मैं कुछ भी कर सकता हूं इस देश पर राज करने के लिए हेरंदर नाथ के परिवार को बंदी बनाकर जेल में डाल दो और हेरंदर नाथ को ढूंढो
•°आप सोच रहे होंगे कि इस वक्त हेरंदर नाथ कहां पर है
हेरंदर नाथ उस वक्त वहीं पर था एक जगह पर छुपा हुआ था और यह सब देख रहा था हेरंदर नाथ को बहुत दुख हो रहा था कि उसकी वजह से उसका परिवार बहुत बडी मुसीबत में था लेकिन हेरंदर नाथ को पता था कि वह इस वक्त बहार निकल गया तो वह खुद भी फंस जाएगा और अपने परिवार को भी नहीं बचा पाएगा इसलिए वह पीछे के रास्ते से महेल के बहार निकल गया तभी हेरंदर नाथ को एक घोड़ा दिखा
उस पर बैठकर जाने लगा हेरंदर नाथ
को पता था कि ऐसा दिन जरूर आएगा इसलिए पहले से ही हेरंदर नाथ ने एक सुरंग बनवाकर रखी थी उस सुरंग के अंदर हेरंदर नाथ छुपने चले गए
हेरंदर नाथ सुरंग के अंदर थे उसके 2 दिन हो चुके थे अब खाना और पानी भी खत्म हो चुका था
•°हेरंदर नाथ:- अच्छा हुआ रास्ते में कुछ लोग मीले उन्होंने खाना दे दिया और पानी दे दिया अब तो मैंने सेना भी बना ली है अब मुझे बहार जाना चाहिए अपने परिवार को बचाने के लिए
•°सुरंग के अंदर कौनसी सेना बनती है ऐसा अभी आप सोच रहे हैं हेरंदर नाथ के पास एक कला थी जिसे वो किसी भी जानवर और पशुओं से बातें कर सकते है उस सुरंग के अंदर सांप थे बिच्छू थे चिट्टियां थी
और भी बहुत सारे जानवर जीव जंतु थे 2 दिन में उन सब को अपना दोस्त बना लिया था हेरंदर नाथ ने
•°अब हेरंदर नाथ सुरंग से बहार निकलने के लिए चलने लगा
लेकिन हेरंदर नाथ इतनी आसानी से सुरंग से बहार नहीं •°निकल सकता क्योंकि वह सुरंग 35KM लंबी थी और •°हेरंदर नाथ सुरंग के बीच में था इसलिए हेरंदर नाथ को बहार निकलने में कम से कम 2 दिन तो लगेंगे
•°हेरंदर नाथ ने चलना शुरू कर दिया हेरंदर नाथ dogy style में चल रहा था
•°अब आपके दिमाग से सवाल होठों के जरिए बहार आया होगा कि अब ए कुत्ता बनकर क्यों चल रहा है ज्यादा सोचो मत मैं हूं ना क्योंकि सुरंग की hight बहुत कम थी simple
•°1 day later
•°पूरा एक दिन dogy style में चलने के बाद हेरंदर नाथ इतना थक गये थे की थकान के कारण हेरंदर नाथ की जुबान बहार आ गई थी कुत्ते की तरह और थुक भी गिर रहा था और हेरंदर नाथ की जुबान हिचकोले खा रही थी कभी इधर कभी उधर
साथ में दूसरे जीवजंतु भी साथ में चल रहे थे वह जीव जंतु हेरंदर नाथ को हिमत दे रहे थे अपनी भाषा में कि ऐसे तुम हार नहीं मान सकते तुम्हें अपने परिवार को बचाना होगा और हम तुम्हारे साथ हैं
•°हेरंदर नाथ को अब एक और दिन चलना था सुरंग से बहार निकलने के लिए
•°हेरंदर नाथ को अब एक झटका लगने वाला था क्योंकि हेरंदर नाथ जीस सुरंग मे था उस सुरंग में बहुत ही भयानक चीज थी
•°मुझे पता है आपको भी खुजली है उसका नाम जानने की सुरंग में जो दूसरा था उसका नाम है अजगर
•°अब आप मुझे अपनी भाषा में कहोगे अब यहां अजगर कहां से आ गया
(सुरंग बनाने का काम खत्म हो गया था और आखरी दिन था तब की बात है)
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•°हेरंदर नाथ ने 100 लोगों को बुलाया था सुरंग बनाने के लिए ताकि जल्दी सुरंग बन जाए
•° कारीगर सुरंग बना रहे थे तब आकाश में चील उड़ कर जा रहा था
•°चील क्यों आया कहानी में अब इसका जवाब आपको आगे मिल जाएगा
•°चील हवा में उड़ रहा था तब उसके पंजे मे 1 मरा हुआ बंदर था
