गुरुवार, 25 जनवरी 2024
Story: 100 numbers and 100 houses|suspense story in hindi
सोमवार, 15 जनवरी 2024
2024 Best Short Expensive Story In Hindi
2024 short expensive story in hindi
आज हम इस कहानी से जानेंगे कि सच्चा अमीर इंसान कौन है मेरा नाम दर्शन है और ये expensive कहानी शुरू करते हैं
एक समय की बात है, गाँव में एक बहुत ही अमीर आदमी रहता था जिसका नाम राजीव था। उसकी आरामदायक जिंदगी को देखकर लोग हमेशा हैरान रहते थे। राजीव का घर एक बड़ा और शानदार हवेली था, जिसमें सोने और चांदी के आभूषण और अनमोल शिक्षा के बहुत सारे सामान थे।
लेकीन राजीव की दौलत और बंगले को देखकर सभी गांव के लोगो को बहुत जलन होती थी की इसके पास इतना सबकुछ है लेकिन हमारे पास नही है
इसलिए गांव के लोग राजीव से कभी ठीक से बात भी नही करते थे लेकीन
एक दिन, राजीव ने गाँव के लोगों को एक अजीब सी बात बताई। उसने कहा, "मैं तुम्हें दुनिया की सबसे महंगी कहानी सुनाऊंगा, लेकिन तुम्हें यह कहानी सिर्फ एक सिक्के की कीमत में ही मिलेगी।"
गांव वालो ने हैरानी से पूछा , "इतनी महंगी कहानी क्यों?"
राजीव हंसते हुए बोले, "क्योंकि यह कहानी अनमोल है, और जिसने इसे समझा वही इसकी सच्चाई को समझ सकता है।"
गांव वाले सोचने लगे कि ऐसी कैसी कहानी होगी गांव वालो के मन में कहानी सुनने की ईसा होती है इसलिए
गांव वालो ने एक सिक्के की कीमत दी और राजीव ने उन्हें बताना शुरू किया।
राजीव:- "यह कहानी एक गरीब लड़के की है, जिसका सपना था कि वह अपने गाँव को ऊँचाईयों तक पहुँचाएगा। उसने मेहनत और संघर्ष से भरी जिंदगी जी और अपने सपनों को हकीकत में बदला और अपने गांव को एक शहर की तरह बनाया गांव मैं किसी भी चीज की कमी लड़के ने नही रहने दी।"
राजीव कहानी सुनाना बंध करता है ओर कहेता है की
, "यह कहानी हमें यह सिखाती है कि सच्ची महंगाई उस आत्मा में है जो मेहनत और संघर्ष से बदलती है, न कि सोने-चांदी में।"
Read new story Lava inside the village
लोगों की आँखों में चमक थी, और वह समझ गए कि इस महंगी कहानी में असली रजत है। राजीव ने कहा, "इस सिक्के के बदले तुमने सोने की जगह एक अद्वितीय सिख हासिल की है।"
गाँववालो ने आपस में मुस्कुराकर कहा, "हमने सीख लिया कि सच्चा अमीरी उस आत्मा में है जो अपने सपनों को पूरा करने के लिए मेहनत करता है।"
इसके बाद से, गाँव के लोगों ने समझा कि असली महंगाई उसी चीज में है जो आत्मा को समृद्धि और सफलता की ऊँचाइयों तक ले जाती है।
आपको कैसी लगी हमारी expensive story comment section में जरूर बताना
रविवार, 14 जनवरी 2024
Story lava inside the village|hindi story|suspense story
Story lava inside the village
एक छोटा सा गाव था गाव का नाम पिपलापुर था पिपलापुर जिस जगह था उसके आस पास ज्वालामुखी थे
मेरा नाम दर्शन है कहानी शुरू करते है
