सोमवार, 22 अप्रैल 2024

SCHOOL WORLD BEST STORY TELLING COMPITITION.

 इस कहानी मै आप पढ़ेंगे की एक स्कूल में कॉम्पिटिशन था लेकिन को स्टुडेंट भाग नही लेता स्कूल के प्रिंसिपल कहानी सुनाते है कहानी सुनने के बाद सभी स्टुडेंट कॉम्पिटिशन मै भाग लेने के लिए मान जाते है मेरा नाम है दर्शन कहानी सुरु करते हैं 


शिंधु स्कूल नाम का एक स्कूल है शिंधु स्कूल मैं 1 से 12वीं कक्षा तक के स्टूडेंट पढ़ते हैं शिंधु स्कूल के प्रिंसिपाल का नाम हितेन भाई है


एक दिन हितेन सर स्कूल की ऑफिस मै बैठकर कुच सोच रहे थे

 

हितेन सर(मन में):– बच्चों की पढ़ाई पर तो ध्यान दे

School

ना चाहिए लेकिन इसके अलावा बच्चे बोलने में केसे है क्या वो 500 लोगो के सामने बोल पायेंगे या फिर कहीं इंटरव्यू देने गये तो वहा पर बोल पायेंगे इसपर भी तो ध्यान देना चाहिए


स्टूडेंट के लिए मुझे कुछ करना चाहिए सबसे पहले मीटिंग करनी होगी 


फिर हितेन भाई स्कूल मे मीटिंग रखते हैं जितने भी सर टीचर हैं सबको स्कूल के होल मे बुलाते हैं 


20 मिनट बाद 


सभी सर टीचर हॉल मे पहुंच जाते हैं 

हितेन सर ने माईक हाथ मे लिया ओर बोलना शुरू करते हैं

 

हितेन सर:– हल्लो हल्लो माइक टेस्टिंग 1234 ह तो सभी सर टीचर शांत हो जाइए 


चौहान सर:– आपने हमें क्युं बुलाया है


हितेन सर:-स्कूल मे स्टूडेंट की पढ़ाई मे तो आप सब ध्यान रखते है लेकिन अगर किसी भी स्टूडेंट को तेज पर जाकर बोलने को कहे तो वो बिना डरे बोलना चाहिए सही कहा ना मैने 


भीखा सर:– सर आपकी बात सही है आजकल के स्टुडेंट क्लास मे बैठकर बहुत बोलते है चिल्लाते है लेकिन उन्हें तेज पर जाकर बोलने को कहेंगे तो सभी मना कर देंगे


हितेन सर:– एसिलीए मैने सोचा है कि अपने स्कूल मे अगले हफ्ते स्टोरी टेलिंग कॉम्पिटिशन रखेंगे

Compitition


भीखा सर:– मतलब सभी बच्चों को तेज पर जाकर कुछ भी बोलना है 


हितेन सर:– कुछ भी नहीं बोलना है भीखा भाई सभी बच्चों को घर से एक कहानी लिखकर आना है उसी कहानी को तेज पर जाकर बोलना है


सभी सर टीचर्स अपनी क्लास मे जाकर कॉम्पिटिशन मे भाग लेने वाले सभी बच्चों के नाम लिख देते हैं।


2 घंटे बाद


सभी सर टीचर्स हितेन सर के ऑफिस मे आ जाते हैं।


 हितेन सर:– सभी एक साथ मेरी ऑफिस में आए हैं कुछ जरूरी काम था। 


भीखा सर:– मेरी क्लास के सभी बच्चों ने कॉम्पिटिशन में भाग लेने से मना कर दिया है


सभी टीचर्स ने भी यही कहा कि बच्चों ने कॉम्पिटिशन में भाग लेने से मना कर दिया है


हितेन सर :– लेकिन क्यूं मना किया 1 घंटे के अंदर स्कूल में जितने भी स्टूडेंट है सबको स्कूल के होल में इकट्ठा करो


1 घंटे बाद

 

सभी स्टूडेंट होल में आ चुके होते है


हितेन सर:– स्टूडेंट मुझे आप सबसे यह उम्मीद नहीं थी क्यूं मना कर दिया आप सब ने कॉम्पिटिशन में भाग लेने से रितिका तुम बताओ तुमने क्यों मना किया


रितिका:– सर मुझे कहानी लिखना नहीं आता है और आपने दूसरों की कहानी कॉपी करने से मना किया है इसलिए मैंने मना कर दिया