•°चील(अपनी भाषा में):-यह बंदर तो बहुत भारी है जल्दी उठाकर अपने अड्डे पर जाना होगा वरना पंजे में से निकल जाएगा
•°तभी बंदर की पूछ का बाल चील की नाक में चला गया इसकी वजह से चील को छींक आ गई और बंदर पंजे में से छूटकर नीचे गिर गया और जहां सुरंग बन रही थी वहां बंदर की लाश गिरी
अब आप सोचोगे चील की नाक तो छोटी सी होती है उसमें बंदर की पूंछ का बाल कैसे गया होगा तो सोचो मत आगे पढ़ो
•°चील(अपनी भाषा में):- हे प्रभु हे हरि राम कृष्ण जगन्नाथ हे प्रेमानंद यह क्या हुआ आज भुखा रहेना पड़ेगा अच्छा खाना चला गया सुबह क्या निकालुंगा प्रभु
•°चील बोलते बोलते उड़ कर चला गया नीचे सुरंग बना रहे थे उन लोगों ने मिलकर बंदर को सुरंग के अंदर ही जमीन में दफना दिया फिर रात हुई और सभी सुरंग बनाने वाले लोग घर पर चले गए
•°तभी सुरंग के पास से अजगर जा रहा था तभी अजगर को जमीन के अंदर से सुगंध आई
•°अजगर(अपनी भाषा में):-मेरा नाक बोल रहा है कि आसपास अच्छा खाना है और पेट में चूहे खो खो खेल रहे है लेकिन खाना कहां है यह अब ढूंढना होगा
•°फिर अजगर हर जगह पर खाना सूंघने लगता है फिर अजगर को पता चल जाता है कि खाना जमीन की गहराइयों में है फिर अजगर अपनी पूछ से जमीन खोदने लगता है अजगर आराम से जमीन खोद रहा था क्योंकि अजगर की कमर में थोड़ा दर्द था
•°आपके दिमाग में सवाल आया होगा कि अजगर की कमर होती है लेकिन मान लो ना यार मानने में क्या जाता है होती है तो होती है मान लिया ना तो अब आगे पढ़ो
•°जमीन खोदने के बाद अजगर को वह सुरंग मिल गई जहां पर उसका खाना था फिर अजगर उस सुरंग के अंदर जाता है सुरंग छोटी थी इसलिए बहुत मुश्केली हो रही थीं अजगर को अंदर जाने में लेकिन खाना खाने के लिए अजगर कुछ भी कर सकता है
•°अजगर (अपनी भाषा में):-कुछ भी हो जाए मैं खाना खाकर रहूंगा जोर से बोलो जोर लगा के हेंसा जोर लगा के हेंसा
•°आखिर में अजगर को सफलता मिल जाती है और जहां बंदर को दफनाया था अजगर का मुंह वहां पहुंच जाता है और मुंह थोड़ा अंदर डालता है जमीन मे बंदर की लाश थी वह सीधे अजगर के मुंह मे आ जाती है और अजगर आराम से खाता है खाने के बाद एक जोरदार डकार मारता है
•°आपके दिमाग मे 1 सेकंड के लिए सवाल आया होगा की अजगर डकार किस तरह मारता होगा ये आप खुद सोचो आपके पास भी खोपड़ी हैं मुझे पता है आपके दिमाग में और भी सवाल आ रहे हैं लेकिन सबका जवाब नहीं दे सकता story भी तो लिखनी है ना
•°बंदर को खाने के बाद अजगर सुरंग में से बहार निकलने की कोशिश करने लगा लेकिन अजगर सुरंग में फस गया था और हील भी नहीं पा रहा था और कमर में भी काफी दर्द हो रहा था अब तो हेरंदर नाथ भी नजदीक आ चुका था तभी सामने हेरंदर नाथ ने देखा अजगर का मुंह यह देखकर हेरंदर नाथ को विश्वास नहीं हुआ कि सच में सामने अजगर हैं हेरंदर नाथ ने दो बार अपनी आंखें भी साफ की
•°अजगर(अपनी भाषा में):-आंख साफ करना बंद कर मैं सच में हूं
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हेरंदर नाथ को तो आती थी जानवर और पशुओं की भाषा इसलिए अजगर जो बोला वो हेरंदर नाथ समझ गया
•°हेरंदर नाथ(अजगर की भाषा में):- मुझे विश्वास तो हो गया लेकिन मुझे तुमसे डर लग रहा है उसका क्या करूं
•°अजगर(अपनी भाषा में):-डरने की जरूरत नहीं है मैं
चाहकर भी तुम्हें कुछ नहीं कर सकता क्योंकि मैं यहां पर फस गया हूं क्या तुम मेरी मदद करोगे मुझे यहां से निकालने में