इसलीए वहा के लोगो ने पिपलापुर के आस पास बड़ी दिवाल बनवायी थी ताकि लावा गाव मैं ना आसके लेकिन इसका उल्टा हुआ
एक दिन जितने भी ज्वालामुखी थे सभी मेसे लावा बहार नीकलने लगा था लावा गांव की दिवाल के पास पहुंच गया था लावा दीवाल को छुते ही दीवाल पीगलने लगी थोड़ी देर में पूरी दीवाल पीगल गई
अब लावा चारो तरफसे बडी तेजी से गांव की तरफ आ रहा था सभी गांव वाले साथ मैं भागने की तयारी कर रहे थे लेकिन लावा इतना नजदीक आ चुका था कि घर पर से लावा जा रहा था
लेकिन अच्छी बात ये है कि गांव वाले घर से निकल कर एक बड़ी पहाड़ी पर चलेगए थे सभी गांव वाले पहाड़ी पर थे
सरपंच:- मुझे लगता है कि यह लाव ठंडा होने में पता नहीं कितना समय लेगा लेकिन तब तक हमें इस पहाड़ी पर ही रहेना होगा
सरपंच की पत्नी:- अगर हम पहाड़ी पर आएंगे तो सुबह-सुबह भैंस का दूध कौन निकालेगा बोलिए
(गांव के लोग एक साथ हंसते हैं)
सरपंच(गुस्से में):- मुझे एक बात बता इस वक्त हम कहां है
सरपंच की पत्नी:- कमजोर है आपका दिमाग इसलिए मैं कहती हूं बादाम खाया करो इस वक्त हम पहाड़ी पर है
सरपंच (गुस्से में):- हम पहाड़ी पर है तो नीचे क्या है
सरपंच की पत्नी:- क्या आप भी नीचे तो लाव है
सरपंच (गुस्से में):- ओर तुम्हारी भैंस कहां है
Read Ghost Love story in hindi
सरपंच की पत्नी:- भेंस तो नीचे O MY GOD
भैंस तो मर गई होगी लावा में
सरपंच (गुस्से में):- तो फिर दूध निकालने के लिए तुम्हारे पास भेंस बची नहीं इसलिए चुप रहो
सरपंच की पत्नी को छोड़कर सभी गांव वाले परेशान थे कि अब क्या करें
सरपंच:- जब तक लावा ठंडा ना हो जाए तब तक हमें इस पहाड़ी पर ही रहना होगा इसके अलावा हमारे पास और कोई दूसरा रास्ता नहीं है
1 Month Later
1 महीने तक पहाड़ी पर रहने के बाद
सरपंच:- अब तक लावा ठंडा हो गया होगा हम नीचे चलते हैं
सभी गांव वाले पहाड़ी से उतरने लगे लेकिन गांव वालो को पता नहीं था की वह पहाड़ी से उत्तरकर अपनी जिंदगी की सबसे बड़ी गलती कर रहे हैं
लावा में सभी घर का सत्यानाश हो गया था इसलिए सभी गांव वाले मिलकर रहने के लिए नया घर बनाने लगे
घर बनने के बाद गांव वाले वापस पहले की तरह रहने लगते हैं लेकिन अब क्या होने वाला था उसका गांव वालों को थोड़ा सा भी अंदाजा नहीं था सबको लग रहा था कि लावा से हम बच गए
लेकिन लाव में से एक रासायनिक धुवा निकलने लगा वह धुवा इतना जहरीला था की धीरे-धीरे गांव के सभी लोग बीमार पड़ने लगे गांव के पास में एक नदी थी वह भी जहरीली नदी बन गई
वह धुआ आसमान में इतना फैल गया कि वहां से जो पक्षी उड़ कर जाते थे उनकी सांस में लावा का जहरीला धुआं आने के कारण मौत हो जाती थी
धीरे-धीरे गांव के लोग मरने लगे और आखिर में वही हुआ जिसका दर था पूरा गांव शमशान में बदल गया
कैसी लगी आपको हमारी कहानी lava inside the village comment में जरूर बताना.