हितेन सर:– जितेंद्र तुमने क्यों मना किया कॉम्पिटिशन मैं भाग लेने से 


जितेंद्र:– क्योंकि मुझे ज्यादा लोगों के सामने बोलने से डर लगता है और हमारी स्कूल में तो कितने लोग है इसलिए मैंने मना कर दिया


हितेन सर:– मैं समझ गया ज्यादातर स्टूडेंट की यही समस्या है सही कहा ना


सभी स्टुडेंट एक साथ हा बोलते है 


हितेन सर:– मैं आप सबको आज एक कहानी सुनाता हूं एक जींगापुर नाम का एक गांव है गांव में रहने वाले लोगों की संख्या बहुत ही कम थी कुल 100 लोग रहते थे इस गांव में लेकिन जींगापुर गांव एक सिटी जितना बड़ा था


फिर भी इस गांव मे नाही पानी अच्छा मिलता था नाही रहने के लिए पक्के मकान थे नाही अच्छी सड़क थी जींगापुर मैं रहने वाले लोग जानवर को मार कर फिर उन्हें गर्म करके कै खाते थे और अपना पेट भरते थे 


उन 100 लोगों में एक 25 साल का लड़का था जिसका नाम एडम है एडम को बिल्कुल भी पसंद नहीं था जानवर को मारना और उन्हें खाना लेकिन इसके अलावा एडम के पास और कोई रास्ता नहीं था ऐसा एडम कॉ लगता था 


एक दिन एडम अपने बाजू वाले गांव में जाता है जहां उसका दोस्त रहता था उससे मिलने एडम अपने समस्या अपने दोस्त को बताता है कि उसे जानवरों को मारकर खाना बिल्कुल भी पसंद नहीं है 


एडम का दोस्त जिसका नाम जेक है जेक एडम को कहता है कि तुम अपने गांव मे खेती क्यों नहीं करते वैसे भी तुम्हारा गांव में बहुत जगह है

Farming


एडम भी कहता है लेकिन हमारे गांव की जमीन में खेती होगी? जेक बोलता है क्यों नहीं होगी खेती ट्राई तो करके देख


एडम एक और सवाल पूछता है की खेती तो मैं कर लु लेकिन करु किसकी जेक भी सामने जवाब देता है की एडम तू आलू की खेती कर एडम फिर पूछता है लेकिन में तुम्हे बोलना भूल गया की मुझे खेती करना नही आता है 


जेक के पापा आलू की खेती करते थे इसलिए जेक ने अपने पापा से आलू की खेती करना सीख गया था इसलिए जेक बोलता है की एडम मैं तुम्हे सिखाऊंगा आलू की खेती करना 


एडम बोलता है जेक कैसे करते है आलू की खेती मुझे बताव

जेक फिर बताता है की एडम तुम्हे जमीन मे जहा जहा आलू उगाने है वहा पर एक आलू जमीन के अंदर दालदो उसके बाद हररोज पानी डालना है जहा पर तुमने आलू उगाए है फिर रासायनिक दवा डालनी है ये काम 3 महीने तक लगातार करना है 


4 महीने पूरे होने के बाद तुम्हारे आलू उग जायेंगे फिर एडम तुम वो आलू खा सकते हो एडम चिंता वाला मुंह बनाकर कहता है की हमारे गांव में तो पानी का एक नल भी नही है हम सब गांव वाले गांव के बाहर एक तालाब है वहा से पानी लाते है उस पानी का उपयोग हम पीने मैं और बाकी काम मै करते हे और पानी तुरंत खतम भी हो जाता है 


जेक केहता है तुम दार क्यू नही करवाते एडम बिचारा बोलता है इसके लिए पैसे तो होने चाहिए जेक बोलता है तू टेंशन मत ले मेरे पास एक आइडिया है दार का खर्चा रासायनिक दवा का खर्चा मैं करूंगा सब खर्चा मैं करूंगा और मेहनत एडम तुम और मैं हम दोनो मिलकर करेंगे क्या बोलता है

 

एडम के चेहरे पर एक अलग ही मुस्कान आ गई थी एडम बोलता है मुझे मंजूर है जेक बोलता लेकिन खर्चा मैं कर रहा हु तो आलू हम बेचेंगे उनमें 50:50 होगा आधे तुम्हारे पैसे और आधे मेरे एडम केहटा है हा भाई ले लेना 


