Stories On Diwali | what is Diwali
मेरा नाम दर्शन है और आज मैं दिवाली की हसीन शाम के लिए कुछ शब्द बयां करने वाला हु आपको यह कहानी जरूर अच्छी लगेगी
दिवाली की वह रंगीन शाम जिस साम सभी के चेहरे पर स्माइल होती हैं मेघधनुष में भी उतने रंग नहीं है जितने रंग दिवाली की शाम को देखने को मिलते हैं यह रंगीन साम लाइटों से जगमगा रही होती है साथ में अलग-अलग रंगों के साथ फुटते पटाखे चांद की चांदनी को भी फीका कर रहे होते हैं यह रंगबेरंगी पटाखे अपने नए-नए अंदाज में फूट रहे होते हैं और नया-नया आवाज भी निकाल रहे होते हैं
पटाखे चारों दिशाओं में कुछ इस तरह फूट रहे होते हैं की मन करता है कि पूरी रात देखते ही रहे सुनते ही रहे पटाखे की आवाज अलग-अलग रूप में अलग-अलग अंदाज में इस तरह कानों में गूंजती है की मन करता है कि पटाखों के जहां में चले जाए आसमान अलग-अलग रंगों से भर जाता है वह भी बोलता है कि आज मेरा रंग क्यों बदल गया इतनी रोशनी तो तारे भी मुझे नहीं देते जीतनी रोशनी ऐ पटाखे दे रहे है
यह दिवाली की शाम पहली ऐसी शाम है कि इस शाम लोग चांद तारों के मुंह भी नहीं लगते पटाखे की मीठी आवाज के साथ मीठी मीठी मिठाई खाने का अलग ही मजा है ये फीलिंग साल में एक ही बार मिलती है लेकिन जहेन में कुछ उस तराह बस जाती है की दिल चाहता है कि हर शाम ऐसी ही रंगीन हो यह नजारा देखकर मन होता है कि खुद रॉकेट के साथ उड़ जाए लेकिन फूटे ना यह शाम दो दिए भी आपस में कोमपीटीशन कर रहे होते हैं की कौन ज्यादा देर तक जलता रहता है
इस शाम को हम नवरंगी शाम भी कह सकते हैं यह पटाखो की जब जबा हर्ट लाइट साथ में पटाखों का कोमपीटीशन की कौन ज्यादा आवाज निकालता है और ज्यादा लाइट आसमान में बिखेरता है यह मजेदार शाम देखकर भगवान भी कहते होगे कि मुझे भी नीचे जाना है इस शाम का लुफ्ट उठाना है
पवन देव भी इस शाम का मजा लेने के लिए खुद अपनी देखने की स्पीड बढ़ा लेते होगे यमराज भी इस दिवाली की शाम किसी को मृत्यु नहीं देंगे क्योंकि वह खुद यह हसीन शाम का आनंद ले रहे होते हैं
रंगोली
इंसान में जैसे सभी फीलिंग्स होती है वैसे ही सभी रंगों को मिलाकर एक दृश्य बनाया जाता है जिसमें सभी फिलिंग्स होती है और इन रंगों से अलग-अलग रूप दिए जाते हैं यह प्रथा कई सालों से चल रही है इसे हम रंगोली कहते ह
Click morehttps://unexpectedstory12.blogspot.com/2023/11/story-magic-mountain.html?m=1
सुतरी बोम
सुतरी बोम सबसे ताकतवर पटाखों मे गीना जाता है इसकी फटने की आवाज से सबके कानों मे तंबरी बज जाती है
मरची बोम
मरची बोम यह ऐसा बोम है कि इसके फटने से पहले सस्पेंस क्रिएट होता है इस बोम से ज्यादातर लोग दूर रहते हैं यह बोम मरची की तराह पतला और लंबा होता है लेकीन धमाका बडा करता है
रोकेट
रोकेट यह पटाखा चीन के साइंटिस्ट ने बनाया है इसीलिए कुछ ही रॉकेट होते हैं जो आसमान में जाकर फूटता हे बाकी सब शुरशुरी हो जाते हैं
डाडम
यह पहला ऐसा पटाखा है जिसको फोड़ने की जगह पर खाने का मन करता है यह पटाखा आवाज निकालने में सुतरी बोम का भी बाप है
चकरडी
यह पटाखा कभी फूटता तो नहीं है लेकिन गोल-गोल घूमती रहती है और अच्छी बात तो यह है कि इसको चक्कर भी नहीं आते और घूमने के बाद कहां जा रही होती है इसको भी नहीं पता होता है
कैसी लगी आपको story Diwali fastival of light|🪔दिवाली की रंगीन शाम comment में जरूर बताना
और story अच्छी लगी हो तो अपने दोस्तो को जरूर भेजिए