रविवार, 7 जनवरी 2024
How To Become A God In Real Life | Suspense Story| Thriller Story
ये बात है 100 साल पुरानी है कुंजन का मंदिर रोड के बाजू में था कई लोगो ने मंदिरों को तोड़ने की कोशिश की, लेकिन आज तक कोई भी मंदीर को तोड़ नहीं पाया आज कहीं लोग कुंजन के मंदिर की पूजा करते हैं सभी गांव वाले उन्हें ईश्वर मानते हैं
मेरा नाम दर्शन है और कहानी how to become a god in real life शुरू करते हैं
एक 22 साल का लड़का था लड़के का नाम कुंजन था कुंजन गांव मैं रहता था सुबह 6:00 बजे कुंजन अपनी सभी गायो को लेकर चराने के लिए जाता है
सभी गाय खाना खा रही होती है कुंजन एक जगह पर बेथ कर सभी गायो पर नजर रख रहा होता है तभी 1 गाय बाजू के खेत में चली जाती है उस खेत का जो मालिक था वो भदवार था उसे गुशा आया गुसे मैं वो कुंजन के पास गया
भदवार:- तेरी गाय मेरे खेतर मैं क्यू आई
भदवार को पहले से ही कुंजन पर गुस्सा था भदवार पहले से ही कुंजन को मारना चाहता था
कुंजन:- वो मासूम गाय है उसे थोड़ी पता होगा ये दुसरे का खेत है वहा नही जाना चाहिए
भदवार:- तेरी गाय का और तेरा गला काट दुंगा
कुंजन:- वो गाय मुझे सबसे प्यारी है मेरी गाय का गले का एक बाल भी निकाला तो मैं तुम्हारे टुकड़े करके तुम्हारे टुकड़ों को तुम्हारे खेत मे जला दूंगा
भदवार:- तुम मेरे टुकड़े करदो इसे पहले में तुम्हारा मुंह तुम्हारे शरीर से अलग करदू तो
इतना बोलते ही भदवार ने अपनी तलवार नीकाली ये देखकर कुंजन ने भी तलवार नीकाली डोनो तलवार से लड़ने लगे लड़ते-लड़ते 9:00 बज चुके थे लेकिन दोनों के बीच लड़ाई खतम नहीं हुई थी
तभी भदवार ने ऐसा घातक हमला किया की कुंजन का सर कुंजन के शरीर से अलग हो गया लेकिन यहां पर लड़ाई खतम नहीं होती
कुंजन का सर तो जमीन पर गीर गया था लेकिन कुंजन का शरीर अभी भी भदवार के साथ युद्ध कर रहा था युद्ध करते करते दोनों ने जहां से युद्ध की शुरुआत की थी वहां से 2 किलोमीटर दूर आ गए थे और जिस जिस रस्ते से दोनों लड़ते हुए जा रहे थे वह रस्ते खून से लाल होते जा रहे थे गांव वाले भी यह देखकर बीच में नहीं आए और अपने घर के अंदर चले गए
(ये कहानी भी पढ़िए)
दोपहर के 2:00 बज चुके थे लेकिन लड़ाई अभी खतम नहीं हुई थी यह भयंकर लड़ाई पता नहीं और कितनी देर तक चलेगी
इस्तरफ कुंजन की बहन जिसकी उमर 25 साल थी जो अपने भाई के लिए खाना लेकर जाती है
लेकिन कुंजन कहीं पर दिखाई नहीं देता इसलिए कुंजन की बहन हर तरफ कुंजन को ढूंढने लगती है लेकिन कुंजन मीला नहीं तभी कुंजन का कटा हुआ सर देख लेती है कुंजन की बहन
कुंजन की बहन कुंजन के सर के बाजू में बैठ जाती है और कुंजन के सर को अपने हाथ में लेकर जोर जोर से रोने लगती है
और गहरे विचार में पड़ जाती है कि
कुंजन की बहन:- मेरे भाई के सर को किसने काटा और मैं घर पर क्या कहुंगी मेरे भाई के बिना मे कैसे जिंदा रह सकती हूं
विचारों मे कुंजन की बहन कैद हो गई थी आखिर मे कुंजन की बहेन एक बहुत ही भयानक फैसला लिया
कुंजन के कटे हुए सर को अपनी गोद में रख दिया और वही पर जिंदा समाधि ले ली यह बोलते हुए कि मैं मेरी हर एक सांस मेरे भाई को समर्पित करती हुं
लेकिन अभि युद्ध सुरु था कुंजन ऐसा हमला करता है कि भदवार के शरीर के कितने टुकड़े होजाते हैं कुंजन की जीत होती है अब कुंजन के शरीर में ताकत नही होती है और कुंजन का शरीर भी जमीन पर गिर जाता है
(ये new कहानी भी पढिए)
जहां पर कुंजन का सिर गिरता है वहा कुंजन का मंदिर बनाया जाता है
कुंजन की बहन ने कुंजन के कटे हुए सर को गोद में रखकर समाधि ली थी वहां पर भी मंदिर बनाया जाता है
QNA answer in comment
1. कुंजन की बहन ने जो किया वो सही किया या गलत?
2. आपको कहानी का कोनसा part सबसे अच्छा लगा?
3. कुंजन के बारे में आप क्या कहेंना चाहोगे?