जेक पूछता है की तुम्हारे पास जमीन कितनी है एडम खुश होकर केह्ता है हमारे पास जमीन बोहोत है जेक केहता है जमीन तो है तुम्हारे गांव मैं लेकिन तुम्हारे नाम पर कितनी जमीन है 


एडम सोचते हुए केहता है मेरे नाम की जमीन तो है ही नहीं जेक हंसते हुए कहता है जमीन तुम्हारे नाम पर तो नहीं है तो तुम उस पर खेती कैसे करोगे पहले वह जमीन तुम्हें अपने नाम करवानी होगी इसके लिए तुम्हें तुम्हारे गांव के सरपंच के पास जाना होगा


एडम कहता है कि जेक तुम्हारी बात सही है पहले मुझे जमीन मेरे नाम पर करवानी होगी अभी चलते हैं हम सरपंच के पास


फिर एडम और जैक दोनों जाते हैं गांव के सरपंच के पास सरपंच को सब बातें बताते हैं सरपंच को भी इससे कोई आपत्ति नहीं थी इसलिए सरपंच भी हां बोल देते है और गांव की जमीन एडम के नाम कर देते है


और पैसे भी नहीं लेते क्योंकि सरपंच को लगता था कि वह जमीन किसी काम की नहीं है सरपंच एडम के नाम 500 वीघा जमीन कर देते हैं फिर भी पुरी जमीन तो सरपंच नहीं देते हैं लेकिन इतनी जमीन एडम के लिए काफी थी


फिर जमीन नाम पर हो जाने के बाद जेक बोलता है की चलो अब एक काम तो हो गया अब दूसरा काम करेंगे पानी लाने का 

एडम पूछता है जैक से कि हम दार करवाएंगे कैसे और कौन करेगा दार जेक कहेता है तू टेंशन मत ले मेरी पहचान में है ना एक दार करने वाला उसे पैसा देंगे वह कर देगा दार 


फिर जेक और एडम जो दार करता था उसके पास जाते हैं और उसे कहेते हैं कि 1000 फुट का एक दार करना है

अगले ही दिन दार करने वाले आ जाते हैं दार तो करते हैं 1000 फुट लेकिन एक बूंद भी पानी नहीं निकलता है 


एडम और जैक दोनों ही निराश हो गए कि अब क्या करे एडम निराश होकर बोलता है मेरी वजह से तुम्हारे पैसे चले गए मुझे नहीं करनी खेती 


जेक मीठी सी स्माइल करके बोलता है पैसे चले गए उम्मीद टूट गई इरादा बदल दिया लेकिन यार एक बार और कोशिश करते है क्या पता किस्मत बदल जाए एडम मैं एक और बार कोशिश करने के लिऐ तयार हू क्या तुम तयार हो मेरा साथ देने के लिए 

 

एडम को भी एक ऊमीड मिली एडम बोला मैं तयार हूं एक बार और कोशिश करने के लिए 


फिर दूसरी बार दार करवाते है और इस बार जेक 1500 फुट का दार करवाता है इस बार एडम और जेक ने जितनी उम्मीद की थी उसे 1000 गुना पानी निकला ये पानी देखकर जेक और एडम की खुशी का ठिकाना ना रहा


ये दोनो तो खुश थे लेकिन गांव के लोग भी खुश थे ये पानी देखकर फिर 4 महीने तक लगातार जेक और एडम मेहनत करते है और इस काम मैं गांव के 4 लोग भी मदद करते है वो चार लोग एडम के दोस्त थे 


4 महीने बाद एडम जेक और एडम के दोस्त जाते है खेत मै ये देखकर सबके चेहरे पर स्माइल थी क्यू की हर जगह पर आलू ही आलू है सभी इतने खुश थे की किसी के पास शब्द नहीं थे बोलने के लीए

Potato


इस सफलता की खुशी में एडम जेक सबको आलू गरम करके खिलाते है और आलू गांव मैं सबको बहुत सवादिस और मीठे लगते हैं 


खाने के लिए एडम और जेक आलू रखते है बाकी के सब आलू बेच देते है आलू बेच ने पर एडम और जेक को 2 करोड़ रूपए मिलते है 1 करोड़ जेक रखता है और 1 करोड़ एडम रखता है 


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बिचारे यमराज की समस्या


एडम को जितने पैसे मिलते हैं उसमें से 20 लाख रुपए अपने दोस्तों को देता है और जेक अपने पापा को पैसे देता है क्यू की जेक के पापा ने ही दार और दवा के लिए पैसे दिए थे 