हेरंदर नाथ (अजगर की भाषा में):- ठीक है मैं तुम्हारी मदद करूंगा लेकिन मेरी 2 शर्त है
अजगर(अपनी भाषा में):- क्या शर्त है तुम्हारी
हेरंदर नाथ(अजगर की भाषा में):- मेरी 1 शर्त है कि तुम मुझे बाद में खाना मत 2 शर्त है की दुश्मन राजा ने मेरे परिवार को बंदी बनाकर रखा है मेरे महेल मे तुम उन्हें छुड़ाने में मेरी मदद करोगे मेरी यह 2 शर्त तुम्हें मंजूर है
अजगर (अपनी भाषा में):- हां मुझे तुम्हारी दोनों शर्त मंजूर है
हेरंदर नाथ अपनी सेना से कहते हैं (उनकी भाषा में) हम सब मिलकर अजगर को धक्का देते हैं इस तरफ से ताकि अजगर दूसरी तरफ से बाहर निकल जाए
फिर हेरंदर नाथ और उनकी सेना धक्का मारना शुरू करते हैं 1 घंटे तक लगातार धक्का मारने के बाद एनाकोंडा सुरंग में से बाहर निकल गया
अजगर (अपनी भाषा में):- अब चलो तुम्हारे परिवार को बचाने के लिए
फिर हेरंदर नाथ,अजगर,सांप,बिच्छू,कीदी,मकोड़े,मधुमक्खी ,
मच्छर और भी बहुत सारे जीव जंतु सभी महेल की तरफ जाने लगते हैं
थोड़ी देर में महेल के पास पहुंच जाते हैं और हमला भी कर देते हैं दुश्मन राजा को भी पता चल गया था कि हेरंदर नाथ ने हमला कर दिया है इसलिए दुश्मन राजा भी महेल के बहार निकलता है और अपने सिपाहियों को हमला करने को कहेता है घमासान युद्ध शुरू हो गया था दुश्मन राजा के सैनिक थे वह लड़ने की जगह पर भागना शुरू कर देते हैं क्योंकि अजगर के सामने जो भी आता है सिपाही उसे अजगर सीधा निगल जाता था इसलिए सभी सैनिक बहुत डर गए थे और दूसरी तरफ सांप और बिच्छू ऐसे डंख मार रहे थे जैसे सुबह बिना नाश्ता किए आए हो
और मधुमक्खी सीधा मुंह पर हमला करती थी और जिसका मुंह एक बार आ गया मधुमक्खी के चंगुल में उसका मुंह फुटबॉल बनने में देरी नहीं लगती
धीरे-धीरे करके दुश्मन राजा के सभी सैनिक मारे जाते हैं और एक बचा था वह था दुश्मन राजा और दुश्मन राजा के तो पैर कांप रहे थे क्योंकि सामने अजगर मुंह खोल कर खड़ा था
हेरंदर नाथ (अजगर की भाषा में):- रुको अजगर इसे मारना मत इसकी सजा मैं decide करूंगा
दुश्मन राजा को हेरंदर नाथ जेल मे डाल देते है और हेरंदर नाथ के परिवार को जहां पर बंदी बनाकर रखा था वहां से हेरंदर नाथ निकालते हैं
अब हेरंदर नाथ अपने परिवार से कहते हैं की अजगर और बाकी जानवरों की वजह से मैं अपने देश को और तुम सबको बचा पाया हूं
हेरंदर नाथ (जानवर की भाषा में) तुम सबको कभी भी जरूरत पड़े तो मेरे महल के दरवाजे तुम सबके लिए खुले हैं मैं हमेशा तुम सबकी मदद करने के लिए तत्पर रहूंगा क्योंकि तुम सबका मुझ पर एहसान है
अजगर (अपनी भाषा में):- अरे कोई बात नहीं अगर फिर से जरूर पड़े तो बुला लेना हमको हम वापस आ जाएंगे और तुम्हारी वजह से तो मुझे पेट भर के खाना मिला है कितना स्वादिष्ट था तो अब हम चलते हैं
फिर सभी जानवर चले जाते हैं महेल से
अब हेरंदर नाथ बहुत खुश थे क्योंकि हेरंदर नाथ की life में सबकुछ बिल्कुल ठीक हो गया था हेरंदर नाथ ने जो पहले नियम बनाया था की हर जगह पर उसका नाम होना चाहिए वह नियम खारिज कर दिया
आपको कैसी लगी हमारी storyKing's oldest most terrifying oldest tunnel comment section में जरूर बताना
और अच्छी लगी हो तो अपने दोस्तों के साथ जरूर share कीजिए
(आप नीचे दी गई स्टोरी भी पढ़ सकते हैं)
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