शनिवार, 6 जनवरी 2024
Valmiki Jayanti 2024: maharishi valmiki real life story in hindi
नारद जी पृथ्वी लोक पर आए थे लक्ष्मी जी ने ही नारद जी को पृथ्वी पर भेजा था किसी को कुछ देने के लिए नारद जी रास्ते पर चलके जा रहे थे तभी एक लुटेरा आया मेरा नाम दर्शन है और कहानी शुरू करते हैं
Valmiki Jayanti 2024: maharishi valmiki real life story in hindi
लुटेरा:- तुम्हारे पास ये पोटली है वो मुझे दे दो
नारद जी: मैं तुम्हें ये पोटली नहीं दे सकता, इसपर तुम्हारा हक नहीं है
लुटेरा:मैं दुसरे के हक का ही में खाता हूं ये मेरी मजबूरी नहीं मेरी आदत है
नारद जी:- मेरी भी एक आदत है कि कोई मुझसे मांगता है कुछ भी तो मैं देता हूं लेकिन वही देता हूं जिसकी वो इन्सान कदर करता हो और तुम पोटली की कदर तो नहीं करते ओर तुम इसके लायक भी नहीं हो
लुटेरा:- मेरी एक बुरी आदत है अगर कोई मुझे कुछ देने को मना करता है तो मैं उसे मार डालता हूं और वह सब कुछ ले लेता हूं जो मुझे चाहिए
नारद जी:- ये सब तुम किसके लिए करते हो
लुटेरा:- मेरे परिवार के लिए करता हूं मैं
नारद जी:- तुम्हारे परिवार को पता है कि तुम उनके लिए लोगो को मारते हो और मारने के बाद उनका सामान ले लेते हो
लुटेरा:- हा मे क्या करता हूं वो सब मेरे परिवार को पता है
नारद जी:- तो तुम्हें मना नहीं करते कि ये गलत काम है नहीं करना चाहिए
लूटेरा:- नहीं मुझे कोई मना नहीं करता
नारद जी:- मुझे तुम्हारे परिवार से मिलना है
फिर लुटेरा नारथ जी को अपने परिवार से मिलने ले जाता है
लुटेरा:- ये मेरी पत्नी है और ये दोनों मेरे बेटे हैं
नारद जी लुटेरे की पत्नी को पूछते हैं
नारद जी:- आपका आपकै बच्चों का पेट भरने के लिए ये आपके पति कितने लोगो को मार चुके है लुट चूके हे ओर आप ईन्की पत्नी हे तो इसने जो पाप किया है आपके लिए वह पाप आप अपने सर पर लोगी
लूटेरे की पत्नी:- नहीं पाप तो इन्होंने किया है लोगों को लूटा तो इन्होंने है तो इनके पाप के भागीदार हम क्यों बने
ये बात सुनकर लुटेरे की आँखों में आशु आ जाते हैं फिर नारथ जी लुटेरे को घर के बाहर लेकर जाते हैं
नारद जी:- देख लिया ना तुमने तुम जिसका पेट भरने के लिए पाप कर रहे थे उन्होंने तुम्हारा साथ छोड़ दिया इस दुनिया में अपने भी अपने नहीं होते अगर तुम सर्वश्रेष्ठ बन जाओ तो पराए भी अपने हो जाते हैं
लुटेरा नारथ जी के पैरों में पड़ जाता है और ऊंची आवाज में कहेता है
(आप यह मजेदार कहानी भी पढ़ीए)
बिजली ने देश को श्मशान में बदल दिया
लुटेरा:आज से मैं दुनिया के सारे बंधन तोड़ता हूं आज से मेरा किसी के साथ कोई संबंध नहीं है और संबंध है तो सिर्फ ईश्वर के साथ मोह माया लोभ इन सब का मे त्याग करता हूं
उस दिन के बाद से लुटेरा अकेला रहने लगा एक संन्यासी बन गया एक गुफा में रहने के लीए चला गया सन्याशी बनने के बाद उनका नाम वाल्मीकी रुशी नाम पड़ा वाल्मीकी रुशी को भारत में हर कोई जनता है जिस वक्त किसी ने भी रामायण शब्द भी नहीं सुना था उस वक्त वाल्मीकि ऋषि ने पूरी रामायण लिख दी
answer in comment
Question
1.पोटली में क्या होगा क्या लगता है आपको
2. वाल्मीकि ऋषि ने क्या सोचकर सबकुछ त्याग कर दिया
3. आपको क्या सीखने को मिला इस कहानी से
आपको कैसी लगी Valmiki Jayanti 2024: maharishi valmiki real life story in hindi
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