फिर जेक और एडम ने कभी पीछे मुड़कर नही देखा पूरा साल खेती की और गांव के सभी लोगो को खेती करना सिखाया धीरे धीरे गांव के सभी लोग खेती करने लगे अच्छे खासे पैसे भी कमाने लगे 


अब उस गांव मैं एक भी कच्चा मकान नही है सिर्फ बंगले देखने को मिलते है आलीशान जिंदगी जीते है गांव के सभी लोग

House



तो स्टुडेंट मुझे बताए पहली बार जब दार फेल हुआ पानी नही आया तभी एडम और जेक दोनो दूसरी बार कोशीश नहीं करते हार मान लेते तो वो गांव आज भी वही जिंदगी जीता जो पहले जीता था 


स्टुडेंट मैंने यह कहानी इसलिए सुनाई क्योंकि आप सब ने तो एक बार भी कोशिश नहीं की स्टेज पर आकर बोलने की तो सोचो आप कैसे दूसरो के लिए अच्छा करते इसलिए कोशिश करोगे तभी तो पता चलेगा कि आप कितना बोल सकते हो कहां तक बोल सकते हो आपके अंदर क्या खूबी है क्या खामी है 


अभिनव:– सर आपने बिल्कुल सही कहा मैं प्रतियोगिता में भाग लूंगा चाहे कोई दूसरा ले या ना ले कहानी लिखुंगा भी ओर तेज पर जाकर बोलूंगा भी


एक-एक करके सभी स्टुडेंट बोलने लगते हैं कि मैं लिखूंगा भी और बोलूंगा भी और कुछ नया सीखूंगा भी स्कूल के सभी स्टुडेंट ने अपना नाम लिखवाया 

प्रतियोगिता में 


मेरी कहानी यहीं पर खत्म होती है मुझे विश्वास है आपको ये कहानी जरूर पसंद आई होगी कहानी पढ़ने के लिए शुक्रिया.




रविवार, 14 अप्रैल 2024

यमराज की सबसे बड़ी समस्या?🥺|suspense story.

 इस कहानी मैं आप पढ़ेंगे की यमराज को समज नही आता है की अपना काम कैसे करे इसलिए वो ब्रह्म देव के पास जाते है और ब्रह्म देव यमराज को समझाते है और काम को ठीक से करने के लिए कुछ चीजे भी देते हैं मेरा नाम है दर्शन कहानी सुरु करते हैं 


ये बात है अरबो साल पेहले की जब धरती पर नये जीव की उत्पति हो रही थी जैसे जैसे वक्त बीत रहा था धरती पर जीव भी बढ़ रहे थे

यमराज


इसी बात से यमराज भी चिंतित थे कि जीव की आत्मा को कहा रखे कब आत्मा को लेना कैसे लेना है इसीलिए यमराज ब्रह्म देव के पास जाते हैं 


यमराज:– ब्रह्म देव आपने मुझे आत्मा को शरीर में से लेने का और आत्मा को नया शरीर देने का काम तो सोप दिया लेकिन ये काम मेरे लिए नया है तो मैं कैसे करूँ ये काम आप मुझे समझाएँ 


ब्रह्म देव:– मुझे पता था ये काम तुम्हारे लिए बहुत ही मुश्किल है


यमराज:– आपको पता था कि ये आत्मा लेने का काम मैं नहीं कर पाऊँगा तो मुझे ये काम कयू दिया 


ब्रह्म देव:– विधाता ने तुम्हें पसंद नहीं किया है इस काम के लिए इसलिए तो मुझे भी लगता है कि तुम ये कार्य कर सकते हो यमराज



यमराज:– लेकिन पृथ्वी पर कितने जीव हैं कोनसे जीव की आत्मा कब निकालनी है किस समय निकालनी है कब नए जीव की उत्पत्ति के लिए आत्मा भेजनी है ये सब मैं अकेला कैसे करु मुझे बताए ब्रह्म देव


ब्रह्म देव:– यमराज मैं तुम्हारा काम आसान करने के लिए एक देव देता हूँ जो बहुत ही बुद्धिमान है चतुर है जो तुम्हारी हर मुश्किल में तुम्हारा साथ देगा


यमराज:– कौन है वो ब्रह्म देव


ब्रह्म देव:– उस देव का नाम चित्रगुप्त है वो तुम्हारी मदद करेंगे यमराज तुम्हारा काम और आसान करने के लिए मैं तुम्हें यह भी देता हूं


यमराज:– ये तो गोले है लेकिन इतने छोटे गोले मेरे किस काम के


ब्रह्म देव:– ये गोले तुम्हें अभी छोटे लग रहे हैं लेकिन यमराज ये गोले छोटे हैं नहीं सूर्य जैसे कहीं सूर्य इस गोले में समा सकते हैं


यमराज:–लेकिन ये गोले मेरे किस काम के


ब्रह्मदेव:– यमराज ये लाल गोला दिख रहा है इस गोले में वही आत्मा को रखना है जिसने बुरा काम किया हो

प्लेनेट


यमराज:– लेकिन पता कैसे चलेगा कि बुरा काम कोंनसा है


ब्रह्म देव:– धरती पर अभी इंसान का जन्म नहीं हुआ है जब इंसान का जन्म हो जाएगा तब तुम्हें पता चल जाएगा बुरा काम किसे कहते हैं अच्छा काम किसे कहते हैं 


यमराज:– ब्रह्म देव अब मैं समज रहा हूँ थोड़ा बहुत और ये दूसरा गोला किस काम का है


ब्रह्म देव:-ये सफ़ेद गोले में वही आत्मा को रखना है जिसने कुछ अच्छा किया हो जिंदगी में एक बार जिसने किसके बारे में बुरा न सोचा हों


यमराज:– जी ब्रह्म देव और ये काला गोला किस काम आएगा 


ब्रह्म देव:- काले गोले पर यमराज तुम उस आत्मा को रखोगे जिनका धरती पर वापस जाने का वक़्त हो गया है


चित्रगुप्त:-प्रणाम ब्रह्म देव

चित्रगुप्त


यमराय:– ब्रह्म देव ये कौन है


ब्रह्म देव:– यही चित्रगुप्त है जो तुम्हारी मदद करेंगे चित्रगुप्त ये यमराज है अब से तुम यमराज के साथ रहोगे


 चित्रगुप्त:– जैसी आपकी इच्छा ब्रह्म देव


ब्रह्म देव:– अभी तुम दोनो को कुछ और देना बाकी है


यमराज:– क्वा बाकी रहग्या ब्रह्म देव


ब्रह्म देव:– ये लो यमराज ये तुम्हारे लिए


यमराज:-ब्रह्म देव ये तो एक रस्सी है इसका मैं कया करुंगा? 


ब्रह्म देव:– रस्सी तुम्हारे सबसे ज्यादा काम आयेगी 

यमराज:– लेकिन रस्सी कैसे काम आ सकती है?


ब्रह्म देव:– तुम रस्सी की मदद से अपने महल में बैठकर धरती पर किसी की भी आत्मा को अपने पास ला सकते हो


यमराज:– धन्यवाद ब्रह्म देव अब मैं अपना कार्य सररता से पूर्ण कर पाऊंगा


चित्रगुप्त:– ब्रह्म देव अभी आपने बोला था मेरे लिए भी कुछ लाए हो 


ब्रह्म देव:-ये दोनो तुम्हारे लिए है


यमराज:– ये तो पुस्तक और कलम है ये किस काम आयेंगे


चित्रगुप्त:– हा ब्रह्म देव यमराज देव सही कह रहे हैं


ब्रह्म देव:– चित्रगुप्त तुम इस पुस्तक में वह सब जानकारी रखोगे कि किस आत्मा को कब बुलाना है और कब आत्मा को और कौन सी आत्मा को भेजना है और किस आत्मा को किस गोले में रखना है यह सब तुम इस पुस्तक में लिखोगे

 

यमराज:– आपका बहुत-बहुत धन्यवाद ब्रह्म देव अब मैं अपना कार्य सर्रता से पूर्ण कर पाऊंगा


चित्रगुप्त:– धन्यवाद ब्रह्म देव इस कार्य का मुझे भागीदार बनाने के लिए


ब्रह्म देव:– अब इस कार्य की जिमेदारी तुम दोनो की है और तुम दोनो इस कार्य को अब सफलता से पूर्ण कर सकते हो


फिर यमराज और चित्रगुप्त लग जाते है अपने काम मैं


अब आप भी अपने सपने पूरे करने वाले काम मैं लग जाइए कहानी यही पूर्ण होती हैं जय यमराज.

रविवार, 7 अप्रैल 2024

love story of the monster|राक्षसी का प्यार #love story #hindi story #suspense story

 Demon Love Story


आज इस कहानी में आप पढ़ेंगे की कैसे एक सुरंगी नाम की राक्षसी को प्यार होता है एक सुरंगा नाम के राक्षस से लेकिन राक्षस मर जाता है फिर अगले जन्म में जब वह राक्षस इंसान का रूप लेकर आता है तब कैसे सुरंगी राक्षसी उससे शादी करती हैं और बच्चा पैदा करती है यह आप इस कहानी में पढ़ेंगे और मेरा नाम है दर्शन कहानी शुरू करते हैं

Demon Love story


एक बावली घर नाम का एक बंगला है इस बंगले में 3 लोग रहते हैं 3 में से एक लड़का है लड़के का नाम हेतांश है हेतांश 12 क्लास में पढ़ता हैं हेतांस छोटा था तब उसके पापा की एक्सीडेंट में मौत हो गई थी 


तब से हेतांश को अंधेरे में रेना ही ज्यादा पसंद था हेतांश की मम्मी जिंनका नाम केमिला बेन है केमिला बेन घर का काम संभालती है हेतांस की एक बड़ी बहन है उसका नाम हितिका है हितिका कॉलेज करती है


जिस ज़गा पर हेतांश का बंगला था उसी जमीन के अंदर एक सुरंगी नाम की एक राक्षसी रहती है सुरंगी एक राक्षसी थी फिर भी वो शाकाहारी थी


मास खाना बिलकुल भी पसंद नहीं था सुरंगी को ओर सुरंगी दिखने में तो बहुत खतरनाक थी लेकिन सुरंगी की आवाज़ इतनी मीठी थी की कोयल को भी शर्मिंदा कर दे ओर सुरंगी हमेशा अकेला रहना पसंद करती थी क्योंकि उसके साथ पहले जो हुआ वह भूल नहीं पा रही थी


सुरंगी राक्षसी हेतांश से शादी करना चाहती थी ओर छोटे-छोटे बच्चे करना चाहती थी 

 

50 साल पहले


एक सुरंगा नाम का राक्षस था वो पातांल लोग में रहता था सुरंगा राक्षस को उजाला बिलकुल भी पसंद नहीं था सुरंगा राक्षस को लगता था कि उसके अलावा पाताल में कोई नहीं रहता है लेकिन सुरंगा राक्षस को एक बार सुरंगी राक्षसी दिख जाती है सुरंगी राक्षसी को देखते ही सुरंगा राक्षस को पहला पहला प्यार हो जाता है


सुरंगा राक्षस:- WOW ये राक्षसी है लेकिन परियों से भी ज्यादा प्यारी है मैं ईसके साथ ही जीवन बिताना चाहता हूँ फिर सुरंगा राक्षस सुरंगी राक्षसी के पास जाता है 


सुरंगी राक्षसी:- अरे तुम कौन हो मैंने पहली बार दूसरे राक्षस को देखा वैसे तुम्हारा नाम क्या हैं 


सुरंगा राक्षस:-मेरा नाम सुरंगा है मैं तुमसे कुछ कहना चाहता हूँ


सुरंगी राक्षसी:- क्या कहना चाहते हो

 

सुरंगा राक्षस:- मैं ये कहना चाहता हूँ कि जैसे आसमान बादलों के बिना अधूरा है इंसान पेड़ पोधे के बिना अधूरे हैं माँ बाप अपने संतान के बिना अधूरे हैं एक भूखा रोटी के बिना अधूरा है एक पैसे वाला प्यार का अधूरा है जिंदगी और मौत एक दूसरे के बिना अधूरे हैं वैसे ही में तुम्हारे बिना अधूरा हूँ


सुरंगी राक्षसी:- तुम बातें तो बहुत अच्छी करते हो मुझे भी एक साथी चाहिए था जो मेरे जीवन की बोट को समुंदर पार करवा दे क्या तुम वह बनोगे


सुरंगा राक्षस:- में ये बात सुनने के लिए तड़प रहा था मैं तैयार हूं तुमसे शादी करने के लिए

Demon


सुरंगा राक्षस यह बात बोलता है तभी सुरंगी राक्षसी के गुरु मंगलया चार्य थे वह वहां पर आ जाते हैं और सुरंगा राक्षस के मुंह से बात सुनकर मंगलया चार्य क्रोधित हो जाते


मंगलया चार्य:- सुरंगी तुम इसे कभी शादी नहीं कर सकती


सुरंगी राक्षसी:-गुरुजी क्यों नहीं कर सकती मैं शादी में इंसे प्रेम करने लगी हूं


मंगलया चार्य:- तुम इसे प्रेम नहीं कर सकती और नहीं शादी कर सकती हो क्योंकि यह सुरंगा 2 दिन में मरने वाला है 


सुरंगी राक्षसी:- क्या मेरे गुरुजी जो बात बोल रहे हैं यह सच है सुरंगा 


सुरंगा राक्षस इस बात पर कुछ भी नहीं बोला और एकदम शांत होकर खड़ा रहा


मंगलया चार्य:- सुरंगी उससे थोड़ी पता होगा कि उसकी मौत कब होगी लेकिन मुझे पता है इसलिए मैं तुम्हें मना कर रहा हूं

Demon


सुरंगी राक्षसी:-माफ करना सुरंगा मैं तुमसे शादी नहीं कर सकती अब मैं हमेशा अकेली ही रहूंगी


इतना बोलते ही सुरंगी के आंखों में आंसू आ गए और जोर-जोर से रोने लगी सुरंगी को रोते हुए देखकर मंगलया चार्य की आंखों में भी आंसू आ गए क्योंकि सुरंगी उनके लिए बेटी जैसी थी 


और दूसरी तरफ सुरंगा राक्षस को अपने आने वाली मौत का पता पहले पता चल गया था इसलिए वह अकेला रहना चाहता था इसलिए सुरंगा राक्षस वहां से चला गया और वह जहां रहता था वहां पर रहने लगा पहले की तरह


मंगलया चार्य सुरंगी की ये हालत देख नही पारहे थे इसलिए कुछ सोच रहे थे की क्या करे तभी मंगलया चार्य को उपाय सूझता है


मंगलया चार्य:-अगर मैं ध्यान लगाकर देखू की सुरंगा मरने के बाद कहा जन्म लेगा उसके बाद कोई उपाय मिल सकता है


फिर मंगलया चार्य ध्यान करने लगे की सुरंगा की आत्मा सुरंगा का शरीर सोडने के बाद कहा और किस शरीर में जन्म लेगा 

 

ध्यान करने के बाद मंगलया चार्य को पता चलता है की सुरंगा का अगला जन्म एक इंसान के रूप में होगा और उसका नाम हेतांश होगा फिर यह बात मंगलया चार्य सुरंगी को बताते


सुरंगी राक्षसी:-मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता कि वह राक्षस बने जानवर बने या फिर इंसान क्यों ना बने प्यार तो उनसे ही करूंगी चाहे कितना भी इंतजार क्यों ना करना पड़े मैं करूंगी लेकिन गुरु जी आप मुझे सिर्फ इतना बता दीजिए कि उनका जन्म इंसानी रूप में कहां होगा


मंगलया चार्य:-सुरंगा का जन्म इंसानी रूप में जिस घर में होगा उसी घर में सुरंगा के अलावा सुरंगा की बहन जिसका नाम हितिका होगा और सुरंगा की मम्मी जो बनेगी उसका नाम केमीला होगा मुझे जो भी पता था वह तुम्हें बता दिया सुरंगी अब तुम जो चाहती हो वो करो मैं जाऊंगा ध्यान लगाने 


50 साल बाद


सुरंगी राक्षसी:- अब तो हेतांश बड़ा हो गया है आज से 50 साल पहले मेरी सुरंगा के साथ शादी करने की इच्छा अधूरी रह गई थी वह पूरी होगी हेतांश के रूप में लेकिन हेतांश कया एक राक्षसी को अपनायेगा मुझे तो नहीं लगता


सुरंगी को पता था कि हेतांश राक्षसी के साथ शादी कभी नहीं करेगा इसीलिए सुरंगी एक सुंदर लड़की का रूप लेकर हेतांश जीस स्कूल में पढ़ता था उस स्कूल में सुरंगी भर्ती हो जाती है और हेतांश को अपना फिगर दिखा दिखाकर पटा लेती है और अपना बॉयफ्रेंड बना लेती है 


गार्डन में सुरंगी और हेतांश

 

सुरंगी:- हेतांश अब तो हम दोनों एक दूसरे से प्यार करने लगे हैं तुम्हें नहीं लगता कि तुम्हें अपने घरवालों को बोलनी चाहिए यह बात की वह हमारी शादी करवा दे 


हेतांश:-सुरंगी मुझे लगता तो है लेकिन घर वाले मानेंगे मुझे यही डर है


सुरंगी:- मुझे विश्वास है तुम्हारे घर वाले मान जाएंगे एक काम करते हैं मैं आज ही तुम्हारे साथ तुम्हारे घर चलती हु और हम हमारे रिश्ते की बात बता देंगे तुम्हारे घर वालों से


हेतांश:-चलो मैं मान लेता हूं कि मेरे घर वाले तो मान जाएंगे लेकिन क्या तुम्हारे घर वाले भी मानेंगे


सुरंगी:- लेकिन मेरे घर वाले तो बहुत सालों पहले ही मर चुके हैं मैं अकेली ही रहती हूं


हेतांश:-SO SAD लेकिन कोई बात नही मैं हूं ना तुम्हारे साथ हम जाते है और मेरे मम्मी पापा से हमारे रिश्ते की बात करते है 


सुरंगी राक्षसी ने जैसा सोचा था बिलकुल वैसा ही हो रहा था फिर थोड़ी देर में हेतांश और सुरंगी हेतांश के घर पहुंच जाते है

 

कैमिला बेन:- हेतांश ए लड़की कोन हे तुम्हारे साथ 


हितिका:- हां भाई यह लड़की तो तुम्हारे स्कूल में पढ़ती हे ना तुम्हारे साथ मैंने देखा था इसे एक बार जब मैं स्कूल में आई थी लेकिन यहां पर क्युं आई है


हेतांश:- आप दोनों का हो गया हो तो मैं बोलु इसका नाम सुरंगी है और हम दोनों एक दूसरे से प्यार करते हैं और शादी करना चाहते हैं चाहे आप मानो या ना मानो

 

कैमिला बेन:-नहीं बेटा मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं है और लड़की भी काफी सुंदर और प्यारी है लेकिन अभी तो तुम दोनों छोटे हो


सुरंगी:-तो इसमें क्या हुआ सासू मां इस उम्र में भी लोग शादी तो करते हैं तो हम कर ले तो क्या हुआ


हितिका:-वैसे मम्मी यह दोनों सही केह रहे हैं इस उम्र में क्या प्रॉब्लम है शादी करने में


सब की बातें सुनकर कैमिला बेन शादी के लिए मान जाते 

फिर घर में शादी की तैयारी शुरू हो जाती है घर में सब लोग खुश थे खास करके सुरंगी


सुरंगी(मन में):-वाह मैने जैसा सोचा था वैसा ही हुआ मेरी 50 साल पुरानी इच्छा अब पूरी होगी लेकिन हेतांश को पता नहीं चलना चाहिए कि मैं एक राक्षसी हूं 


तभी सुरंगी के गुरु मंगलया चार्य घर के अंदर आते हैं गुरु को आते हुए सुरंगी देख लेती है और डर जाती है कि सबको पता ना चल जाए कि वह एक राक्षसी


हेतांश और घर के सभी मेहमान मंगलया चार्य के कपड़े देखते हैं और साधु समझकर पैर छूते है 


मंगलया चार्य:-मुझे इस दुल्हन से अकेले में कुछ बात करनी है


फिर दोनों एक कमरे में जाते हैं


सुरंगी:-गुरुजी आप यहां पर क्यों आए हैं


मंगलया चार्य:-अरे बेटी मैं शादी रोकने के लिए नहीं तुम्हारी शादी करवाने के लिए आया हूं मैं तुम्हारी शादी मे पंडित बनकर मंत्र बोलूंगा 


सुरंगी:-आपका बहुत-बहुत धन्यवाद गुरुजी अब इस शादी को कोई नहीं रोक सकता 


फिर धुमधाम से हेतांश ओर सुरंगी की शादी होती है

Monster


10 महीना बाद


हेतांश और सुरंगी को एक बेटा होता है सुरंगी अपनी बेटी का नाम हिरंगी रखती है अब सुरंगी बहुत ही खुश थी अपने बड़े और प्यारे परिवार के साथ.


SCHOOL WORLD BEST STORY TELLING COMPITITION.

  इस कहानी मै आप पढ़ेंगे की एक स्कूल में कॉम्पिटिशन था लेकिन को स्टुडेंट भाग नही लेता स्कूल के प्रिंसिपल कहानी सुनाते है कहानी सुनने के बाद ...